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  • बच्चे की नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय: रात में सोने की परेशानी दूर करें

    बच्चे की नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय: रात में सोने की परेशानी दूर करें


    नई दिल्ली। छोटे बच्चों के लिए रात में अच्छी नींद आना कभी-कभी चुनौती बन जाता है। दिनभर खेल-कूद और खाने के बाद भी कई बार बच्चे रात को बार-बार डरकर उठ जाते हैं या बेचैनी के कारण नींद पूरी नहीं ले पाते। इससे न केवल बच्चा चिड़चिड़ा महसूस करता है, बल्कि पूरा परिवार भी थक जाता है।

    आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
    आयुर्वेद में इसे तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़कर देखा गया है। नींद की समस्या को संतुलित करने के लिए आयुर्वेद बच्चों को रात को सोने से पहले थोड़े से घी में गुड़ मिलाकर देने की सलाह देता है। घी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और वात को संतुलित रखता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है। गुड़ हल्की ऊर्जा और स्थिरता देता है। इस उपाय से बच्चा गहरी नींद में सोता है और बार-बार नींद टूटने की समस्या कम होती है।

    वात और तंत्रिका तंत्र पर असर
    रात के समय शरीर में वात की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे नींद प्रभावित होती है। घी वात को नियंत्रित रखकर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। इसके अलावा, इससे नींद लाने वाले हॉर्मोन भी सही तरीके से बनते हैं। बच्चे की दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।

    स्क्रीन टाइम और वातावरण का ध्यान
    अत्यधिक मोबाइल या टीवी का उपयोग मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखता है और नींद में बाधा डालता है। इसलिए रात के समय बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और सोने का समय शांत वातावरण में बिताएं। कमरे का हल्का अंधेरा और शांति नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    कब डॉक्टर से सलाह लें
    अगर बच्चा रात में अत्यधिक डरता है या आयुर्वेदिक उपाय से आराम नहीं मिलता, तो तुरंत बाल विशेषज्ञ से सलाह लें। कभी-कभी नींद की परेशानी किसी और स्वास्थ्य समस्या की वजह से भी हो सकती है।

  • गर्मियों में सहजन का सेवन: पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका

    गर्मियों में सहजन का सेवन: पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका


    नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में अक्सर पाचन संबंधी परेशानियां, थकान, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में आयुर्वेद हमें सहजन (मोरिंगा) खाने की सलाह देता है, जिसे ‘चमत्कारी वरदान’ भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इसके पत्ते, फूल और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं।

    पोषक तत्वों से भरपूर सहजन
    नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सहजन में विटामिन ए, बी, सी, कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन तंत्र को मजबूत करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

    पाचन और वजन नियंत्रण में सहजन की भूमिका
    सहजन में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखता है और कब्ज, गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है। भारी भोजन के बाद पाचन बिगड़ने पर सहजन मदद करता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती। फाइबर की मौजूदगी भूख को नियंत्रित करती है और बार-बार खाने की आदत पर लगाम लगाती है।

    डिटॉक्स और ऊर्जा देने वाला सहजन
    गर्मी में शरीर में पानी और हानिकारक तत्व जमा हो जाते हैं। सहजन प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करता है, सूजन कम करता है और शरीर को हल्का-फुल्का बनाता है। साथ ही यह रक्त में शुगर का स्तर स्थिर रखता है, इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए भी सहजन बेहद फायदेमंद है।

    थकान कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में सहजन
    सहजन में कैल्शियम और विटामिन सी होते हैं, जो गर्मियों में शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं और कमजोरी दूर करते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और गर्मियों में बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।

    सेवन के आसान तरीके
    गर्मियों में सहजन को सब्जी, पत्तों का साग, सूप या जूस के रूप में रोजाना खाया जा सकता है। पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर पानी में मिलाकर पीना भी फायदेमंद है। नियमित सेवन से पाचन मजबूत होता है, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, और शरीर की इम्युनिटी प्राकृतिक तरीके से बढ़ती है।

