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  • बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल

    बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल


    दरभंगा।
    बिहार (Bihar) बर्ड फ्लू (Bird flu) पांव पसार रहा है। दरभंगा शहर (Darbhanga city) में पिछले 15 दिनों में हजारों कौवों (Thousands Crows) की मौत हो गई है। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से कराई गई जांच में इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। आम लोगों से सतर्क रहने और किसी आशंका पर प्रशासन को सूचित करने की अपील डीएम ने की है। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के जिलो को अलर्ट किया है।

    मरे हुए नगर निगम की ओर से जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया। इसमें कबीर सेवा संस्थान ने भी सहयोग किया। इस दौरान स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम भी मौजूद रही। बताया गया है कि मरे हुए कौवों की संख्या करीब 10 हजार है। मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और नवीन सिन्हा ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। दरभंगा जिले के कई इलाकों से मुर्गों और मुर्गियों की मौत होने की सूचना मिल रही है। विभागीय टीम सैंपल लेकर जांच कर रही है।

    जिला प्रशासन ने लोगों से फिलहाल चिकेन और अंडा खाने से परहेज करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है। कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे में सभी पॉल्ट्री फार्म व बिक्री केंद्र की निगरानी सहित पक्षियों को रखने वाले पॉल्ट्री फार्म की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोलकाता और भोपाल में कराई गई जांच की रिपोर्ट गुरुवार की देर रात आई है। इसमें इन कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू बताया गया है। कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने की खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।

    जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। डीएम कौशल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी मृत पक्षी को हाथ न लगाएं। उधर, डीएम कौशल कुमार ने गुरुवार को जिला पशुपालन अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि शहर के वार्ड 31 में मृत कौवों के नमूने की जांच में एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। अत: नगर आयुक्त व वन प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में बचाव सं संबधित काम कराएं। साथ ही पूरे जिले में इसकी निगरानी सुनिश्चित अकराएं।

  • जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग

    जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग


    रांची।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) को झारखंड सरकार (Jharkhand Government) पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर (Brand Ambassador) बनाने की तैयारी में है। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही राज्य सरकार इसकी अधिसूचना जारी कर सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। पर्यटन को लेकर धौनी जल्द ही जागरूक करते नजर आ सकते हैं। बता दें कि बीते साल मंत्री सुदिव्य और धौनी में शिष्टाचार मुलाकात के बाद से ही ब्रांड एंबेसडर बनाने की चर्चा होने लगी थी।

    हाल ही में हुई थी CM हेमंत सोरेन से अचानक मुलाकात

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली रवाना हुईं। उनके साथ गुरुवार शाम विधायक कल्पना सोरेन भी गईं हैं। एयरपोर्ट तक मुख्यमंत्री भी गए। इस बीच मुख्यमंत्री की भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से मुलाकात हुई। हेमंत ने एक्स पर मुलाकात की तस्वीर अपलोड कर लिखा ‘माही से अचानक मिलना हुआ।’

  • रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय

    रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय


    नई दिल्ली । भारतीय रसोई में लहसुन केवल एक मसाला नहीं, बल्कि स्वाद की जान है। चाहे तड़के वाली दाल हो, चटपटी चटनी या फिर सर्दियों में बनने वाला गरमा-गरम सूप, लहसुन का तीखापन हर डिश के जायके को दोगुना कर देता है। लेकिन इस स्वाद तक पहुँचने का रास्ता बेहद थकाऊ होता है। किचन में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से पूछें, तो लहसुन छीलना सबसे उबाऊ कामों की सूची में सबसे ऊपर आएगा। कलियों से छिलका चिपकना, नाखूनों में होने वाला दर्द और घंटों तक हाथों से आने वाली तीखी गंध अक्सर लोगों को इसे इस्तेमाल करने से रोकती है। लेकिन अब आपको आलस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी जादुई ट्रिक्स जो घंटों का काम मिनटों में निपटा देंगी।

