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  • क्रिप्टिक पोस्ट के बाद गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने दिया पहला बयान, कहा…

    क्रिप्टिक पोस्ट के बाद गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने दिया पहला बयान, कहा…

    नई दिल्ली टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने अपने और ‘बिग बॉस 19’ के विनर गौरव खन्ना के रिश्ते पर खुलकर बात की है। दरअसल, उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया था जिसके बाद लोग यह अनुमान लगाने लगे कि उनके और गौरव खन्ना के बीच चीजें ठीक नहीं हैं। अब इस पर रिएक्ट करते हुए आकांक्षा ने साफ किया है कि उनके और गौरव खन्ना के बीच सबकुछ सही है।

    क्या बोलीं आकांक्षा?
    आकांक्षा ईटाइम्स को दिए बयान में कहा, “हमारी शादी में कोई परेशानी नहीं है। उस पोस्ट का गौरव से कोई लेना-देना नहीं है। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो सोशल मीडिया पर पर्सनल चीजें लिखूं। ये पोस्ट सिर्फ मेरे अपकमिंग प्रोजेक्ट को प्रमोट करने के लिए किया गया था।”

    ‘मां न बनना एक पर्सनल चॉइस है’
    कुछ लोगों ने आकांक्षा के पोस्ट को गौरव के पिता बनने की इच्छा और उनके मां न बनने के फैसले से भी जोड़ा था। आकांक्षा ने उन्हें जवाब देते हुए कहा, “मैं इस समय ट्रोल क्वीन हूं! मैं हमेशा से इस टॉपिक पर खुलकर बात करती हूं। गौरव ज्यादा सावधान रहते हैं क्योंकि वह मेरी इमेज प्रोटेक्ट करना चाहते हैं। हमारे बीच एज गैप है और वह इतने समझदार हैं कि वह ये मेरी बात समझ सकते हैं। मैंने साफ कहा है कि मैं खुद को मां बनते हुए नहीं देखती। यह एक पर्सनल चॉइस है और मुझे इसे किसी के सामने सही ठहराने की जरूरत महसूस नहीं होती।”

    ‘मुझे विलेन कहलाने में कोई दिक्कत नहीं है’
    आकांक्षा आगे कहती हैं, “सोशल मीडिया के बाहर, मैं कभी किसी ऐसे इंसान से नहीं मिली जिसने मुझसे कहा हो कि मैं गलत हूं या मेरे फैसलों पर सवाल उठाया हो। जिन लोगों से मैं मिलती हूं, वे सपोर्टिव हैं और मुझे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीते हुए देखकर खुश होते हैं। मुझे नफरत से कहीं ज्यादा प्यार और पॉजिटिविटी मिलती है। खुशकिस्मती से, मैं इमेज को लेकर कॉन्शियस नहीं हूं। मुझे विलेन कहलाने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि ये वो लोग हैं जो गौरव से प्यार करते हैं। आखिर में, मेरे पति मेरे साथ खड़े हैं और हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे के लिए क्या मायने रखते हैं।”

  • पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

    पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक


    नई दिल्ली।  भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है। इस खबर से खेल और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

    कैसे हुआ निधन?
    पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वी श्रीनिवासन शुक्रवार तड़के अपने आवास पर अचानक बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    पीटी उषा के जीवन में उनका योगदान
    वी श्रीनिवासन केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी थे और पी टी उषा के जीवन में उनका अहम योगदान रहा। वे उषा के खेल करियर से लेकर राजनीतिक सफर तक हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल माना जाता था।

    पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोकपीएम मोदी ने जताया दुख
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके पीटी उषा के परिवार को शोक संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी दी श्रद्धांजलि
    केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा:पी.टी. उषा और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इस मुश्किल समय में ईश्वर से हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं।


    उड़नपरी के लिए यह बड़ी क्षति
    पीटी उषा, जिन्हें ‘उड़नपरी’ के नाम से जाना जाता है, भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं।
    उनके निजी जीवन में यह क्षति न केवल उनके लिए, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी बेहद दुखद है।सोशल मीडिया पर खिलाड़ी, कोच, प्रशंसक और आम लोग लगातार उन्हें हिम्मत और संबल देने के संदेश भेज रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बापू के अहिंसा संदेश को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम किया साझा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बापू के अहिंसा संदेश को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम किया साझा


