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  • नियमित जांच से कैंसर पर शुरुआती दौर में लगाया जा सकता है ब्रेक..

    नियमित जांच से कैंसर पर शुरुआती दौर में लगाया जा सकता है ब्रेक..


    नई दिल्ली। कैंसर आज भी दुनिया की सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारियों में शामिल है। हालांकि मेडिकल साइंस में लगातार प्रगति हो रही है, लेकिन समय पर पहचान न होने के कारण यह बीमारी लाखों लोगों की जान ले लेती है। भारत में कैंसर के अधिकांश मामलों का पता तीसरे या चौथे स्टेज में चलता है, जिससे इलाज जटिल हो जाता है और मृत्यु दर बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही समय पर जरूरी हेल्थ चेकअप कराए जाएं, तो कैंसर को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है।

    GLOBOCAN 2022 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 14.1 लाख नए कैंसर मामले सामने आए, जबकि लगभग 9.2 लाख लोगों की मौत इस बीमारी के कारण हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह लेट डायग्नोसिस है। शुरुआती स्टेज में कैंसर अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ता रहता है, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।

    लेट डायग्नोसिस क्यों है खतरनाक
    जब कैंसर तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंच जाता है, तब यह शरीर के अन्य अंगों तक फैल चुका होता है। इस स्थिति में इलाज न केवल महंगा होता है बल्कि सफल होने की संभावना भी कम हो जाती है। यही कारण है कि डॉक्टर शुरुआती पहचान को कैंसर से लड़ाई का सबसे मजबूत हथियार मानते हैं।

    एक्सपर्ट द्वारा बताए गए 6 जरूरी हेल्थ चेकअप
    ब्लड टेस्ट
    सामान्य ब्लड जांच से शरीर में असामान्य बदलाव, संक्रमण या ट्यूमर मार्कर के संकेत मिल सकते हैं। यह शुरुआती चेतावनी का काम करता है।

    मैमोग्राफी
    महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर की पहचान में यह जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी की सलाह दी जाती है।

    पैप स्मीयर टेस्ट
    यह सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान में सहायक होता है। समय पर जांच से इस कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है।

    अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन
    पेट, लिवर, किडनी और अन्य अंगों में होने वाले ट्यूमर की पहचान के लिए यह जांच महत्वपूर्ण होती है।

    कोलोनोस्कोपी
    यह जांच आंतों और कोलन कैंसर का शुरुआती स्टेज में पता लगाने में मदद करती है, खासकर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए।

    ओरल स्क्रीनिंग
    तंबाकू, गुटखा या धूम्रपान करने वालों के लिए मुंह और गले की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है, जिससे ओरल कैंसर की समय रहते पहचान हो सके।विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का डर पालने की बजाय जागरूकता और नियमित जांच को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। संतुलित आहार, व्यायाम और समय-समय पर मेडिकल चेकअप से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।समय रहते पहचान न केवल इलाज को आसान बनाती है बल्कि जीवन को भी बचा सकती है।

  • जरूरत की खबर: क्या आपकी सेहत के लिए सही है फ्रोजन मटर? जानें इसे खरीदने के 6 गोल्डन रूल्स और सही इस्तेमाल का तरीका

    जरूरत की खबर: क्या आपकी सेहत के लिए सही है फ्रोजन मटर? जानें इसे खरीदने के 6 गोल्डन रूल्स और सही इस्तेमाल का तरीका


    नई दिल्ली। सर्दियों के खत्म होते ही ताजी मटर बाजार से गायब होने लगती है, ऐसे में फ्रोजन मटर ही एकमात्र विकल्प बचती है। ‘रेडी-टू-यूज’ होने के कारण यह न केवल समय बचाती है, बल्कि छीलने के झंझट से भी मुक्ति दिलाती है। लेकिन क्या यह उतनी ही पौष्टिक है जितनी ताजी मटर? एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सही तरीके से चुनी और इस्तेमाल की जाए, तो फ्रोजन मटर ताजी मटर का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती है।

