Blog

  • मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव

    मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ

    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।

    यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब पर ‘शिकारा नाव’ सेवा को झंडी दिखाने के बाद कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। उन्हाेंने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

    शिकारे की सैर का लिया आनंद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को झंडा दिखाने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

    देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है : हरियाणा वि.स. अध्यक्ष हरविंदर

    शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।

    इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।

  • मप्रः नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत तीन नेताओं को मानहानी मामले में कोर्ट का नोटिस

    मप्रः नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत तीन नेताओं को मानहानी मामले में कोर्ट का नोटिस


    जबलपुर।
    विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मध्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल और लखन घनघोरिया को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई नेशनल हेल्थ मिशन के जिला प्रोग्राम (डीपीएम) विजय पांडे द्वारा दायर मानहानि केस के बाद हुई है। कोर्ट ने तीनों नेताओं को 16 जनवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं।

    दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेल्थ मिशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर विजय पांडे पर फर्जी अंकसूची के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया था। अगस्त 2025 में इस मुद्दे पर न केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, बल्कि विधानसभा में भी हंगामा कर कांग्रेस विधायकों ने वॉक आउट किया था। विधानसभा में हंगामे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक सलोनी सिडाना ने उन्हें पद से हटा दिया था।

    हालांकि. विभागीय जांच में पांडे पर लगाए गए आरोप झूठे पाए गए। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी अंकसूची को सही बताया और किसी तरह की गड़बड़ी न मिलने की पुष्टि की। इसके बाद पांडे ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विभागीय जांच और एमपी शिक्षा बोर्ड की जांच रिपोर्ट में उनकी अंकसूची सही पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष के आरोप तथ्यहीन थे और गलत जानकारी के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश की गई थी। कोर्ट के नोटिस के बाद अब सभी तीन नेताओं को 16 जनवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।

    इस मामले में कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने गुरुवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा काम है। किसी विभाग में अगर अराजकता की स्थिति बन रही है तो उसे उठाना हमारा काम है, जनता से हमें शिकायत मिली तो हमने उसका विरोध किया अब कोई अगर मानहानि करता है तो कोर्ट के समक्ष जाकर देखेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राष्ट्रीय बालरंग समारोह का समापन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राष्ट्रीय बालरंग समारोह का समापन

    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में भोपाल के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर, श्यामला हिल्स में शुक्रवार 5 दिसम्बर को शाम 4 बजे राष्ट्रीय बालरंग समारोह का समापन होगा। समापन समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे।

    राष्ट्रीय बालरंग समारोह का शुभारंभ शुक्रवार 5 दिसम्बर को मानव संग्रहालय में प्रात: 10:30 बजे होगा। आयोजन में 14 राज्य आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश एवं 5 केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, चण्डीगढ़ एवं लक्षदीप के शालेय विद्यार्थियों के लोक नृत्य दल अपने राज्यों की प्रस्तुति देंगे।

    राष्ट्रीय एकता पर केन्द्रित है बालरंग

    भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में विभिन्न प्रांतों के छात्र-छात्राएँ शामिल होकर अपने कला-कौशल के उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपने प्रदेश की वैभवशाली लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न प्रांतों के बच्चों के बीच संस्कृति का आदान-प्रदान होने से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। राष्ट्रीय बालरंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त दल को पुरस्कार स्वरूप एक लाख 11 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त दल को 75 हजार एवं तृतीय स्थान प्राप्त दल को 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। इसके अलावा चयनित 2 दलों को 21-21 हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार भी दिये जायेंगे।

  • श्योपुर: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले जंगल में छोड़े तीन चीते

    श्योपुर: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले जंगल में छोड़े तीन चीते

