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  • भारतीयों पर दोहरी मार! अमेरिका में ग्रीन कार्ड की राह और मुश्किल

    भारतीयों पर दोहरी मार! अमेरिका में ग्रीन कार्ड की राह और मुश्किल


    वाशिंगटन/दुबई।
    अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने संकेत दिया है कि भारी मांग के कारण भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार आधारित पहली प्राथमिकता यानी ईबी-1 श्रेणी के ग्रीन कार्ड आने वाले हफ्तों में अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं हो सकते। दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान तनाव ने खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 90 लाख भारतीय प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

    एक तरफ अमेरिका में ग्रीन कार्ड की लंबी कतार और कोटा खत्म होने का खतरा है, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा, यात्रा और रोजगार को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है।

    ईबी-1 ग्रीन कार्ड पर कोटा खत्म होने का खतरा

    अमेरिकी विदेश विभाग के सितंबर वीजा बुलेटिन के मुताबिक, भारतीय आवेदकों की भारी संख्या के कारण वित्त वर्ष के 30 सितंबर को समाप्त होने से पहले ईबी-1 श्रेणी में भारत के लिए उपलब्ध वीजा संख्या खत्म हो सकती है।

    विभाग ने हालांकि कहा है कि वह वीजा उपलब्धता पर लगातार नजर रख रहा है। परिस्थितियों के अनुसार वीजा संख्या और तारीखों में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं।

    ईबी-1 श्रेणी में आमतौर पर असाधारण क्षमता वाले पेशेवरों, प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों के अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों को शामिल किया जाता है। भारतीय पेशेवरों के बीच इस श्रेणी की काफी मांग रहती है।

    अक्टूबर 2022 तक की प्राथमिकता तारीख वालों को मौका

    सितंबर के लिए भारत की ईबी-1 श्रेणी की अंतिम कार्रवाई तारीख 15 अक्टूबर 2022 तय की गई है। इसका सीधा मतलब है कि सामान्य परिस्थितियों में उन्हीं भारतीय आवेदकों के मामलों पर अंतिम कार्रवाई की जा सकती है, जिनकी प्राथमिकता तारीख 15 अक्टूबर 2022 से पहले की है।

    इससे नई प्राथमिकता तारीख वाले आवेदकों के लिए इंतजार और लंबा होने की आशंका है। हालांकि, वीजा उपलब्धता बदलने के साथ आगे तारीखों में भी बदलाव संभव है।

    खाड़ी में करीब 90 लाख भारतीयों की बढ़ी चिंता

    ग्रीन कार्ड की परेशानी के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के सामने एक अलग संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब में रहने वाले करीब 90 लाख भारतीय प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।

    पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बनने के बाद अमेरिका ने क्षेत्र के लिए दूसरी सबसे ऊंची श्रेणी की यात्रा चेतावनी जारी की है। वहीं, यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के लिए अपनी विमानन चेतावनी को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है।

    अमेरिका-ईरान तनाव से क्या हो सकता है असर?

    इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने पर हवाई यात्रा, कारोबार और आवाजाही प्रभावित हो सकती है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, ऐसे में किसी बड़े सैन्य टकराव का असर उनके रोजगार, यात्रा और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा कि एक महीने की शांति खत्म करने की वजह यह थी कि ईरान अपने रडार और मिसाइल सिस्टम को दोबारा तैयार करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेनाएं एक और हमले के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, ईरान की तरफ से भी लगातार जवाबी हमले किए जाने की बात कही गई है।

    आगे की तस्वीर क्यों अहम है?

    भारतीयों के लिए मौजूदा स्थिति दो मोर्चों पर चुनौतीपूर्ण है। अमेरिका में ईबी-1 वीजा की उपलब्धता और प्राथमिकता तारीखों पर नजर रखना जरूरी होगा, जबकि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा और उड़ानों से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे।

    यदि अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के साथ-साथ वहां से जुड़े व्यापार और यात्रा पर भी पड़ सकता है। वहीं, अमेरिका में ग्रीन कार्ड चाहने वाले भारतीयों के लिए वीजा बुलेटिन में आने वाले बदलाव यह तय करेंगे कि उनकी प्रतीक्षा अवधि कितनी बढ़ती है।