    फ्रोजन मटर: ताजी मटर से कितनी अलग?
    अक्सर लोग इसे ‘प्रोसेस्ड फूड’ मानकर घबराते हैं, लेकिन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि फ्रोजन मटर को ‘ब्लांचिंग’ प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इसमें मटर को पहले उबलते पानी में डाला जाता है और फिर तुरंत ठंडा कर फ्रीज किया जाता है। यह प्रक्रिया मटर के प्राकृतिक रंग, स्वाद और पोषक तत्वों को ‘लॉक’ कर देती है। कई मामलों में, फ्रोजन मटर उन ताजी मटर से बेहतर हो सकती है जो कई दिनों तक ट्रांसपोर्टेशन या धूप में रखी रहती हैं।

    खरीदते समय बरतें ये 6 सावधानियां
    बाजार से फ्रोजन मटर का पैकेट उठाते समय इन बातों का खास ख्याल रखें:पैकेट को हिलाकर देखें: मटर के दाने अलग-अलग महसूस होने चाहिए। यदि वे एक बड़े बर्फ के गोले की तरह जमे हुए हैं, तो इसका मतलब है कि पैकेट को पहले पिघलाया गया और फिर दोबारा फ्रीज किया गया है । ऐसे पैकेट न खरीदें। बर्फ की परत: अगर पैकेट के अंदर बहुत अधिक बर्फ जमी है, तो यह नमी और खराब स्टोरेज की निशानी है।

    एक्सपायरी डेट: हमेशा मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करें। फ्रोजन मटर आमतौर पर 6-12 महीने तक अच्छी रहती है। पैकेट की बनावट: पैकेट कहीं से फटा या ढीला नहीं होना चाहिए। सीलबंद पैकेट ही लें। रंग: दानों का रंग गहरा हरा होना चाहिए। यदि रंग हल्का पीला या सफेद पड़ रहा हो, तो मटर पुरानी हो सकती है। पिक-अप टाइम: ग्रोसरी शॉपिंग के दौरान फ्रोजन मटर सबसे अंत में उठाएं ताकि वह घर पहुँचने तक ज्यादा न पिघले।

    इस्तेमाल करने का सही तरीका

    डायरेक्ट कुकिंग न करें: फ्रोजन मटर को फ्रीजर से निकालकर सीधे गरम तेल या तड़के में न डालें।गुनगुना पानी: इस्तेमाल से 5-10 मिनट पहले मटर को सामान्य या गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। इससे इसकी बर्फ पिघल जाएगी और यह अपनी प्राकृतिक कोमलता में आ जाएगी। ओवरकुकिंग से बचें: चूंकि फ्रोजन मटर पहले से ही ‘ब्लांच’ होती है, इसलिए इसे ताजी मटर की तुलना में बहुत कम पकाने की जरूरत होती है। ज्यादा पकाने से इसके विटामिन सी और बी-कॉम्प्लेक्स नष्ट हो सकते हैं।

  • मंगलवार का राशिफल

    मेष राशि :- कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। नवीन उद्योगों के अवसर बढ़ेंगे व अभिलाषाएं पूर्ण होंगी। कुछ भ्रामक धारणाओं का खंडन होगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। शुभांक-5-6-9

    वृष राशि :- अपनी गतिविधियों पर पुनर्विचार करें। वैचारिक द्वन्द्व और असंतोष बना रहेगा। किसी सूचना से पूर्ण निर्णय सम्भव। सुख आरोग्य प्रभावित होगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। शुभांक-2-6-8

    मिथुन राशि :- यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम पर पैनी नजर रखिए। विरोधी नुकसान की कोशिश करेगा। शुभांक-4-7-9

    कर्क राशि :- लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। परिश्रम से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर प्रपंच में ना पड़कर काम पर ध्यान दीजिए। यात्रा शुभ रहेगी। शुभांक-1-3-5

    सिंह राशि :- दुर्लभ स्वप्न साकार होंगे। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। भावनाओं का उद्वेग बढ़ेगा। शुभांक-2-6-8

