Blog

  • भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है

    भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है


    नई दिल्ली ।
    मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भी महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से मिलने की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखा। हर रविवार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में फैंस उनके आवास ‘जलसा’ के बाहर पहुंचे, जहां बिग बी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया। खराब मौसम के बावजूद प्रशंसकों का उत्साह और समर्पण देखकर अभिनेता भावुक नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग के माध्यम से सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि मौसम चाहे धूप का हो, ठंड का हो या फिर तेज बारिश का, उनके प्रशंसक हर सप्ताह उसी उत्साह और प्रेम के साथ उनसे मिलने आते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्नेह और अपनापन उन्हें हर बार भावुक कर देता है। उन्होंने बताया कि वह हाथ जोड़कर, हाथ हिलाकर और ऑटोग्राफ देकर अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके प्रेम का मूल्य शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

    मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को लेकर भी अभिनेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश जहां जलस्रोतों और झीलों के लिए लाभदायक है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। जलभराव, यातायात में बाधा और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और लोगों को राहत मिलेगी।

    अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने सभी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। अभिनेता ने कहा कि केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि जहां भी भारी बारिश का असर है, वहां रहने वाले सभी लोग सावधानी बरतें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के बाहर जमा बारिश का पानी परिसर के भीतर तक पहुंचता दिखाई दिया। लगातार बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर में बारिश से उत्पन्न चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा हुई।

    इसके बावजूद अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा को नहीं तोड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे फैंस ने बारिश की परवाह किए बिना अपने पसंदीदा अभिनेता की एक झलक पाने का इंतजार किया। अमिताभ बच्चन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और घर के बाहर आकर हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। यह दृश्य एक बार फिर उनके और उनके प्रशंसकों के बीच वर्षों से बने गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक बन गया।

    अमिताभ बच्चन लंबे समय से हर रविवार अपने आवास के बाहर फैंस से मुलाकात करते रहे हैं। देश और विदेश से आने वाले प्रशंसकों के लिए यह मुलाकात किसी विशेष अवसर से कम नहीं होती। खराब मौसम जैसी परिस्थितियां भी इस परंपरा और प्रशंसकों के उत्साह को प्रभावित नहीं कर सकीं। अभिनेता का यह व्यवहार उनके प्रशंसकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है।

    फिल्मी मोर्चे पर भी अमिताभ बच्चन आने वाले समय में एक बड़े प्रोजेक्ट के साथ दर्शकों के बीच नजर आएंगे। वह फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल ‘कल्कि 2’ में एक बार फिर अश्वत्थामा के अपने चर्चित किरदार को निभाते दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन सहित कई प्रमुख कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है।

  • 'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना

    'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना


    मुंबई।
    निर्देशक एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की कहानी या आधिकारिक घोषणा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित तस्वीर है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर फिल्म के सेट से लीक हुई है, जिसमें अभिनेता महेश बाबू भगवान राम के स्वरूप से मिलते-जुलते परिधान में नजर आ रहे हैं। हालांकि फिल्म निर्माताओं या कलाकारों की ओर से इस तस्वीर की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    वायरल तस्वीर में महेश बाबू पीले और भगवा रंग के वस्त्र पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके परिधान और लुक को देखकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे भगवान राम के वनवास काल से प्रेरित बताया है। हालांकि इंटरनेट पर तस्वीर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह फिल्म के सेट से लीक हुई वास्तविक तस्वीर है, जबकि कई यूजर्स इसे फैन-आर्ट या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई इमेज भी बता रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि के अभाव में तस्वीर की प्रामाणिकता स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महेश बाबू के इस कथित लुक की तुलना अभिनेता रणबीर कपूर के आगामी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ में उनके भगवान राम वाले किरदार से की जाने लगी। कई प्रशंसकों ने दोनों कलाकारों के संभावित स्क्रीन लुक पर अपनी राय साझा की, जबकि कुछ ने राजामौली की भव्य फिल्म निर्माण शैली की भी चर्चा की। सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    एसएस राजामौली की यह फिल्म पहले से ही अपने बड़े पैमाने और स्टारकास्ट के कारण चर्चा में है। फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। इसके अलावा अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि निर्माताओं ने अभी तक किसी भी भूमिका का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

    फिल्म से जुड़ी अधिकांश जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। राजामौली की फिल्मों की तरह इस प्रोजेक्ट को लेकर भी निर्माताओं ने कहानी और पात्रों से जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर तस्वीर और दावे को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी वायरल सामग्री की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    बताया जा रहा है कि फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है। दर्शकों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही काफी उत्साह है और अब कथित लीक तस्वीर ने चर्चा को और तेज कर दिया है। फिल्म से जुड़े आधिकारिक पोस्टर, टीजर या कलाकारों के लुक सामने आने तक वायरल तस्वीरों को केवल अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