  • घंटों लगातार बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हर अतिरिक्त घंटे से कैंसर से मौत का खतरा

    घंटों लगातार बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हर अतिरिक्त घंटे से कैंसर से मौत का खतरा

    लंदन। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को लेकर एक बड़े अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोध के मुताबिक, रोजाना बिना ब्रेक लंबे समय तक बैठे रहने की अवधि में हर अतिरिक्त एक घंटा कैंसर से मौत के 9% अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया। वहीं, बैठने के समय के एक घंटे को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर कैंसर से मौत का जोखिम 12% कम देखा गया।

    यह अध्ययन ग्लासगो विश्वविद्यालय के फ्रेडरिक हो और उनके सहयोगियों ने किया है। शोध में लगातार बैठे रहने और कैंसर से जुड़े कई स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध का विश्लेषण किया गया।

    सिर्फ कैंसर से मौत ही नहीं, कई प्रकार के कैंसर से संबंध

    अध्ययन में लंबे समय तक लगातार बैठे रहने और कैंसर से मृत्यु के बढ़े जोखिम के बीच संबंध पाया गया। इसके अलावा, कुल कैंसर होने तथा मोटापे से जुड़े कई कैंसर के मामलों से भी लंबे समय तक बैठे रहने का संबंध सामने आया।

    इनमें भोजन नली, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, बड़ी आंत, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर शामिल थे।

    एक घंटे बैठने की जगह हल्की गतिविधि से फायदा

    अध्ययन का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी रहा कि लगातार बैठे रहने के समय को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर जोखिम कम होने का संबंध पाया गया। शोध के मुताबिक, यदि लगातार बैठने के एक घंटे की जगह हल्की गतिविधि की जाए तो कैंसर से मौत का जोखिम 12% तक कम पाया गया।

    इससे संकेत मिलता है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में बहुत कठिन व्यायाम के बजाय छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बीच-बीच में उठना बन सकता है बचाव का तरीका

    शोध में लगातार बैठने की अवधि को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ने के भी सकारात्मक संकेत मिले। ऐसा करने पर अध्ययन में शामिल सभी प्रमुख स्वास्थ्य परिणामों में जोखिम कम होने का संबंध पाया गया।

    यानी लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने के बजाय समय-समय पर उठना, कुछ कदम चलना या हल्की गतिविधि करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    क्या संदेश देता है अध्ययन?

    अध्ययन के निष्कर्ष लंबे समय तक बैठे रहने वाली आधुनिक जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत बताते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो काम, यात्रा या अन्य कारणों से दिन का बड़ा हिस्सा लगातार बैठे हुए बिताते हैं, बैठने के लंबे दौर को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ना महत्वपूर्ण हो सकता है।

    हालांकि, अध्ययन में सामने आए आंकड़े संबंध (association) को दर्शाते हैं; इन्हें यह साबित करने के तौर पर नहीं पढ़ना चाहिए कि लगातार बैठना अकेले ही कैंसर का कारण बनता है।

  • मोहम्मद मुइज्जू की यात्रा से पहले मालदीव की सैन्य विमान देने की तैयारी में पाकिस्तान?

    मोहम्मद मुइज्जू की यात्रा से पहले मालदीव की सैन्य विमान देने की तैयारी में पाकिस्तान?


    नई दिल्ली।
    मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की अक्टूबर में प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर पाकिस्तान की तैयारियों का एक कथित गोपनीय दस्तावेज सामने आया है। दस्तावेज के मुताबिक, पाकिस्तान मालदीव को अपने इस्तेमाल किए हुए सैन्य विमान देने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसके अलावा मालदीव की वायुसेना के लिए बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षण, तकनीकी और वित्तीय सहायता देने की योजना भी प्रस्तावित है।

    दस्तावेज में इस पूरे प्रयास को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध मजबूत करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदम के तौर पर बताया गया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों ने इसके रणनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं।

    13 अगस्त की चिट्ठी में क्या है?