    श्योपुर। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस 4 दिसंबर के उपलक्ष्य में कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर तीनों चीतों को खुले जंगल ने रिलीज किया। उन्होंने मादा चीता वीरा सहित उनके 9 माह के दो शावकों को जंगल में विचरण हेतु छोड़ा। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में आयोजित चीता रिलीज कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, वन विभाग के राज्य मंत्री नागर सिंह चौहान, पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं केबिनेट मंत्री दर्जा तुरसनपाल बरिया, उपाध्याय राज्य मंत्री दर्जा सीताराम आदिवासी, अपर मुख्य सचिव वन विभाग अशोक वर्णवाल, कमिश्नर सुरेश कुमार, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय,बृजराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य महावीर सिंह सिसौदिया, कैलाश नारायण गुप्ता, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र जाट, सुजीत गर्ग, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ कूनो आर थिरुकुराल, सामान्य केएस रंधा आदि अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क के पारोंद क्षेत्र में बनाए गए चीता रिलीज प्वाइंट से तीन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया, इसके साथ ही अब खुले जंगल में चीतों की संख्या 19 हो गई है।
    उल्लेखनीय हैं कि मध्यप्रदेश में 32 चीते है, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 29 है, इसमें दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 8 चीतों सहित भारतीय भूमि कूनो नेशनल पार्क में जन्मे 21 शावक चीते शालिम हैं।
    पर्यटन के क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर पर पहचान बना रहा कूनो: सीएम
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने चीता रिलीज कार्यक्रम के उपरांत कहा कि श्योपुर जिले का कूनो नेशनल पार्क पर्यटन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पहचाना बना रहा है, आज का दिन एतिहासिक दिन है, चीता दिवस पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से भारत में चीतों की पुनर्जीवन की परियोजना सफल रही है, चीता प्रोजेक्ट के लिए हम उनके आभारी है, जो इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए मध्यप्रदेश की धरती को चूना, आज कूनो में 29 और गांधी सागर में 03 चीते है।
    कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के चलते रोजगार की नई संभावनाए उत्पन हुई है, चीता प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने वन विभाग के अमले को धन्यवाद भी दिया।
    चीता कैलेंडर का विमोचन
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क के चीता कैलेंडर का विमोचन किया, इसके साथ ही शोविनियर शॉप का लोकार्पण भी किया गया। इसके अलावा क्लीनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री राइजिंग चीता इन कूनो नेशनल पार्क किताब का विमोचन भी किया गया। कूनो नेशनल पार्क के कैलेंडर के सभी पृष्ठों पर विभिन्न चीतों की तस्वीरों का प्रकाशन किया गया है।
  • घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे

    घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे



    नई दिल्ली ।
    सर्दियों में ताजगी और सेहत के लिए गाजर चुकंदर और आंवला का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। इस जूस का नाम है ABC जूस, जिसमें A का मतलब है आंवला B का मतलब है चुकंदर और C का मतलब है गाजर यह जूस सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी अत्यधिक फायदेमंद है। इस जूस को नियमित रूप से पीने से शरीर को चमत्कारी लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं कैसे घर पर इसे तैयार किया जा सकता है और इसके क्या फायदे हैं।

    ABC जूस क्या है

    ABC जूस जैसे कि इसके नाम से पता चलता है तीन प्रमुख तत्वों से बनता है आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और यह इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है। चुकंदर रक्त संचार को सुधारता है और शरीर में खून की कमी एनीमिया को दूर करने में मदद करता है। गाजर में बीटा कैरोटीन और विटामिन A भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की सेहत और त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। यह जूस विटामिन, मिनरल्स आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को भीतर से स्वस्थ रखते हैं। अब जानते हैं इस जूस को घर पर कैसे तैयार किया जा सकता है।

    घर पर ABC जूस बनाने की सामग्री

    गाजर2 मध्यम आकार, चुकंदर1 छोटा आंवला 2-3 बीज निकाल कर, अदरक आधा इंच ऐच्छिकशहद 1 चम्मच ऐच्छिक पानी आधा कप ABC जूस बनाने का तरीका ।सब्जियों को धोएं और काटें सबसे पहले, गाजर और चुकंदर को अच्छी तरह से धोकर छील लें। फिर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। आंवला को धोकर उसका बीज निकाल लें। मिक्सी जार में डालें अब गाजर, चुकंदर, आंवला और अदरक को मिक्सी जार में डालें।