    कन्या राशि :- विवाद समाप्त होंगे। शुभ संदेशों से मन खिला-खिला रहेगा। परेशानीयां स्वत: ही दूर होती प्रतीत होगी। अध्ययन में रुचि पैदा होगी। अभिभावकों के प्रति उत्तरदायित्व निभाने होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वविवेक से कार्य करे। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। शुभांक-3-7-8

    तुला राशि :- भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। शुभांक-3-5-7

    वृश्चिक राशि :- आवेश में आना आपके हित में नही होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। विपरीत परीस्थितियों में भी हानि नहीं होगी। शुभांक-5-6-8

    धनु राशि :- व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। शुभांक-2-6-8

    मकर राशि :- समय पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। पुराने मित्र से मिलन होगा। स्वविवेक से कार्य करें। शुभांक-4-6-7

    कुंभ राशि :- मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-3-5-8

    मीन राशि :- जीवनसाथी अथवा दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। एकाकी वृत्ति त्यागें। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। इच्छित कार्य सफल होंगे। शुभांक-2-5-7
  • भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर

    भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (American President Donald Trump) से हुई हालिया फोन वार्ता को उपयोगी और सौहार्दपूर्ण बताया है। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

    प्रधानमंत्री ने खुशी जताई कि “मेक इन इंडिया” उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने की घोषणा भारतीय निर्यात के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम बताया और इसके लिए अमेरिकी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

    संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और प्रमुख लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे जनता को लाभ और आपसी सहयोग के नए अवसर पैदा होते हैं। भारत ने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों में अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    प्रधानमंत्री ने भविष्य में द्विपक्षीय साझेदारी को “अभूतपूर्व ऊंचाइयों” तक ले जाने की उम्मीद जताई। विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ में संभावित राहत और बढ़ता आर्थिक सहयोग आने वाले समय में व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर खोल सकता है।

  • मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    toxic cough syrup

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के परासिया क्षेत्र में हुए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड (Toxic Coldrif Cough Syrup Scandal) के शिकार एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी की रविवार रात करीब नागपुर एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और एम्स नागपुर में कोमा में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के बाद प्रदेश में जहरीले कफ सीरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या 25 हो गई है।

    जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी के पुत्र हर्ष को सर्दी खांसी की शिकायत पर एक अक्टूबर 2025 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एसएस ठाकुर को दिखाया था। ठाकुर की क्लीनिक पर हर्ष को कोल्ड्रिफ सीरप दिया गया था। उसको पीने के बाद हर्ष की हालत बिगड़ गई। बच्चे को गंभीर हालत में परिजन ने नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में जब छिंदवाड़ा और बैतूल में कई बच्चों की मौत हो गई तो प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को भी निजी अस्पताल से निकालकर नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया। तबसे वह एम्स में ही भर्ती था।

    डॉक्टरों ने हर्ष की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक बताई थी, लेकिन वे धीरे-धीरे रिकवरी होने की बात कह रहे थे। बच्चे के दादा देवा यदुवंशी ने बताया कि उसे भर्ती कराने के बाद से होश नहीं आया। डॉक्टर रोज कहते थे कि अब थोड़ा बेहतर है, लेकिन कल रात वह हमें छोड़ गया।

    हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें हर्ष बड़ा था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य पिछले चार महीनों से नागपुर में ही डेरा जमाए हुए थे। एम्स में हर्ष का इलाज तो मुफ्त हुआ, लेकिन परिजनों के नागपुर में रहने और खाने-पीने पर इन चार महीनों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बच्चों में बैतूल जिले का हर्ष भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में नागपुर एम्स रेफर किया गया था।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर महीने में जहरीले कफ सीरप कोल्ड्रिफ का सेवन करने वाले बच्चों की किडनी खराब होने की जानकारी सामने आई थी। लगातार मौतों के बाद कफ सीरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी और कफ सीरप लिखने वाले चिकित्सकों और दवा दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अब हर्ष की मौत के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन शव लेकर गांव पहुंचे और देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।

  • भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज

    भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज


    नई दिल्ली)।
    टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) अपने सख्त रुख पर कायम दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) (Pakistan Cricket Board -PCB) फिलहाल इस निर्णय की औपचारिक जानकारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council -ICC) को लिखित रूप में देने के पक्ष में नहीं है।

    रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चूंकि यह फैसला पाकिस्तान सरकार स्तर पर लिया गया और आधिकारिक मंच के जरिए सार्वजनिक किया गया है, इसलिए अलग से आईसीसी को पत्र लिखने की जरूरत नहीं समझी जा रही। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की मंजूरी दी थी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच से दूर रहने की बात कही थी।

    बताया जा रहा है कि पीसीबी इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहता और आगे की रणनीति के लिए विकल्प खुले रखे हुए हैं। दूसरी ओर, आईसीसी पहले ही संकेत दे चुका है कि चयनात्मक भागीदारी टूर्नामेंट के नियमों और खेल भावना के खिलाफ है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता है तो प्रसारण और प्रायोजन से जुड़े पक्षों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह मैच आम तौर पर आईसीसी टूर्नामेंट्स का सबसे ज्यादा दर्शक जुटाने वाला मुकाबला माना जाता है।

    इसी बीच पाकिस्तानी टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है, जहां वह अपने अन्य मुकाबले खेलेगी। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने संभावित कानूनी पहलुओं पर भी सलाह ली है और किसी भी आईसीसी कार्रवाई की स्थिति में अपने पक्ष का बचाव करने की तैयारी कर रहा।

  • मारुति सुजुकी ने कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से कारों के दाम में बढ़ोतरी के दिए संकेत

    मारुति सुजुकी ने कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से कारों के दाम में बढ़ोतरी के दिए संकेत


    नई दिल्‍ली।
    देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी (Country’s Largest Car Manufacturer) मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) (Maruti Suzuki India Limited – MSIL) के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने सोमवार को बढ़ती जिंस (कमोडिटी) की लागत को देखते हुए अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

    पार्थो बनर्जी ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती के बाद बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसके बावजूद उत्पादन संबंधी बाधाओं के कारण कंपनी के पास फिलहाल 1.75 लाख वाहनों के लंबित ऑर्डर हैं। उन्‍होंने बताया कि केवल जनवरी में ही 2.78 लाख बुकिंग मिली है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से निकट भविष्य में कीमतें बढ़ाने की संभावना से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जिंस के मोर्चे पर कीमतें बढ़ रही हैं। कीमती धातुओं में वृद्धि काफी ज्यादा है। भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए हम इस पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में कीमतों की समीक्षा जरूर करेंगे।

    बनर्जी ने कहा कि हमारा प्रयास हमेशा ग्राहकों पर लागत बढ़ोतरी का बोझ कम से कम रखने का रहा है। हमारी आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन दल इस बात पर गौर कर रहे हैं कि जिंस की वजह से बढ़ी लागत को हम कितनी हद तक खुद वहन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक सीमा के बाद अगर हम लागत बढ़ोतरी को समायोजित नहीं कर पाए, तो हमें इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ेगा। संभावित कीमत बढ़ोतरी के लिए कोई समय-सीमा बताए बिना बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने जनवरी में उन ग्राहकों के लिए ‘प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम’ (कीमत सुरक्षाा योजना) शुरू की है, जिनकी बुकिंग के बावजूद आपूर्ति नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधारों से मोटर वाहन उद्योग को जो बढ़ावा मिला है। वह केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा “मोटर वाहन उद्योग के लिए काफी सहायक साबित होगी।

    जनवरी की बिक्री पर बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक मासिक कुल बिक्री 2,36,963 इकाई दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमें 2.78 लाख से अधिक बुकिंग मिली, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की वृद्धि है। हमें रोजाना करीब 9 से 10 हजार बुकिंग मिल रही है। उन्होंने बताया कि जनवरी में कंपनी का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 51,020 इकाई रहा। बनर्जी ने कहा कि कंपनी की नई एसयूवी ‘विक्टोरिस’ ने पांच महीने में 50,000 इकाई की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।