  • आंधी और बारिश से यूपी में जनजीवन प्रभावित कई शहरों में सड़कें डूबी मौसम विभाग ने दी चेतावनी

    आंधी और बारिश से यूपी में जनजीवन प्रभावित कई शहरों में सड़कें डूबी मौसम विभाग ने दी चेतावनी


    उत्तरप्रदेश उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और सोमवार को कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रयागराज में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। वाराणसी भदोही और मिर्जापुर सहित कई पूर्वी यूपी के शहरों में भी तेज बारिश और आंधी ने लोगों को परेशान किया है।

    वाराणसी में हालात ऐसे रहे कि कई गलियों में पानी भर गया और गंगा नदी किनारे लगी जेटी तेज हवाओं की वजह से बह गई। वहीं बरेली में देर रात हुई बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं और जलभराव में कई ई रिक्शा पलटने की घटनाएं सामने आईं। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तेज धूप रही लेकिन बीच बीच में बादलों की आवाजाही भी देखी गई जिससे उमस बढ़ गई।

    मौसम विभाग के अनुसार इस समय बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम उत्तर ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है और इसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इस सिस्टम के पश्चिमी विक्षोभ से मिलने के कारण प्रदेश में अचानक तेज बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसी कारण मौसम विभाग ने राज्य के 57 शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। गाजियाबाद बलिया और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई जबकि लखनऊ और बाराबंकी में लगभग 45 मिनट तक चली आंधी और बारिश ने कई जगह पेड़ और बिजली के पोल तक गिरा दिए। हापुड़ में हाईवे पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं है और प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले 24 घंटों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है जिससे पूरे प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो सकता है।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

  • आमिर से पहले शाहरुख निभाने वाले थे लाला अमरनाथ का किरदार, कोविड के चलते अधूरी रह गई राजकुमार हिरानी की योजना

    आमिर से पहले शाहरुख निभाने वाले थे लाला अमरनाथ का किरदार, कोविड के चलते अधूरी रह गई राजकुमार हिरानी की योजना

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी लाला अमरनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म एक बार फिर चर्चा में है। अभिनेता आमिर खान और निर्देशक आशुतोष गोवारिकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर साथ काम करने जा रहे हैं। हालांकि अब सामने आई जानकारी के अनुसार, इस फिल्म की शुरुआती योजना कई वर्ष पहले अभिनेता शाहरुख खान और निर्देशक राजकुमार हिरानी के साथ बनाई गई थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह परियोजना कभी शुरू नहीं हो सकी।

    बताया जा रहा है कि शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी ने लाला अमरनाथ की जीवन यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारने की योजना बनाई थी। उस समय दोनों इस विषय को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे थे और फिल्म की प्रारंभिक रूपरेखा पर भी चर्चा हुई थी। शाहरुख को कहानी और किरदार दोनों पसंद आए थे तथा वे इस ऐतिहासिक भूमिका को निभाने के लिए उत्साहित बताए जाते थे।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह योजना उस दौर में बनी थी जब शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी अपनी-अपनी फिल्मों के बाद नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे थे। इसी दौरान लाला अमरनाथ की बायोपिक का विचार सामने आया। हालांकि विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण फिल्म उद्योग की गतिविधियां भी लंबे समय तक प्रभावित रहीं। इसके बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया और दोनों ने आगे चलकर दूसरी फिल्म पर साथ काम किया।

    अब वर्षों बाद यह कहानी नए रूप में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में है। आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर ने इस बायोपिक के लिए हाथ मिलाया है। दोनों इससे पहले एक सफल ऐतिहासिक फिल्म में साथ काम कर चुके हैं और अब एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए साथ लौट रहे हैं। फिल्म में आमिर खान लाला अमरनाथ का किरदार निभाते नजर आएंगे।

    बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी केवल एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर, उस समय के सामाजिक परिवेश और भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास को भी प्रमुखता से प्रस्तुत करेगी। इससे दर्शकों को लाला अमरनाथ के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

    फिल्म के निर्माण से जुड़े रचनात्मक पक्ष में भी अनुभवी नाम शामिल हैं। निर्माण की जिम्मेदारी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी संभालेंगे, जबकि पटकथा लेखन में राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी की भूमिका रहेगी। इससे परियोजना को मजबूत रचनात्मक आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं जिन्होंने देश के शुरुआती क्रिकेट दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन पर आधारित यह फिल्म खेल, इतिहास और व्यक्तिगत संघर्ष के कई पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की यह नई प्रस्तुति भारतीय क्रिकेट के इस ऐतिहासिक अध्याय को बड़े पर्दे पर किस तरह जीवंत करती है।