    दावे के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को पाकिस्तान स्थित मालदीव के उच्चायोग ने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान रक्षा मंत्रालय को एक गोपनीय पत्र भेजा। इस पत्र की जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

    दस्तावेज के अनुसार, 20 से 22 अक्टूबर के बीच मालदीव के साथ एक बड़ी सैन्य डील को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत संबंधित विभाग इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में बताए गए हैं।

    पत्र में यह सुझाव भी दिया गया है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा के दौरान समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर की घोषणा की जा सकती है।

    सैन्य विमान के साथ ट्रेनिंग और तकनीकी मदद का प्रस्ताव

    गोपनीय दस्तावेज में केवल सैन्य विमान उपलब्ध कराने की बात ही नहीं है। प्रस्ताव में मालदीव की वायुसेना के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और तकनीकी सहायता देने का भी उल्लेख है।

    इसके साथ वित्तीय सहयोग की संभावना भी बताई गई है। यानी पाकिस्तान का प्रस्ताव केवल सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मालदीव के रक्षा ढांचे में अपनी भूमिका बढ़ाने की दिशा में भी देखा जा रहा है।

    रक्षा विशेषज्ञ ने भारत की सुरक्षा से जोड़ा मामला

    रक्षा मामलों के जानकार कर्नल सीबी भगत का कहना है कि भारत और मालदीव के बीच पहले से अच्छे संबंध हैं। उनके मुताबिक, ऐसे में पाकिस्तान की ओर से मालदीव के साथ सैन्य उपकरणों की डील की कोशिश को केवल सामान्य रक्षा सहयोग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

    उनका मानना है कि हिंद महासागर में भारत के बेहद करीब स्थित मालदीव की वायुसेना में पाकिस्तानी सैन्य विमानों की मौजूदगी क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को प्रभावित कर सकती है। भगत के अनुसार, इसके पीछे भारत के लिए रणनीतिक चुनौती पैदा करने की कोशिश हो सकती है।

    पाकिस्तान खुद चीन पर कितना निर्भर?

    पाकिस्तान के रक्षा क्षेत्र की अपनी सीमाएं भी इस प्रस्ताव के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। रक्षा उत्पादन के मामले में पाकिस्तान का सैन्य औद्योगिक ढांचा सीमित है और वह अपने प्रमुख हथियारों की जरूरत के लिए चीन पर काफी निर्भर है।

    दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के प्रमुख हथियारों के आयात में चीन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही।

    ऐसे में मालदीव को सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने की पाकिस्तान की कोशिश को क्षेत्रीय रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव का वास्तविक स्वरूप और दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता होने की स्थिति आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी।

    मुइज्जू की अक्टूबर यात्रा पर नजर

    मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की अक्टूबर में प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से अहम मानी जा रही है। यदि रक्षा सहयोग को लेकर सहमति बनती है, तो यात्रा के दौरान किसी समझौते या MoU की घोषणा की संभावना जताई गई है।

    फिलहाल सामने आए दस्तावेज में प्रस्तावित रक्षा सहयोग की जानकारी है। इसे अंतिम सैन्य समझौता मानने से पहले दोनों देशों की आधिकारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई का इंतजार करना होगा।

  • भोपाल में 8 हजार कारोबारियों को नोटिस, 190 दुकानें सील: चौथे दिन बदली तस्वीर, मामला सुप्रीम कोर्ट में

    भोपाल में 8 हजार कारोबारियों को नोटिस, 190 दुकानें सील: चौथे दिन बदली तस्वीर, मामला सुप्रीम कोर्ट में


    भोपाल । राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कारोबार के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई अचानक धीमी पड़ गई है। तीन दिनों तक लगातार कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने 190 प्रतिष्ठानों को बंद कराया लेकिन चौथे दिन शहर में एक भी सीलिंग नहीं हुई। कार्रवाई रुकने के साथ ही छोटे व्यापारियों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग कार्रवाई को लेकर विवाद और तेज हो गया है। उधर रहवासियों नगर निगम और नगरीय प्रशासन के अधिकारी अपने-अपने पक्ष के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    भोपाल में 31 अगस्त से शुरू हुई कार्रवाई के पहले दिन नगर निगम ने 109 प्रतिष्ठानों को बंद कराया था। इसके बाद 1 सितंबर को 61 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की गई जबकि 2 सितंबर को केवल 20 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इस तरह तीन दिनों में कुल 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। लेकिन चौथे दिन 3 सितंबर को शहर में कहीं भी सीलिंग नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि टीम हाईकोर्ट में जमीन से जुड़े मामलों में व्यस्त रही जिसके कारण सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद कार्रवाई में आई इस अचानक नरमी को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

