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  • Ind vs SA: रांची पहुंची टीम इंडिया को MS धोनी ने घर पर दी डिनर पार्टी, कोहली को होटल तक खुद छोड़ने गए

    Ind vs SA: रांची पहुंची टीम इंडिया को MS धोनी ने घर पर दी डिनर पार्टी, कोहली को होटल तक खुद छोड़ने गए


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) 3 मैच की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रांची में खेला जाना है। इस मैच के लिए रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे दिग्गज रांची पहुंच गए हैं। रांची एमएस धोनी (MS Dhoni.) का होमटाउन है। ऐसे में उन्होंने विराट कोहली और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों के लिए अपने घर डिनर पार्टी रखी। फैंस को एक बार फिर विराट कोहली और एमएस धोनी के रूप में जय-वीरू की जोड़ी दिखी, भले ही मैदान के बाहर दिखी। धोनी अपने घर डिनर पार्टी होस्ट करने के बाद विराट कोहली को खुद अपनी कार में होटल ड्रॉप करने पहुंचे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और फैंस इस याराने को खूब पसंद कर रहे हैं।

    बता दें, विराट कोहली ने अपने करियर की शुरुआत एमएस धोनी की कप्तानी में ही की थी। विराट कोहली को बतौर कप्तान तैयार करने में माही का अहम योगदान था। धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद विराट ने हर फॉर्मेट में टीम इंडिया की कमान संभाली थी और भारतीय क्रिकेट को अलग स्तर पर पहुंचाया था। एमएस धोनी ने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, हालांकि वह अभी भी आईपीएल खेलते हैं। वहीं विराट कोहली टेस्ट और टी20 क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं और बस सिर्फ वनडे क्रिकेट में एक्टिव हैं।

    विराट कोहली बुधवार को ही लंदन से रांची पहुंचे थे और अगले दिन यानी गुरुवार को वह धोनी के घर डिनर पार्टी पर पहुंचे। लंबे समय बाद विराट कोहली और एमएस धोनी को यूं मिलता देख फैंस काफी खुश हैं। बता दें, भारत ने रांची में आखिरी इंटरनेशनल मैच पिछले साल फरवरी 2024 में खेला था। भारत-इंग्लैंड का चौथा टेस्ट रांची में खेला गया था, लेकिन विराट कोहली उस मैच में नहीं खेले, क्योंकि वह अपने दूसरे बच्चे अकाय के जन्म के कारण पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं थे।

  • बिहार: CM नीतीश आज 10 लाख महिलाओं के खाते में भेजेंगे 10-10 हजार रुपये

    बिहार: CM नीतीश आज 10 लाख महिलाओं के खाते में भेजेंगे 10-10 हजार रुपये


    पटना।
    बिहार (Bihar) की 10 लाख महिलाओं (10 lakh Women) के खाते में शुक्रवार को 10-10 हजार रुपये (10-10 thousand rupees) की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Chief Minister Mahila Rojgar Yojana) के तहत जीविका दीदियों के बैंक खाते में यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। चयनित महिलाओं में 9.50 लाख ग्रामीण क्षेत्र में जबकि 50 हजार शहरी क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।

    बिहार सरकार 14 दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं को रोजगार के लिए 10-10 हजार रुपए की राशि दे देगी। अब तक 1.40 करोड़ महिलाओं के खाते में यह राशि भेजी जा चुकी है। बता दें कि नीतीश सरकार यह योजना विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लाई थी। इसके तहत महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये की मदद की जा रही है। 6 महीने बाद समीक्षा कर इस पैसे रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की मदद और दी जाएगी।

    इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा जीविका समूह से जुड़ने की शर्त रखी है। बताया जा रहा है कि पूर्व से जीविका समूह से जुड़ीं महिलाओं को पैसा भेजा जा चुका है। अब उन लाभार्थियों को राशि भेजी जानी है, जो यह योजना शुरू होने के बाद जीविका दीदी बनी हैं। साथ ही इस योजना के लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन करने वालीं लगभग 13 लाख महिलाओं के खाते में भी पैसा आना बाकी है। उनके आवेदन की जांच की जा रही है। जल्द विभाग का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी पैसा भेज दिया जाएगा। सरकार ने 14 दिसंबर से पहले सभी लाभार्थियों को 10-10 हजार खाते में भेजने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से ऑफलाइन आवेदन मांगे गए थे। जबकि शहरी क्षेत्र की महिलाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा रखी।