  • एक बार फिर साथ दिखेंगे अली फज़ल और ऋचा चड्ढा, नई कॉमेडी फिल्म में पहली बार निभाएंगे पति-पत्नी का किरदार

    एक बार फिर साथ दिखेंगे अली फज़ल और ऋचा चड्ढा, नई कॉमेडी फिल्म में पहली बार निभाएंगे पति-पत्नी का किरदार


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता अली फज़ल और अभिनेत्री ऋचा चड्ढा एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आने की तैयारी में हैं। लोकप्रिय जोड़ी की नई कॉमेडी फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस फिल्म में दोनों पहली बार पति-पत्नी के किरदार में दिखाई देंगे। लंबे समय बाद दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन वापसी को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्देशन शशि वर्मा करेंगे। कहानी दिल्ली की तेज रफ्तार जिंदगी, रोजमर्रा की चुनौतियों और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच पैदा होने वाले हल्के-फुल्के हास्य पर आधारित होगी। फिल्म में हास्य को जबरन शामिल करने के बजाय कहानी और पात्रों की स्वाभाविक परिस्थितियों से विकसित किया गया है, जिससे इसे एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है।

    अली फज़ल और ऋचा चड्ढा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह जताया है। उनका कहना है कि फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका सहज और वास्तविक हास्य है। दोनों कलाकारों का मानना है कि दर्शकों को ऐसी कॉमेडी पसंद आती है जो परिस्थितियों और किरदारों से स्वाभाविक रूप से उभरती है। यही पहलू उन्हें इस कहानी की ओर आकर्षित करने वाला प्रमुख कारण बना।

    दोनों कलाकारों ने यह भी बताया कि वास्तविक जीवन में पति-पत्नी होने के बावजूद किसी फिल्म में पहली बार वे इसी रिश्ते को पर्दे पर निभाएंगे। उनके अनुसार यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहेगा, क्योंकि निजी जीवन की सहज समझ अभिनय में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। फिल्म के माध्यम से वे दर्शकों के सामने एक नया और मनोरंजक रूप पेश करना चाहते हैं।

    निर्देशक शशि वर्मा ने कहानी को समकालीन शहरी परिवेश के अनुरूप तैयार किया है। फिल्म में रिश्तों, पारिवारिक जीवन और महानगर की भागदौड़ के बीच पैदा होने वाले हास्यपूर्ण घटनाक्रम को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह विषय सभी आयु वर्ग के दर्शकों से जुड़ाव स्थापित करेगा।

    अली फज़ल और ऋचा चड्ढा इससे पहले भी कई प्रोजेक्ट्स में साथ नजर आ चुके हैं और उनकी जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। दोनों की स्क्रीन केमिस्ट्री और सहज अभिनय उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। यही वजह है कि उनकी नई फिल्म को लेकर फिल्म प्रेमियों के बीच पहले से ही सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है।

    व्यक्तिगत जीवन में भी दोनों कलाकार लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। वर्षों तक एक-दूसरे को जानने और साथ काम करने के बाद उन्होंने विवाह किया। इसके बाद भी दोनों अपने पेशेवर जीवन में लगातार सक्रिय रहे और अलग-अलग फिल्मों तथा डिजिटल परियोजनाओं में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन करते रहे हैं।

    नई कॉमेडी फिल्म के साथ दोनों कलाकार एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। फिल्म की कहानी, विषय और दोनों की लोकप्रिय जोड़ी को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह परियोजना दर्शकों को हल्के-फुल्के मनोरंजन के साथ एक ताजगी भरा सिनेमाई अनुभव देने में सफल साबित हो सकती है।

  • बार बार होने वाला सिरदर्द हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

    बार बार होने वाला सिरदर्द हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी


    नई दिल्ली । नई दिल्ली से प्राप्त मेडिकल जानकारी के अनुसार सिरदर्द को अक्सर लोग सामान्य समस्या मानकर टाल देते हैं। थकान नींद की कमी तनाव या लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने के बाद होने वाला सिरदर्द आम माना जाता है और आराम करने या पानी पीने से ठीक भी हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता। जब यह समस्या बार बार होने लगे या इसके साथ शरीर में असामान्य बदलाव दिखाई देने लगें तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