    मामले में रहवासियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर पक्षपात का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि अरेरा कॉलोनी के जिन बड़े मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर रहवासियों ने शिकायतें की थीं उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी आधार पर रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज पेश कर अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में छोटे और बड़े प्रतिष्ठानों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    इस बीच नगरीय प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी दिल्ली पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार और निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने इस मामले में वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों से भी चर्चा की है। 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में नगर निगम कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट और आगे की स्थिति स्पष्ट कर सकता है।

    सीलिंग कार्रवाई के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना है कि इस कार्रवाई से भोपाल के व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता तलाशने का प्रयास कर रही है जिससे कानून का पालन भी हो और आम लोगों तथा व्यापारियों को अनावश्यक नुकसान भी न उठाना पड़े। मंत्री ने भोपाल के मास्टर प्लान को जल्द जारी करने की बात भी कही है। ऐसे में सीलिंग विवाद के बीच मास्टर प्लान को लेकर सरकार का अगला फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नगर निगम अब तक एक महीने के भीतर 8 हजार से अधिक दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी कर चुका है। कई स्थानों पर 24 घंटे के भीतर रहवासी भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कई दुकानदारों ने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद करने के पोस्टर और बैनर भी लगा दिए।

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से जुड़ा हुआ है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और हाईकोर्ट से दुकानदारों को मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। अब 15 सितंबर की सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि भोपाल में सीलिंग कार्रवाई दोबारा तेज होगी या सरकार और प्रभावित व्यापारियों के लिए कोई नया समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल 190 सीलिंग के बाद चौथे दिन की जीरो कार्रवाई ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

  • MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी

    MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में 4 सितंबर को जन्मष्टामी (Janmashtami) के दिन मॉनसूनी गतिविधियां (Monsoon activities) तेज रहने का अनुमान है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी जारी की है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के असर से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।


    दिल्ली-NCR में पड़ सकते हैं बारिश के दौर

    दिल्ली-NCR में शुक्रवार को ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश के साथ गरज-चमक होने का अनुमान है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. राजधानी के कई हिस्सों में बुधवार शाम हुई बारिश से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी. बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, 4 सितंबर को भी अचानक तेज बौछार, आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 सितंबर तक कहीं-कहीं से लेकर बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।


    मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश बारिश के प्रमुख केंद्रों में रह सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इससे पहले 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश हुई. कई जगहों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. राजनगर में 19 सेंटीमीटर और खजुराहो में 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।


    यूपी में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड का खतरा

    उत्तर प्रदेश में भी 4 सितंबर को मौसम खराब रहने के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी बड़े से लेकर व्यापक इलाके में बारिश हो सकती है. कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के कम से मध्यम खतरे की भी चेतावनी दी है. यह खतरा खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा हो सकता है जहां जमीन पहले से गिली है और लगातार बारिश हो रही है।


    उत्तर भारत के इन राज्यों में भी है रेन अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।


    पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

    पूर्वोत्तर भारत में भी 4 सितंबर को बारिश का दौर तेज रह सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।


    पश्चिम और दक्षिण भारत में होगी बारिश

    पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अलग-अलग से लेकर छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, तटीय कर्नाटक में कई जगहों से लेकर व्यापक इलाकों में बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

  • मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    भोपाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को पूरा मध्यप्रदेश कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जा रहा है। घर-घर गोकुल घर-घर गोपाल की संकल्पना के साथ 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए भव्य दर्शन की व्यवस्थाएं की गई हैं।

    श्रीकृष्ण पर्व के दौरान 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं भक्ति लोक परंपराओं और जीवन दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। नृत्य-नाटिका रासलीला भजन लोकगायन और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग प्रसंग मंच पर जीवंत किए जाएंगे। प्रदेश के 82 मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध लोक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी व्यापक मंच प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री निवास पर श्रीकृष्ण पर्व का विशेष आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री लड्डू गोपाल की प्रतिमा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केंद्रित पुस्तक भेंट करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री महू के जानापाव पहुंचकर परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। यहां भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका और प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर हरे कृष्ण लैंड रायसेन रोड पर जन्माष्टमी महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। यहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जा रहा है और थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूलों का उपयोग भी किया जाएगा। हरे कृष्ण महामंत्र का निरंतर कीर्तन होगा जबकि श्रीकृष्ण कथा और रुक्मिणी कल्याणम् नामक भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेगी।

