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  • MP में एलपीजी संकट: रायसेन में चक्काजाम, भोपाल में डॉक्टरों को भूखे पेट ड्यूटी का खतरा

    MP में एलपीजी संकट: रायसेन में चक्काजाम, भोपाल में डॉक्टरों को भूखे पेट ड्यूटी का खतरा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट पिछले पांच दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई न मिलने से जूझ रहे हैं। कई होटलों में केवल 24 घंटे का स्टॉक बचा है, जिससे खान-पान व्यवस्था ठप होने के कगार पर है। लोग वैकल्पिक तौर पर इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन घरेलू रसोई और हॉस्पिटल किचन की समस्याएं और भयावह हो गई हैं।

    सबसे ज्यादा उग्र स्थिति रायसेन में देखने को मिली। सागर रोड स्थित गैस एजेंसी पर सुबह 5 बजे से कतार में खड़े सैकड़ों लोगों का धैर्य जवाब दे गया। सुबह 10 बजे तक एजेंसी नहीं खुली तो लोगों ने खाली सिलेंडर सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। एक महिला ने कहा, “मैं सुबह 7 बजे ही घर का सारा काम छोड़ एजेंसी पहुंच गई थी। घर में न चाय बनी, न बच्चों के लिए खाना। खाली सिलेंडर लेकर दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।”

    रायसेन में चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और उपभोक्ताओं को समझाइश देकर शांत किया। प्रदर्शन के कारण सागर रोड पर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं और आवागमन बाधित रहा। एजेंसी संचालक का कहना है कि भोपाल से आ रहा सिलेंडर ट्रक रास्ते में पंक्चर हो गया था, इसलिए डिलीवरी में देरी हुई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ट्रक पहुंचते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

    राजधानी भोपाल में भी हालात गंभीर हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एलपीजी संकट के कारण हॉस्टल मेस, जेडीए कैंटीन और मरीजों के सेंट्रलाइज्ड किचन की प्रोडक्शन क्षमता 50% तक घट गई है। मेस संचालकों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, बुकिंग पर 25 दिन की वेटिंग दी जा रही है। वैकल्पिक उपाय के तौर पर डीजल भट्ठियों का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन उन पर चाय और रोटी बनाना संभव नहीं।

    संकट बढ़ता रहा तो रेजिडेंट डॉक्टरों को खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। एलपीजी संकट ने राज्य में खाद्य सुरक्षा, रेस्टॉरेंट व्यवसाय और हॉस्पिटल संचालन को सीधे प्रभावित कर दिया है।

  • रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई

    रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई


    नई दिल्ली। सलमान अली आगा ने ढाका वनडे में हुए विवादित रन-आउट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच खेले गए इस मुकाबले के बाद यह घटना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई है।

    मैच के बाद मीडिया से बातचीत में आगा ने कहा कि उनके हिसाब से इस तरह की स्थिति में खेल भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि वह गेंद बढ़ाकर बांग्लादेश के कप्तान को वापस देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान उन्हें रन-आउट कर दिया गया। आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। मैं मेहंदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। ऐसी स्थिति में इसे डेड बॉल भी करार दिया जा सकता था।”

    “मैं रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा था”
    आगा ने पूरी घटना को विस्तार से बताया कि गेंद पहले उनके पैड और फिर बैट पर लगी थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि अब गेंद खेल में एक्टिव नहीं रह रही है और वे बस गेंद बढ़ाकर वापस देने की कोशिश कर रहे थे।

    उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन ढूंढ नहीं रहा था, लेकिन उन्होंने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। हालांकि आगा ने यह भी माना कि बांग्लादेश की टीम ने नियमों के भीतर रहते हुए ही यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि यह सही है तो यह उनका फैसला है, लेकिन वह खुद ऐसी स्थिति में अलग-अलग तरीकों से व्यवहार करते।

    गुस्से पर भी दी सफाई
    रन-आउट होने के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज़ नज़र आए थे। उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए थे और मैदान पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों से भिड़ंत बहस भी हुई थी।

