Blog

  • उल्टे निकल रहे ट्रंप की विदेश नीति के नतीजे… EU-India ने कर ली डील, चीन से हाथ मिला रहे कनाडा-बिट्रेन

    उल्टे निकल रहे ट्रंप की विदेश नीति के नतीजे… EU-India ने कर ली डील, चीन से हाथ मिला रहे कनाडा-बिट्रेन


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) अपनी विदेश नीति से जो भी हासिल करने निकले हों, नतीजा उल्टा निकलता दिख रहा है। ईयू-भारत ने डील (EU-India deal) कर ली। हाल तक एक-दूसरे के लिए आक्रामक रहे कनाडा और चीन हाथ मिला रहे हैं और करीब आठ साल बाद कोई ब्रिटिश पीएम (British PM) चीन पहुंच रहे हैं। कभी अमेरिकी खेमे का अनिवार्य अंग रहे पश्चिमी देश अपने हितों की तलाश में एशिया का रुख कर रहे हैं। इस शृंखला में ताजा नाम है, ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर। चीन के साथ राजनीतिक और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने का मकसद लिए स्टार्मर 28 जनवरी को बीजिंग पहुंचे हैं।


    ट्रंप चाहते कुछ हैं, हो कुछ और रहा है?

    इसके पीछे सबसे बड़ी वजह माने जा रहे हैं ट्रंप। अमेरिकी राष्ट्रपति का मनमाना और एकतरफा रवैया इतना नियमित हो गया है कि पश्चिमी सहयोगियों के लिए हैरान होने की भी सहूलियत नहीं बची है। विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिमी गठबंधन की हालत डांवाडोल है और अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी वक्त गंवाए बिना अपने लिए बैकअप खोज रहे हैं। मसलन, करीब दो दशक से भारत और ईयू में व्यापारिक समझौते पर सहमति नहीं बन पाई थी। अब ट्रंप फैक्टर ने बातचीत को इतनी रफ्तार दे दी कि डील हो गई।

    ब्रिटेन और अमेरिका सबसे करीबी दोस्त रहे हैं। ब्रिटेन अब भी अमेरिका को अपना सबसे प्राथमिक सहयोगी मानता है। पहले यह भावना साझा थी, लेकिन ट्रंप के आने के बाद खासतौर पर ट्रंप 2.0 में ब्रिटेन अब इस दोस्ती पर आश्वस्त रहने की हालत में नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में किएर स्टार्मर बतौर प्रधानमंत्री पहली बार चीन पहुंचे हैं। बल्कि, आठ साल बाद यह पहली बार है जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चीन गए हैं। पिछली बार मई 2018 में थिरेसा मे चीन गई थीं।

    अपनी यात्रा का आशय स्पष्ट करते हुए स्टार्मर ने कहा कि चीन जिस तरह के आर्थिक मौके दे रहा है, उसकी अनदेखी कर पाना ब्रिटेन के लिए मुमकिन नहीं होगा। बीजिंग जाते हुए अपने विमान में पत्रकारों से बात करते हुए स्टार्मर ने शुतुरमुर्ग के रेत में सिर घुसाने वाली कहावत दोहराते हुए कहा कि चीन से “बातचीत करना हमारे हित में है। यह ट्रिप हमारे लिए वाकई अहम होने वाली है और हम असल में आगे बढ़ेंगे।” चीन में स्टार्मर की मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से होनी है। इसके बाद 30 जनवरी को वह स्थानीय कारोबारियों से बातचीत के लिए शंघाई जाएंगे। स्टार्मर अपने साथ 50 से ज्यादा कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल ले गए हैं।


    स्वाभाविक सहयोगी नहीं रहे हैं चीन और ब्रिटेन?

    औपनिवेशिक अतीत और सम-सामयिक रिश्तों का भार चीन और ब्रिटेन के रिश्तों का स्वभाव तय करता आया है। इसमें हांगकांग भी एक कारक है, जो कभी ब्रिटेन के नियंत्रण में था। यहां राजनीतिक आजादी का दमन और मानवाधिकार-लोकतांत्रिक अधिकारों की स्थिति, दोनों देशों के बीच रुखेपन की वजह रही। उसपर यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के लिए चीन के समर्थन ने दोनों के हितों को विरोधाभासी बनाया।