    आप अदरक का इस्तेमाल स्वाद और पाचन को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं हालांकि यह ऐच्छिक है। थोड़ा पानी डालें मिक्सी में डालने से पहले आधा कप पानी डालें ताकि मिश्रण आसानी से पिस सके। ब्लेंड करें अब सभी सामग्री को अच्छे से मिक्सी में ब्लेंड कर लें। आपको एक स्मूद जूस मिलेगा, जो पोषक तत्वों से भरपूर होगा।

    जूस को छाने यदि आप जूस का हल्का फाइबर चाहते हैं तो इसे जाली वाली छलनी या मलमल के कपड़े से छान सकते हैं। अगर आप फाइबर लेना पसंद करते हैं तो बिना छाने भी जूस पी सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए शहद डालें यदि आपको जूस का स्वाद थोड़ा मीठा चाहिए, तो आप इसमें एक चम्मच शहद डाल सकते हैं। शहद न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसके एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं।

    जूस बनाते ही पीना सबसे फायदेमंद होता है क्योंकि इससे विटामिन और पोषक तत्व पूरी तरह से शरीर में अवशोषित होते हैं। ABC जूस पीने के फायदे खून की कमी एनीमिया दूर करता है चुकंदर और आंवला खून बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

    इम्यूनिटी मजबूत करता है आंवला में विटामिन C की अधिक मात्रा होती है जो शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता इम्यूनिटी को मजबूत करता है और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बचाव करता है। त्वचा को ग्लो देता है और डिटॉक्स करता है गाजर और चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सेहत के लिए अच्छे होते हैं। यह डिटॉक्स करने में मदद करता है और त्वचा को ग्लो देता है।

    आंखों की रोशनी बढ़ाता है गाजर में विटामिन A होता है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है और दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचाता है पाचन शक्ति में सुधार अदरक जो इस जूस में ऐच्छिक रूप से डाला जाता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करता है। बालों की गुणवत्ता बेहतर करता है यह जूस बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है और उन्हें स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

    कब और कितना पिएं

    सबसे अच्छा समय है सुबह खाली पेट एक गिलास ABC जूस पीना। इससे शरीर को सबसे अधिक लाभ मिलता है। इसके अलावा इसे हफ्ते में 4-5 दिन पीने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। अगर आपको जूस का स्वाद अच्छा लगता है तो आप इसे और दिनों में भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।ABC जूस एक बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ देने वाला ड्रिंक है जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। यह न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि आपको सर्दियों में ताजगी और सेहतमंद रखने में भी मदद करता है।

  • 44 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री को लिखी चिट्ठी, पाकिस्तान में लोकतंत्र पर चिंता जताई

    44 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री को लिखी चिट्ठी, पाकिस्तान में लोकतंत्र पर चिंता जताई

    नई दिल्ली। अमेरिकी संसद के 44 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर तुरंत प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। सांसदों का आरोप है कि पाकिस्तान में सेना सरकार चला रही है और आम नागरिकों के अधिकारों का बड़े पैमाने पर हनन हो रहा है। विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों को भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर धमकियां मिल रही हैं। पत्र का नेतृत्व डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल और ग्रेग कासर ने किया। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान में तानाशाही बढ़ रही है। पत्रकारों को धमकाया जा रहा है, अगवा किया जा रहा है या देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।

    प्रमुख घटनाएँ

    वर्जीनिया के जर्नलिस्ट अहमद नूरानी के दोनों भाइयों को पाकिस्तान में एक महीने से अधिक समय तक अगवा रखा गया। मशहूर संगीतकार सलमान अहमद के जीजा का अपहरण हुआ, जिन्हें अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया। विपक्षी नेताओं को बिना आरोप जेल में डाला जा रहा है। आम नागरिकों को सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तार किया जा रहा है। महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों और बलूचिस्तान के लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं।

    2024 के चुनाव और धांधली

    सांसदों ने 2024 के आम चुनावों में भारी धांधली का जिक्र किया। स्वतंत्र संस्था की ‘पट्टन रिपोर्ट’ और अमेरिकी विदेश विभाग ने गड़बड़ी की पुष्टि की थी। पत्र में कहा गया कि चुनावों के जरिए सिर्फ एक कठपुतली सरकार बनाई गई है, जिसे वास्तव में सेना चलाती है। सेना के दबाव में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि आम नागरिकों के केस भी सैन्य अदालतों में चल सकते हैं।