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके अहिंसा के संदेश को स्मरण करते हुए संस्कृत में रचित एक प्रेरणादायी सुभाषितम साझा किया। इस सुभाषितम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी द्वारा मानवता की रक्षा के लिए अहिंसा को सर्वोच्च मूल्य मानने की भावना को देश और दुनिया के सामने पुनः रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य और मानव कल्याण के सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने बिना हथियार के, केवल नैतिक बल और सत्य की शक्ति से न केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। अहिंसा का यह संदेश आज के अशांत वैश्विक वातावरण में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई अपनी पोस्ट में लिखा कि महात्मा गांधी ने मानवता की रक्षा के लिए सदैव अहिंसा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा में वह शक्ति निहित है, जो बिना हिंसा और हथियार के भी दुनिया को बदल सकती है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया संस्कृत सुभाषितम अहिंसा के दर्शन को गहराई से अभिव्यक्त करता है

    अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः।
    अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥

    इस सुभाषितम का तात्पर्य है कि अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है और अहिंसा ही सर्वोच्च तपस्या है। अहिंसा को परम सत्य बताया गया है, जिससे सभी धर्मों और नैतिक मूल्यों की उत्पत्ति होती है। यह संदेश महात्मा गांधी के जीवन दर्शन का सार प्रस्तुत करता है, जिसमें उन्होंने मानवता, करुणा और नैतिकता को सर्वोपरि रखा।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि अहिंसा केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार भी है। बापू का अहिंसा का विचार सामाजिक समरसता, शांति और न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि महात्मा गांधी के सिद्धांत आज भी भारत की नीतियों और मूल्यों में प्रतिबिंबित होते हैं।

    देशभर में शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह सुभाषितम न केवल बापू के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि देशवासियों के लिए यह संदेश भी है कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही स्थायी शांति और मानव कल्याण संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश बापू के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को दिया अल्टीमेटम: हर 50 किलोमीटर पर गौशाला बनाएं, आवारा जानवरों के लिए CSR से समाधान जरूरी

    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को दिया अल्टीमेटम: हर 50 किलोमीटर पर गौशाला बनाएं, आवारा जानवरों के लिए CSR से समाधान जरूरी


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को गुरुवार को निर्देश दिया कि वह सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों से राजमार्गों पर आवारा जानवरों की देखभाल के लिए CSR के तहत गौशाला/पशु आश्रय बनाने पर विचार करने को कहे। अदालत ने कहा कि लगभग हर 50 किलोमीटर के बाद ऐसे आश्रय बनाकर आवारा पशुओं को संरक्षित किया जा सकता है।

    न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने आवारा कुत्तों के स्थानांतरण और बधियाकरण संबंधी 7 नवंबर, 2025 के आदेश में संशोधन की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

    पंजाब, राजस्थान, यूपी और तमिलनाडु पर कोर्ट ने जताया असंतोष
    सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों के निर्देशों के अनुपालन पर असंतोष जताया। कोर्ट ने पंजाब सरकार के दैनिक 100 कुत्तों के बधियाकरण प्रयास को अपर्याप्त बताते हुए इसे “ऊंट के मुंह में जीरे” जैसा बताया।

    NHAI से ऐप बनाने का निर्देश
    कोर्ट ने NHAI से कहा कि वह एक ऐप विकसित करे, जिसमें लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा जानवरों को देखने पर तुरंत सूचना दे सकें। इससे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

    राज्यों की रिपोर्टों पर कोर्ट ने उठाए सवाल
    NHAI ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1300 से अधिक संवेदनशील स्थान हैं। कुछ राज्यों ने कदम उठाए हैं, लेकिन महाराष्ट्र, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों ने अभी तक समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की।

    राजस्थान ने कहा कि राज्य में बधियाकरण केंद्र बनाए गए हैं और संस्थानों के आसपास बाड़बंदी की गई है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि केवल 45 वैन से यह काम संभव नहीं है।