    उज्जैन के नारायणा धाम में पांच दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता गुरु सांदीपनि आश्रम माखन चोरी जन्म और बाल लीलाओं से लेकर गीता उपदेश तक के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा और श्रीकृष्ण द्वारा 64 कलाओं व 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने की परंपरा को नृत्य-नाटिका के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    पन्ना अमझेरा और महिदपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी श्रीकृष्ण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित कार्यक्रम होंगे। मथुरा प्रवेश गोवर्धन धारण सुदामा मिलन और कालियानाग मानमर्दन जैसे प्रसंग लोक प्रस्तुतियों और नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से मंचित किए जाएंगे। ग्वालियर रायसेन इंदौर गुना छतरपुर शिवपुरी झाबुआ नीमच मंदसौर और मुरैना सहित कई जिलों में शाम को विशेष कार्यक्रम होंगे।

    जन्माष्टमी की रात भोपाल के इस्कॉन मंदिरों गोपाल मंदिर बांके बिहारी मंदिर बिड़ला मंदिर करुणा धाम और अन्य कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिरों में विशेष श्रृंगार अभिषेक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के आयोजन होंगे। कुल मिलाकर इस बार श्रीकृष्ण पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत लोक कला और नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास भी बनेगा।

  • नेपाल बाढ़ में भारत के लापता लोगों के परिजनों की बनेगी DNA प्रोफाइल… अज्ञात शवों से होगा मिलान

    नेपाल बाढ़ में भारत के लापता लोगों के परिजनों की बनेगी DNA प्रोफाइल… अज्ञात शवों से होगा मिलान


    नई दिल्ली।
    नेपाल (Nepal) में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ (Devastating floods) के बाद अपनों की तलाश कर रहे परिवारों के लिए भारत सरकार (India Government ) ने अहम कदम उठाया है. बाढ़ में लापता लोगों की पहचान के लिए अब भारत (India) में उनके करीबी रिश्तेदारों की DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इसके बाद इन DNA प्रोफाइल का मिलान नेपाल में मिले अज्ञात शवों से किया जाएगा।

    विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, भारत में रहने वाले लापता लोगों के फर्स्ट-डिग्री जैविक रिश्तेदारों के सैंपल लेकर DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इनमें माता-पिता, बेटा, बेटी और भाई-बहन शामिल हैं. इसके लिए भारत की केंद्रीय और राज्य स्तरीय फॉरेंसिक लैब की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    DNA प्रोफाइल बनाने के लिए अब सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL), राज्य फॉरेंसिक साइंस लैब (SFSL), नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की लैब और NABL से मान्यता प्राप्त उन लैब्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहाँ डीएनए प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध है।


    नेपाल पुलिस से होगा DNA का मिलान

    मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) ने बताया कि नेपाल पुलिस की सलाह के मुताबिक पहचान के लिए Autosomal STR DNA profiling कराई जा सकती है.इसके लिए नेपाल पुलिस ने तकनीकी जरूरतों की जानकारी भी साझा की है .DNA प्रोफाइल तैयार होने के बाद उसे जरूरी शुरुआती जानकारी के साथ नेपाल पुलिस को भेजा जा सकेगा।

    इन DNA प्रोफाइल को नेपाल पुलिस के ईमेल [email protected] पर भेजा जा सकता है. इससे नेापल में मिले अज्ञात शवों के DNA प्रोफाइल के साथ इनका मिलान और पहचान की जाएगी. भारत सरकार ने समन्वय के लिए एक और व्यवस्था की है. DNA प्रोफाइल की कॉपी काठमांडू के भारतीय दूतावास को [email protected] पर भेजी जा सकती है। इसके साथ ही लोगों की सहायता के लिए पुलिस का हेल्पलाइन नंबर +977 9841 6160 95 भी जारी किया गया है।


