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  • सेट पर चोटिल हुईं श्रद्धा कपूर, ईथा' की शूटिंग के दौरान मांस फटने का खुलासा, बोलीं- टर्मिनेटर की तरह घूम रही हूँ

    सेट पर चोटिल हुईं श्रद्धा कपूर, ईथा' की शूटिंग के दौरान मांस फटने का खुलासा, बोलीं- टर्मिनेटर की तरह घूम रही हूँ


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर, जो इन दिनों अपनी आगामी फिल्म *ईथा* की शूटिंग में व्यस्त हैं, ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने फैंस को अपनी सेहत के बारे में जानकारी दी। अभिनेत्री ने एक सवाल-जवाब (AMA) सेशन के दौरान बताया कि उन्हें मांसपेशी में गंभीर चोट लगी है, लेकिन उन्होंने अपने फैंस को आश्वस्त किया कि वह जल्द ठीक हो जाएंगी।

    श्रद्धा ने अपने चुलबुले अंदाज में इस चोट को लेकर कहा, “मसल्स टीयर है, ठीक हो जाएगा। बस थोड़ा रेस्ट करना है, लेकिन मैं बिल्कुल ठीक हो जाऊंगी।” उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उनका पैर प्लास्टर में लिपटा हुआ दिख रहा था। अभिनेत्री ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वह “टर्मिनेटर की तरह घूम रही हैं।”

    लावणी डांस सीक्वेंस के दौरान हुआ हादसा

    सूत्रों के मुताबिक, यह चोट ईथा फिल्म के एक महत्वपूर्ण लावणी डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी। श्रद्धा को इस गाने में अजय-अतुल द्वारा कंपोज किए गए संगीत पर तेज गति से लावणी डांस करना था। इस डांस सीक्वेंस के दौरान, श्रद्धा ने गलती से सारा वजन अपने बाएं पैर पर डाल दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ा और मांसपेशी में चोट आ गई। यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धा ने इस भूमिका के लिए खुद पर कड़ी मेहनत की थी, जिसमें 15 किलो वजन बढ़ाने की चुनौती भी शामिल थी।

    राहुल मोदी की फिल्म ईथा पर कर रही हैं काम

    चोट के बावजूद, श्रद्धा कपूर अपनी आगामी फिल्मों पर काम कर रही हैं। अभिनेत्री ने पुष्टि की कि वह अभी अपने बॉयफ्रेंड और फिल्म निर्माता राहुल मोदी की फिल्म *ईथा* पर काम कर रही हैं। श्रद्धा ने इस फिल्म को लेकर कहा, “यह फिल्म स्टार्ट-अप्स की दुनिया और हसल कल्चर पर आधारित है। यह मेरे लिए एक नए तरह का और चुनौतीपूर्ण रोल है। मैं अब जानबूझकर ऐसे रोल चुन रही हूँ, जहाँ मुझे एक्टर के तौर पर चुनौती मिले और मैं एक सक्रिय किरदार निभाऊँ।”

    इसके अलावा, श्रद्धा कपूर ने हाल ही में एनिमेटेड फिल्म जूटोपिया 2 के हिंदी संस्करण में जुडी हॉप्स के किरदार को अपनी आवाज दी है, जो 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    श्रद्धा के फैंस उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, और अभिनेत्री ने अपनी सकारात्मकता से यह संदेश दिया है कि वह जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाएंगी।

  • Vivah Panchami 2025: क्यों मनाई जाती है विवाह पंचमी जानें धार्मिक महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

    Vivah Panchami 2025: क्यों मनाई जाती है विवाह पंचमी जानें धार्मिक महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।



    नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी एक अत्यंत पवित्र और शुभ तिथि मानी जाती है, जिसे विशेष रूप से भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह के स्मरण में मनाया जाता है। यह तिथि हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा अर्चना करते हैं और भगवान राम–सीता के आदर्श दांपत्य का स्मरण करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

    विवाह पंचमी का धार्मिक महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह पंचमी के दिन मिथिला नगरी में राजा जनक की पुत्री सीता का विवाह अयोध्या के राजकुमार श्रीराम से वैदिक रीति से संपन्न हुआ था। यह विवाह न केवल एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि आदर्श दांपत्य, मर्यादा, निष्ठा और धर्म का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास ने भी इसी दिन रामचरितमानस की रचना पूरी की थी, जिससे यह तिथि और भी अधिक महत्व रखती है।