    इस पर सफाई देते हुए आगा ने कहा कि उस समय वह भावनाओं में बह गए थे। उन्होंने माना कि उस पल में उनकी प्रतिक्रिया गुस्से में आई और शायद कुछ चीज़ों को अलग-अलग तरीकों से संभाला जा सकता था।

    लिटन दास से भी हुई बहस
    इस घटना के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी और बांग्लादेश के विकेटकीपर लिटन दास के बीच भी भिड़ंत बहस देखने को मिली थी।

    आगा ने इस पर कहा, “मुझे याद नहीं कि मैं क्या कह रहा था और वह क्या कह रहे थे। मुझे यकीन है कि मैं अच्छी बातें नहीं कह रहा था और वह भी नहीं कह रहे थे। लेकिन वह उस पल की गर्मी थी, इसलिए अब सब ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक उनकी मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं हुई है, लेकिन वह जल्द ही उनसे बात करेंगे।

    विवादित रन-आउट कैसे हुआ था
    यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। बॉलिंग कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान।

    रिजवान ने बॉल को हल्के हाथों से बॉलर की दिशा में खेला। बॉल पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े होकर टक्कर मार दी। बॉल रुक गई थी, इसलिए आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया और बॉल बढ़कर मिराज को देने लगे।

    इस बीच मिराज ने बॉल लेकर सीधे स्टिफ्ट्स पर थ्रो कर दिया। उस समय आगा क्रीज से बाहर थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों की अपील के बाद मामला तीसरे अंपायर के पास गया और उन्हें रन-आउट दे दिया गया।

    पाकिस्तान ने मैच जीता
    मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली।

    बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन से मुकाबला जीत लिया।

    ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है। आगा ने साफ कहा है कि वे अभी तक मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं की है, लेकिन जल्द ही उनसे बातचीत कर इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगे।

  • बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर दी सफाई

    बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर दी सफाई


    नई दिल्ली। मेहदी हसन मिराज की कप्तानी वाली बांग्लादेश नेशनल क्रिकेट टीम और पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। मैच में पाकिस्तान ने शानदार जीत हासिल करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर कर ली, लेकिन मुकाबले के नतीजे से ज्यादा चर्चा एक विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है।

    यह रन-आउट पाकिस्तान के ऑलराउंडर सलमान अली आगा का था, जिसे कई लोगों ने खेल भावना के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपोर्ट्स तक इस घटना पर बहस छिड़ गई। पाकिस्तान के खिलाड़ी भी इस फैसले से खासे नाराज नजर आए और मैच के बाद भी इस पर नतीजे आते रहे।

    कैसे हुआ विवादित रन-आउट?
    यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। उस समय गेंदबाजी कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान। रिजवान ने गेंद को हल्के हाथों से गेंदबाज की दिशा में खेल दिया।

    गेंद को पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड परस्टैंड सलमान अली आगा आये में टक्कर मारे गए। गेंद वहीं रुक गई थी और आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया। वह गेंद बढ़ने मिराज को देने लगे, लेकिन इसी बीच मिराज ने गेंद लेकर सीधे स्टंप पर थ्रो कर दिया।

    उस समय आगा क्रीज के बाहर खड़े थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने तुरंत अपील की और मामला तीसरे अंपायर के पास गया। रीप्ले देखने के बाद तीसरे अंपायर ने आगा को रन-आउट करार दे दिया। इस फैसले के बाद मैदान पर ही बहस शुरू हो गई और कई लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया।

    कैप्टन मिराज ने अपनी सफाई दी
    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश के कैप्टन मेहदी हसन मिराज ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी खिलाड़ी को गलत तरीके से आउट करना नहीं था।

    मिराज ने कहा, “मेरा इरादा सिर्फ गेंद को रोकने और संभावित रन को बचाने का था। वह क्रीज से बाहर थे और मैं गेंद की तरफ जा रहा था। अगर मैं गेंद को मिस कर देता तो वह आसानी से रन ले सकते थे, इसलिए मैंने स्टंप पर थ्रो करने का फैसला किया।”