    कोर्ट ने दी चेतावनी: समस्या बढ़ती जाएगी
    पीठ ने कहा कि यदि अभी कार्रवाई नहीं हुई तो आवारा कुत्तों की संख्या हर साल 10-15% तक बढ़ेगी। कोर्ट ने कहा कि 100 कुत्तों का रोज़ाना बधियाकरण कोई समाधान नहीं है।

    AWBI के पास 250+ आवेदन लंबित, कोर्ट ने फटकार लगाई
    भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने बताया कि 7 नवंबर के आदेश के बाद 250 से अधिक बधियाकरण केंद्र और आश्रय खोलने के आवेदन आए हैं, लेकिन कई आवेदन पर अभी भी निर्णय नहीं लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने AWBI से कहा कि वे जल्दी से जल्दी निर्णय लें।

    कोर्ट ने राज्यों को दिया चेतावनी संकेत
    सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को कहा था कि यदि कुत्ते के काटने की घटनाएं बढ़ती हैं तो राज्यों को भारी हर्जाना देना होगा और कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने आवारा पशुओं की समस्या पर सख्त रुख अपनाया है और NHAI को CSR के जरिए गौशाला बनाने, ऐप बनाने और ठेकेदारों को जिम्मेदार बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्यों को चेतावनी दी है कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विचारों एवं आदर्शों को स्मरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पूज्य बापू का जीवन, उनका व्यक्तित्व और उनका कृतित्व देशवासियों को सत्य, अहिंसा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। महात्मा गांधी का स्वदेशी पर दिया गया बल आज के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का मजबूत आधारस्तंभ है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में राष्ट्रपिता को नमन करते हुए कहा कि बापू का स्वदेशी विचार केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आत्मसम्मान, आत्मबल और सामाजिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का दर्शन आज के भारत के विकास मॉडल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, जहां स्थानीय संसाधनों, स्वदेशी उत्पादों और भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का संपूर्ण जीवन मानवता, करुणा और नैतिकता का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों के बल पर न केवल भारत को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग भी दिखाया। बापू का यह संदेश आज के वैश्विक परिदृश्य में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की सीख देता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समानता, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और अनुशासन का महत्व समझाया। गांधीजी के विचारों में निहित सादगी और सेवा भाव आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति बने हुए हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के जो संकल्प लिए गए हैं, उनकी जड़ें महात्मा गांधी के स्वदेशी और ग्राम स्वराज के विचारों में निहित हैं। स्थानीय से वैश्विक की सोच, कुटीर उद्योगों को बढ़ावा और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण, बापू के सपनों को साकार करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।

    देशभर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। यह दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और राष्ट्रपिता के बलिदान को याद करने का अवसर प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए विचार एक बार फिर यह स्मरण कराते हैं कि महात्मा गांधी केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे आज भी भारत की आत्मा और दिशा के मार्गदर्शक हैं।

  • चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार

    चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार


    चंद्रपुर महाराष्ट्र।  महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार को चंद्रपुर में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने कांग्रेस के पार्षदों को जबरन बस से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं और पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से यह प्रयास नाकाम हो गया।

    कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुआ हमला
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास हुई, जो नागपुर के पास है। बस में सवार कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में जीत के बाद डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में पंजीकरण कराने जाना था।

    कौन थे पार्षद? विजय वडेट्टीवार के समर्थक
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बस में 17 से 18 पार्षद सवार थे, जो कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने समय पर पहुंचकर मदद की और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे अगवा करने की कोशिश विफल हुई।

    हमलावर 4-6 गाड़ियों में आए, नकाबपोश थे
    जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 5:45 बजे येलकेली टोल प्लाजा के पास लगभग 20 नकाबपोश लोग पहुंचे। वे 4 से 6 गाड़ियों में सवार थे और उन्होंने पार्षदों को बस से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर झड़प हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    एक गिरफ्तार, 6 पर FIR
    पुलिस ने बताया कि इस मामले में कनैन सिद्दीकी (नागपुर निवासी) को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस पार्षद राजेश अदूर की शिकायत पर कनैन सिद्दीकी और अन्य 5 लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    कांग्रेस के अंदर मेयर पद को लेकर संघर्ष
    यह घटना कांग्रेस के अंदर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच हुई है। चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टी में दो गुटों के बीच टकराव है—एक गुट विजय वडेट्टीवार का, जबकि दूसरा कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का है।