    विवाह पंचमी के दिन व्रत का महत्व

    विवाह पंचमी के दिन व्रत रखने से दांपत्य जीवन में प्रेम, स्थिरता और सौहार्द बढ़ता है। विशेष रूप से यह व्रत कुंवारे युवक-युवतियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, इस दिन व्रत रखने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन की पूजा से जीवन में संतुलन और मानसिक शांति प्राप्त होती है, जो दांपत्य जीवन में प्रेम और समर्पण को बढ़ावा देती है।

    विवाह पंचमी के दिन शादी क्यों नहीं होती

    हालांकि विवाह पंचमी एक विवाह का प्रतीक दिन है, फिर भी इस दिन परंपरागत रूप से विवाह का आयोजन नहीं किया जाता। इसका कारण यह है कि यह तिथि एक धार्मिक और आध्यात्मिक दिन है, जो राम और सीता के विवाह के पुण्य स्मरण के लिए होती है, न कि नए विवाहों के आयोजन के लिए। हिंदू समाज में यह मान्यता है कि इस दिन विवाह की बजाय पूजा और व्रत करने से अधिक लाभ मिलता है।

    विवाह पंचमी 2025: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    विवाह पंचमी 2025 की तिथि 24 नवम्बर को शाम 9:22 बजे से आरंभ होगी और 25 नवम्बर को रात 10:56 बजे तक रहेगी। इस दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है, जो सुबह 4:20 बजे से 4:59 बजे तक रहेगा।

    विवाह पंचमी पर पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ मन से पूजा स्थल पर जाएं। फिर पीले वस्त्रों से ढकी एक चौकी पर राम और सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद गंगाजल, फल, फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित करें। इसके साथ-साथ रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित विवाह प्रसंग का पाठ करें और दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति की कामना करते हुए संकल्प लें।

    विवाह पंचमी का संदेश

    विवाह पंचमी का संदेश है प्रेम, समर्पण और पारिवारिक स्थिरता। यह तिथि भक्ति और आध्यात्मिक अनुशासन को जागृत करने का भी एक अवसर है। इस दिन से दांपत्य जीवन में सच्चे प्रेम, समर्पण और सम्मान को बढ़ावा मिलता है, जो कि किसी भी रिश्ते की मजबूती का आधार होता है।

    इस दिन के व्रत और पूजा से हम न केवल भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य का पालन करने का संकल्प लेते हैं, बल्कि अपने जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की कामना भी करते हैं।

    विवाह पंचमी के दिन हमें प्रेम, सम्मान और भक्ति की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

  • सोना-चांदी का जोरदार झटका: MCX और ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट, गोल्ड फिसला $4,040 के करीब

    सोना-चांदी का जोरदार झटका: MCX और ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट, गोल्ड फिसला $4,040 के करीब


    नई दिल्ली: सोमवार को सोने और चांदी के निवेशकों के लिए एक निराशाजनक शुरुआत रही, जब वायदा बाजार और ग्लोबल मार्केट दोनों में कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और आगामी आर्थिक आंकड़ों की अनिश्चितता के कारण आई है।

    ग्लोबल मार्केट में गिरावट

    सोने की कीमतें सोमवार को ग्लोबल मार्केट में लगभग $4,040 प्रति औंस तक गिर गईं। हालांकि, वर्ष-दर-वर्ष की तुलना में सोने की कीमत में लगभग 54% की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। निवेशकों का ध्यान अमेरिकी रिटेल सेल्स और पीपीआई डेटा जैसे आगामी आर्थिक आंकड़ों पर बना हुआ है। इस बीच, मजबूत रोजगार डेटा के बाद दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना 40% से बढ़कर अब 69% हो गई है, जिससे सोने और चांदी के दामों में और गिरावट का संकेत मिल रहा है।

    MCX वायदा बाजार में स्थिति

    सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी देखा गया। सोमवार सुबह 11:10 बजे तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर डिलीवरी अनुबंध में सोने की कीमत ₹1,22,731 प्रति 10 ग्राम रही, जो 1.18% की गिरावट को दर्शाता है। चांदी की कीमत ₹1,53,147 प्रति किलोग्राम रही, जो 0.65% की गिरावट दिखाती है।

    वर्तमान में सोने और चांदी के दामों में यह गिरावट ब्याज दरों में संभावित बदलाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं की वजह से हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को इस समय खरीदारी में सावधानी बरतनी चाहिए और हाजिर भाव तथा महानगरों में स्थानीय कीमतों को ध्यान में रखते हुए ही सोने या चांदी की खरीदारी करनी चाहिए।

    महानगरों में सोने की कीमतें

    गुडरिटर्न्स के अनुसार, प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत इस प्रकार रही:

    दिल्ली: ₹12,528 प्रति ग्राम
    मुंबई: ₹12,513 प्रति ग्राम
    कोलकाता: ₹12,513 प्रति ग्राम
    चेन्नई: ₹12,567 प्रति ग्राम
    बैंगलोर: ₹12,513 प्रति ग्राम

    22 कैरेट सोने की कीमतें इनसे थोड़ा कम हैं, और प्रत्येक शहर में यह ₹11,470 से ₹11,520 प्रति ग्राम के बीच रही हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में गिरते हुए दामों के बावजूद, निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए और बाजार की रुझानों को ध्यान से देखना चाहिए।

    आर्थिक संकेत और भविष्य का रुझान

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के कारण हुई है। ब्याज दरों में संभावित कटौती के कारण कीमती धातुओं के दामों में और भी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। इसके साथ ही, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है, जिसके चलते कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है।

    निवेशकों के लिए सलाह

    वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इस समय हाजिर बाजार के भाव और स्थानीय कीमतों को देखकर खरीदारी करनी चाहिए। साथ ही, सोने और चांदी के दामों में गिरावट को देखते हुए, जल्दबाजी में निवेश करना सही कदम नहीं होगा। बाजार की स्थितियों को ध्यान से समझते हुए ही निवेश निर्णय लेना चाहिए, ताकि भविष्य में अच्छा मुनाफा हो सके।

    सोने और चांदी के दामों में यह उतार-चढ़ाव यह भी संकेत देते हैं कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, और इनकी वजह से कीमती धातुओं की कीमतों में अनिश्चितता बनी रहेगी। निवेशकों को इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपनी निवेश रणनीतियों में बदलाव करने की सलाह दी जा रही है।

  • 120 बहादुर' की कमाई ने बनाया रिकॉर्ड: 3 दिन में 10 करोड़, 'मस्ती 4' फेल

    120 बहादुर' की कमाई ने बनाया रिकॉर्ड: 3 दिन में 10 करोड़, 'मस्ती 4' फेल

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर फरहान अख्तर की वॉर ड्रामा फिल्म ‘120 बहादुर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की है। रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित इस फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ही ₹10.10 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। मजबूत कहानी  दमदार प्रदर्शन और रोमांचक एक्शन ने इसे दर्शकों का पसंदीदा बना दिया। फिल्म में फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह का किरदार निभा रहे हैं जबकि राशि खन्ना मुख्य भूमिका में हैं। रजनीश घई निर्देशित यह फिल्म धीमी शुरुआत के बाद ताबड़तोड़ रफ्तार पकड़ते हुए दर्शकों को स्क्रीन से जोड़े रखने में सफल रही।
    ओपनिंग वीकेंड का कलेक्शन
    Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने पहले तीन दिनों में कुल ₹10.10 करोड़ की कमाई की:

    शुक्रवार (Day 1): ₹2.25 करोड़ – धीमी लेकिन स्थिर शुरुआत

    शनिवार (Day 2): ₹3.85 करोड़ – 70% से ज्यादा का उछाल

    रविवार (Day 3): ₹4.00 करोड़ – मामूली वृद्धि के साथ कुल ₹10 करोड़ पार इस प्रदर्शन के साथ 120 बहादुर ने पहले ही सप्ताहांत में दर्शकों और बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

    मस्ती 4 से सीधी टक्कर

    21 नवंबर 2025 को रिलीज हुई कॉमेडी फिल्म ‘मस्ती 4’, जिसमें विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी हैं, बॉक्स ऑफिस पर पीछे रह गई। तीन दिनों में इस फिल्म ने कुल ₹8.50 करोड़ का कलेक्शन किया और ‘120 बहादुर’ के पीछे रह गई। अपने दमदार कंटेंट और भावनात्मक कहानी के बल पर ‘120 बहादुर’ ने कॉमेडी फिल्म को साफ मात दी है।

    ऑक्यूपेंसी और दर्शकों की प्रतिक्रिया

    रविवार, 23 नवंबर 2025 को हिंदी बेल्ट में फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 16.50% रही। सुबह के शो में 7.90% उपस्थिति रही, दोपहर में बढ़कर 18.74% हुई, जबकि शाम के शोज में सबसे ज्यादा 24.60% दर्शकों की उपस्थिति दर्ज की गई।फिल्म में फरहान अख्तर के अलावा राशि खन्ना, विवान भटेना और ऐजाज खान जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
    क्रिटिक्स ने फिल्म को 3/5 स्टार दिए और इसे रेजांग ला की लड़ाई में हुए बलिदान को भावुक तरीके से पेश करने वाली फिल्म बताया, हालांकि किरदारों के साथ जुड़ाव अपेक्षा के अनुसार गहरा नहीं हो पाया।ओपनिंग वीकेंड के शानदार प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजरें वीकडेज़ के कलेक्शन पर हैं। अगर फिल्म की पकड़ ऐसी ही बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में यह बॉक्स ऑफिस पर साल की बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हो सकती है।