    जार वाली शेकिंग ट्रिक बिना छुए उतरेंगे छिलके

    लहसुन छीलने की सबसे असरदार और ‘जादुई’ ट्रिक है ‘जार शेकिंग मेथड’। इसके लिए आपको बस दो स्टील के कटोरे या एक ढक्कन वाला जार चाहिए। सबसे पहले लहसुन की पूरी गांठ को हथेली से दबाकर उसकी कलियों को अलग कर लें। अब इन कलियों को जार में डालें और ढक्कन कसकर बंद कर दें। अब इसे करीब 30 से 60 सेकंड तक पूरी ताकत से ऊपर-नीचे हिलाएं  जब आप जार खोलेंगे, तो आप हैरान रह जाएंगे कि घर्षण  की वजह से लहसुन के छिलके खुद-ब-खुद अलग हो चुके हैं। यह तरीका तब सबसे ज्यादा काम आता है जब आपको अचार या बड़ी पार्टी के लिए ढेर सारा लहसुन तैयार करना हो।

    गर्म पानी और माइक्रोवेव का कमाल

    यदि आपके पास जार हिलाने की फुर्सत नहीं है, तो पानी आपकी मदद कर सकता है। लहसुन की कलियों को हल्के गुनगुने पानी में 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। पानी छिलके और कली के बीच की परत को ढीला कर देता है, जिससे आप बस हल्का सा दबाएंगे और लहसुन छिलके से बाहर आ जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक किचन के लिए ‘माइक्रोवेव ट्रिक’ भी वरदान है। लहसुन की पूरी गांठ को महज 15-20 सेकंड के लिए माइक्रोवेव करें। गर्मी के कारण छिलकों के भीतर नमी पैदा होती है और वे कली को छोड़ देते हैं। माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही छिलके कागज की तरह अपने आप उतरने लगेंगे।

    चाकू का सही इस्तेमाल और हाथों की सुरक्षा

    प्रोफेशनल शेफ अक्सर ‘क्रशिंग मेथड’ का इस्तेमाल करते हैं। इसमें लहसुन की कली को चॉपिंग बोर्ड पर रखकर चाकू के चौड़े हिस्से सपाट हिस्से से जोर से दबाया जाता है। कली के चटकते ही छिलका अलग हो जाता है। हालांकि, इन सभी प्रक्रियाओं के बाद हाथों से आने वाली गंध एक बड़ी समस्या बनी रहती है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि लहसुन छीलने के बाद अपने हाथों को किसी स्टेनलेस स्टील के बर्तन या नल पर रगड़ें। स्टील लहसुन के सल्फर अणुओं को सोख लेता है और गंध गायब हो जाती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप न केवल अपना कीमती समय बचा सकते हैं, बल्कि अपनी कुकिंग को भी अधिक आनंददायक बना सकते हैं। अब अगली बार जब किचन में लहसुन छीलने की बारी आए, तो नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय इन स्मार्ट ट्रिक्स को आजमाएं।

  • Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ

    Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ


    मुंबई।
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) (Nationalist Congress Party – NCP Ajit Pawar) में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम में महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिवंगत पूर्व उप-मुख्यमंत्री की जगह पर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति दे दी है।

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे उनकी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सभी नेता उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद सारी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी जाएगी।

    राकांपा के सूत्रों ने बताया कि आज पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा बारामती में जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मिले थे। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पार्थ पवार के बीच वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई। इसके बाद नरेश अरोरा ने सुनेत्रा और पार्थ से इस संबंध में चर्चा की। इसपर दोनों सहमत हो गए हैं। नरेश अरोरा बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए और शनिवार को सुबह अरोरा राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगेे। इसके बाद सिर्फ औपचारिकता के लिए राकांपा एपी के विधायकों की बैठक होगी और शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विधायक दल के बैठक की तो सिर्फ औपचारिकता है, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना आम राकांपा कार्यकर्ताओं की इच्छा है। सुनेत्रा पवार को पार्टी कार्यकर्ता हर तरह से मदद करने को तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आज राकांपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ बैठक की और राकांपा के सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई में बुलाया गया है। शनिवार को दिन में ११ राकांपा विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

  • भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल

    भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चिली (India and Chile) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) (Free Trade Agreements – FTAs) के लिए बातचीत जल्द ही पूरी हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

    वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ईएफटीए (ईएफटीए), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है। गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्‍त व्‍यापार समझौते (एफटीए) के असर के बारे में बात करते हुए कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

    दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 फीसदी घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 फीसदी बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।

  • MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई

    MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (​​Indore city) के भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura area) में दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

    मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां 4 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