    गर्मियों में सहजन का सेवन पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित रखने, ऊर्जा बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे प्राकृतिक और आसान तरीका है। यह शरीर को ठंडक देने, डिटॉक्स करने और थकान कम करने में भी मदद करता है, जिससे गर्मियों का मौसम स्वस्थ और हल्का-फुल्का महसूस होता है।

  • रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

    रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी

    बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा

    बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा

    यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं

  • मध्य पूर्व में तनाव का असर: केंद्र ने SEZ यूनिट्स के लिए दरों में कटौती की घोषणा

    मध्य पूर्व में तनाव का असर: केंद्र ने SEZ यूनिट्स के लिए दरों में कटौती की घोषणा


    नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में काम कर रही पात्र इकाइयों के लिए घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) में निर्मित वस्तुओं पर रियायती सीमा शुल्क दरों की घोषणा की। यह कदम केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तहत उठाया गया है, ताकि वैश्विक व्यापार में जारी व्यवधानों के कारण एसईजेड इकाइयों के सामने आ रही चुनौतियों को कम किया जा सके।

    राहत योजना की अवधि और कानूनी आधार
    सीबीआईसी ने इस राहत को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत जारी अधिसूचना 11/2026-सीमा शुल्क (31 मार्च 2026) के माध्यम से लागू किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत पात्र एसईजेड इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों के समान अवसर सुनिश्चित करते हुए रियायती दरों पर बिक्री की अनुमति दी जाएगी।

    सीमा शुल्क दरों में कटौती का विवरण
    राहत योजना के अंतर्गत विभिन्न सीमा शुल्क दरों को घटाया गया है:

    वर्तमान में 30%-40% सीमा शुल्क वाले माल पर अब 20% शुल्क लागू होगा।
    20%-30% सीमा शुल्क वाले माल की दर घटाकर 15% कर दी गई है।
    20% सीमा शुल्क वाले माल पर अब 12.5% शुल्क लगेगा।
    12.5%-15% सीमा शुल्क वाले माल पर 10% शुल्क लागू होगा।
    10% सीमा शुल्क को घटाकर 9%, और 7.5% को घटाकर 6.5% किया गया।

    शर्तें और मूल्यवर्धन आवश्यकता
    इस योजना का लाभ लेने वाली एसईजेड इकाइयों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके निर्मित माल में इनपुट की तुलना में कम से कम 20% मूल्यवर्धन हो। इसके साथ ही, डीटीए में रियायती दरों पर की गई बिक्री पिछले तीन वित्तीय वर्षों में किसी भी वर्ष के उच्चतम वार्षिक एफओबी निर्यात मूल्य के 30% से अधिक नहीं होगी।

    राहत यो जना का क्रियान्वयन
    इस राहत योजना को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की स्वचालित प्रणाली के माध्यम से लागू किया जाएगा। डीटीए क्लीयरेंस के लिए एंट्री बिलों का मूल्यांकन फेसलेस असेसमेंट सिस्टम के तहत किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक व्यापार व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एसईजेड इकाइयों को राहत देने के लिए सीमा शुल्क दरों में कटौती की है। यह कदम देश में विनिर्माण इकाइयों के लिए व्यापार को बढ़ावा देने और निर्यात पर जोर बनाए रखने का स्पष्ट संकेत है।

  • क्रिकेट फैन्स के लिए खास: आईपीएल में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी

    क्रिकेट फैन्स के लिए खास: आईपीएल में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी


    नई दिल्ली।
    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सिर्फ शतक ही नहीं, बल्कि लगातार अर्धशतक बनाना भी बल्लेबाज की निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है। आईपीएल के 19वें सीजन के आगाज के साथ, इस लीग में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है।

    1. विराट कोहली

    आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। 268 मुकाबलों में विराट ने 64 अर्धशतक जमाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 8 शतक भी लगाए हैं। कोहली का 2016 का सीजन बेहद शानदार था, जिसमें उन्होंने 152 के स्ट्राइक रेट से 973 रन बनाए थे। उनकी निरंतरता और बल्लेबाजी की गुणवत्ता उन्हें आईपीएल का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाती है।