    10 फरवरी को मेयर चुनाव
    स्थानीय निकाय चुनावों के बाद चंद्रपुर में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 10 फरवरी को होना है। 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी को 23 और शिवसेना (UBT) को 6 सीटें मिली हैंइस घटना ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर किया भावपूर्ण नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर किया भावपूर्ण नमन


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी, कवि, लेखक और पत्रकार पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। वे ऐसे युगद्रष्टा साहित्यकार थे, जिनकी लेखनी में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और लोक कल्याण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी प्रदेश की माटी के सच्चे सपूत थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी कलम को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया और जनमानस को जागृत करने का कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी युवाओं को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि अपने विचारों और लेखन से देश के करोड़ों लोगों के मन में स्वाधीनता की लौ जलाए रखी। उनकी कविताएं और लेख आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। उनके शब्दों में समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की शक्ति थी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने पत्रकारिता को मिशन के रूप में अपनाया। उन्होंने सत्य, साहस और जनहित को पत्रकारिता की आधारशिला बनाया। उनके संपादन और लेखन ने पत्रकारिता को केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त औजार बनाया। उन्होंने जिस निर्भीकता के साथ अपने विचार रखे, वह आज के समय में भी पत्रकारों और लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां राष्ट्रसेवा, समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करती हैं। उनका साहित्य हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्रीय एकता व अखंडता को मजबूत करता है। ऐसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण करना और उनके विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

    अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र व समाज के हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी अपने प्रखर विचारों, ओजस्वी लेखनी और राष्ट्रभक्ति के कारण सदैव स्मरणीय रहेंगे।

  • Content Is King: बिना गानों के भी सुपरहिट रहीं ये बॉलीवुड फिल्में, कहानी ने लूटी वाहवाही

    Content Is King: बिना गानों के भी सुपरहिट रहीं ये बॉलीवुड फिल्में, कहानी ने लूटी वाहवाही


    नई दिल्ली । हिंदी गाने फिल्मों की जान होते हैं, लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी बेहतरीन फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिनमें गाने नहीं हैं। साथ ही हम आपको इन फिल्मों की आईएमडीबी रेटिंग भी बता रहे हैं।
    बिना गाने वाली टॉप फिल्में
    हिंदी फिल्मों के गाने उनकी जान होते हैं। बॉलीवुड में आपको लगभग हर फिल्म में गाने सुनने को मिलते हैं। कुछ लोगों को फिल्मों के बीच गाने पसंद होते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि फिल्मों में गाने कहानी में ब्रेक लगाते हैं। आज हम आपको बॉलीवुड की ऐसी फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिनमें आपको गाने नहीं मिलेंगे। साथ ही, हम आपको इन फिल्मों की आईएमडीबी रेटिंग भी बता रहे हैं।
    जाने भी दो यारों
    8.3 आईएमडीबी रेटिंग वाली जाने भी दो यारों लिस्ट में पहले नंबर पर है। ये फिल्म डार्क कॉमेडी सटायर है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, सतीश शाह, सतीश कौशिक और नीना गुप्ता जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म साल 1983 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।
    अ वेडनेसडे
    8.1 आईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्म अ वेडनेसडे भी इस लिस्ट में शामिल है। यह फिल्म एक क्राइम, ड्रामा फिल्म है। फिल्म साल 2008 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    कानून
    7.9 आईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्म कानून भी इस लिस्ट का हिस्सा है। फिल्म साल 1960 में आई थी। फिल्म को बीआर चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। इस क्राइम ड्रामा फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    द लंचबॉक्स
    7.8 रेटिंग वाली फिल्म द लंचबॉक्स भी इस लिस्ट में शामिल है। फिल्म साल 2013 में रिलीज हुई थी। यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    कौन
    7.8 रेटिंग वाली साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म कौन भी लिस्ट में शामिल है।उर्मिला मातोंडकर और मनोज बाजपेयी की ये फिल्म 1999 में रिलीज हुई थी।
    अब तक छप्पन
    7.8 रेटिंग वाली अब तक छप्पन भी लिस्ट में शामिल है। फिल्म में नाना पाटेकर, रेवथी और यशपाल शर्मा नजर आए थे। फिल्म साल 2004 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो और सोनी लिव पर देख सकते हैं।
    दीवारें
    लिस्ट में 7.8 रेटिंग वाली फिल्म 3 दीवारें भी है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, जैकी श्रॉफ और जूही चावला नजर आई थीं। फिल्म साल 2003 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    इत्तेफाक
    लिस्ट में 7.4 रेटिंग वाली फिल्म इत्तेफाक है। फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी। फिल्म में राजेश खन्ना नजर आए थे। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    अरविंद देसाई की अजीब दास्तां
    लिस्ट में 7.2 रेटिंग वाली फिल्म अरविंद देसाई की अजीब दास्तां भी शामिल है। फिल्म में दिलीप धवन, ओम पुरी और सतीश शाह जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म 1978 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