  • नए लेबर कोड में कर्मचारियों को बड़ी राहत… नौकरी से हटाने पर 48 घंटे में करना होगा पूरा भुगतान

    नए लेबर कोड में कर्मचारियों को बड़ी राहत… नौकरी से हटाने पर 48 घंटे में करना होगा पूरा भुगतान


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लागू नए लेबर कोड (New Labour Code) में कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत अब किसी भी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने, इस्तीफा देने या बर्खास्त होने की स्थिति में उसका पूरा भुगतान नियोक्ता कंपनी (Employer Company) को सिर्फ दो कार्य दिवसों में करना होगा। पहले इसके लिए कोई निर्धारित समयसीमा तय नहीं थी।

    यह प्रावधान श्रम संहिता-2019 में जोड़ा गया है। अभी तक कई कंपनियों में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में 30 से 45 दिन तक लगते थे। कई मामलों में कंपनियां अगले वेतन साइकल का इंतजार करती थीं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नए नियमों के तहत अब नियोक्ता को दो कामकाजी दिनों में कर्मचारी का पूरा हिसाब करना होगा।

    नए नियम में ये शामिल
    1. शामिल हिस्से : आखिरी महीने का वेतन, बकाया छुट्टी का पैसा और अन्य भत्ते शामिल होंगे, जो ‘वेतन’ की परिभाषा में आते हैं।
    2. इनमें देरी संभव: ग्रेच्युटी, पीएफ के भुगतान की समय सीमा अलग हो सकती है, क्योंकि इनके नियम अलग होते हैं।

    छंटनी होने पर 15 दिन की कौशल राशि अलग मिलेगी
    सरकार ने 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए श्रम संहिता में कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के अनुसार, नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को अनिवार्य मुआवजे के साथ-साथ 15 दिनों की मजदूरी के बराबर एक अलग ‘पुन: कौशल निधि’ भी मिलेगी।

    यह राशि नौकरी समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जमा की जाएगी। यह राशि निश्चित अवधि और स्थायी दोनों तरह के कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की स्थिति में दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कर्मचारियों को नई कौशल सीखने में सहायता देना है। इससे नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी बदलते हुए रोजगार बाज़ार में फिर से रोजगार पाने की क्षमता विकसित कर सकेंगे।

    क्या है नई व्यवस्था
    नए श्रम नियमों में रिट्रेंचमेंट यानी गैर-अनुशासनात्मक कारणों से नौकरी समाप्त करने की प्रक्रिया को और स्पष्ट किया गया है। रिट्रेंचमेंट का अर्थ है कि कर्मचारी को किसी गलती या अनुशासनहीनता के बिना, कंपनी की आवश्यकता कम होने या पद समाप्त होने जैसी वजहों से नौकरी से हटाया जाए। यह व्यवस्था उन स्थितियों पर लागू नहीं होती जिनमें कर्मचारी स्वयं सेवानिवृत्ति लेता है।


    कर्मचारियों को फायदा

    1. नौकरी छोड़ते समय पैसों की कमी नहीं होगी।
    2. नई नौकरी शुरू करने से पहले आर्थिक दबाव कम होगा।
    3. कंपनियों की मनमानी और देरी पर रोक लगेगी।
    4. फुल एंड फाइनल प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज होगी।

  • टैरिफ की आय से राष्ट्रपति ट्रंप खुश… बोले- US से कुछ साल में पूरी तरह खत्म होगा इनकम टैक्स

    टैरिफ की आय से राष्ट्रपति ट्रंप खुश… बोले- US से कुछ साल में पूरी तरह खत्म होगा इनकम टैक्स


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने कहा है कि आने वाले कुछ वर्षों में वे इनकम टैक्स (Income tax) को लगभग पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। इसका कारण यह बताया कि टैरिफ से सरकार को इतनी बड़ी आमदनी होगी कि आयकर की जरूरत ही कम हो जाएगी। हालांकि उन्होंने अपने इस प्लान की विस्तार में जानकारी नहीं दी।


    टैरिफ नीति क्या है?