    डॉक्टरों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर स्थिति के शुरुआती संकेत बहुत साधारण हो सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग इन्हें थकान या मानसिक दबाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दिमाग में जब असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं तो वे आसपास के हिस्सों पर दबाव डालती हैं। इस दबाव के कारण अलग अलग तरह के लक्षण सामने आ सकते हैं और यह इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर दिमाग के किस हिस्से में है और कितना बढ़ चुका है।

    अगर यह समस्या सोचने समझने या याददाश्त से जुड़े हिस्से को प्रभावित करती है तो व्यक्ति को भूलने की समस्या होने लगती है। ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत आती है और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है। कई लोग इसे उम्र या तनाव का असर मान लेते हैं जबकि यह गंभीर संकेत हो सकता है।

    यदि ट्यूमर दृष्टि से जुड़े हिस्से को प्रभावित करता है तो धुंधला दिखना दोहरी छवि दिखाई देना या नजर कमजोर होना जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में बोलने में कठिनाई या सही शब्द चुनने में परेशानी भी देखी जा सकती है। ये लक्षण धीरे धीरे बढ़ते हैं इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते।

    इसके अलावा दिमाग के संतुलन और मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाले हिस्से पर असर पड़ने से चलने में लड़खड़ाहट हाथ पैरों में कमजोरी और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो सकती है। कुछ मरीजों में व्यवहार में बदलाव चिड़चिड़ापन या सामाजिक दूरी भी बढ़ सकती है जिसे मानसिक तनाव समझ लिया जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि हर सिरदर्द खतरनाक नहीं होता लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि सिरदर्द लगातार बढ़ रहा हो बार बार हो रहा हो नींद से जगा रहा हो या पहले से अलग और अधिक तीव्र महसूस हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

    यदि सिरदर्द के साथ उल्टी संतुलन बिगड़ना नजर में बदलाव कमजोरी या मानसिक भ्रम जैसे लक्षण भी दिखें तो स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत जांच कराना जरूरी हो जाता है। समय पर पहचान और उपचार से कई गंभीर समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है इसलिए लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

  • शिमला मिर्च से बढ़ता है पोटैशियम? डायलिसिस मरीजों को क्यों रखनी चाहिए सावधानी

    शिमला मिर्च से बढ़ता है पोटैशियम? डायलिसिस मरीजों को क्यों रखनी चाहिए सावधानी


    नई दिल्ली । किडनी की बीमारी या डायलिसिस की स्थिति में खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से कई जरूरी मिनरल्स और अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण तत्व पोटैशियम है, जिसका संतुलन बिगड़ने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

    मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पोटैशियम का बढ़ना हाइपरकलेमिया कहलाता है, जो दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है और गंभीर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी वजह से डायलिसिस मरीजों को हमेशा लो-पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है।

    शिमला मिर्च को आमतौर पर एक हल्की और सुरक्षित सब्जी माना जाता है। पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम कच्ची हरी शिमला मिर्च में लगभग 170 से 180 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है। लाल और पीली शिमला मिर्च में यह मात्रा थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे अन्य कई सब्जियों और फलों की तुलना में कम पोटैशियम वाला भोजन माना जाता है।

    इसके अलावा शिमला मिर्च में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि डायलिसिस मरीज इसे पूरी तरह बंद करने की बजाय सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं। इसे मुख्य भोजन का बड़ा हिस्सा नहीं बनाना चाहिए और अन्य हाई-पोटैशियम फूड जैसे टमाटर या आलू के साथ मिलाकर अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।

    हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

  • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की बड़ी उपलब्धि, 104 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड हुए डिजिटल

    आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की बड़ी उपलब्धि, 104 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड हुए डिजिटल


    नई दिल्ली । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरकार की ओर से जारी फैक्टशीट के अनुसार, अब तक 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को 93 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही यह मिशन दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ नेटवर्क में शामिल हो गया है।

    सरकार के अनुसार, सितंबर 2021 में शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य पूरे देश में ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, प्रभावी और एक-दूसरे से जुड़ी हो सकें। इस व्यवस्था के जरिए मरीज अपने मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से संभाल सकते हैं। अस्पतालों में कागजी प्रक्रिया कम होती है, पंजीकरण और इलाज में लगने वाला समय घटता है तथा मरीज, डॉक्टर, अस्पताल और बीमा कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

    मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) के रूप में एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी उपलब्ध कराई जाती है। मरीज की सहमति के आधार पर यह आईडी उसके मेडिकल रिकॉर्ड को अस्पतालों, लैब, बीमा कंपनियों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से सुरक्षित तरीके से जोड़ती है।