  • बैंकों में लंबा ब्रेक: दिसंबर में 18 दिन बंद रहेंगे कामकाज, RBI की छुट्टियों की लिस्ट देखें

    बैंकों में लंबा ब्रेक: दिसंबर में 18 दिन बंद रहेंगे कामकाज, RBI की छुट्टियों की लिस्ट देखें


    नई दिल्ली
    । साल का आखिरी महीना दिसंबर शुरू होने वाला है और अगर आपको बैंक से जुड़े कोई महत्वपूर्ण काम निपटाने हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दिसंबर 2025 के लिए बैंकिंग छुट्टियों की लिस्ट जारी की है। इस महीने कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे, जो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अवकाशों, त्योहारों और वीकेंड्स के कारण होंगे।

    चूंकि ये छुट्टियां राज्यों और शहरों के हिसाब से अलग-अलग हैं, इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए ग्राहकों को अपने क्षेत्र की छुट्टियों की पूरी सूची पहले से चेक कर लेनी चाहिए। इससे ब्रांच विजिट, चेक क्लियरिंग, लोन प्रोसेसिंग या अन्य जरूरी बैंकिंग काम में रुकावट नहीं आएगी।

    दिसंबर की शुरुआत में क्षेत्रीय अवकाश

    दिसंबर के पहले हफ्ते में कुछ राज्य और शहरों में विशेष छुट्टियां पड़ रही हैं। इनमें शामिल हैं:1 दिसंबर: इंडिजिनस फेथ डे, अरुणाचल प्रदेश में बैंक बंद  3 दिसंबर: सेंट फ्रांसिस जेवियर डे, गोवा में अवकाश 12 दिसंबर: पा तोगन नेंगमिंजा संगमा दिवस मेघालय में बैंक बंद इस दौरान अगर आपको बैंक जाना है तो अपनी योजना अनुसार अवकाश की जानकारी लेना जरूरी है।मध्य दिसंबर के महत्वपूर्ण अवकाश महीने के मध्य में भी कुछ महत्वपूर्ण त्योहार और क्षेत्रीय अवकाश हैं:

    18 दिसंबर: गुरु घासीदास जयंती / यू सोसो थम पुण्यतिथि छत्तीसगढ़, मेघालय
    19 दिसंबर: मुक्ति दिवस Liberation Day गोवा इन दिनों बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी, इसलिए चेक क्लियरिंग या ब्रांच विजिट की योजना पहले से बनाना लाभदायक रहेगा। क्रिसमस और साल के अंत का लंबा ब्रेक 24-31 दिसंबर साल के अंत में कई राज्यों में बैंकिंग कामकाज पर बड़ा असर पड़ेगा।

    इस अवधि में प्रमुख छुट्टियां इस प्रकार हैं:
    24 दिसंबर: क्रिसमस ईव मेघालय, मिजोरम

    25 दिसंबर: क्रिसमस डे राष्ट्रीय अवकाश, अधिकांश राज्यों में

    26 दिसंबर: क्रिसमस शहीद उधम सिंह जयंती मेघालय, मिजोरम, तेलंगाना, हरियाणा

    27 दिसंबर: गुरु गोबिंद सिंह जयंती हरियाणा पंजाब, हिमाचल प्रदेश

    30 दिसंबर: यू कियांग नांगबाह दिवस / तामु लोसर मेघालय, सिक्किम

    31 दिसंबर: नए साल की पूर्व संध्या मिजोरम, मणिपुर इस लंबी छुट्टियों की श्रृंखला के दौरान बैंक शाखाओं में कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं होगी।

    नेट बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी

    हालांकि, छुट्टियों के बावजूद नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) सेवाएं नियमित रूप से चालू रहेंगी। इसलिए ग्राहक इन डिजिटल विकल्पों के जरिए अपने दैनिक लेन-देन कर सकते हैं।
     ग्राहकों को सुझाव दिया जाता है कि वे चेक क्लियरिंग, लोन प्रोसेसिंग और ब्रांच विजिट जैसे महत्वपूर्ण कामों की योजना दिसंबर की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए बनाएं। छुट्टियों के अनुसार पहले से तैयारी करने से किसी भी तरह की असुविधा या देरी से बचा जा सकता है।