    ट्रंप ने इस साल फिर से राष्ट्रपति पद संभालने के बाद कई देशों से आने वाले सामानों पर 10% से 50% तक टैरिफ लगाए। उनका कहना है कि इससे सरकार की आमदनी बढ़ेगी और लोग अमेरिकी सामान ज्यादा खरीदेंगे।


    इनकम टैक्स कम होने वाले लोगों पर फोकस

    ट्रंप इस बात पर जोर देते हैं कि ये बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए होंगे जो 2 लाख डॉलर सालाना तक कमाते हैं।


    $2,000 टैरिफ डिविडेंड का वादा

    ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “जो लोग टैरिफ के खिलाफ हैं, वे मूर्ख हैं! अब हम दुनिया के सबसे अमीर, सबसे सम्मानित देश हैं, जहां लगभग कोई मुद्रास्फीति नहीं है, और शेयर बाजार की रिकॉर्ड कीमत है। 401k अब तक के उच्चतम हैं।

    उन्होंने अमेरिकियों को लाभांश देने का वादा किया और कहा, “हम खरबों डॉलर ले रहे हैं और जल्द ही अपने 37 ट्रिलियन डॉलर के भारी ऋण का भुगतान करना शुरू कर देंगे। संयुक्त राज्य अमेरिका में रिकॉर्ड निवेश, हर जगह संयंत्र और कारखाने बढ़ रहे हैं। एक व्यक्ति को कम से कम $2000 का डिविडेंड (उच्च आय वाले लोगों सहित नहीं!) सभी को भुगतान किया जाएगा।

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस राजस्व से देश का बड़ा कर्ज $37 ट्रिलियन चुकाया जाएगा और निवेश व उत्पादन में तेजी आएगी।


    सुप्रीम कोर्ट की टैरिफ पर प्रतिक्रिया

    सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को लेकर संदेह जताया है और कहा है कि कई टैरिफ को हटाया भी जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका को टैरिफ के रुपयों के तौर पर वापस भुगतान करना पड़ सकता है, जो 100 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है।

  • हॉन्गकॉन्ग में तबाही: 8 इमारतें जलीं, 55 की मौत, 279 लापता, जांच में 3 गिरफ्तार

    हॉन्गकॉन्ग में तबाही: 8 इमारतें जलीं, 55 की मौत, 279 लापता, जांच में 3 गिरफ्तार


    नई दिल्ली
    । हॉन्गकॉन्ग के वांग फुक कोर्ट में आठ टावरों वाले एक विशाल अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई, जिसमें अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है और 68 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार अभी भी 279 लोग लापता हैं।

    यह कॉम्प्लेक्स 35 मंजिला आठ इमारतों का था, जिसमें लगभग दो हजार अपार्टमेंट शामिल थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन टावरों की बहुमंजिला संरचनाओं को बांस की मचान से ढका गया था, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की।

    आग पर काबू पाने की जद्दोजहद

    चार इमारतों में लगी आग पर लगभग 10 घंटे बाद सुबह तक काबू पाया गया, जबकि तीन इमारतों में आग पर 20 घंटे बाद भी नियंत्रण नहीं हो पाया। आग बुझाने वाले दल को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई मंजिलों पर तापमान इतना अधिक था कि फायर फाइटर्स उन जगहों तक पहुँच ही नहीं पा रहे थे। इसी दौरान एक फायर फाइटर की मौत भी हुई।

    तेज हवा और जलते हुए मलबे की वजह से लपटें एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैलती चली गईं। आग भड़की तो कई लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी क्योंकि मरम्मत के कारण खिड़कियां बंद थीं।

    पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया

    मामले में पुलिस ने कॉम्प्लेक्स के ठेकेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर आग लगने में लापरवाही या गैर-इरादतन हत्या का शक जताया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। साथ ही 7 दिसंबर को होने वाले चुनाव से पहले चुनाव प्रचार गतिविधियां भी स्थगित कर दी गई हैं।

    इतिहास में अब तक की सबसे भीषण आग
    हॉन्गकॉन्ग मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार यह आग 77 साल में सबसे भीषण मानी जा रही है। इससे पहले 1948 में पांच मंजिला गोदाम में आग और विस्फोट में 176 लोग मारे गए थे।
    इसके बाद 1962 में शुई पो इलाके में आग में लगभग 44 लोग मारे गए। वहीं नवंबर 1996 में कोवलून के गार्ले बिल्डिंग में आग लगने से 41 लोग मरे और 81 घायल हुए थे।

    बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

    आग लगने के समय अधिकांश बुजुर्ग घर में आराम कर रहे थे जिसके कारण वे समय पर बाहर नहीं निकल पाए। यही वजह है कि ज्यादातर घायल बुजुर्ग हैं।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मदद

    इस हादसे पर जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने संवेदनाएं जताई हैं। वहीं, मैकडॉनल्ड्स ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 1000 फूड पैकेट मुफ्त देने का ऐलान किया है।

    पुलिस और अग्निशमन विभाग अभी यह पता लगाने में जुटे हैं कि कितने लोग लापता हैं और कितनों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है।
  • टीवी से बॉलीवुड तक यामी गौतम ने विक्की डोनर से जीता दिल, बड़े डायरेक्टर से की शादी

    टीवी से बॉलीवुड तक यामी गौतम ने विक्की डोनर से जीता दिल, बड़े डायरेक्टर से की शादी


    नई दिल्ली । यामी गौतम जो 28 नवंबर को अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं, बॉलीवुड की उस एक्ट्रेस के तौर पर जानी जाती हैं, जिन्होंने अपने टैलेंट और सादगी से इंडस्ट्री में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनका करियर एक प्रेरणादायक कहानी है जिसमें उन्होंने टीवी की दुनिया से बॉलीवुड तक का सफर बिना किसी गॉडफादर के तय किया।
     यामी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी। साल 2008 में उन्होंने टीवी शो चांद के पार चलो से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद वह शो ये प्यार ना होगा कम में भी नजर आईं जिसमें उन्होंने गौरव खन्ना के साथ स्क्रीन शेयर की। यामी और गौरव की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह शो उस समय का एक हिट शो साबित हुआ। टीवी से उनकी पहचान बनने के बाद यामी ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और बॉलीवुड की ओर रुख किया।
    बॉलीवुड में कदम और विक्की डोनर से स्टारडम
    यामी ने साल 2012 में अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म विक्की डोनर से कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने आयुष्मान खुराना के साथ मुख्य भूमिका अदा की। विक्की डोनर एक रोमांटिक कॉमेडी थी, जो समाज के कुछ अहम मुद्दों को हल्के फुल्के तरीके से पेश करती थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और यामी गौतम की एक्टिंग को खूब सराहा गया। इस फिल्म के जरिए यामी ने बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बनाई और रातों रात स्टार बन गईं।

    फिल्मी करियर के बाद यामी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी फिल्मों की लिस्ट में बदलापुर काबिल उरी द सर्जिकल स्ट्राइक बाला और हाल ही में ओएमजी 2 जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों और आलोचकों से काफी प्रशंसा प्राप्त की और यामी का करियर लगातार ऊपर की ओर बढ़ता गया।

    सीक्रेट शादी और निजी जीवन
    यामी का निजी जीवन भी बेहद दिलचस्प रहा। साल 2021 में उन्होंने फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर से शादी की जो एक अचानक हुई घटना थी और यह पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए चौंकाने वाली खबर थी। यामी और आदित्य ने अपनी शादी को पूरी तरह से निजी रखा और एक सादे समारोह में दोनों ने शादी के बंधन में बंधे। यह शादी इस वजह से भी चर्चा में रही क्योंकि दोनों की डेटिंग की खबर किसी को भी पहले नहीं मिली थी। शादी के बाद इस कपल ने 2024 में अपने पहले बच्चे, बेटे वेदविक धर का स्वागत किया जिससे उनकी जिंदगी में नई खुशियाँ आईं। यामी गौतम और आदित्य धर की शादी और परिवार शुरू करने की कहानी ने उनके फैंस और मीडिया दोनों का ध्यान आकर्षित किया।
    यामी गौतम की सफलता का राज
    यामी गौतम की सफलता का राज उनकी मेहनत समर्पण और अभिनय के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा है। उन्होंने हर भूमिका में अपने किरदार को पूरी तरह से जीने की कोशिश की और दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। यामी की सादगी और दमदार अभिनय ने उन्हें सिर्फ बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि टेलीविजन और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी एक सम्मानित अभिनेत्री बना दिया है।आज भी यामी गौतम अपनी फिल्मों और अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों पर राज कर रही हैं और आने वाले समय में भी उनकी फिल्में और किरदार लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सक्षम होंगे।
  • IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    IND vs SA: हार के बाद दिनेश कार्तिक ने वीडियो शेयर कर जताई हताशा

