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  • मप्र: हाजिरी पर सख्ती, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को किया गया चेक

    मप्र: हाजिरी पर सख्ती, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को किया गया चेक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद राजधानी भोपाल के तीन प्रमुख शासकीय कार्यालय (वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन) में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।

    गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग के दल द्वारा मंत्रालय, वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन एवं सतपुड़ा भवन में स्थित शासकीय कार्यालयों में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की प्रात: 10 बजे उपस्थित सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में जानकारी प्राप्ति की गई। इस दौरान सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। वहीं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा करने को कहा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नववर्ष-2026 के उपलक्ष्य में ली गई बैठक में निर्देश दिये थे कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन शासकीय निर्धारित समय प्रात: 10 से 6 बजे तक उपस्थित रहेंगे। गुरूवार को हुए आकस्मिक निरीक्षण में कई अधिकारियों का अपने दायित्व निर्वाहन किये जाने संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में भी उपस्थिति पाई गई।

    शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा ली जायेगी जानकारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शुक्रवार 27 फरवरी को प्रात: 10 से 10.30 के बीच मुख्य सचिव कार्यालय से भी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों को दूरभाष पर संपर्क कर उनके कार्यालय के अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की जायेगी।

  • एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी के कल्या

    Chief Minister

    ण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण के लिए इस साल बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रस्तावित है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले के शुभारंभ एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सागर जिले के रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती आल्हा-ऊदल जैसे वीरों की धरती है। सागर जिले का रहस मेला ऐतिहासिक है। उन्होंने रहस मेले के 217 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए और उनके शौर्य को प्रणाम करते हुए कहा -“बड़े लडैया महोबा वाले, जिन की मार सही ना जाये। एक को मारे दोई मर जावे, तीजा खौफ खाये मर जाये।।”- ऐसी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं की भूमि को कोटिशः नमन।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परमात्मा ने ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध बनाया है। जब धान और सोयाबीन कटे तो दीवाली और गेहूं की फसल आने पर होली मनाई जाती है। बुंदेलखंड की धरती पर आकर मन आनंदित हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है। अब हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की राशि मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। रहली में सूक्ष्म औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की जाए। यहां पारम्परिक बीड़ी उद्योग के साथ हस्त शिल्प कलाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस पेंशन योजनाओं में प्रति हितग्राही प्रतिमाह 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रहली विधासभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने रहली एवं गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए 5-5 करोड़ रुपये एवं शाहपुर उपमंडी के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का सही दाम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, इसके साथ ही उन्होंने रहली रमखरिया, सिमरिया नायक बहेरिया मढ़ि (लगभग 22 किलोमीटर) मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका रहा है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाले एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले व्यक्तियों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एक कमेटी बनाकर लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। इसी प्रकार ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने को भी मंजूरी दी।

    उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। रहली क्षेत्र के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है। अब बच्चों को गणवेश, किताबें, साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। स्कूल टॉपर को स्कूटी दी जाती है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

    प्रमुख घोषणाएं

    – गढ़ाकोटा और रहली में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा।
    – महाविद्यालय में वाणिज्य और इतिहास के नए संकाय की कक्षाएं शुरू होंगी।
    – क्षेत्र में नया फ्लाई-ओवर और सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
    – गढ़ाकोटा और रहली कृषि उपज मंडी में विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ की राशि मिलेगी।
    – शाहपुरा कृषि उपज मंडी के विकास कार्यों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
    – सोनार नदी के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेले की शुरुआत 217 साल पहले बुंदेलखंड के तत्कालीन शासक मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण के उपलक्ष में हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा भी वर्ष 1990 में यहां पधारे थे। मेला परंपरागत रूप से हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र पहले काफी पिछड़ा था, लेकिन 2003 में राज्य और उसके बाद वर्ष 2014 में केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद यहां विकास की गति तेज हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष आशीर्वाद से रहली क्षेत्र की जरूरी आवश्यकताएं पूर्ण हुई हैं। क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की जरूरत है। भार्गव ने लव-कुश धाम निर्माण और राज्य के भीतर नदी जोड़ो प्रकल्प के तहत बुंदेलखंड में मां नर्मदा को सोनार नदी से जोड़ने का सुझाव दिया।