    सरकार ने हाल ही में आरोग्य सेतु 2.0 को भी इस मिशन के तहत डिजिटल हेल्थ एप के रूप में लॉन्च किया है। इसके जरिए नागरिक ABHA अकाउंट बना सकते हैं, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख और प्रबंधित कर सकते हैं, टेली-कंसल्टेशन ले सकते हैं, अस्पताल में अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आसपास उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा वियरेबल डिवाइस के जरिए स्वास्थ्य की निगरानी की सुविधा भी उपलब्ध है।

    फैक्टशीट के मुताबिक, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की ‘स्कैन एंड शेयर’ सेवा ने अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को काफी आसान और तेज बना दिया है। 18 जून तक देशभर में 23.21 करोड़ से अधिक ABHA लिंक्ड डिजिटल टोकन जारी किए जा चुके हैं।

    सरकार ने बताया कि 18 जून तक इस योजना के तहत अस्पतालों को 107 करोड़ रुपये से अधिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैब और फार्मेसी को 2.95 करोड़ रुपये से ज्यादा तथा डिजिटल हेल्थ समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को 26 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है।

    इसके अलावा 2,200 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को ई-सुश्रुत क्लिनिक प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। सी-डैक द्वारा विकसित यह हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम छोटे अस्पतालों और क्लीनिकों को मरीजों के रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करने में मदद कर रहा है। सरकार का कहना है कि यह पहल देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर, तेज तथा पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल: कप्तान नेट साइवर-ब्रंट के अर्धशतक से इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 151 रन का लक्ष्य

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल: कप्तान नेट साइवर-ब्रंट के अर्धशतक से इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 151 रन का लक्ष्य


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने 151 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मुकाबले में कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी भरी नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि फ्रेया केम्प ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए उनका शानदार साथ निभाया।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 32 रन तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाज एमी जोंस और डैनी वायट-हॉज के विकेट गंवा दिए। एमी जोंस 6 रन और डैनी वायट-हॉज 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।

    इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और एलिस कैप्सी ने पारी संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। कैप्सी 20 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुईं। कुछ ही देर बाद हीदर नाइट भी केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जिससे इंग्लैंड का स्कोर 70 रन पर 4 विकेट हो गया।

    मुश्किल परिस्थिति में कप्तान ब्रंट ने फ्रेया केम्प के साथ शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 80 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 5 चौके शामिल रहे। वहीं, फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों में 44 रन बनाए और अपनी पारी में 4 चौके व 1 छक्का लगाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, कप्तान सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट हासिल किया।

    151 रन के लक्ष्य के साथ इंग्लैंड ने मुकाबले में खुद को बनाए रखा, लेकिन दूसरी पारी में उसे ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अनुशासित और आक्रामक गेंदबाजी की जरूरत थी। दूसरी ओर, छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी।

  • विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में डैनी वायट-हॉज का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, एक संस्करण में 300 रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज

    विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में डैनी वायट-हॉज का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, एक संस्करण में 300 रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज


    नई दिल्ली । इंग्लैंड की स्टार सलामी बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज ने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसे इससे पहले कोई भी महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर सकी थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में 8 रन की छोटी पारी खेलने के बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में अपने कुल रन 302 तक पहुंचाए और विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के एक ही संस्करण में 300 रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं।

    डैनी ने पूरे टूर्नामेंट में सात मैचों में 60.40 की शानदार औसत से 302 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 42 चौके और दो छक्के निकले। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने इंग्लैंड को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    उनकी सबसे यादगार पारी श्रीलंका के खिलाफ आई, जब उन्होंने नाबाद 105 रन बनाकर टीम को बड़ी जीत दिलाई। इसके बाद उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 16 रन, स्कॉटलैंड के विरुद्ध 7 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ 65 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 89 रन की शानदार पारी खेली। सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 12 रन का योगदान दिया और फाइनल में 8 रन जोड़कर इतिहास रच दिया।

    लॉर्ड्स में खेले गए खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 150 रन बनाए। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और एमी जोन्स जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और डैनी वायट-हॉज ने दूसरे विकेट के लिए 25 रन जोड़े। एलिस कैप्सी ने 23 रन बनाए, जबकि कप्तान नेट साइवर-ब्रंट 58 रन और फ्रेया कैंप 44 रन बनाकर नाबाद रहीं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 80 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य आसानी से हासिल कर सात विकेट से जीत दर्ज की और रिकॉर्ड सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड ट्रॉफी नहीं जीत सका, लेकिन डैनी वायट-हॉज का ऐतिहासिक रिकॉर्ड इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों में दर्ज हो गया।