    2. डेविड वॉर्नर

    दूसरे नंबर पर डेविड वॉर्नर हैं। 184 मैचों में 62 अर्धशतक बनाने के अलावा, वॉर्नर ने आईपीएल में 4 शतक भी लगाए हैं। 2017 में अपनी कप्तानी में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद को चैंपियन भी बनाया था। वॉर्नर की स्ट्राइक और आक्रामकता हमेशा विपक्षी टीमों के लिए चुनौती रही है।

    3. शिखर धवन

    तीसरे नंबर पर शिखर धवन का नाम है। कई टीमों के लिए खेलने वाले धवन ने 222 मुकाबलों में 51 अर्धशतक लगाए हैं और आईपीएल में 2 शतक भी उनके नाम दर्ज हैं। धवन की क्रीज पर ठहराव और खेल की समझ उन्हें हर टीम के लिए मूल्यवान बनाती है।

    4. रोहित शर्मा

    आईपीएल में सबसे सफल कप्तानों में से एक रोहित शर्मा चौथे नंबर पर हैं। 273 मुकाबलों में 48 अर्धशतक बनाने के अलावा, रोहित ने कई बार मुंबई इंडियंस को फाइनल तक पहुंचाया है। आईपीएल 2026 में उनके पास अर्धशतक का आंकड़ा बढ़ाने का सुनहरा मौका है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक और आक्रामकता का अनूठा मेल देखने को मिलता है।

    5. केएल राहुल

    पाँचवे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल हैं। 45 अर्धशतक बनाने के अलावा, राहुल आईपीएल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज भी हैं। पिछले सीजन उन्होंने 13 मैचों में 149 के स्ट्राइक रेट से 539 रन बनाए थे। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और फिनिशिंग क्षमता उन्हें टीम के लिए अमूल्य बनाती है।

    आईपीएल में अर्धशतक बनाना सिर्फ रन बनाने की क्षमता नहीं, बल्कि बल्लेबाज की निरंतरता और मानसिक दृढ़ता कोभी दर्शाता है। विराट कोहली, डेविड वॉर्नर, शिखर धवन, रोहित शर्मा और केएल राहुल ने लीग के 19 सालों में अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता से फैंस को मंत्रमुग्ध किया है। इन बल्लेबाजों ने न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाए बल्कि अपनी टीमों को जीत की दिशा में भी मजबूत योगदान दिया है।
  • दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव

    दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव


    दतिया । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है जिसमें वर्ष 2015 में भूमि विकास बैंक से एफडीआर रिलीज से संबंधित अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थीं और अब पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विधायक को हिरासत में लिया गया है गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां इस मामले में आगे की सुनवाई होगी सूत्रों के मुताबिक कल अदालत द्वारा सजा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जा सकता है जिससे इस पूरे प्रकरण पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी

    यह मामला वर्ष 2015 से जुड़ा हुआ है जब भूमि विकास बैंक में एफडीआर रिलीज को लेकर कथित गड़बड़ियां सामने आई थीं आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए आर्थिक अनियमितताएं की गईं जिससे वित्तीय नुकसान हुआ इस प्रकरण में जांच के दौरान कई दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की गई जिसके आधार पर अब कार्रवाई तेज की गई है

    राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि प्रदेश स्तर पर भी सियासी असर देखने को मिल सकता है विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं यदि अदालत सजा सुनाती है तो इसका सीधा असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है वहीं यदि राहत मिलती है तो यह मामला एक अलग मोड़ ले सकता है

    गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं हालांकि आधिकारिक रूप से जांच एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत का फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह लंबे समय से लंबित एक वित्तीय अनियमितता के मामले को अंतिम दिशा देगा साथ ही यह भी तय करेगा कि आरोप कितने मजबूत हैं और उनके आधार पर सजा किस हद तक संभव है

    फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं जहां इस मामले में निर्णायक स्थिति सामने आ सकती है यह घटनाक्रम न केवल एक विधायक के राजनीतिक भविष्य के लिए बल्कि प्रदेश की राजनीति के व्यापक परिदृश्य के लिए भी अहम माना जा रहा है