  • मुख्यमंत्री योगी का सिंगापुर और जापान दौरा संपन्न, डेढ़ लाख करोड़ का हुआ एमओयू

    मुख्यमंत्री योगी का सिंगापुर और जापान दौरा संपन्न, डेढ़ लाख करोड़ का हुआ एमओयू


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चार दिवसीय सिंगापुर व जापान दौरा पूरा हुआ। इस यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार को 1.5 लाख करोड़ के एमओयू तथा 2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से पांच लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और यह उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के दौरे से जुड़ी पूरी जानकारी दी गयी।

    यूपी की कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता पर वैश्विक विश्वास

    जापान में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जापान में 90 हजार करोड़ के एमओयू और लगभग 1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार सिंगापुर में 60 हजार करोड़ के एमओयू और लगभग एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का कार्य इन्वेस्ट यूपी और राज्य के अन्य संबंधित विभाग समयबद्ध ढंग से करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रारंभ से रहा फोकस अब परिणाम दे रहा है। टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता से वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित होता है और यही विश्वास दोनों देशों में उत्तर प्रदेश के प्रति दिखाई दिया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया गया है तथा रूल ऑफ लॉ के अनुरूप बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव निवेश के माहौल पर पड़ा है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यामानाशी के गवर्नर अगस्त माह में लगभग 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश आने वाले हैं, जो संभावित निवेश को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इसी प्रकार सिंगापुर से भी एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आने को उत्सुक है। योगी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय के साथ संवाद का अवसर भी मिला। सिंगापुर, टोक्यो और यामानाशी, तीनों स्थानों पर भारतीय समुदाय के साथ बड़े और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुए, जिन्होंने भारत और उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मकता और विश्वास को और सुदृढ़ किया।

    पांच लाख रोजगार की संभावना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पर्याप्त स्केल, बड़ा लैंड बैंक और निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट सेक्टोरल पॉलिसियां हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर रही है। यदि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीनी धरातल पर उतरते हैं, तो पांच लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर और जापान की यह यात्रा केवल समझौतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किलिंग, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

    नए अवसरों की शुरुआत

    सिंगापुर व जापान के चार दिवसीय दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यात्रा का चौथा दिन है और एक प्रकार से यह यात्रा के विराम का दिन है। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया में भारत के प्रति अत्यंत सकारात्मक भाव बना है। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणादायी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े आठ-नौ वर्षों में जो ठोस कदम उठाए गए हैं, उनका सकारात्मक संदेश विश्व के देशों तक पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चार दिनों में प्रतिनिधिमंडल ने अनेक विशिष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ सार्थक संवाद किया। जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें संपन्न हुईं, जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ तथा बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों के माध्यम से औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। दोनों देशों में इन सभी बैठकों और कार्यक्रमों को मिलाकर लगभग 60 से अधिक औपचारिक संवाद और कार्यक्रम आयोजित हुए।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दौरान तीन बड़े निवेश रोड शो आयोजित किए गए। एक सिंगापुर में, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशक और वित्तीय संस्थानों के अध्यक्ष एवं सीईओ उपस्थित रहे तो दूसरा टोक्यो में और तीसरा आज जापान के प्रमुख प्रांत यामानाशी में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल मिलाकर लगभग 450 से 500 निवेशक, उद्योगपति तथा वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए, जो उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर गंभीर और उत्साहित दिखे।

    सिंगापुर में टेक्नोलॉजी, फिनटेक से लेकर टूरिज्म तक सकारात्मक संवाद

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान सिंगापुर में आईटी, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, टूरिज्म, फिनटेक, मेडटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को लेकर अत्यंत सकारात्मक वार्ता हुई। अनेक निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू किए, जबकि कई अन्य कंपनियों ने अपने निवेश प्रस्ताव भी सौंपे। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख सिंगापुर-आधारित कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी तत्परता के साथ आने को तैयार हैं। इसके बाद टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर की बैठकें संपन्न हुईं।

    ऑटो, ग्रीन हाइड्रोजन और ‘जापान सिटी’ पर ठोस पहल

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन कंपनियों के साथ बैठकें हुईं, उनमें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सीएनजी और सोलर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। विशेष रूप से सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा मोटर्स और मित्सुई जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ सार्थक चर्चा हुई। इसके अलावा उद्योग एवं वाणिज्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

    तकनीक, निवेश और स्किल साझेदारी पर सहमति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर में प्रतिनिधिमंडल ने इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (आईटीई) जैसे उच्च स्तरीय स्किलिंग सेंटर का निरीक्षण किया। वहां संचालित प्रशिक्षण मॉड्यूल, उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था का विस्तार से अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि जापान प्रवास के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल ने सुपर हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन का अवलोकन किया और उसमें यात्रा का अनुभव भी प्राप्त किया।

  • बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..

    बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..


    नई दिल्ली।बोर्ड एग्जाम का समय छात्रों के लिए हमेशा तनावपूर्ण होता है। कई बार ऐसा होता है कि घंटों पढ़ाई करने के बाद भी पेपर हाथ में आते ही सब कुछ भूल जाता है। यह सिर्फ छात्रों की कमजोरी नहीं, बल्कि एक सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के कंसल्टेंट साइकियाट्रिक डॉक्टर पार्थ नागड़ा के अनुसार यह स्ट्रेस और घबराहट का परिणाम होता है। परीक्षाएं आपकी याददाश्त और समझने की क्षमता को परखने का तरीका हैं। इसलिए पॉजिटिव सोच और आत्मविश्वास के साथ इन पर काबू पाना जरूरी है।

    डॉक्टर कहते हैं कि खुद को पॉजिटिव कल्पना में देखें। उदाहरण के लिए सोचें कि आप स्कूल टॉपर बन रहे हैं और अपने जीवन में खुशहाल और संतुलित भविष्य जी रहे हैं। यह मानसिक तैयारी आपको परीक्षा में घबराहट कम करने में मदद करेगी। इतना ही नहीं, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा सफलता का केवल एक तरीका है, जीवन में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

    पढ़ाई की तैयारी के टिप्स:
    छोटे और आसान लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए 25–30 मिनट पढ़ें, 10 मिनट रिवीजन करें और 15 मिनट ब्रेक लें। खुद के नोट्स बनाएं क्योंकि लिखने से याददाश्त तेज होती है। कठिन टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटकर अभ्यास करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। डायग्राम और चित्रों का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल तय करें और रोज 7–8 घंटे नींद लें। नींद के दौरान पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और घर का पौष्टिक खाना खाएं। रोज 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज से दिमाग सक्रिय रहता है।

    परीक्षा का सामना करने के टिप्स:
    आखिरी समय की पढ़ाई से बचें। इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। परीक्षा से एक दिन पहले बैग, पैन-पेंसिल, हॉल टिकट जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर छात्र की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। आराम के लिए म्यूजिक सुनें, हल्की टहलें या दोस्तों से बात करें।

    डॉक्टर बताते हैं कि अगर अत्यधिक घबराहट या पैनिक अटैक हो तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन अपनाएं। फिर भी अगर राहत न मिले तो किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से परामर्श जरूर लें।

    इस तरह, पढ़ाई और परीक्षा की सही तैयारी, पॉजिटिव सोच और मानसिक संतुलन के जरिए छात्र अपनी घबराहट को कम कर सकते हैं और बोर्ड एग्जाम का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं। याद रखें, असफलता भी सफलता का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।

  • फ्लाइट टिकट बुकिंग में हुई गलती? टेंशन छोड़िए! 48 घंटे का 'लुक-इन' पीरियड शुरू, रिफंड के लिए अब नहीं करना होगा हफ्तों इंतजार

    फ्लाइट टिकट बुकिंग में हुई गलती? टेंशन छोड़िए! 48 घंटे का 'लुक-इन' पीरियड शुरू, रिफंड के लिए अब नहीं करना होगा हफ्तों इंतजार


    नई दिल्ली। हवाई सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर फ्लाइट टिकट कैंसिल करने या उसमें मामूली बदलाव करने पर एयरलाइंस कंपनियां भारी-भरकम पेनाल्टी वसूलती थीं, जिससे यात्रियों की जेब पर तगड़ी मार पड़ती थी। यात्रियों की इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब नए ‘नागरिक उड्डयन जरूरतों’CAR के तहत यात्रियों को 48 घंटे का “लुक-इन ऑप्शन” दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर उसे कैंसिल करते हैं या उसमें बदलावमॉडिफाई करते हैं, तो एयरलाइन आपसे कोई पेनाल्टी नहीं वसूल पाएगी।