    उनके अनुसार यह पूरी तरह खेल की स्थिति के हिसाब से लिया गया फैसला था और इसमें कोई गलत भावना शामिल नहीं थी। हालांकि, क्रिकेट फैंस और एथलीटों के बीच इस पर बहस अभी भी जारी है।

    पाकिस्तान खिलाड़ियों की नाराजगी
    रन-आउट के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज दिखे। पवेलियन लौटते समय उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए। मैदान पर मौजूद पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई।

    कमेंट्री कर रहे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने भी इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खेल भावना सबसे अहम होती है और खिलाड़ियों को ऐसे मौकों पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    पाकिस्तान ने दर्ज की बड़ी जीत
    अगर मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली।

    बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की पूरी टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन के बड़े अंतर से मैच जीत लिया।

    ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट की हो रही है। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने अपनी सफाई दे दी है, लेकिन यह घटना क्रिकेट में खेल भावना और नियमों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ गई है।

  • भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल

    भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल


    भोपाल। शनिवार तड़के राजधानी में हुई गैंगवार ने लोगों को दहला दिया। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के अशोका गार्डन स्थित घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमला शादाब गेट और उसके गिरोह के 8 से 10 साथियों ने किया। हमले में लल्लू रईस के बेटे इमरान के पैर में गोली लगी है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां भी बदमाशों ने घुसकर फायरिंग की। गोली अस्पताल की खिड़कियों और दीवारों पर लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लल्लू रईस ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी उन पर हमला किया गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

    पुलिस के मुताबिक मामला अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दोनों थानों की पुलिस आरोपी बदमाशों की तलाश में जुट गई है।

    लल्लू रईस ने घटना के सिलसिले को बताते हुए कहा कि शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे शादाब गेट, शावर, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज सहित 8-10 लोग उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने उनके बेटे इमरान का पीछा करते हुए घर तक आकर पीछे से उस पर गोली चलाई। इमरान ने जान बचाने के लिए घर के अंदर घुसकर गेट लॉक कर लिया, लेकिन इसी बीच एक गोली उसके पैर को छूती हुई लगी।

    लल्लू रईस का कहना है कि यह हमला दो साल पहले की रंजिश का नतीजा है। इमरान ने दो साल पहले शादाब गेट के भाई पर हमला किया था, जिसमें उसकी उंगलियां कट गई थीं। इसी बदले की भावना में शनिवार की सुबह फायरिंग की गई।

    लल्लू रईस ने बताया कि आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चलाते हैं। वह इनके काले कारनामों के वीडियो बनाकर उजागर करते हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई करती है और अवैध कारोबार बंद हो जाते हैं। इसी कारण से आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे।

    एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमीदिया अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भय का माहौल बना दिया है।

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  • 18 साल बाद भी ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ से कमाई कर रहे अनिल कपूर, फिटनेस और समर्पण का उदाहरण

    18 साल बाद भी ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ से कमाई कर रहे अनिल कपूर, फिटनेस और समर्पण का उदाहरण


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में एक भावुक और प्रेरक किस्सा साझा किया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। 69 साल के अनिल कपूर ने बताया कि 18 साल पहले उन्होंने फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में एक छोटा सा रोल मुफ्त में किया था। उन्होंने यह रोल केवल सीखने और अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से स्वीकार किया था, लेकिन आज यह फिल्म उनके लिए करोड़ों रुपये कमाने का जरिया बन चुकी है।

    अनिल कपूर ने बताया कि हाल ही में उन्हें फिल्म के लिए 3,000 पाउंड (लगभग साढ़े तीन लाख रुपये) का चेक मिला। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर यह राशि करीब आधा मिलियन पाउंड (लगभग 6 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। मैंने इसके लिए कभी पैसे नहीं मांगे थे, लेकिन टीम ने मुझे भुगतान किया। यह फिल्म मैंने सिर्फ सीखने और अनुभव हासिल करने के लिए की थी।”