  • आईपीएल के सितारे: 2008 से 2025 तक ऑरेंज कैप जीतने वाले बल्लेबाजों की कहानी

    आईपीएल के सितारे: 2008 से 2025 तक ऑरेंज कैप जीतने वाले बल्लेबाजों की कहानी

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बल्लेबाजों ने हमेशा से ही दर्शकों को चौके-छक्कों की बारिश से रोमांचित किया है। इस लीग का सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान ऑरेंज कैप है, जिसे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज को दिया जाता है। आईपीएल का पहला ऑरेंज कैप शॉन मार्श  ने 2008 में जीता। किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए उन्होंने 11 मुकाबलों में 616 रन बनाए और 139 के स्ट्राइक रेट से अपने बल्ले की ताकत दिखाई।

    ऑरेंज कैप की दौड़ 2009 में भी रोमांचक रही

    चेन्नई सुपर किंग्स के मैथ्यू हेडन ने 12 मैचों में 572 रन बनाए और शानदार स्ट्राइक रेट 144 से ऑरेंज कैप अपने नाम की। उसी साल मुंबई इंडियंस के सचिन तेंदुलकर ने भी 15 मुकाबलों में 618 रन बना कर दर्शकों को रोमांचित किया।

    क्रिस गेल का धमाल और लगातार जीत



    2011 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के क्रिस गेल ने 12 मैचों में 608 रन बनाए और टीम को फाइनल तक पहुंचाया। अगले साल, 2012 में उन्होंने लगातार दूसरी बार ऑरेंज कैप जीतकर इतिहास रचा, 15 मैचों में 733 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि वह आईपीएल के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं।

    माइकल हसी और रॉबिन उथप्पा की चमक



    2013 में चेन्नई सुपर किंग्स के माइकल हसी ने 17 मुकाबलों में 733 रन बनाए, जबकि 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स के रॉबिन उथप्पा ने 660 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया।

    डेविड वॉर्नर और विराट कोहली का परचम

    सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर ने 2015 में 562 रन, 2017 में 641 रन और 2019 में 692 रन बनाकर तीन बार ऑरेंज कैप अपने नाम किया। वहीं, 2016 में विराट कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 973 रन बनाए, जिसमें 4 शतक शामिल थे और यह आईपीएल के इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड आज भी कायम है।

    केन विलियमसन और केएल राहुल की धमाकेदार बल्लेबाजी



    2018 में सनराइजर्स हैदराबाद के केन विलियमसन ने 735 रन बनाए, जबकि 2020 में पंजाब किंग्स के केएल राहुल ने 670 रन बनाकर टीम के लिए ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाया।

    नवीनतम सितारे: ऋतुराज गायकवाड़, जोस बटलर और शुभमन गिल



    2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के ऋतुराज गायकवाड़ ने 16 मैचों में 635 रन बनाए, 2022 में राजस्थान रॉयल्स के जोस बटलर ने 17 मैचों में 863 रन बनाए, और 2023 में गुजरात टाइटंस के शुभमन गिल ने 17 मुकाबलों में 890 रन बनाकर आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर खुद को रखा।

    विराट कोहली और साई सुदर्शन की नई उड़ान

    2024 में विराट कोहली ने 15 मैचों में 741 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल थे। आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन ने 15 मैचों में 759 रन बनाकर ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाया और अपनी बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया।



    आईपीएल में 2008 से 2025 तक ऑरेंज कैप ने खिलाड़ियों की बल्लेबाजी प्रतिभा को उजागर किया। शॉन मार्श से लेकर साई सुदर्शन तक, हर बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से लीग को रोमांचक बनाया और दर्शकों के लिए लगातार यादगार क्षण दिए। इस दौरान कई खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड बनाए, लगातार ऑरेंज कैप जीती, और आईपीएल को दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट टूर्नामेंट के रूप में स्थापित किया।

  • अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में बनाई बड़ी उपलब्धि, नवीकरणीय ऊर्जा में 5 गीगावाट से अधिक की वृद्धि

    अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में बनाई बड़ी उपलब्धि, नवीकरणीय ऊर्जा में 5 गीगावाट से अधिक की वृद्धि


    नई दिल्ली।अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने वित्त वर्ष 2025–26 में 5 गीगावाट (5,051 मेगावाट) से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़कर अपनी कुल परिचालन क्षमता 19.3 गीगावाट तक पहुंचा दी है। चीन को छोड़कर यह किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में की गई सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड क्षमता वृद्धि मानी जा रही है।

    नई क्षमता का विवरण

    नई जोड़ी गई क्षमता में 3.4 गीगावाट सौर ऊर्जा, 0.7 गीगावाट पवन ऊर्जा और 1 गीगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता शामिल है। कंपनी के अनुसार, यह हर साल लगभग 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी। कुल 19.3 गीगावाट क्षमता सालाना 3.6 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ऑफसेट करने में सक्षम है।

    एजीईएल का लक्ष्य और वैश्विक महत्व


    एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि 5 गीगावाट से अधिक नई क्षमता जोड़ना भारत के रिन्यूएबल ऊर्जा सेक्टर के लिए अहम मोड़ है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी देश के रूप में पहचान मिलेगी और लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी। यह उपलब्धि 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है।

    खावड़ा प्रोजेक्ट: दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल ऊर्जा केंद्र


    ज्यादातर नई क्षमता गुजरात के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में जोड़ी गई है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रोजेक्ट में अब तक 9.4 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है और 2029 तक 30 गीगावाट का लक्ष्य है।

    बैटरी स्टोरेज और तकनीकी उन्नयन


    कंपनी ने खावड़ा में 1,376 मेगावाट-घंटे की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) क्षमता भी शुरू की है। यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन प्रोजेक्ट्स में से एक है और सिर्फ 8 महीनों में पूरा किया गया। इसके जरिए ग्रिड की स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद मिलती है।

    सोलर और पवन टेक्नोलॉजी का इनोवेशन

    एडवांस बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल्स दोनों तरफ से सूरज की रोशनी लेकर बिजली बनाते हैं।
    सोलर ट्रैकर्स से उत्पादन अधिकतम किया जाता है।
    5.2 मेगावाट के पवन टर्बाइन दुनिया के सबसे शक्तिशाली ऑनशोर टर्बाइनों में शामिल हैं।
    पानी रहित रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम से सोलर पैनल की सफाई होती है, जिससे लगभग शून्य पानी की जरूरत पड़ती है और दक्षता बढ़ती है।

     अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में 5 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा जोड़कर भारत और दुनिया में रिकॉर्ड दर्ज किया। खावड़ा प्रोजेक्ट और बीईएसएस क्षमता के साथ कंपनी स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रही है, जबकि सोलर और पवन टेक्नोलॉजी में नवाचार से उत्पादन और दक्षता दोनों बढ़ रही है।
  • नए वित्तीय साल में नए नियम: 1 अप्रैल से आयकर और LPG में बदलाव, जानिए असर

    नए वित्तीय साल में नए नियम: 1 अप्रैल से आयकर और LPG में बदलाव, जानिए असर


    नई दिल्ली। भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही आम आदमी की आर्थिक जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। करीब 65 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। इसके साथ ही जीएसटी व्यवस्था, बैंकिंग नियम, डिजिटल पेमेंट और रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई अहम बदलाव भी लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

    नए टैक्स सिस्टम के तहत अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे टैक्स कैलकुलेशन आसान हो जाएगा। सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को करमुक्त रखने का ऐलान किया है। साथ ही, टैक्स से जुड़े नियमों को सरल भाषा में पेश किया गया है ताकि आम लोगों को समझने में आसानी हो और अनुपालन बेहतर हो सके।

    आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त तय की गई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।

    इसके अलावा, अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है, जो पहले 5,000 रुपए थी। बच्चों के शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवारों को राहत मिलेगी।