  • साउथ अफ्रीका सीरीज से टीम इंडिया के ये 4 खिलाड़ी बाहर, जाने वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में कौन-कौन शामिल

    साउथ अफ्रीका सीरीज से टीम इंडिया के ये 4 खिलाड़ी बाहर, जाने वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में कौन-कौन शामिल

    नई दिल्‍ली । साउथ अफ्रीका के खिलाफ 30 नवंबर से होने जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 23 नवंबर (रविवार) को हुई. इस वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी केएल राहुल संभालते नजर आएंगे. नियमित कप्तान शुभमन गिल नेक इंजरी के चलते सेलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे, वहीं श्रेयस अय्यर भी इंजरी के कारण अभी कुछ महीनों तक क्रिकेटिंग एक्शन से दूर रहने वाले हैं. इसी वजह से विकेटकीपर बल्लेबाज राहुल को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.

    भारतीय टीम ने आखिरी ओडीआई सीरीज पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की धरती खेली थी. तब शुभमन गिल अगुवाई में टीम इंडिया को तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे टीम का हिस्सा रहे चार खिलाड़ी साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी ओडीआई सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे.

    इनमें शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज शामिल हैं. शुभमन और श्रेयस का चोट के चलते बाहर रहना तय था. वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत रेस्ट दिया गया है. जबकि बाएं हाथ के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ड्रॉप हुए.

    ऋतुराज-तिलक की लंबे समय बाद वापसी
    इन चारों के स्थान पर ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत को वनडे टीम में चुना गया है. ऋतुराज ने भारत के लिए आखिरी वनडे इंटरनेशनल मुकाबला 19 दिसंबर 2023 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही गकेबरहा में खेला था. जबकि तिलक वर्मा भी अपना आखिरी ओडीआई मुकाबला 21 दिसंबर 2023 को इसी टीम के खिलाफ पार्ल में खेलने उतरे थे. अब दोनों खिलाड़ियों की लगभग 2 साल बाद वनडे टीम में वापसी हुई है.

    ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा की बात करें, तो दोनों आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद पहली बार भारत की वनडे टीम में शामिल किए गए हैं. हालांकि पंत को चैम्पियंस ट्रॉफी में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था. पंत सेकेंड चॉइस विकेटकीपर के तौर पर वनडे टीम में चुने गए हैं. पंत का आखिरी ओडीआई मुकाबला 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के विरुद्ध कोलंबो में था. बाकी के 11 खिलाड़ी जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए हैं, वो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी ओडीआई सीरीज का पार्ट थे.

    केएल राहुल के लिए कप्तानी कोई नई चीज नहीं है. राहुल इससे पहले भी वनडे इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं. राहुल की कप्तानी में टीम इंडिया ने 12 में से 8 ओडीआई मुकाबले जीते. जबकि चार मैचों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा.

    साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम: केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह और ध्रुव जुरेल

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में ऐसी थी भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, यशस्वी जायसवाल और अर्शदीप सिंह.

    भारत vs साउथ अफ्रीका शेड्यूल

    पहला वनडे: 30 नवंबर, रांची
    दूसरा वनडे: 3 दिसंबर, रायपुर
    तीसरा वनडे: 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम
    पहला टी20: 9 दिसंबर, कटक
    दूसरा T20: 11 दिसंबर, मुल्लांपुर
    तीसरा T20: 14 दिसंबर, धर्मशाला
    चौथा T20: 17 दिसंबर, लखनऊ
    पांचवां T20: 19 दिसंबर, अहमदाबाद

  • स्मृति मंधाना ने परिवार को प्राथमिकता दी शादी स्थगित; जानिए नई तारीख कब हो सकती है

    स्मृति मंधाना ने परिवार को प्राथमिकता दी शादी स्थगित; जानिए नई तारीख कब हो सकती है

    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल के साथ अपनी शादी को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला उनके पिता श्रीनिवास मंधाना की अचानक स्वास्थ्य समस्या के कारण लिया गया। बताया जा रहा है कि उसी दिन रविवार को, जब समारोह होना था।
    श्रीनिवास मंधाना की तबियत बिगड़ गई।
    स्मृति अपने पिता के बेहद करीब हैं और उनका कहना है कि पहले पिता पूरी तरह स्वस्थ हों, उसके बाद ही शादी होगी। परिवार और टीम ने बताया कि रविवार सुबह उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण शादी स्थगित करने का यह निर्णय लिया गया।
    पिता की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
    स्मृति के मैनेजर तुहिन मिश्रा ने बताया कि श्रीनिवास मंधाना की तबियत तब अचानक बिगड़ी जब वे सुबह नाश्ता कर रहे थे। मिश्रा ने कहाहमने सोचा कि वह जल्दी ठीक हो जाएंगे लेकिन स्थिति गंभीर थी। हमने कोई रिस्क नहीं लिया और तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। फिलहाल वह ऑब्ज़र्वेशन में हैं। मिश्रा ने आगे कहा कि स्मृति ने अपने पिता की सेहत को प्राथमिकता देते हुए शादी को तब तक टालने का फैसला किया। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस समय परिवार की प्राइवेसी का सम्मान किया जाए।