    संभावित अमेरिकी प्रतिबंध

    वीजा बैन: अमेरिका में यात्रा पर पूर्ण रोक। संपत्ति जब्ती: अमेरिका या अमेरिकी प्रभाव वाले देशों में बैंक खाते और लेन-देन रोक ग्लोबल मैग्निट्सकी एक्ट के तहत। अमेरिकी–पाकिस्तानी उच्चस्तरीय बैठकें  आसिम मुनीर 2025 में दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिले। सितंबर में शहबाज और मुनीर ने ट्रम्प से लगभग 1 घंटा 20 मिनट की बैठक की।

    इमरान खान और राजनीतिक कैदी

    अमेरिकी सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की। इमरान के परिवार को 27 दिन तक उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिली; 2 दिसंबर को मिलने की इजाजत मिली। 27वां संवैधानिक संशोधन और सेना का प्रभाव 12 नवंबर को पास हुए 27वें संशोधन से सेना की ताकत बढ़ी और कोर्ट के अधिकार कम हुए।  फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को CDF बनाए जाने की योजना थी लेकिन अभी तक पद खाली है।पीएम शहबाज शरीफ ने नोटिफिकेशन पर साइन नहीं किया; इस बीच वे बहरीन और लंदन यात्रा पर गए।

  • पुतिन भारत दौरे पर रवाना: शाम को PM मोदी देंगे प्राइवेट डिनर; S-400 खरीद पर हो सकता है बड़ा समझौता, पाकिस्तानी जेट गिराने में है सक्षम

    पुतिन भारत दौरे पर रवाना: शाम को PM मोदी देंगे प्राइवेट डिनर; S-400 खरीद पर हो सकता है बड़ा समझौता, पाकिस्तानी जेट गिराने में है सक्षम


    नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच कल शुक्रवार को 9 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं जिसमें रक्षा सौदे प्रमुख होंगेभारत रूस से और ज्यादा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर डील कर सकता है।’ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान S-400 ने कई पाकिस्तानी जेट्स मार गिराए थे, जिसने भारत के लिए गेमचेंजर का काम किया।इसके अपडेटेड वर्जन S-500 को खरीदने को लेकर भी बातचीत हो सकती है।पुतिन के दौरे से ठीक पहले, भारत ने रूस से करीब 2 अरब डॉलर में परमाणु-संचालित अटैक सबमरीन पनडुब्बी 10 साल की लीज पर लेने की डील लगभग फाइनल कर ली है। यह सबमरीन भारतीय नौसैनिकों को ट्रेनिंग देने में मदद करेगी।
    रणनीतिक स्वायत्तता की असली परीक्षा
    पुतिन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पीएम मोदी अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत करना चाहते हैं, लेकिन भारत-अमेरिका संबंध ट्रम्प प्रशासन के लौटने के बाद सबसे खराब दौर में चले गए हैं।भारत की रणनीति रही है कि वह रूस को छोड़े नहीं और पश्चिमी देशों को भी नाराज न करे। मोदी के लिए यह संतुलन साधना अहम हैट्रम्प के लौटने के बाद भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ का मामला अभी भी अटका हुआ है, ऐसे में पुतिन का दौरा मोदी की रणनीतिक स्वतंत्रता की असली परीक्षा है। भारत को यह दिखाना होगा कि वह पुतिन का भरोसेमंद साझेदार है, लेकिन अमेरिका और यूरोप को भी पूरी तरह नाराज नहीं कर रहा है।

    रूस का दबदबा घटा, पर अभी भी सबसे बड़ा सप्लायर

    पिछले दस साल में भारत ने अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाया है, जिससे हथियारों की सप्लाई में रूस की हिस्सेदारी घटकर लगभग 36% रह गई है SIPRI रिपोर्ट। हालांकि, रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बना हुआ है, खासकर न्यूक्लियर सबमरीन, मिसाइल डिफेंस और विशेष तकनीक जैसे बड़े डिफेंस सिस्टम के लिए।