  • Sunny vs Rani: बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की बॉर्डर 2 से सीधी भिड़ंत, कैसा रहेगा मर्दानी 3 का हाल?

    Sunny vs Rani: बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की बॉर्डर 2 से सीधी भिड़ंत, कैसा रहेगा मर्दानी 3 का हाल?


    नई दिल्ली । रानी मुखर्जी की मोस्ट अवेटेड फिल्म मर्दानी 3 आज 30 जनवरी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। एडवांस बुकिंग के जरिए मर्दानी 3 ने सिर्फ 2.33 करोड़ रुपये की कमाई की ह  Mardaani 3 Day 1 Box Office Collection बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर अच्छी खासी कमाई कर रही है। अभी सनी देओल की फिल्म को रिलीज हुए एक हफ्ता ही हुआ है और बॉक्स ऑफिस पर रानी मुखर्जी की मोस्ट अवेटेड फिल्म मर्दानी 3 ने दस्तक दे दी है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि मर्दानी 3 पहले दिन बॉर्डर 2 के तूफान के आगे टिक पाती है या नहीं।
    11:00 AM – Mardaani 3 LIVE: लोगों को कैसी लगी मर्दानी 3
    मर्दानी 3 देखने के बाद एक यूजर ने लिखा, फिल्म का पहला हाफ दिलचस्प और अच्छा है। रानी मुखर्जी और मल्लिका प्रसाद विलेन ने जबरदस्त एक्टिंग की है। कहानी का सेटअप और कैरेक्टर डेवलपमेंट अच्छे से किया गया है। कुल मिलाकर, एक अच्छी शुरुआत है।
    10:30 AM – Mardaani 3 LIVE: पिछले 10 साल में नहीं हुई एक भी फिल्म फ्लाॅप
    पिछले 10 साल में रानी मुखर्जी की एक भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप नहीं हुई है। साल 2014 में उनकी मर्दानी आई थी। साल 2018 में हिचकी, साल 2019 में मर्दानी 2 2019 और फिर साल 2023 में मिसेज चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे 2023। इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस सक्सेस हासिल कर रानी मुखर्जी की स्टार पावर का परिचय दिया था।

    10:00 AM – Mardaani 3 LIVE: मर्दानी 3 में विलेन कौन है

    मर्दानी 3 में अम्मा नाम की बेहद खौफनाक और शातिर विलेन को दिखाया गया है, जो बेहद ठंडे दिमाग से काम करने वाली एक भिखारी-माफिया क्वीन Beggar-mafia Queen है। वह बच्चों की तस्करी Child Trafficking का एक बड़ा और खतरनाक नेटवर्क चलाती है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले किरदार को थिएटर आर्टिस्ट और मशहूर अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद ने निभाया है।