    फिल्म और पैसे के अनुभव के बाद अनिल ने अपनी फिटनेस और जीवनशैली पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं 69 साल की उम्र में भी तेज दौड़ सकता हूं और चलना मुझे बहुत पसंद है। अपनी उम्र के अनुसार मैंने खुद को फिट रखा है। जब मैं किसी अन्य अभिनेता को वजन उठाते देखता हूं, तो मैं भी उतना ही वजन उठाता हूं। मैं अपने शरीर की सुनता हूं और उसे चुनौती देता हूं।”

    अपने अभिनय और रोल पर उन्होंने कहा, “मैं जो भी रोल करता हूं, वह मेरी उम्र और अनुभव के अनुसार होता है। मुझे हमेशा लगता रहा है कि दर्शकों के विचार से पहले खुद को ढालना चाहिए। मैं अपने काम को बहुत पसंद करता हूं और जब तक सक्रिय हूं, जिंदगी बहुत खूबसूरत है।”

    अनिल कपूर का यह अनुभव बताता है कि एक कलाकार का समर्पण, सीखने का जज्बा और निरंतर फिटनेस उसे समय के साथ भी प्रासंगिक बनाए रख सकते हैं। उनके अनुभव से नए कलाकारों को प्रेरणा मिलती है कि अभिनय केवल पैसे कमाने का जरिया नहीं, बल्कि सीखने और खुद को सुधारने का अवसर होना चाहिए।

    इस कहानी से यह स्पष्ट होता है कि अनिल कपूर ने अपने करियर में अनुभव, मेहनत और सीखने के जज्बे को प्राथमिकता दी, जो उन्हें आज भी बॉलीवुड में सफल और प्रेरक बनाए रखता है।

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  • चेहरे में जमी Tanning की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक

    चेहरे में जमी Tanning की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक


    नई दिल्ली। आज के समय में देखा जाता है कि महिलाएं अपने चेहरे को सुंदर और ग्लोइंग बनाने के लिए मार्केट से कई सारे प्रोडक्ट लाती हैं, जबकि उसका उतना अच्छा रिस्पांस उन्हें नहीं मिल पाता है। कई बार बार-बार धूप में जाना काम करना इसके साथ ही घर पर भी स्किन केयर को ज्यादा अच्छे से फॉलो ना कर पाने की वजह से आपके चेहरे काफी डैमेज हो जाते हैं कई प्रकार की स्किन प्रॉब्लम आपको होने लगती है। सबसे छुटकारा पाने के लिए आपके घर में ही एक खास स्क्रब तैयार करना चाहिए तो चलिए उसके बारे में बताते हैं।

    घर में ही बना सकती हैं होममेड स्क्रब
    अगर आप भी अपने फेस की खूबसूरती को बढ़ाना चाहती हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर में आसानी से डी टैन स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि इसको बनाने के लिए कुछ सामग्री की जरूरत पड़ेगी।

    बनाने के लिए उसकी सामग्री
    शहद
    चावल का आटा
    ग्लिसरीन
    नारियल तेल

    स्क्रब बनाने का तरीका
    इसको बनाने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा चावल का आटा लें।फिर इसमें थोड़ा सा शहद और ग्लिसरीन मिला लें।अब सभी को अच्छे से मिक्स कर लें और नारियल तेल मिक्स करें।इन सभी चीजों को तब तक फेंटे, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।अब इसको स्क्रब को मिक्स कर लें, और इसको एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें।इस स्क्रब को आप रात में सोने से पहले फेस पर 30-40 मिनट के लिए लगाएं।अब कच्चा दूध हाथ में लेकर हल्के हाथों से फेस की मसाज करें।

    इन बातों का रखें ध्यान
    अगर आप इसको पहली बार इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले स्क्रब टेस्ट जरूर करें। इस स्क्रब को लगाने के बाद आपके चेहरे में कई प्रकार के बदलाव आए ना शुरू हो जाएंगे हफ्ते में दो-तीन बार अगर आप इस स्क्रब को लगती हैं तब धीरे-धीरे आपका चेहरा साफ होने लगेगा और काफी निखार आने लगेगा हालांकि इसके साथ-साथ आपको अपने खान-पान पर भी पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि आपका चेहरा हमेशा अच्छा और ताजगी भरा रहे ताकि आपको मार्केट के बड़े प्रोडक्ट की जरूरत ना पड़े।

  • अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला

    अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला


    नई दिल्ली। पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित टी20 लीग ‘द हंड्रेड 2026’ में सनराइजर्स लीड्स ने साइन किया है। भारत में क्रिकेट फैन्स का विरोध भले तेज हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या अबरार का IPL जैसा हाल होगा, जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को BCCI के आदेश पर IPL 2026 से हटाया गया था।

    दरअसल, जनवरी 2026 में BCCI ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग से हटाने का आदेश दिया था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने BCCI के निर्देश पर उन्हें रिलीज किया और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी शामिल किया। अब सवाल है कि क्या अबरार पर वही कार्रवाई हो सकती है।

    हालांकि, स्थिति बिल्कुल अलग है। IPL में BCCI का पूरा नियंत्रण होता है, जबकि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अधिकार क्षेत्र में आता है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। किसी खिलाड़ी को ‘द हंड्रेड’ से हटाने का निर्णय केवल ECB के नियम और प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है।

    अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने £1,90,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में खरीदा। टीम की CEO काव्या मारन, जो IPL में भी Sunrisers Hyderabad की CEO हैं, नीलामी में मौजूद थीं। जैसे ही घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स ने विरोध शुरू कर दिया और कई अकाउंट्स को सस्पेंड करना पड़ा।

    ‘द हंड्रेड’ के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी केवल तब रिप्लेसमेंट रोस्टर में शामिल हो सकता है, जब उसने ऑक्शन या वाइल्डकार्ड ड्राफ्ट के लिए रजिस्ट्रेशन किया हो। किसी फ्रेंचाइजी की इच्छा पर खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जा सकता। असाधारण स्थिति में टीम ECB की Competition Technical Committee को लिखित अनुरोध भेज सकती है, और मंजूरी मिलने पर ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन किया जा सकता है।

    लीग के नियमों के अनुसार हर टीम को 100 गेंदों में बल्लेबाजी का मौका मिलता है। गेंदबाज लगातार 5 या 10 गेंद फेंक सकते हैं, एक मैच में अधिकतम 20 गेंद। हर टीम को 25 गेंद का पावरप्ले मिलता है, जिसमें केवल 2 फील्डर 30 यार्ड सर्कल के बाहर खड़े हो सकते हैं। मैच की अवधि लगभग 2.5 घंटे होती है। जीतने वाली टीम को 4 अंक मिलते हैं, जबकि टाई या बारिश की स्थिति में दोनों टीमों को 2-2 अंक।

    संक्षेप में, अबरार अहमद IPL की तरह BCCI आदेश से नहीं हटाए जा सकते। उनका भविष्य पूरी तरह ECB के नियम और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। भारतीय फैन्स का विरोध जितना तेज है, लेकिन फ्रेंचाइजी और बोर्ड की सीमित भूमिका के कारण फिलहाल अबरार ‘द हंड्रेड 2026’ में खेलते रहेंगे।

  • आज मसूरी में कुलदीप यादव वंशिका के साथ लेंगे सात फेरे! मेहमानों को मिलेगा पहाड़ी स्वाद का तड़का, जानिए कौन-कौन होगा शामिल

    आज मसूरी में कुलदीप यादव वंशिका के साथ लेंगे सात फेरे! मेहमानों को मिलेगा पहाड़ी स्वाद का तड़का, जानिए कौन-कौन होगा शामिल


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर Kuldeep Yadav आज अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शाही शादी Mussoorie के मशहूर Welcomhotel by ITC Hotels, The Savoy में हो रही है। शादी समारोह के लिए होटल को फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से खूबसूरती से सजाया गया है। मेहमानों के स्वागत के लिए होटल प्रबंधन की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके में शादी का उत्साह देखने को मिल रहा है।