    डॉक्टरों के मुताबिक एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी।

    इंदौर में हुई इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 31 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली, सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62) और एकनाथ सूर्यवंशी (75) शामिल हैं।

    इधर, भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत है। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो हल्के मामले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।

  • दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये

    दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता दी है। इस धनराशि से सफाई व सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कर धूल उड़ने की समस्या को कम किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार आगे भी नगर निगम को हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता देती रहेगी।

    इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित सरकार व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए एमसीडी को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। राशि का कुछ हिस्सा उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाने में खर्च होगा जो कचरा प्रबंधन का काम करती हैं ताकि वे बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। कुछ हिस्सा सफाई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए दिया जाएगा ताकि कचरा उठाने और उसे ले जाने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई की जा सके। साथ ही, कुछ हिस्सा उन खास इलाकों से कूड़ा हटाने के लिए भी दिया जाएगा जहां ठेकेदार काम नहीं करते। इसके अतिरिक्त सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत, जैसे गड्ढे भरने, छोटे पैच रिपेयर और धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के कामों पर भी राशि खर्च की जाएगी।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए और इसका किसी अन्य योजना में उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को सभी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सफाई व्यवस्था का भी चाक-चौबंद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कूड़ा आदि से निकली धूल भी प्रदूषण को बढ़ाती है, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी को साफ व स्वच्छ बनाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। दिल्ली सरकार सफाई से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए निगम को अलग से पर्याप्त धनराशि दे रही है, ताकि सफाई के काम में बेहतर और तेजी से नतीजे मिल सकें। उन्होंने कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने के निर्देश दिए और मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने को भी कहा। साथ ही, हरित कूड़े के सही उपयोग पर जोर देते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश एमसीडी नेताओं को दिए। उन्होंने कहा कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन भी राजधानी को साफ-सुथरा बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गीले व सूखे कूड़े का उठाने की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाए ताकि लोगों का इस ओर रुझान बढ़े।

  • द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड का टीजर रिलीज: अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे! जानें कब होगी रिलीज

    द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड का टीजर रिलीज: अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे! जानें कब होगी रिलीज


    मुंबई । साल 2023 की सबसे चर्चित और विवादास्पद ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक द केरल स्टोरी के मेकर्स अब इसका सीक्वल लेकर आ रहे हैं। फिल्म द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड का आधिकारिक टीजर रिलीज कर दिया गया है। इस बार फिल्म की कहानी केवल केरल तक सीमित न रहकर पूरे देश में फैले कथित धर्म परिवर्तन के जाल को उजागर करने का दावा कर रही है।

    नया अवतार, नई स्टार कास्ट

    पहली फिल्म में जहां अदा शर्मा मुख्य भूमिका में थीं, वहीं इस सीक्वल में मेकर्स ने तीन नए चेहरों को पेश किया है उल्का गुप्ता टीजर में वे सुरेखा नायर के रूप में नजर आ रही हैं।अदिति भाटिया दिव्या के किरदार में अपनी कहानी साझा करती हैं। ऐश्वर्या ओझा नेहा संत के रूप में अपनी आपबीती सुनाती हैं।

    टीजर की झलक 8 करोड़ लड़कियों का टारगेट

    टीजर की शुरुआत काफी गंभीर और तनावपूर्ण माहौल में होती है। बुर्का पहने तीनों अभिनेत्रियाँ कैमरे की ओर देखते हुए अपनी पहचान बताती हैं। धोखे की कहानी टीजर में दिखाया गया है कि कैसे ये लड़कियां प्यार (सलीम, फैजान और रशीद) के झांसे में आकर अपना सब कुछ खो बैठीं। बड़ा खुलासा: फिल्म में एक सनसनीखेज दावा किया गया है कि उनके पार्टनर का टारगेट 8 करोड़ से ज्यादा अविवाहित हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण करना है। बदला हुआ तेवर: पहली फिल्म जहां पीड़ितों की बेबसी पर केंद्रित थी, वहीं इस पार्ट का स्लोगन है अब सहेंगे नहीं लड़ेंगे!