    नई दिल्ली। दिनेश कार्तिक ने हालिया हार के बाद टीम चयन और टीम संतुलन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में भारत ने अत्यधिक ऑलराउंडर्स खिलाए, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए नीतीश रेड्डी का जिक्र किया जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर फेंककर टेस्ट टीम में पेस ऑलराउंडर की भूमिका निभाने आए।

    कार्तिक ने कहा:

    इस सीरीज में भारत के केवल दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी बनाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात खिलाड़ियों ने अर्धशतक जमाए। यह साफ दिखाता है कि हम कितने पीछे हैं।

    नंबर-3 की अस्थिरता बड़ी कमजोरी

    पूर्व विकेटकीपर ने नंबर-3 की भूमिका को टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले टेस्ट चैंपियनशिप में नंबर-3 की जगह लगातार बदलती रही और बल्लेबाज का औसत केवल 26 का रहा।

    कार्तिक ने तंज भरे अंदाज में कहा:

    आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन खेलते हैं कभी वॉशिंगटन सुंदर। हर मैच में बदलाव करने से टीम में स्थिरता कैसे आएगी? अगला टेस्ट अगले साल दिनेश कार्तिक ने यह भी याद दिलाया कि अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी सात महीने का लंबा अंतर। उन्होंने सवाल
    उठाया, क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत के रूप में इस्तेमाल करेंगे?

    भारतीय टीम के लिए यह हार केवल अंक तालिका में नहीं बल्कि मानसिक और रणनीतिक चुनौती के रूप में भी सामने आई है। फैन्स और विशेषज्ञ अब देख रहे हैं कि टीम इंडिया इस गंभीर चेतावनी को सुधार की दिशा में कैसे इस्तेमाल करती है।

  • शेख हसीना का प्रत्यर्पण अनुरोध: भारत सरकार कर रही कानूनी समीक्षा

    शेख हसीना का प्रत्यर्पण अनुरोध: भारत सरकार कर रही कानूनी समीक्षा

    नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण (एक देश से दूसरे देश को सौंपने) की माँग वाले अनुरोध पर भारत सरकार गहन कानूनी और न्यायिक समीक्षा कर रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा मामला आंतरिक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत जाँचा जा रहा है, और भारत बांग्लादेश के लोगों के व्यापक हितों—जिनमें शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता शामिल हैं—के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

    ज्ञात हो कि शेख हसीना को पिछले सप्ताह ढाका की एक विशेष अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में ‘मानवता के विरुद्ध अपराध’ के आरोप में मृत्युदंड की सज़ा सुनाई थी।

    सज़ा का कारण और पृष्ठभूमि
    यह सज़ा पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए एक बड़े आंदोलन के दौरान शेख हसीना की सरकार द्वारा की गई कथित क्रूर दमनकारी कार्रवाई से जुड़ी हुई है। बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, पाँच अगस्त, दो हज़ार चौबीस को शेख हसीना भारत चली आई थीं। उनके करीबी सहयोगी और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सज़ा सुनाई गई है। अदालत के इस फ़ैसले के बाद, बांग्लादेश सरकार ने भारत को औपचारिक पत्र भेजकर शेख हसीना और असदुज्जमां खान कमाल दोनों के प्रत्यर्पण की माँग की थी।

    भारत सरकार का रुख
    इस अनुरोध पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि यह अनुरोध न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के दायरे में है। उन्होंने दोहराया, “हम बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र तथा लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी पक्षकारों के साथ रचनात्मक बातचीत बनाए रखेंगे।” इस दौरान, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश के सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखे हुए है।

    भारत का यह बयान दिखाता है कि वह इस अत्यंत संवेदनशील मामले को सीधे राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के बजाय, पूरी तरह से कानूनी ढांचे के तहत सुलझाना चाहता है, ताकि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर अनावश्यक तनाव न पड़े।