    क्रिकेट सितारों से सजेगा समारोह
    कुलदीप यादव की शादी में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समारोह में Suryakumar Yadav, Suresh Raina, Mohammad Kaif, Ravindra Jadeja, Rinku Singh, Nitish Rana, Mohit Sharma, Jitesh Sharma और RP Singh जैसे खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। वहीं Yuzvendra Chahal पहले ही मसूरी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा टीम इंडिया के फील्डिंग कोच T. Dilip भी इस समारोह में मौजूद रहेंगे। शादी समारोह को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। होटल परिसर में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और होटल प्रबंधन ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।

    खाने में मिलेगा पहाड़ी स्वाद
    कुलदीप यादव की शादी Uttarakhand में हो रही है, इसलिए मेन्यू में पहाड़ी व्यंजनों को खास जगह दी गई है। मेहमानों को पारंपरिक उत्तराखंडी खाने का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। मेन्यू में शामिल खास पहाड़ी डिशेज: मडुवे की रोटी और लाल चावल, गहत की दाल, फाणु और चैंसू, कंडाली का साग और कुमाऊंनी रायता, भांग की चटनी, झंगोरे की खीर ये सभी व्यंजन उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और स्वाद को दर्शाते हैं।

    बचपन की दोस्त हैं वंशिका
    कुलदीप यादव और वंशिका बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों Kanpur के रहने वाले हैं। कुलदीप लाल बंगलो इलाके में रहते हैं, जबकि वंशिका श्याम नगर में रहती हैं। वंशिका ने Melbourne से पढ़ाई की है और फिलहाल Life Insurance Corporation of India में कार्यरत हैं। वह लाइमलाइट से दूर रहती हैं, लेकिन कुलदीप के करियर के उतार-चढ़ाव में हमेशा उनका साथ देती रही हैं। कुलदीप और वंशिका की सगाई पिछले साल 4 जून को हुई थी। पहले नवंबर में शादी की योजना थी, लेकिन क्रिकेट शेड्यूल के कारण इसे टाल दिया गया था। अब शादी के बाद 17 मार्च को Lucknow में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    Jitesh Sharmakuldeep yadavmohit sharmanitish rana

  • अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए ये देश हैं सबसे ज्यादा सेफ… भारत टॉप 100 में भी नहीं

    अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए ये देश हैं सबसे ज्यादा सेफ… भारत टॉप 100 में भी नहीं


    नई दिल्ली।
    दुनिया भर में महिलाओं (Women) के बीच अकेले यात्रा करना बहुत लोकप्रिय हो गया है लेकिन किसी जगह को चुनते समय सुरक्षा (Security) सबसे बड़ी चिंता होती है. हाल ही में एक लिस्ट जारी हुई है जिसमें बताया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा (Women’s Safety) के मामले में नॉर्डिक (Nordic) और पश्चिमी देश (Western countries) सबसे ऊपर है. यानी ये देश सोलो ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सेफ हैं. जबकि इस लिस्ट में भारत टॉप 100 देशों में भी शामिल नहीं है।

    अमेरिका के जॉर्जटाउन इंस्टीट्यूट फॉर वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी ने पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के साथ मिलकर दि वीमेन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) द वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) इंडेक्स 2025-26 पब्लिश किया है. यह इंडेक्स 181 देशों को तीन मुख्य पैमानों के आधार पर रैंक करता है।

    2025-26 के WPS इंडेक्स के अनुसार, नॉर्डिक और पश्चिमी यूरोपीय देश इस रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं जहां लैंगिक भेदभाव वाली नीतियों की कमी, समाज में महिलाओं की सुरक्षा ज्यादा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कम मामले दर्ज किए गए हैं. इस लिस्ट में भारत 131वें स्थान पर रहा और वो टॉप 100 में भी जगह नहीं बना सकता है।


    1. डेनमार्क

    डेनमार्क महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश के तौर पर वैश्विक रैंकिंग में सबसे ऊपर है. यह देश सुरक्षा, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में बहुत अच्छा स्कोर करता है. यहां के सरकारी संस्थानों और कानूनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं जो इसे अकेले ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश बनाता है.