    रिलीज डेट और टीम

    रिलीज की तारीख: फिल्म 27 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। निर्देशक: इस बार कमान नेशनल अवॉर्ड विनर कामाख्या नारायण सिंह ने संभाली है। निर्माता: फिल्म का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। लेखक: फिल्म की कहानी अमरनाथ झा और विपुल शाह ने मिलकर लिखी है, जबकि संगीत मन्नन शाह का है।

  • राजामौली की वाराणसी का मेगा धमाका: महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म इस दिन होगी रिलीज

    राजामौली की वाराणसी का मेगा धमाका: महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म इस दिन होगी रिलीज


    मुंबई/वाराणसी । ब्लॉकबस्टर बाहुबली और आरआरआर के मास्टरमाइंड डायरेक्टर एसएस राजामौली ने अपनी अगली महात्वाकांक्षी फिल्म वाराणसी की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक पावरफुल पोस्टर साझा करते हुए मेकर्स ने स्पष्ट किया है कि यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

    रिलीज डेट और फेस्टिव एडवांटेज

    फिल्म की रिलीज के लिए 7 अप्रैल 2027 की तारीख बेहद रणनीतिक रूप से चुनी गई है।त्योहारों का संगम इस दिन दक्षिण भारत में ‘उगादी’ और महाराष्ट्र में ‘गुड़ी पड़वा’ का त्योहार मनाया जाएगा। लंबा वीकेंड अप्रैल के मध्य में अंबेडकर जयंती और राम नवमी की छुट्टियों का भी फिल्म को भरपूर लाभ मिलेगा, जिससे बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की उम्मीद है।

    स्टार कास्ट और उनके किरदार

    इस फिल्म में पहली बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और साउथ सुपरस्टार महेश बाबू एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म में पात्रों के नाम और उनके लुक को लेकर भी जानकारी सामने आई है:महेश बाबू रुद्र के रूप में एक शक्तिशाली और आध्यात्मिक अवतार में नजर आएंगे। टीजर में उन्हें त्रिशूल लिए और नंदी बैल की सवारी करते दिखाया गया है। प्रियंका चोपड़ा: मंदाकिनी के अहम किरदार में दिखेंगी, जो लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। पृथ्वीराज सुकुमारन फिल्म में कुंभा के रूप में एक उग्र और विलेन के अवतार में नजर आएंगे।

    अंटार्कटिका से काशी तक का सफर

    वाराणसी एक टाइम-ट्रैवल और पौराणिक कथाओं पर आधारित एडवेंचर फिल्म बताई जा रही है। खास बात यह पहली भारतीय फिल्म होगी जिसकी शूटिंग अंटार्कटिका के बर्फीले मैदानों में की गई है। इसके अलावा फिल्म की कहानी अफ्रीका के जंगलों से होते हुए भारत के सबसे प्राचीन शहर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर आकर खत्म होती है। यह फिल्म  फॉर्मेट में शूट की जा रही है और राजामौली ने वादा किया है कि इसका विजुअल अनुभव आरआरआर से भी कई गुना भव्य होगा। फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता एमएम कीरावनी तैयार कर रहे हैं।

  • भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप

    भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप


    नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन “विदेशी आक्रांताओं” को लाया जाता है, उन्हें असल में भारतीय लुटेरे माना जाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में महमूद गजनवी और लोदी वंश जैसे आक्रमणकारियों का उदाहरण भी दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    BJP का कड़ा रुख
    बीजेपी ने इस बयान को देश की भावनाओं के खिलाफ करार दिया और इसे “बीमार मानसिकता” बताया।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह वक्तव्य इतिहास और देश की स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है।

    उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं को भारत की मिट्टी में जन्मा लुटेरा बताना देश की बदनामी का कारण बनता है और ऐसे बयान से भ्रम फैलता है।

    कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी
    बीजेपी के नेताओं ने सीधे कांग्रेस को निशाना बनाया।

    शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि कांग्रेस और उसके समर्थक उन आक्रांताओं की महिमा मंडित करते हैं जिन्होंने मंदिरों को नष्ट किया।

    प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और आक्रांताओं के कृत्यों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कांग्रेस को ‘आधुनिक मुस्लिम लीग’ भी कहा।

    BJP का तर्क: इतिहास तोड़ा जा रहा है
    BJP प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुगल शासक बगदाद के खलीफा के नाम पर शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश राजाओं के प्रतिनिधि होते थे।
    उनका कहना है कि अंसारी का यह बयान देश की भावना के खिलाफ और भ्रम फैलाने वाला है।
    इस मामले ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और यह विवाद अभी भी जारी है।