    1,259 लोगों की मौत, 5 हजार अब भी लापता

    नेपाल में पिछले हफ्ते आई त्रासदी से कई घर उजड़ गए. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई है.राहत और बचाव टीमों ने अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि करीब 5 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि काठमांडू के भारतीय दूतावास ने मंगलवार को पीड़ितों के शवों की पहचान से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया साझा की थी. अब गृह मंत्रालय की पहल से भारत में DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर पहचान की प्रक्रिया को और आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।

    बता दें कि 26 अगस्त को आया यह फ्लैश फ्लड नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद आई थी. इसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया है.अब DNA जांच की यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए उम्मीद के नए रास्ते खोलेगी जो अपने लापता परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

  • वार्ड सदस्य से राष्ट्रपति तक 280 चुनाव लड़ चुके धरतीपकड़ नहीं रहे…. 97 साल की उम्र में निधन

    वार्ड सदस्य से राष्ट्रपति तक 280 चुनाव लड़ चुके धरतीपकड़ नहीं रहे…. 97 साल की उम्र में निधन


    भागलपुर।
    वार्ड सदस्य (Ward Member) से राष्ट्रपति (President) तक चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाने वाले नागरमल बाजोरिया (Nagarmal Bajoria) उर्फ धरतीपकड़ (Dhartipakad.) नहीं रहे। पटना में इलाज के दौरान गुरुवार को 97 साल की उम्र में निधन हो गया। एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के समीप के रहने वाले नागरमल बाजोरिया ने कुल 280 चुनाव लड़कर रिकॉर्ड (Record Contesting 280 Elections) कायम किया था। नगर निकाय (वार्ड) से लेकर तमाम चुनावों में पर्चा दाखिल कर वे चर्चा में आए थे। इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा।

    धरतीपकड़ ने वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ नामांकन किया था और उन्होंने अपना आखिरी चुनाव 2019 में लड़ा था। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली। मनिहारी का व्यापार करने वाले बाजोरिया समाजसेवा से भी जुड़े रहे।


    पीएमसीएच में चल रहा था इलाज

    परिजन आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार रात नौ बजे पटना से भागलपुर लाया गया। जिले के पवित्र बरारी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। चार पुत्र और एक पुत्री के पिता धरतीपकड़ के परिवार में एक बेटे विजय बाजोरिया की मृत्यु हो चुकी है। शेष सतीश बाजोरिया, अजय बाजोरिया और दिलीप बाजोरिया व्यापार से जुड़े हैं। सतीश पिता की बनाई मनिहारी दुकान गोविंद चूड़ी भंडार में बैठते हैं। दिलीप पटना और अजय दिल्ली के कारोबार देखते हैं। बेटी मंजू देवी का पटना में ससुराल है। पौत्र सौरव बाजोरिया ने बताया कि करीब 10 से 15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उनका इलाज पीएमसीएच, पटना में चल रहा था।


    पाकिस्तान के लाहौर में जन्म, भागलपुर में बस गए

    चांद झुनझुनवाला ने बताया कि नागरमल बाजोरिया का जन्म वर्ष 1930 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। देश की आजादी से पहले ही उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया था। वह पूरे देश में 280 बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी समाजसेवा, कन्या विवाह के प्रति लगन, गरीब महिलाओं के प्रति सेवा की लगन, बच्चों की पढ़ाई के प्रति इनका समर्पण पूरी दुनिया में सबसे अनोखा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रहे रामगोपाल पोद्दार ने बताया कि नागरमल बाजोरिया की खासियत यह थी कि चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार का माध्यम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का एक जरिया था। बढ़ती उम्र के साथ नागरमल बाजोरिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।


    गधों के गले में तख्तियां डाल निकाली थी नामांकन रैली

    नागरमल बाजोरिया का चुनावी अभियान अनोखा रहा। उनकी पोषाक, उनके कपड़ों पर लिखे श्लोगन और उनकी नामांकन रैली सभी लोगों को ध्यान आकर्षित करने वाली होती थी। वर्ष 2005 के एक चुनाव के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए नामांकन रैली निकाली थी। स्टेशन चौक पर उनकी इस रैली को देखने वालों की भीड़ लगी थी। रैली में कुछ राजनीतिक टिप्पणी वाली तख्तियां गधों के गले में डालकर निकले थे, खूब सुर्खियां बनी थीं।