    2. नॉर्वे

    नॉर्वे लगातार लैंगिक समानता और सुरक्षा के मामले में सबसे अच्छे देशों में से एक रहा है. अच्छी व्यवस्था, भेदभाव के खिलाफ मजबूत नीतियां और सार्वजनिक सुरक्षा की भावना WPS इंडेक्स में इसकी हाई रैंकिंग में योगदान देती हैं.


    3. आइसलैंड

    आइसलैंड अपनी प्रगतिशील लैंगिक समानता वाली नीतियों और वर्कप्लेस पर महिलाओं की भागीदारी के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है. देश में अपराध के कम मामले और मजबूत कानून इसे अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए एक आरामदायक जगह बनाता है।


    4. स्वीडन

    स्वीडन में लैंगिक समानता और पीड़ितों को न्याय दिलाने वाली मजबूत कानूनी प्रणाली पर विशेष जोर दिया जाता है जो इसे वैश्विक सुरक्षा इंडेक्स में शीर्ष स्थान पर बनाए रखने में मदद करता है. यहां का सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बहुत विकसित है और यहां की संस्कृति सुरक्षा के साथ-साथ सभी को साथ लेकर चलने यानी समावेश को प्राथमिकता देती है जिससे महिलाओं और नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित होता है.


    5. फिनलैंड

    फिनलैंड शिक्षा, सामाजिक समानता और सुरक्षा संकेतकों के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन करता है. साक्षरता के मामले में ऊपर, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत कानूनी सुरक्षा इसे महिला यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और स्वागत योग्य जगह के तौर पर इसकी प्रतिष्ठा में योगदान देती हैं.

    इसके अलावा लक्जमबर्ग बेल्जियम नीदरलैंड्स ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड टॉप 10 देशों में बाकी स्थानों पर हैं।

  • ईरान ने भारत से बुलाए 180 नौसैनिक, कोच्चि से उड़ान भरेंगे; अमेरिकी हमले में मृतकों के शव भी लौटाए जा रहे

    ईरान ने भारत से बुलाए 180 नौसैनिक, कोच्चि से उड़ान भरेंगे; अमेरिकी हमले में मृतकों के शव भी लौटाए जा रहे



    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक संवेदनशील कूटनीतिक मिशन अंजाम दिया है। ईरान ने अपने युद्धपोत IRIS Lavan के लगभग 180 गैर-जरूरी नौसैनिकों को भारत के कोच्चि से स्वदेश लौटाने की विशेष व्यवस्था की है। साथ ही, श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी हमले में मारे गए नौसैनिकों के शव भी भारत के माध्यम से ईरान भेजे जा रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, जहाज को 1 मार्च को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति मिली थी और यह 4 मार्च से कोच्चि में खड़ा है। जहाज पर कुल 183 चालक दल मौजूद थे, जिन्हें भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया था। अब 180 गैर-जरूरी नाविकों को तुर्की एयरलाइन की उड़ान से पहले आर्मेनिया ले जाया जाएगा, और वहां से सड़क मार्ग के जरिए ईरान भेजा जाएगा। जबकि कुछ तकनीकी और आवश्यक कर्मचारी जहाज पर ही रहेंगे।

    यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला किया था। इस हमले में कुल 130 नाविक सवार थे, जिनमें से 32 को बचा लिया गया, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं।

    भारत इस समय गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश में रसोई गैस की कमी और जनजीवन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत ने अपने बंदरगाहों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची से चार बार फोन पर बातचीत कर सुरक्षा और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

    भारतीय नौसेना ने ईरान की विशेष परिवहन मांग को पूरा किया। कोच्चि से उड़ान भरने वाले नौसैनिक और शवों की सुरक्षित हवाई व सड़क मार्ग से वापसी क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-ईरान कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। यह मिशन मध्य पूर्व युद्ध और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच बेहद संवेदनशील और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।