    स्मृति का कहना है कि पहले उनके पिता पूरी तरह ठीक हों उसके बाद ही शादी आयोजित होगी।नई तारीख तय नहीं, समारोह अनिश्चितकाल के लिए स्थगितशादी की नई तारीख अभी तय नहीं की गई है। तुहिन मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, स्मृति स्पष्ट रूप से यह चाहती हैं कि पहले उनके पिता स्वस्थ हों। इसके बाद ही विवाह समारोह की नई योजना बनाई जाएगी।स्मृति के निर्णय ने परिवार टीम और प्रशंसकों में सहानुभूति और चिंता दोनों पैदा कर दी है।

    डॉक्टरों की रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति

    श्रीनिवास मंधाना के परिवार के डॉक्टर डॉ. नमन शाह ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे उन्हें सीने में दर्द एनजाइना हुआ। उनके बेटे ने तुरंत डॉक्टरों को सूचना दी। डॉक्टरों की टीम एम्बुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल ले गई।डॉ. शाह ने कहा ECG और अन्य रिपोर्ट्स में कार्डियक एंजाइम बढ़े हुए पाए गए, इसलिए उन्हें ऑब्ज़र्वेशन में रखा गया है। हमारी मेडिकल टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रख रही है।इस घटना के बाद स्मृति मंधाना की टीम और परिवार ने उनकी सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता दी है।

    खिलाड़ी और बेटी की जिम्मेदारी

    स्मृति मंधाना ने अपने पिता की सेहत को सबसे बड़ा महत्व दिया और शादी स्थगित कर यह संदेश दिया कि परिवार की प्राथमिकता कभी पीछे नहीं रह सकती। उनके निर्णय का समर्थन क्रिकेट जगत और प्रशंसकों ने किया है।स्मृति की शादी, जो बड़ी धूमधाम से आयोजित होने वाली थी, अब परिवार की अनुमति और स्वास्थ्य सुधार के बाद ही आयोजित होगी। इस समय परिवार और क्रिकेट प्रशंसक श्रीनिवास मंधाना की सेहत में सुधार की कामना कर रहे हैं।

  • नारायण मूर्ति का 996 वर्क कल्चर पर जोर, बोले- हफ्ते में 72 घंटे काम की आदत डालें युवा

    नारायण मूर्ति का 996 वर्क कल्चर पर जोर, बोले- हफ्ते में 72 घंटे काम की आदत डालें युवा

    नई दिल्ली। इन्फोसिस के को-फाउंडर (Infosys co-founder) नारायण मूर्ति (Narayana Murthy) ने हाल ही में युवाओं से कहा कि अगर भारत (India) को तेजी से विकास करना है, तो युवाओं को हफ्ते में 72 घंटे काम करने (Working 72 Hours Week.) की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने चीन के मशहूर “996 वर्क कल्चर” का उदाहरण देते हुए कहा, “सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन यानी 72 घंटे।”

    उनका तर्क था कि चीन जैसे देशों ने ऐसी मेहनती संस्कृति से तेज विकास हासिल किया। मूर्ति ने बताया कि उनकी कंपनी कैटामरन के कुछ अधिकारी चीन गए थे ताकि वे वहां की असली कामकाजी संस्कृति को समझ सकें। वहां एक कहावत है, “9, 9, 6” यानी “सुबह 9 से रात 9 तक, हफ्ते में 6 दिन।”

    ‘996’ वर्क कल्चर का मतलब है कि सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना। यानी कुल 72 घंटे काम करना, जो सामान्य कामकाजी घंटों से कहीं ज्यादा है। यह प्रथा खासकर चीन की टेक कंपनियों में ज्यादा प्रचलित थी।