    निधन पर व‍िधायक ने जताया शोक

    भागलपुर व‍िधानसभा के भाजपा व‍िधायक रोह‍ित पांडेय ने नागरमल बाजोरिया के न‍िधन पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा क‍ि- नागरमल जी का जीवन प्रेरणादायी था। वहीं भाजपा की प्रदेश महामंत्री और पार्षद डॉ. प्रीति शेखर और मोंटी जोशी ने भी शोक जताया है।

  • पाकिस्तान के साथ नो डील…. बेल्जियम के PM ने मानी भारत की बात, हुए 10 बड़े समझौते

    पाकिस्तान के साथ नो डील…. बेल्जियम के PM ने मानी भारत की बात, हुए 10 बड़े समझौते


    नई दिल्ली।
    ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत (India) लगातार आक्रामक तरीके से पाकिस्तान (Pakistan) को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने बेल्जियम (Belgium) को कहा कि वह पाकिस्तान के साथ किसी प्रकार का रक्षा समझौता (Defence Agreement) नहीं करे और न ही किसी प्रकार की रक्षा तकनीक का हस्तांतरण करे। बेल्जियम ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए भारत को आश्वस्त किया है।


    बेल्जियम ने मानी भारत की बात

    सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन के साथ बातचीत के दौरान यह बात रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को रक्षा तकनीक देने का मतलब है कि उसका दुरुपयोग होना। यह तकनीकें आतंकियों तक पहुंच सकती हैं। इसलिए बेल्जियम उसे कोई तकनीक नहीं दे। बेल्जियम ने इस पर सहमति प्रकट की है। उन्होंने भारत को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई करार बेल्जियम नहीं करेगा।


    जापान को भी किया था आगाह

    मौजूदा समय में बेल्जियम के साथ पाकिस्तान का कोई रक्षा समझौता नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह इसके लिए प्रयासरत है। बता दें कि पिछले दिनों जब जापान के रक्षा मंत्री भारत आए थे तो भारत ने उन्हें भी आगाह किया था कि वे पाक को कोई रक्षा तकनीक हस्तांतरित नहीं करें। वहीं, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने बेल्जियम की रक्षा कंपनियों से आग्रह किया कि वे साझा सुरक्षा व समृद्धि के लिए विशिष्ट रक्षा उत्पादों के संयुक्त विकास और उत्पादन में भारत की विनिर्माण क्षमता और अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का भी लाभ उठाएं। फ्रैंकन ने संयुक्त प्रयासों के माध्यम से दोनों देशों की सेनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत यात्रा पर आए बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन संग द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा व औद्योगिक सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की तथा सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग वार्ता, यात्राओं, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने पर सहमति जताई है।


    चीन के प्रभुत्व को संतुलित करने में भारत सहायक

    बेल्जियम के रक्षा और व्यापार मंत्री थियो फ्रेंकेन ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमताओं के रणनीतिक महत्व पर बल देते हुए कहा है कि भारत के रक्षा-औद्योगिक आधार के विस्तार में उनके देश का प्रत्यक्ष सुरक्षा हित जुड़ा हुआ है। मजबूत भारतीय रक्षा क्षेत्र दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता लाएगा। यह भारत को एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव के सामने एक म उपयोगी संतुलनकर्ता बनाता है।


    भारत-बेल्जियम के हुए 10 समझौते

    1. रक्षा क्षेत्र में सहयोग की इच्छा
    2. बेल्जियम एवं भारत के रक्षा निर्माताओं के बीच एमओयू
    3. रिन्यूबल ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग
    4. सीबीआई और बेल्जियम संघीय पुलिस में समझौता
    5. कूटनीतिक प्रशिक्षण को करार
    6. ब्रुसेल्स में डिफेंस अटैची की नियुक्त
    7. फास्ट ट्रैक निवेश मैकेनिज्म की स्थापना
    8. व्यापार दोगुना करने की घोषणा
    9. इंडिया-बेल्जियम बिजनेस फोरम का गठन
    10. भारत और बेल्जियम के बीच कौंसुलर डायलाग की स्थापना