    बांग्लादेश का दावा और हसीना का पक्ष
    दूसरी ओर, बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय यह दावा कर रहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत शेख हसीना को तुरंत सौंपना भारत का दायित्व है। बांग्लादेश सरकार इस मामले को दोनों देशों के बीच हुए समझौते के पालन के रूप में देख रही है।

    वहीं, शेख हसीना का पक्ष है कि यह सज़ा एक ‘अवैध न्यायाधिकरण’ (गैर-कानूनी ट्रिब्यूनल) ने दी है। उनके अनुसार, इस न्यायाधिकरण की स्थापना और संचालन एक अनिर्वान्चित अंतरिम सरकार ने किया है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश (जनादेश) नहीं है। उनका तर्क है कि यह सज़ा राजनीतिक प्रतिशोध (बदले) की भावना से प्रेरित है और इसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है।

    यह फ़ैसला ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में फ़रवरी दो हज़ार छब्बीस में संसदीय चुनाव होने हैं और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को फिलहाल चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। ऐसे में, यह प्रत्यर्पण मामला केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि बांग्लादेश की वर्तमान और भविष्य की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करने वाला एक बड़ा घटनाक्रम बन गया है, जिस पर पूरी दुनिया की नज़र है। भारत इस मामले में कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहा है।

  • वैभव लक्ष्मी व्रत: सही तारीख, विधि और नियम जो आपको जानना जरूरी हैं

    वैभव लक्ष्मी व्रत: सही तारीख, विधि और नियम जो आपको जानना जरूरी हैं

    नई दिल्ली। वैभव लक्ष्मी व्रत शुक्रवार से शुरू करके 11 या 21 शुक्रवार तक किया जाता है, नियम अनुसार पूजा और श्रीयंत्र स्थापना अनिवार्य है। इसका पालन धन-वैभव और खुशहाली लाता है।हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से इंसान की जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। शास्त्रों में मां लक्ष्मी के कई नाम और स्वरूपों का उल्लेख किया गया है। इन्हीं में से एक विशेष व्रत है वैभव लक्ष्मी व्रत, जिसे करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत से जुड़े कुछ कठोर नियम भी हैं, जिन्हें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
    वैभव लक्ष्मी व्रत कब करें?
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैभव लक्ष्मी व्रत की शुरुआत शुक्रवार से करना शुभ माना गया है। इस दिन व्रत का संकल्प लेकर आप इसे 11 या 21 शुक्रवार तक लगातार कर सकते हैं। व्रत के पूरे होने के बाद ही इसका उद्यापन करना चाहिए। संकल्पपूर्वक व्रत करने से और नियमों का पालन करने से इसका फल पूर्ण और शुभ माना जाता है।

    वैभव लक्ष्मी व्रत कैसे करें?
    स्नान और वस्त्र: शुक्रवार के दिन सुबह स्नान कर साफ और धुले वस्त्र पहनें। व्रत के लिए लाल या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। पूरे दिन फलाहार करना उत्तम है। पूजा स्थल की तैयारी: शाम को पुनः स्नान करें। पूर्व दिशा की ओर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। इस पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या मूर्ति और श्रीयंत्र स्थापित करें।कलश और चावल: मूर्ति के सामने मुट्ठी भर चावल का ढेर लगाएं और उस पर तांबे का कलश रखें। कलश के ऊपर एक कटोरी में चांदी के सिक्के या सोने-चांदी का आभूषण रखें।अर्पण सामग्री: रोली, मौली, सिंदूर, फूल, चावल की खीर आदि अर्पित करें। कथा और मंत्र: पूजा के बाद वैभव लक्ष्मी कथा का पाठ करें और वैभव लक्ष्मी मंत्र का यथाशक्ति जप करें। अंत में मां लक्ष्मी की आरती करें। भोजन: शाम को पूजा के बाद अन्न ग्रहण कर सकते हैं।

    वैभव लक्ष्मी मंत्र-

    या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
    या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
    या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
    सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥

    वैभव लक्ष्मी व्रत के महत्वपूर्ण नियम-

    व्रत का पारण केवल मां लक्ष्मी की प्रसाद में चढ़ाई खीर से करें।इस दिन खट्टी और तीखी चीजें खाने से बचें।व्रत में श्रीयंत्र की पूजा करना अनिवार्य है।व्रत संकल्पपूर्वक और नियम अनुसार करना शुभ फलदायी होता है। वैभव लक्ष्मी व्रत करने से न केवल धन-वैभव की प्राप्ति होती है बल्कि परिवार में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।