    चीन में कैसे शुरू हुआ 996 कल्चर

    2010 के दशक में चीन की टेक इंडस्ट्री बहुत तेजी से बढ़ रही थी। मार्केट में आगे बढ़ने की होड़, कंपनियों की स्पीड और ज्यादा मेहनत की मांग ने ‘996’ को आम बना दिया। उस समय के कुछ मशहूर उद्यमी जैसे जैक मा ने इस कल्चर को एक प्रकार की ‘आशीर्वाद’ के रूप में प्रचारित किया।


    996 कल्चर का बुरा असर

    समय के साथ इन लंबे घंटों का बुरा असर दिखने लगा। कर्मचारियों में थकान, मानसिक तनाव, और काम-जीवन संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें आम हो गईं। कई कंपनियों में ज्यादा मेहनत के कारण बीमारियां और यहां तक कि मौत तक के मामले सामने आए। कर्मचारियों ने डिजिटल प्लेटफार्म पर 996 का विरोध किया और 2021 में चीन की सरकार ने इसे अवैध घोषित कर दिया।


    996 की कानूनी रोक के बाद क्या बदला?

    चीन की अदालतों ने साफ किया कि 996 नियम कानून के हिसाब से गलत है। फिर भी ये कल्चर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कई कंपनियों ने नए नाम से ओवरटाइम जारी रखा या नियमों में बदलाव किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में औसतन 48.5 घंटे प्रति सप्ताह काम अब भी होता है, जो कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से ज्यादा है।


    दुनिया के दूसरे देशों में काम के घंटे

    यूरोप जैसे देशों में जहां औसतन बहुत कम घंटे काम होता है (जैसे नीदरलैंड्स में 32.1 घंटे/सप्ताह), वहीं भारत और चीन जैसे देशों में हफ्ते के 50 घंटे से ज्यादा आम बात है। शोध बताते हैं कि ज्यादा घंटे काम करने से उत्पादकता बढ़ती नहीं, बल्कि 50 घंटे के बाद और गिरने लगती है।

    भारत के लिए उत्पादकता या लंबे घंटे?
    भारत में भी लंबे कामकाजी घंटे आम हैं, पर उत्पादकता अभी भी कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, असली जरूरत काम के घंटों को बढ़ाने की नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके, टेक्नोलॉजी, कौशल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादकता बढ़ाने की है।


    स्मार्ट वर्क, न कि हार्ड वर्क

    चीन के अनुभव से यही सीख मिलती है कि विकास के लिए जरूरी है कि काम की गुणवत्ता और श्रमिकों की सेहत पर ध्यान दिया जाए, न कि केवल घंटों की संख्या बढ़ाई जाए। कंपनियों और नीतिगत स्तर पर संतुलित और व्यावहारिक बदलाव ही टिकाऊ विकास ला सकते हैं​।

  • टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम का ऐलान, लंबे समय बाद केन विलियमसन वापसी

    टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम का ऐलान, लंबे समय बाद केन विलियमसन वापसी

    आकलैंड। न्यूजीलैंड (New Zealand) के स्टार बल्लेबाज (Star batsman) केन विलियमसन (Kane Williamson) की टेस्ट टीम में वापसी हो गई है। न्यूजीलैंड क्रिकेट (New Zealand Cricket.) ने 2 दिसंबर से वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैच की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के लिए 14 खिलाड़ियों के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। इस स्क्वॉड में विलियमसन के अलावा डेरिल मिशेल का नाम भी शामिल हैं, जिन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोट लगी थी। जबकि पेस तिकड़ी जैकब डफी, जकारी फाउल्केस और ब्लेयर टिकनर को पहले टेस्ट के लिए 14 खिलाड़ियों की टीम में शामिल किया गया है।

    विलियमसन ने इस साल जुलाई की शुरुआत में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर रहने का फैसला किया था। वह न्यूजीलैंड के लिए आखिरी टेस्ट दिसंबर 2024 में खेले थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले विलियमसन खुद को तैयार करने के लिए प्लंकेट शील्ड के दूसरे राउंड में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के लिए भी खेलेंगे। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को 2023 के बाद पहली बार टीम में शामिल किया गया है, जबकि काइल जैमीसन को टीम में नहीं रखा गया है, क्योंकि वह रेड-बॉल क्रिकेट में सावधानी से वापसी कर रहे हैं।

    विलियमसन ने इस साल जुलाई की शुरुआत में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर रहने का फैसला किया था। वह न्यूजीलैंड के लिए आखिरी टेस्ट दिसंबर 2024 में खेले थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले विलियमसन खुद को तैयार करने के लिए प्लंकेट शील्ड के दूसरे राउंड में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के लिए भी खेलेंगे। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को 2023 के बाद पहली बार टीम में शामिल किया गया है, जबकि काइल जैमीसन को टीम में नहीं रखा गया है, क्योंकि वह रेड-बॉल क्रिकेट में सावधानी से वापसी कर रहे हैं।