    उत्पादन संबंधी बाधाओं पर उन्होंने कहा कि नई क्षमताएं उपलब्ध होने तक कंपनी को कुछ और महीनों तक इससे निपटना होगा। हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया का दूसरा संयंत्र अप्रैल 2026 तक परिचालन में आने वाला है। इसके बाद गुजरात स्थित मौजूदा संयंत्र में चौथी उत्पादन ‘लाइन’ शुरू की जाएगी, जिससे सालाना कुल 5 लाख इकाई की अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। घरेलू बाजार में ‘ई-विटारा’ के पेश होने को लेकर उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक एसयूवी इस महीने बाजार में उतरेगी।

    यात्री वाहन उद्योग के परिदृश्य पर पूछे गए सवाल पर बनर्जी ने कहा कि मोटर वाहन उद्योग फिर से छह से सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) पर लौट सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में जिंस कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए इंतजार करना होगा, तभी बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा।

    कंपनी ने पिछले साल सितंबर में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद एस-प्रेसो की कीमत में 1,29,600 रुपये तक, ऑल्टो के-10 में 1,07,600 रुपये तक, सेलेरियो में 94,100 रुपये और वैगन-आर में 79,600 रुपये तक की कटौती की थी।

  • T20 World Cup : वॉर्म-अप मैच में इंडिया ए ने अमेरिका को 38 रन से हराया, जगदीशन का शतक

    T20 World Cup : वॉर्म-अप मैच में इंडिया ए ने अमेरिका को 38 रन से हराया, जगदीशन का शतक


    नवी मुंबई।
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के वार्म-अप मुकाबले (Warm-up Matches) में इंडिया ए ने डीवाई पाटिल क्रिकेट स्टेडियम में यूएसए (USA) को 38 रन से हराकर दमदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में यूएसए की टीम 19.4 ओवर में 200 रन पर ऑलआउट हो गई।

    इंडिया ए की जीत के हीरो एन जगदीशन रहे, जिन्होंने 55 गेंदों में 104 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 4 छक्के लगाए तथा 49 गेंदों में शतक पूरा किया। कप्तान आयुष बदोनी ने भी विस्फोटक अंदाज में नाबाद 60 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 26 गेंदों का सामना किया। तिलक वर्मा ने चोट के बाद वापसी करते हुए 38 रन जोड़े, जबकि प्रियांश आर्या ने 13 गेंदों पर 28 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई।

    239 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएसए की टीम ने संघर्ष किया, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। गेंदबाजी में रवि बिश्नोई ने 3 विकेट लेकर मैच भारत की ओर मोड़ दिया। खलील अहमद और नमन धीर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि बदोनी, तिलक वर्मा और अशोक शर्मा को 1-1 सफलता मिली।

    मैच में कुल 438 रन बने और दोनों टीमों की ओर से 21 छक्के लगे, जिससे दर्शकों को हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिला। अब भारतीय सीनियर टीम 4 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना वार्म-अप मैच खेलेगी।

  • ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?

    ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?


    नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी के शेयरों में जनवरी महीने में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और यह 20 फीसदी तक टूट गया। 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू पर लागू हुए नए टैक्स के चलते शेयरों में कमजोरी आई और 2 फरवरी को यह ₹302 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया कि अब ITC के शेयरों में और गिरावट आएगी या तेजी का दौर शुरू होगा।

    ब्रोकरेज और एक्सपर्ट का नजरिया
    घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI Direct ने ITC के शेयरों पर एक साल के नजरिये से ₹350 का टारगेट प्राइस दिया है और ₹285 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की राय दी है। फर्म का कहना है कि बजट में ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जो आईटीसी के बिजनेस को प्रभावित करे। सिगरेट और तंबाकू पर 55% टैक्स की घोषणा बजट से पहले की जा चुकी थी और अब इसका असर बाजार में पहले ही समाहित हो चुका है।

    इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा ने माना कि ITC के शेयरों ने निचला स्तर बना लिया है और अब तेजी की संभावना है। उनका कहना है कि लंबे समय में शेयर ₹400+ तक जा सकता है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निकट अवधि में शेयर ₹325 तक जा सकता है और ₹306 रुपये पर मजबूत सपोर्ट नजर आता है।

    ITC शेयरों के लिए अहम स्तर
    टेक्निकल विश्लेषक जिगर एस पटेल के अनुसार ITC के शेयरों में निकट भविष्य में ₹325 तक तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निचला स्तर यानी सपोर्ट ₹306 रुपये है। इस स्तर से नीचे गिरावट जोखिम भरा हो सकता है और निवेशकों को स्टॉप लॉस का ध्यान रखना चाहिए। ICICI Direct का मानना है कि 1 साल के नजरिये से ₹350 टारगेट तक पहुंचना संभव है और अंबरीश बलिगा का दीर्घकालिक टारगेट ₹400+ है।

    निवेशकों के लिए संकेत
    विशेषज्ञों के अनुसार ITC ने हाल ही में बॉटम बना लिया है। कम अवधि के निवेशक सपोर्ट और रेसिस्टेंस के स्तर पर निगरानी रखकर कदम उठा सकते हैं। लंबे समय के निवेशक बजट और टेक्स प्रावधानों के स्थिर होने की वजह से शेयर में मजबूती देख सकते हैं। बाजार में मंदी का डर कम हुआ है और तकनीकी संकेत तेजी की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं। ITC का बिजनेस मॉडल एफएमसीजी सेक्टर में स्थिर है और टैक्स पहले ही शेयर मूल्य में समाहित हो चुका है। निवेशकों को चाहिए कि स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस के हिसाब से पोर्टफोलियो मैनेजमेंट करें और भावुक होकर फैसले न लें।

  • अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति

    अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति


    नई दिल्ली । 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक अनंत सिंह कल मंगलवार, 03 फरवरी, 2026 11 बजे विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेंगे. इसके लिए उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से अनुमति मिल गई है. वर्तमान में वह दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेउर जेल में बंद हैं. शपथ के लिए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा लाया जाएगा.

    खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

    बता दें कि जिस दुलारचंद यादव के केस में अनंत सिंह जेल में हैं जिनकी हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान 30 अक्टूबर को हुई थी. इस कांड में उनकी गिरफ्तारी हुई और तब से वे जेल में हैं. हालांकि जमानत के लिए सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी लेकिन वह खारिज हो गई.

    चुनाव में प्रचार भी नहीं कर सके थे अनंत सिंह
    मोकामा सीट से अनंत सिंह की जीत होगी ये पार्टी और समर्थक जान रहे थे. वे जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे. जब दुलारचंद यादव की हत्या हुई तो आरोप लगने के बाद अनंत सिंह जेल चले गए थे और ऐसे में वे प्रचार नहीं कर पाए थे. उनके लिए ललन सिंह जैसे नेताओं ने क्षेत्र में जनसभा की थी. नतीजा आया तो बंपर अंतर से अनंत सिंह की जीत हुई.

    अनंत सिंह से पहले उनकी पत्नी मोकामा से विधायक थीं. उपचुनाव में उन्हें जीत मिली थी. 2025 के चुनाव के दौरान जब अनंत सिंह जेल से बाहर थे तो उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया. जेडीयू से टिकट मिला तो उनके सामने आरजेडी की ओर से वीणा देवी को पार्टी ने उतार दिया. हालांकि वह जीत नहीं पाईं. अब अनंत सिंह को शपथ के लिए मौका मिल गया है. नतीजे आने के बाद जेल में रहने के चलते वे शपथ नहीं ले पाए थे. अनंत सिंह हमेशा चर्चा में रहते हैं. अभी कुछ दिनों पहले सिगरेट पीते हुए उनका एक वीडियो सामने आया था जिसके बाद विपक्ष ने घेरा भी था.