    2030 तक $100 अरब ट्रेड का लक्ष्य

    पुतिन दो दिवसीय दौरे पर 23वीं भारत-रूस समिट में भाग लेंगे, जिसका मुख्य लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाना है।एनर्जी, इन्वेस्टमेंट, तकनीक और इंडस्ट्री।भारत रूस की मदद से कुडनकुलम  तमिलनाडु में न्यूक्लियर पावर प्लांट चला रहा है। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर भी बात होगी।

    इंडियन वर्कर्स के लिए रूस में नौकरी और पेमेंट सिस्टम पर बात

    पुतिन के साथ 7 मंत्री और रूसी सेंट्रल बैंक के गवर्नर भी आ रहे हैं। इस दौरान दो बड़े मुद्दों पर बात हो सकती हैरूस में वर्कर्स की कमी के कारण, रूस चाहता है कि भारत से तकनीकी विशेषज्ञ, मेडिकल स्टाफ, इंजीनियर आदि आएं। भारत से 10 लाख स्किल्ड वर्कर्स को रूस में रोजगार देने के लिए मोबिलिटी पैक्ट हो सकता है।
    अमेरिका और यूरोपीय दबाव के कारण रूस से सस्ता क्रूड ऑयल खरीदने के पेमेंट में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए, रुपया-रूबल ट्रेड, डिजिटल भुगतान या किसी तीसरे देश के बैंक का इस्तेमाल जैसे नए पेमेंट सिस्टम बनाने पर सहमति बन सकती हैरूस, भारत को आर्कटिक रीजन की एनर्जी परियोजनाओं में निवेश का मौका भी दे सकता है।

    पुतिन करेंगे ज़्यादा तेल खरीद की डिमांड

    यूक्रेन युद्ध के बाद भारत की रूस से तेल खरीद 2.5% से बढ़कर 35% हो गई थी, लेकिन अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भारत ने यह खरीद कम कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन चाहते हैं कि भारत दोबारा बढ़-चढ़कर रूसी तेल खरीदे, जो दोनों देशों के व्यापार संतुलन के लिए अहम है।पुतिन दिल्ली के ITC मौर्य होटल में रुकेंगे, और दोनों नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत होगी।
  • पौष मास 2025: भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का महत्व

    पौष मास 2025: भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का महत्व



    नई दिल्ली ।
    हिंदू कैलेंडर का दसवां महीना पौष मास धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु और सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है। पौष मास में कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए माने जाते हैं। इस महीने में खरमास की शुरुआत होती है और इसके साथ ही भक्त गुरु गोविंद सिंह जयंती, पुत्रदा एकादशी, कालाष्टमी, मासिक शिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाते हैं। पौष मास को आम बोलचाल में पूष का महीना भी कहा जाता है।

    पौष मास 2025 की शुरुआत और प्रमुख व्रत

    पौष मास 2025 की शुरुआत 5 दिसंबर, शुक्रवार से हो रही है। इस दिन पौष कृष्ण प्रतिपदा तिथि है और साथ ही रोहिणी व्रत रखा जाएगा। रोहिणी व्रत उस समय मनाया जाता है जब सूर्योदय के बाद रोहिणी नक्षत्र प्रबल होता है। यह व्रत जैन धर्म और हिंदू धर्म में समान रूप से महत्व रखता है। इसके बाद 7 दिसंबर, रविवार को पौष कृष्ण चतुर्थी के दिन अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत मनाया जाएगा। इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

    मध्य पौष मास: मासिक व्रत और त्यौहार

    11 दिसंबर, गुरुवार को कालाष्टमी व्रत और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं 15 दिसंबर, सोमवार को पौष कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी होगी। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन में सफलता और मानसिक शांति प्राप्त होती है। 16 दिसंबर, मंगलवार को धनु संक्रांति होगी, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन 17 दिसंबर, बुधवार को बुध प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसी तरह, 18 दिसंबर, गुरुवार को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी, जो हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है।