    DGCA द्वारा जारी इन संशोधित नियमों में नाम की गलती सुधारने को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अक्सर बुकिंग के समय नाम में टाइपिंग की गलती हो जाती थी, जिसे ठीक कराने के लिए यात्रियों को मोटी फीस देनी पड़ती थी। अब नए नियमों के मुताबिक, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है, तो यात्री 24 घंटे के भीतर अपने नाम में सुधार मुफ्त में करा सकेंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ‘लुक-इन’ की सुविधा उन टिकटों पर लागू नहीं होगी जो यात्रा की तारीख से बहुत करीबघरेलू के लिए 7 दिन और अंतरराष्ट्रीय के लिए 15 दिन पहले बुक किए गए हैं।

    रिफंड की प्रक्रिया को लेकर भी नियामक ने सख्त रुख अपनाया है। अब एयरलाइनों को हर हाल में 14 कार्य दिवसोंWorking Days के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अक्सर देखा जाता था कि ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए गए टिकटों का रिफंड हफ्तों तक अटका रहता था, लेकिन अब इसकी सीधी जिम्मेदारी एयरलाइन की तय की गई है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भी यात्रियों को राहत दी गई है; यदि परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइन को रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प देना होगा।

    इन बदलावों की पृष्ठभूमि दिसंबर 2025 में हुई भारी शिकायतों से जुड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले दिसंबर 2025 में 29,000 से अधिक शिकायतें मिली थीं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा रिफंड में देरी से जुड़ा था। साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने रिकॉर्ड 16.69 करोड़ से अधिक यात्रियों को सफर कराया है। बढ़ते बाजार और यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए DGCA के ये नए नियम विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।

  • बिना बताए दूसरे राज्य से आरोपी लाना: क्या पुलिस भी हो सकती है गिरफ्तार?

    बिना बताए दूसरे राज्य से आरोपी लाना: क्या पुलिस भी हो सकती है गिरफ्तार?


    नई दिल्ली । हाल ही में शिमला में यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान यह सवाल फिर से उभरा कि क्या एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य से आरोपी को बिना सूचना दिए ले जा सकती है। मंगलवार रात दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीम ने रोहड़ू इलाके से तीन लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें दिल्ली ले जाने लगी। बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रास्ते में गाड़ियों को रोककर पूछताछ की। अंततः ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी दिल्ली ले जाए गए।

    दूसरे राज्य से गिरफ्तारी के नियम

    भारत में एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर गिरफ्तारी कर सकती है लेकिन इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसे नियंत्रित करते हैं दंड प्रक्रिया संहिता और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश जैसे कि डी.के. बसु बनाम राज्य मामला।

    इंटर-स्टेट गिरफ्तारी के नियम इस प्रकार हैं

    स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना देना जिस राज्य में गिरफ्तारी करनी है वहां के थाने को पहले जानकारी देना आवश्यक है।ट्रांजिट रिमांड लेना आरोपी को नजदीकी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है और ट्रांजिट रिमांड मिलना चाहिए। यह कानूनी अनुमति है जिससे आरोपी को दूसरे राज्य ले जाया जा सकता है।स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिकॉर्ड दर्ज करना गिरफ्तारी की पूरी जानकारी डायरी में दर्ज करनी होती है।पुलिस अधिकारियों की पहचान स्पष्ट होना गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी वर्दी में हों पहचान पत्र दिखाएं और अपनी पहचान स्पष्ट करें।

    नियम तोड़ने पर परिणाम

    अगर पुलिस बिना स्थानीय पुलिस को बताए और ट्रांजिट रिमांड लिए आरोपी को ले जाती है तो ऐसी गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी। परिणामस्वरूप संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अपहरण गैरकानूनी हिरासत या बंधक बनाने के आरोप लग सकते हैं।सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन अदालत की अवमानना माना जा सकता है। विभागीय जांच निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है।

  • 89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।

    89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत और यादें आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में जब उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तो यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण बन गया। धर्मेंद्र इस साल इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। इस भावुक मौके पर उनकी पत्नी और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने पहली बार विस्तार से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उन अफवाहों पर भी विराम लगाया जो लंबे समय से देओल परिवार के रिश्तों को लेकर उड़ रही थीं।

    हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रेरणा थे जिनके प्रशंसक दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है और कई बार वह उन्हें याद कर रो पड़ती हैं। हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र को उन्हें और उनकी बेटियों को डांस करते देखना बेहद पसंद था और वह हमेशा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनके घर के स्टाफ से लेकर हर सहयोगी आज भी ‘साहब’ की कमी महसूस करता है जो इस बात का प्रमाण है कि वह एक बेहतरीन इंसान भी थे।

    सबसे महत्वपूर्ण बात हेमा मालिनी ने परिवार के बीच कथित ‘अनबन’ को लेकर कही। पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हेमा और उनकी बेटियों ईशा-अहाना के संबंध सनी देओल बॉबी देओल और प्रकाश कौर के परिवार से ठीक नहीं हैं। लेकिन हाल ही में ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर जब पूरा परिवार साथ दिखा तो तस्वीर बदल गई। हेमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा “पापा के लिए सब करेंगे चाहे ये बच्चे हों या वो सब धरम जी को बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच कोई नेगेटिविटी नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पारिवारिक पलों को सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते इसका मतलब यह नहीं कि वे अलग हैं। हेमा के अनुसार धर्मेंद्र प्यार और उन मूल्यों का स्रोत थे जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोए रखा है। आज भले ही वह शारीरिक रूप से मौजूद न हों लेकिन उनकी दी हुई सीख और संस्कार ही इस कमी को पूरा करने की ताकत दे रहे हैं।

  • ग्लैमर से सलाखों तक: रान्या राव के खिलाफ ED की 100 पन्नों की चार्जशीट, क्या तरुण और साहिल के साथ मिलकर रची थी तस्करी की साजिश?

    ग्लैमर से सलाखों तक: रान्या राव के खिलाफ ED की 100 पन्नों की चार्जशीट, क्या तरुण और साहिल के साथ मिलकर रची थी तस्करी की साजिश?


    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत की चकाचौंध से निकलकर अपराध की अंधेरी गलियों तक का सफर पूर्व एक्ट्रेस और मॉडल हर्षवर्दिनी रान्या उर्फ रान्या राव के लिए अब कानूनी मुसीबत बन गया है। प्रवर्तन निदेशालय ED ने 102.55 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल सोना तस्करी मामले में रान्या राव और उनके सहयोगियों के खिलाफ औपचारिक रूप से चार्जशीट दाखिल कर दी है। बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए PMLA अदालत में दायर इस शिकायत ने उस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर चूना लगाया। जांच में रान्या के साथ तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन जैसे नामों का भी उल्लेख है, जो इस अवैध सोने के व्यापार और धन शोधन Money Laundering रैकेट की मुख्य कड़ियाँ बताए जा रहे हैं।

    इस पूरे मामले की जड़ें 3 मार्च, 2025 को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई एक बड़ी कार्रवाई से जुड़ी हैं। उस दिन डीआरआई DRI ने रान्या राव के पास से विदेशी मूल का लगभग 14.213 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन यह तो महज एक शुरुआत थी। इसके बाद जब जांच का दायरा बढ़ा और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो जांच एजेंसियां भी दंग रह गईं। तलाशी के दौरान 2.06 करोड़ रुपये के सोने के जेवर और 2.67 करोड़ रुपये की बेहिसाब भारतीय नकदी बरामद हुई। इस जब्ती ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला केवल एक बार की तस्करी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित संगठित अपराध का हिस्सा है।

    ED की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने महज एक साल के भीतर मार्च 2024 से मार्च 2025 तक लगभग 127.287 किलोग्राम सोने की भारत में तस्करी की। इस तस्करी किए गए सोने की कुल वैल्यू 102.55 करोड़ रुपये से अधिक है। सीबीआई CBI द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अपनी कार्यवाही तेज की है। डीआरआई पहले ही सीमा शुल्क अधिनियम Customs Act की धारा 135 के तहत शिकायत दर्ज कर चुका है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद रान्या राव और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ना तय है, क्योंकि एजेंसियां अब उस ‘ब्लैक मनी’ के रूट को ट्रैक कर रही हैं जो इस सोने की तस्करी से पैदा हुआ था।

  • अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का टीजर आउट: शर्टलेस अवतार और धोती में खिलाड़ी का स्वैग, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में 'देंगे दस्तक'।

    अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का टीजर आउट: शर्टलेस अवतार और धोती में खिलाड़ी का स्वैग, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में 'देंगे दस्तक'।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी सबसे मजबूत शैली, हॉरर-कॉमेडी में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है और अब फिल्म के पहले गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ के टीजर ने इंटरनेट पर आग लगा दी है। इस टीजर को सोशल मीडिया पर जिस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे साफ है कि फैंस अक्षय कुमार और दिग्गज निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी को पर्दे पर दोबारा देखने के लिए बेताब हैं। यह जोड़ी पूरे 14 साल बाद एक साथ काम कर रही है, जिसने अतीत में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कालजयी कॉमेडी फिल्में दी हैं।

    गाने के टीजर की बात करें तो इसकी शुरुआत अक्षय कुमार के एक बेहद दिलचस्प लुक से होती है। सफेद धोती और बिना शर्ट के अक्षय, गले में मालाएं पहने हुए एक अलग ही ‘देसी’ और रहस्यमयी अवतार में नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड डांसर्स के साथ उनका थिरकना और ‘भूत बंगला’ का टाइटल कार्ड एक परफेक्ट हॉरर-कॉमेडी वाइब दे रहा है। इस गाने को मशहूर संगीतकार प्रीतम ने कंपोज किया है, जबकि बोल कुमार ने लिखे हैं। देव अरिजीत की आवाज और मेलो डी के रैप ने इस ट्रैक में आधुनिकता का तड़का लगाया है। यह पूरा गाना इसी गुरुवार को रिलीज होने वाला है, जिसके लिए फैंस की उत्सुकता चरम पर है।

    फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी अक्षय कुमार ने बड़ा अपडेट साझा किया है। पहले यह फिल्म 15 मई को आने वाली थी, लेकिन अब इसे प्रीपोन कर दिया गया है। अक्षय ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में लिखा, “दस को देंगे दस्तक, इंतजार करो तब तक।” अब यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म की एक और खास बात इसकी स्टार कास्ट है। तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव और वामिका गब्बी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में दर्शकों को एक भावुक पल भी देखने को मिलेगा। दिग्गज अभिनेता असरानी, जिनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था, इस फिल्म में अपनी आखिरी भूमिका में नजर आएंगे। राजस्थान और हैदराबाद की खूबसूरत लोकेशंस पर शूट हुई यह फिल्म अक्षय के गिरते करियर ग्राफ को फिर से ऊंचाई पर ले जाने का दम रखती है। इसके अलावा अक्षय ‘वेलकम टू द जंगल’ और सैफ अली खान के साथ ‘हैवान’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी नजर आने वाले हैं, लेकिन फिलहाल सारा फोकस ‘भूत बंगला’ के इस हॉरर तड़के पर है।

  • SIP में हर महीने ₹5,000 जमा करें तो 20 साल में कितना फंड होगा तैयार, देखें कैलकुलेशन

    SIP में हर महीने ₹5,000 जमा करें तो 20 साल में कितना फंड होगा तैयार, देखें कैलकुलेशन


    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में उठा-पटक जारी है। हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 02.30 बजे तक सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा और निफ्टी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन पर भी पड़ता है। लेकिन भारतीय निवेशक इस भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में जमकर पैसा लगा रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स एसआईपी में भी घरेलू निवेशक जमकर निवेश कर रहे हैं। यहां हम जानेंगे कि एसआईपी में हर महीने 5 000 रुपये का निवेश करें तो 20 साल में कितना फंड तैयार हो सकता है?

    5 000 रुपये की SIP से 20 साल में कितना फंड होगा तैयार

    अगर आपको हर साल 12 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो 5 000 रुपये की एसआईपी से 20 साल में लगभग 46 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है जिसमें आपके निवेश के 12 लाख रुपये और रिटर्न के लगभग 34 लाख रुपये शामिल हैं। ऐसे ही अगर आपको हर साल 15 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो 5 000 रुपये की एसआईपी से 20 साल में लगभग 66.35 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है जिसमें आपके निवेश के 12 लाख रुपये और लगभग 54.35 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न शामिल है।

    एसआईपी में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

    म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश शुरू करने से पहले आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। एसआईपी में कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है। एसआईपी से आपको कितना रिटर्न मिलेगा ये पूरी तरह से शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर बाजार में तेजी बनी रहती है तो आपको बेहतर रिटर्न मिलेगा। इसी तरह अगर बाजार में गिरावट चलती है तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में नुकसान का जोखिम काफी कम हो जाता है। एसआईपी से आपको जो रिटर्न मिलता है उस पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।