    हालांकि, इस बीच महंगाई का दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले 1884.50 रुपए थी। इसका असर होटल और रेस्टोरेंट के खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ना तय है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। इसी तरह कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।

    पैन कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब सिर्फ आधार के आधार पर पैन बनवाना संभव नहीं होगा और अतिरिक्त दस्तावेज देना जरूरी होगा। बड़े लेनदेन के लिए पैन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, क्रेडिट कार्ड से बड़े खर्च की जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।

    मकान किराया भत्ता (एचआरए) के नियमों को भी कड़ा किया गया है। अब किराये की छूट पाने के लिए मकान मालिक का पैन और अन्य विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों में शामिल कर लिया गया है, जिससे इन शहरों में रहने वालों को 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी।

    बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भी बदलाव हुए हैं। अब एटीएम से यूपीआई के जरिए नकद निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट में गिना जाएगा। वहीं, सभी डिजिटल पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगेगी।

    यात्रियों के लिए रेलवे नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कंफर्म टिकट पर रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा। वहीं, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।

    हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग महंगा हो गया है और टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान करना होगा, अन्यथा जुर्माना देना पड़ सकता है।

  • निवेशकों के लिए राहत: पुराने निवेश ट्रांसफर से होने वाली आय पर नहीं लगेगा जीएएआर

    निवेशकों के लिए राहत: पुराने निवेश ट्रांसफर से होने वाली आय पर नहीं लगेगा जीएएआर


    नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेश के ट्रांसफर से होने वाली आय पर जनरल एंटी-अवॉइडेंस रूल्स (जीएएआर) लागू नहीं होगा। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और निवेशकों को पुराने निवेशों (लेगेसी इन्वेस्टमेंट) पर भरोसा और स्पष्टता प्रदान करेगा।

    पीछे का घटनाक्रम और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

    यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा मॉरीशस स्थित टाइगर ग्लोबल इंटरनेशनल के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद आया है। कोर्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट से एग्जिट पर हुए मुनाफे पर आयकर विभाग के टैक्स लगाने के अधिकार को सही ठहराया था। इससे स्पष्ट हुआ कि पुराने निवेश और नए निवेश पर टैक्स नियमों की व्याख्या में अंतर हो सकता है, जिसे अब सीबीडीटी ने स्पष्टीकरण के जरिए दूर किया है।

    नए आयकर ढांचे में अन्य बदलाव

    नए वित्त वर्ष से लागू नए आयकर कानून ने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है। इस कानून में अनुपालन, शब्दावली और टैक्स प्रणाली में कई बदलाव किए गए हैं।

    टैक्स ईयर का परिचय: अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ (एफवाई) और ‘असेसमेंट ईयर’ (एवाई) की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ लागू होगा, जिससे रिटर्न फाइल करना आसान होगा और टैक्सपेयर्स के लिए स्पष्टता बढ़ेगी आईटीआर फाइलिंग समय-सीमा: सैलरी पाने वाले लोगों के लिए डेडलाइन 31 जुलाई रहेगी, जबकि सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स जैसे नॉन-ऑडिट मामलों में अब 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।

    एफएंडओ ट्रेडिंग शुल्क: यूनियन बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाए जाने के कारण फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) में ट्रेडिंग पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।
    शेयर बायबैक टैक्स: अब कंपनियों के शेयर बायबैक पर टैक्स को ‘डिविडेंड’ की बजाय ‘कैपिटल गेन’ के रूप में लिया जाएगा, जिससे प्रमोटर्स और रिटेल निवेशकों दोनों पर असर पड़ेगा।

     सीबीडीटी ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेश पर जीएएआर लागू नहीं होगा। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और निवेशकों को पुराने निवेशों पर भरोसा देंगे। इसके साथ ही नए आयकर कानून में टैक्स ईयर, आईटीआर समय-सीमा, एफएंडओ शुल्क और शेयर बायबैक टैक्स जैसी महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं, जो टैक्स प्रणाली को अधिक स्पष्ट और आसान बनाएंगे।