    पौष अमावस्या और अन्य महत्वपूर्ण तिथियां

    19 दिसंबर, शुक्रवार को पौष अमावस्या है, जो व्रत और दान के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। इसके अलावा, 24 दिसंबर, बुधवार को विघ्नेश्वर चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। पौष शुक्ल चतुर्थी के दिन विघ्नेश्वर चतुर्थी का आयोजन होता है। 27 दिसंबर, शनिवार को गुरु गोविंद सिंह जयंती मनाई जाएगी। यह पर्व सिख धर्म के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह के जन्मोत्सव के रूप में पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इसके बाद 30 दिसंबर, मंगलवार को पौष शुक्ल एकादशी के रूप में पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को संतान सुख और परिवार की खुशहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

    पौष पूर्णिमा और माघ मास की शुरुआत

    पौष मास का समापन 3 जनवरी 2026, शनिवार को पौष पूर्णिमा के साथ होगा। इस दिन से माघ स्नान की परंपरा प्रारंभ होती है। माघ मास में संगम में स्नान करने का विशेष महत्व है। प्रयागराज सहित अन्य पवित्र स्थलों पर माघ मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु कल्पवास और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

    पौष मास का धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश

    पौष मास में किए जाने वाले व्रत और त्यौहार जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक शांति और सामाजिक कल्याण लाने का माध्यम हैं। भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा  अन्न और धन का दान, पवित्र नदियों में स्नान करने से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है बल्कि मन और आत्मा की शुद्धि भी होती है। पौष मास में श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए कर्म सौभाग्य और समृद्धि के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

  • एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले

    एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले



    नई दिल्ली
    । इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अपना लंबा इंतजार खत्म कर दिया और ब्रिस्बेन के द गाबा स्टेडियम में अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया में सेंचुरी जमाई। रूट ने 181 गेंदों का सामना करते हुए यह शतक पूरा किया, जो उनके टेस्ट करियर का 40वां शतक भी साबित हुआ। हालांकि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने की राह आसान नहीं रही और इसके लिए उन्हें 30 पारियों का लंबा इंतजार करना पड़ा। रूट के इस शतक ने इंग्लैंड को एशेज के दूसरे टेस्ट के पहले दिन मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लिश टीम ने 9 विकेट गंवाकर 325 रन बना लिए। रूट इस दौरान 135 रन पर नॉटआउट थे। उनके साथ जोफ्रा आर्चर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 32 रन नॉटआउट बनाकर टीम के स्कोर को संभाला।

    इंग्लैंड की शुरुआत में झटका

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती ओवरों में ही टीम को झटका लगा। केवल 5 रन पर दो विकेट गिर गए। बेन डकेट और ओली पोप दोनों बिना खाता खोले आउट हो गए, और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद ओपनर जैक क्रॉली ने रूट के साथ शानदार साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 117 रन की पार्टनरशिप बनाई, जिसमें क्रॉली ने 76 रन बनाए। क्रॉली के आउट होने के बाद रूट ने बल्लेबाजी की कमान अपने हाथ में ली। उनके सामने हैरी ब्रूक 31, कप्तान बेन स्टोक्स 19 और जैमी स्मिथ बिना खाता खोले आउट हो गए।

    रूट का ऐतिहासिक शतक

    रूट ने अपने शतक के दौरान कई अहम पारियां खेलीं और स्कॉट बोलैंड की गेंद पर फाइन लेग की ओर चौका लगाकर 40वीं टेस्ट सेंचुरी पूरी की। उनके इस शतक ने इंग्लैंड को मुश्किल समय में संभाला और टीम के स्कोर को स्थिर किया। रूट की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सेंचुरी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने लंबे समय से इस उपमहाद्वीप में शतक बनाने का इंतजार कर रहे थे। इस शतक के साथ ही रूट का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार ढंग से आगे बढ़ा, जहां अब उनके नाम 59 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हो चुके हैं।

    मिचेल स्टार्क का कमाल

    ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को घबराए रखा। स्टार्क ने पारी में 6 विकेट लिए और अपनी टीम को पहली पारी में बड़ा दबाव बनाने का मौका दिया। इसके अलावा, माइकल नेसर और स्कॉट बोलैंड ने 1-1 विकेट लिया, जबकि ब्रेंडन डॉगेट और कैमरन ग्रीन बिना सफलता के रहे। स्टार्क का यह प्रदर्शन पिंक-बॉल टेस्ट में लगातार छठी बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अब 15 मैचों की 28 पारियों में कुल 87 विकेट ले लिए हैं और पिंक-बॉल टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    दिन का सारांश और अगले कदम

    दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बना लिए। रूट और आर्चर की नॉटआउट पारियों ने इंग्लैंड को पारी में मजबूती दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए स्टार्क का प्रदर्शन राहत की खबर था लेकिन इंग्लैंड ने रूट की शतकीय पारी की बदौलत खुद को मजबूत स्थिति में रखा।

    इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स कप्तान, जैमी स्मिथ विकेटकीपर, विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स और जोफ्रा आर्चर।

    ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11: जैक वेदराल्ड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ कप्तान, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस, एलेक्स कैरी विकेटकीपर, माइकल नेसर, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट। इस पारी में जो रूट ने अपनी अनुभव और धैर्य का लोहा मनवाय जबकि मिचेल स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से हमला बरकरार रखा। अब यह देखना होगा कि दूसरे दिन खेल में कौन किस पर हावी होता है और मैच किस दिशा में मुड़ता है।

  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: सत्यनारायण पूजा से लेकर स्नान-दान तक, जानें आज का पूरा महत्व और शुभ मुहूर्त

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: सत्यनारायण पूजा से लेकर स्नान-दान तक, जानें आज का पूरा महत्व और शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। इस दिन सत्यनारायण पूजा स्नान-दान और व्रत से सौ गुना पुण्य तथा लक्ष्मी-नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 हिंदू धर्म के सबसे पावन पर्वों में से एक मानी जाती है, जिसे आज पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। यह तिथि भगवान विष्णु मां लक्ष्मी और भगवान सत्यनारायण को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान दान, मंत्र-जप और सत्यनारायण पूजन से साधारण दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

    सत्यनारायण पूजा का शुभ मुहूर्त

    ज्योतिषीय गणना के मुताबिक आज भगवान सत्यनारायण की विशेष पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक है। इसके अतिरिक्त शाम को 5 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक का समय भी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

    स्नान-दान का शुभ समय

    पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए सुबह 6 बजकर 54 मिनट से 9 बजकर 51 मिनट तक का समय सबसे उत्तम बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान कर दान करते हैं और पुण्य फल की कामना करते हैं।

    क्यों खास है मार्गशीर्ष मास

    मार्गशीर्ष मास का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है मैं महीनों में मार्गशीर्ष हूं जिससे इस महीने की पवित्रता और भी बढ़ जाती है। माना जाता है कि इस महीने में की गई साधना जप तप और दान का प्रभाव शीघ्र फल देता है।

    सत्यनारायण पूजा और व्रत की विधि

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भक्त प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की विधि-विधान से पूजा करते हैं। कई श्रद्धालु पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हैं जबकि कुछ फलाहार व्रत करते हैं। संध्या समय सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण करना अनिवार्य माना गया है।

    दान-पुण्य का विशेष महत्व
    मार्गशीर्ष पूर्णिमा को दान-पुण्य के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन अन्न, वस्त्र तिल घी सोना और धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। कई जगहों पर गौ-दान की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

    पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान

    इस तिथि पर पितरों के लिए तर्पण और पिंड-दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं, जिससे वंश में सुख-शांति और उन्नति बनी रहती है।

    पुराणों में वर्णित महत्व

    नारद पुराण और स्कंद पुराण में मार्गशीर्ष पूर्णिमा के महत्व का विशेष उल्लेख मिलता है। इन ग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया प्रत्येक पुण्य कर्म सौ गुना फल देता है। यही कारण है कि यह तिथि साधकों और भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है।

    चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व

    पूर्णिमा की रात चंद्र दर्शन कर भगवान को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक ग्रह है, इसलिए उसका पूजन करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा का आध्यात्मिक संदेश

    कुल मिलाकर मार्गशीर्ष पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि ईश्वर से जुड़ाव और परोपकार का भी दिन है। इस दिन सत्यनारायण पूजन दान-पुण्य और पितृ तर्पण के माध्यम से भक्त अपने जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक बदलाव की कामना करते हैं।