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास…. सर्वाधिक रन बनाने वाली नंबर-1 महिला क्रिकेटर बनी, मिताली को छोड़ा पीछा

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास…. सर्वाधिक रन बनाने वाली नंबर-1 महिला क्रिकेटर बनी, मिताली को छोड़ा पीछा


    दुबई।
    भारतीय महिला क्रिकेट (Indian Women’s Cricket) की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Women’s International Cricket) में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) को पीछे छोड़ दिया है। भारत ने महिला एशिया कप में मंधाना की शतक की बदौलत हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 20 ओवर में पांच विकेट पर 193 रन बनाए।


    मंधाना का शतक

    मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 36वां अर्धशतक लगाया। उन्होंने छक्का मारकर अर्धशतक पूरा किया था। हालांकि, इसके लिए उन्होंने 40 गेंदें लीं थीं। हालांकि, इसके बाद मंधाना ने सीधे चौथी गीयर में बल्लेबाजी की। उन्होंने अगले 50 रन के लिए केवल 17 गेंदें लीं। मंधाना ने 57 गेंद में टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक लगाया। स्मृति मंधाना ने 64 गेंद में 14 चौके और सात छक्के की मदद से 124 रन की पारी खेली। वह रन आउट हुईं।


    महान मिताली राज का कौन सा रिकॉर्ड टूटा?

    मंधाना के नाम अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,880 रन हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मिताली राज के 10,868 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मिताली लंबे समय तक इस सूची में शीर्ष पर थीं और भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। मिताली के बाद इस लिस्ट में सूजी बेट्स, शार्लोट एडवर्ड्स और स्टेफनी टेलर जैसी दिग्गज बल्लेबाज हैं।

    मिताली राज के संन्यास के बाद अब मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी स्टार के रूप में लगातार नए मुकाम हासिल कर रही हैं। स्मृति मंधाना ने सिर्फ मिताली का रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि महिला क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी के एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी दिया है।


    भारत के लिए टी20 में शतक का कौन सा रिकॉर्ड?

    भारत की महिला टीम की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक तीन शतक दर्ज किए गए हैं। स्मृति मंधाना ने इस सूची में दो बार अपना नाम दर्ज कराया है। उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में 112 रन की शानदार पारी खेली थी। हालांकि, मंधाना की 124 रन की पारी भारतीय महिला खिलाड़ी की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वहीं हरमनप्रीत कौर ने 2018 टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रन की पारी खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी।


    मंधाना का शतक के मामले में कौन सा रिकॉर्ड?

    स्मृति मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना लिया है। उनके नाम अब 18 अंतरराष्ट्रीय शतक हो गए हैं। वह इस सूची में ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट से आगे निकल गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की स्टार बल्लेबाज एल वोल्वार्ड्ट 17-17 शतकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज 15 शतकों के साथ चौथे और न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स तथा इंग्लैंड की टैमी ब्यूमोंट 14-14 शतकों के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं।


    महिला T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के

    स्मृति मंधाना ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ दुबई में खेली अपनी शानदार पारी के दौरान सात छक्के लगाए। इसके साथ ही उन्होंने भारत की महिला टीम के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। मंधाना के नाम अब इस फॉर्मेट में 95 छक्के हैं, जबकि हरमनप्रीत कौर ने 89 छक्के लगाए हैं।


    महिला टी20 एशिया कप का कौन सा रिकॉर्ड टूटा?

    स्मृति मंधाना ने महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 2026 में दुबई में हांगकांग के खिलाफ नाबाद 120 रन बनाए, जो इस टूर्नामेंट में अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने श्रीलंका की चमारी अटापट्टू का 2024 में मलयेशिया के खिलाफ बनाया गया नाबाद 119 रन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।


    महिला टी20 एशिया कप में सबसे बड़े टीम स्कोर

    महिला टी20 एशिया कप में सबसे बड़े टीम स्कोर के मामले में भारत का दबदबा नजर आता है। भारत ने 2024 में दांबुला में यूएई के खिलाफ 201/5 रन बनाकर टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर खड़ा किया था। वहीं 2026 में दुबई में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ भारत ने 193/5 रन बनाए, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है।