    9:30 AM – Mardaani 3 LIVE: मर्दानी 1 और मर्दानी 2 ने कितनी कमाई की है

    फिल्म बजट कलेक्शन वर्ल्डवाइड
    मर्दानी 21 करोड़ रुपये 59 करोड़ रुपये
    मर्दानी 2 27 करोड़ रुपये 67 करोड़ रुपये
    मर्दानी 3 75 करोड़ रुपये
    करोड़ रुपये
    9:00 AM – Mardaani 3 LIVE: कहां देखें मर्दानी 1 और मर्दानी 2
    मर्दानी 3 देखने से पहले आप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर मर्दानी 1 और मर्दानी 2 देख सकते हैं।
    8:15 AM – Mardaani 3 Updates: रानी ने भारतीय पुलिस को समर्पित की मर्दानी 3
    रानी मुखर्जी ने मर्दानी 3 को भारतीय पुलिस बल को समर्पित करते हुए कहा, यह फिल्म उन महिला पुलिसकर्मियों के लिए है, जिन्हें समाज में सबसे ज्यादा परखा जाता है और जिन पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए जाते हैं। इसके बावजूद, वे हर डर से कहीं ज्यादा ऊंची खड़ी रहती हैं। मर्दानी 3 सिर्फ इसलिए मुमकिन हो पाई क्योंकि आप लोग निस्वार्थ भाव से देश की सेवा कर रहे हैं।

    8:05 AM – Mardaani 3 Box Office: पहले दिन कितने करोड़ की कमाई करेगी फिल्म
    ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि बॉर्डर 2 की वजह से मर्दानी 3 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर पड़ेगा। ऐसे में रानी मुखर्जी की फिल्म पहले दिन 3 से 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है।
    8:00 AM – Mardaani 3: एडवांस बुकिंग में कैसा रहा प्रदर्शन
    मर्दानी 3 की 39,056 टिकट्स की एडवांस बुकिंग हुई है और एडवांस बुकिंग के जरिए फिल्म ने 2.33 करोड़ रुपये [ब्लॉक सीट्स के साथ] की कमाई की है। वहीं अगर बॉर्डर 2 की बात करें तो सनी देओल की फिल्म ने 4,09,117 टिकट्स की एडवांस बुकिंग कर 17.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो

    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से कहा है कि सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को आवारा जानवरों की समस्या से निपटने के लिए CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत गौशाला/पशु आश्रय बनाने के निर्देश दिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि हर 50 किलोमीटर के बाद ऐसे आश्रय बनाकर आवारा पशुओं की देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है। कोर्ट ने कई राज्यों पर जताया असंतोष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के निर्देशों के पालन पर नाराजगी जताई।
    कोर्ट ने विशेषकर पंजाब सरकार के दैनिक 100 कुत्तों के बधियाकरण प्रयास को अपर्याप्त बताया और इसे “ऊंट के मुंह में जीरे” जैसा बताया। NHAI को ऐप बनाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से कहा कि वह एक ऐप विकसित करे, जिसमें आम लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा जानवरों को देखने पर सूचना (report) कर सकें।
    इससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। राज्यों की रिपोर्ट पर कोर्ट ने उठाए सवाल राजस्थान सरकार ने कहा कि उन्होंने बधियाकरण केंद्र बनाए हैं और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बाड़बंदी की गई है, लेकिन कोर्ट ने इस पर भी संदेह जताया कि केवल 45 वैन से कैसे काम चलेगा।
    न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि जयपुर के लिए ही लगभग 20 वैन की जरूरत होगी और विभिन्न शहरों में वैन की संख्या बढ़ानी होगी। कोर्ट का सख्त संदेश: समस्या बढ़ती जा रही है पीठ ने चेतावनी दी कि अगर आवारा कुत्तों की समस्या पर तुरंत नियंत्रण नहीं हुआ तो हर साल उनकी संख्या 10-15% बढ़ती जाएगी। कोर्ट ने कहा कि 100 कुत्तों का बधियाकरण रोज़ाना कोई बड़ी मदद नहीं है।
    AWBI की स्थिति: 250 से अधिक आवेदन लंबित भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने बताया कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 250 से अधिक बधियाकरण केंद्र और आश्रय खोलने के लिए आवेदन आए, लेकिन अभी तक कई आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने AWBI से कहा कि वे अभ्यर्थियों के आवेदन को जल्द निर्णय दें। कोर्ट ने राज्यों को दिया चेतावनी का संकेत सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को कहा था कि यदि कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि होती है तो राज्यों को भारी हर्जाना देना होगा और कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैंगौशाला, ऐप, CSR के तहत पहलऔर राज्यों को चेतावनी दी है कि इस समस्या को हल न किया गया तो कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है।