  • मालती चाहर पर की गई टिप्पणी पर पिता का फूटा गुस्सा, बोले-Bigg Boss 19 में होता तो

    मालती चाहर पर की गई टिप्पणी पर पिता का फूटा गुस्सा, बोले-Bigg Boss 19 में होता तो

    नई दिल्ली। बिग बॉस 19 में इन दिनों लगातार बढ़ते विवादों के बीच एक टिप्पणी ने माहौल को और भी गर्मा दिया है। शो की प्रतिभागी मालती चाहर को सह-कंटेस्टेंट कुनिका सदानंद द्वारा लेस्बियन कहे जाने के बाद इस मुद्दे पर मालती के पिता लोकेंद्र चाहर सामने आए हैं। उन्होंने अपनी बेटी के समर्थन में स्पष्ट और सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वे घर के फैमिली वीक में मौजूद होते, तो इस टिप्पणी पर कुनिका को करारा जवाब दिए बिना नहीं रहते।

    एक पिता के लिए इससे बड़ी चोट कोई नहीं-मालती पर टिप्पणी पर लोकेंद्र चाहर का रिएक्शन
    मीडिया से बात करते हुए लोकेंद्र चाहर ने कहा कि कुनिका के बयान ने उन्हें बेहद आहत किया। उन्होंने कहा एक पिता के लिए बेटी के बारे में ऐसी बात सुनना सबसे बड़ा आघात होता है। दूसरों की बातें तो सहन हो सकती हैं, लेकिन अपनी बेटी के खिलाफ कुछ भी सुनना असहनीय होता है। पिता और बेटी का रिश्ता बेहद खास और संवेदनशील होता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि मालती को लेकर की गई ऐसी टिप्पणी न तो किसी अवलोकन पर आधारित है, न ही किसी वास्तविक घटना पर-यह केवल गॉसिप फैलाने की कोशिश थी। फैमिली वीक में नहीं गए तो राहत मिली: लोकेंद्र चाहरलोकेंद्र चाहर ने खुलासा किया कि फैमिली वीक के दौरान घर के अंदर न जाने का उन्हें अब अफसोस नहीं बल्कि राहत महसूस हो रही है।

    उन्होंने कहा:
    अच्छा हुआ कि मैं अंदर नहीं गया। अगर उस वक्त मैं वहां होता, तो कुनिका के बयान पर मेरी प्रतिक्रिया काफी कड़ी होती। शो में मैं एपिसोड भी देखता हूं और लाइव स्ट्रीमिंग भी। मुझे समझ नहीं आता कि किस चीज़ ने उन्हें ऐसा कहने का मौका दिया। यह सिर्फ चुगली और लोगों को भड़काने की कोशिश थी, बस।

    कुनिका का बयान सिर्फ अफवाहें फैलाने वाला था
    लोकेंद्र चाहर ने कहा कि मालती चाहर घर के किसी भी कंटेस्टेंट-तान्या, अशनूर, फरहाना या फिर कुनिका-से ज्यादा घुलती-मिलती नहीं थी। ऐसे में किसी तरह का ऐसा दावा बिल्कुल निराधार है।
    उन्होंने आगे बताया: कुनिका ने घर से बाहर आकर भी माना कि उसे समझ नहीं आया कि उसने उस वक्त ऐसा क्यों कहा। साथ ही घर के अंदर भी वह माफी मांग चुकी है। इसलिए इस मसले को और बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है।
    उन्होंने साफ कहा कि वे अपनी बेटी का हर परिस्थिति में साथ देंगे और किसी भी तरह के अनुचित आरोप या टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।बिग बॉस 19 में बढ़ रही है निजी बयानबाजी की गर्मी
    बिग बॉस के घर में अक्सर खिलाड़ियों के बीच तकरारें और बयानबाजी देखने को मिलती हैं लेकिन इस टिप्पणी ने मुद्दे को निजी और संवेदनशील बना दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस विवाद के बाद शो के अंदर के समीकरण किस दिशा में जाते हैं और मालती चाहर आगे कैसे प्रतिक्रिया देती हैं।