    ग्लेन फिलिप्स, जो प्लंकेट शील्ड के पहले राउंड में खेले थे, उन्हें भी शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वह कमर की चोट के बाद पूरी तरह से मैच फिटनेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। विलियमसन, जो कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों के ग्रुप में हैं, इस साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे में न्यूजीलैंड की सबसे हालिया टेस्ट सीरीज में द हंड्रेड टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के चलते नहीं खेल पाए थे। T20I से रिटायरमेंट की घोषणा करने के बाद, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो ODI खेले, जिसके बाद उन्हें ग्रोइन में चोट लग गई।

    हेड कोच रॉब वाल्टर ने केन विलियमसन की वापसी पर कहा, “फील्ड पर केन की काबिलियत खुद ही सब कुछ बयां करती है और टेस्ट ग्रुप में उनकी स्किल्स और लीडरशिप का वापस आना बहुत अच्छा होगा। उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट के लिए खुद को तैयार करने के लिए थोड़ा समय मिला है, और मुझे पता है कि वह पहले टेस्ट से पहले प्लंकेट शील्ड के दूसरे राउंड में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के लिए खेलने का इंतजार कर रहे हैं।”

    न्यूजीलैंड की टीम: टॉम लैथम (कप्तान), टॉम ब्लंडेल (विकेट कीपर), माइकल ब्रेसवेल, डेवॉन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाउल्केस, मैट हेनरी, डेरिल मिशेल, रचिन रवींद्र, मिशेल सेंटनर, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर, केन विलियमसन, विल यंग

  • पौराणिक वैभव का डिजिटल रूपांतरण, उज्जैन को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान

    पौराणिक वैभव का डिजिटल रूपांतरण, उज्जैन को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान


    उज्जैन
    । उज्जैन की पौराणिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। यह पहल शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ उसे वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

    यह योजना स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर एसपीए भोपाल द्वारा तैयार की गई है। इसके तहत उज्जैन के मंदिरों, धार्मिक कथाओं और अमूर्त सांस्कृतिक स्मृतियों को डिजिटल रिपोजिटरी इंटरैक्टिव तकनीक, स्टोरीटेलिंग एप्स और बोर्ड गेम्स के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को उज्जैन की विरासत से जोड़ना है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शहर की सांस्कृतिक महत्ता को उजागर करना है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह डिजिटल मॉडल सिंहस्थ 2028 के आयोजन से पहले उज्जैन को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है।

    इसे देखते हुए पहले ही शहर में सड़क चौड़ीकरण, हवाई सेवाओं के विस्तार और रेल सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारियाँ तेज हो चुकी हैं। इसी कड़ी में यह डिजिटल परियोजना उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप में दुनिया तक पहुंचाने का एक अनूठा प्रयास है।

    योजना के तहत उज्जैन की धार्मिक कथाओं, मंदिरों के इतिहास और स्थानीय परंपराओं को डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा। इसमें इंटरैक्टिव मैप्स, आभासी टूर, 3डी मॉडलिंग, एनीमेशन और स्टोरीटेलिंग ऐप्स शामिल होंगे। इससे न केवल श्रद्धालु और पर्यटक, बल्कि शोधकर्ता और इतिहासकार भी आसानी से शहर की सांस्कृतिक धरोहर तक पहुँच सकेंगे। इस डिजिटल संग्रहालय और रिपोजिटरी में शहर के मंदिरों, प्राचीन स्थलों और पौराणिक कथाओं का विस्तृत विवरण रखा जाएगा, जो उज्जैन के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित करेगा।

    एसपीए के विशेषज्ञों ने बताया कि यह परियोजना केवल तकनीकी दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। डिजिटल माध्यम से युवा पीढ़ी को शहर की विरासत से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, यह पहल स्थानीय कलाकारों, कथाकारों और इतिहासकारों को अपनी कला और ज्ञान साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

    शहर के पर्यटन विभाग ने इस पहल को उज्जैन के वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में अहम कदम बताया है। विभाग के अनुसार, डिजिटल तकनीक के माध्यम से तैयार यह परियोजना शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होगी। इसके साथ ही यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को भी मजबूती प्रदान करेगी।

    उज्जैन में पौराणिक वैभव और आधुनिक डिजिटल तकनीक का यह संगम, आने वाले समय में शहर को न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में एक प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने में निर्णायक साबित होगी और शहर को आधुनिक युग की डिजिटल विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।