    5जी नेटवर्क देने वाली चीनी कंपनियों पर गहरा अविश्वास, ब्रिटेन की सुरक्षा चिंताओं का एक हिस्सा है। वह चीन को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम मानता है। ब्रिटिश खुफिया सेवाओं का आरोप है कि चीन उनके अधिकारियों और नेताओं की जासूसी करवाता है, ब्रिटेन के सार्वजनिक जीवन में दखल देने और आलोचकों-विरोधियों को डराने की कोशिश करता है। इस तरह के मुद्दे और आरोप-प्रत्योरोप सालों से दोनों देशों के संबंध को दिशा देते आए हैं।

    ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई5 के प्रमुख केन मैककैलम ने चेताया था कि ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “चीन के स्टेट ऐक्टर्स” जोखिम हैं। ऐसे में स्टार्मर की यात्रा चीन और ब्रिटेन के आपसी रिश्तों में गर्माहट लाने का एक अहम बिंदु बन सकती है। हालांकि, स्टार्मर कह चुके हैं कि चीन की तरफ से मिलने वाले आर्थिक मौकों को लेने के लिए वह “राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता” नहीं करेंगे।


    स्टार्मर की चीन यात्रा पर हावी है ट्रंप फैक्टर?

    ट्रंप का रुख और यूरोपीय देशों के प्रति बहुत हद तक उनका अपमानजनक रवैया, स्टार्मर की चीन यात्रा का प्रमुख बैकड्रॉप मानी जा रही है। स्टार्मर की छवि ऐसे नेता की रही है जो गहरे तनाव के बीच भी अमेरिका के साथ सहयोग जारी रखने को अपना कंपास बनाकर चलते हैं। कई झटकों और सार्वजनिक फब्तियों के बावजूद वह ट्रंप पर बहुत नापतौल कर बोलते आए हैं। मगर बीते दिनों तीन ऐसे प्रकरण हुए, जहां स्टार्मर का रवैया और बयान अपेक्षाकृत सख्त रहा।

    पहला प्रकरण ग्रीनलैंड से जुड़ा है, जब ट्रंप ने वहां सैन्य अभ्यास के लिए अपने सैनिक भेजने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। फिर, ट्रंप ने चागोस द्वीपसमूह मॉरीशस की संप्रभुता मॉरीशस को लौटाने के लिए ब्रिटेन की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की। इसके अलावा, अफगानिस्तान में नाटो सैनिकों के योगदान पर ट्रंप की टिप्पणी ने भी काफी असहज स्थिति पैदा की।

    कई लीडर मुखरता से कह रहे हैं कि अमेरिका की बदली प्राथमिकताओं के मद्देनजर अब यूरोपीय ब्लॉक के लिए दूसरी जगहों पर अपने हित तलाशना अनिवार्य सा हो गया है। हाल ही में दावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में भी यह बात कई बार सुनाई दी। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने पत्रकारों से कहा, “हम जानते हैं हमें एक आजाद यूरोप की तरह काम करना होगा।”

    पॉलिटिको के लिए एक लेख में17 विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह दुनिया अमेरिका से दूर होते हुए नए अवसर खोज रही है। इसी आर्टिकल में ‘कार्निगी एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ के सीनियर फेलो स्टीवर्ट पैट्रिक लिखते हैं, “हम कभी जिस वैश्विक व्यवस्था को जानते थे, वो मर चुकी है। ट्रंप प्रशासन इसका हत्यारा भी है और वह भी, जिसपर इसके अंतिम संस्कार का दायित्व है। पुराने सहयोगी भी अब इस सच्चाई के साथ तारतम्य बिठाने लगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक शिकारी सुप्रीम लीडर बन गया है।”

    पैट्रिक ने लिखा कि किस तरह ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों ने अपने कूटनीतिक पोर्टफोलियो में विवधता लाना शुरू कर दिया था। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का दूसरा साल शुरू होते-होते ये कोशिशें सबसे ऊपर के गीयर में पहुंच गई हैं। इस एहसास के साथ ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देश आर्थिक और सुरक्षा समीकरणों में विविधता लाने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल वे ट्रंप को सीधे से नाराज नहीं करने का प्रयास भी कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप की राजनीतिक शैली के हिसाब से यह आसान नहीं होगा।

    जैसा कि पूर्व विदेश सचिव जेरमी हंट ने बीबीसी से बातचीत में ध्यान दिलाया कि प्रधानमंत्री के आगे वाकई एक कूटनीतिक मुश्किल है, “चीन के साथ ज्यादा व्यापार से बेशक कुछ फायदे होंगे, लेकिन इसमें बहुत बड़ा जोखिम भी है।” स्टार्मर भी लगातार कहते रहे हैं कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच सहयोग का इतिहास कितना समृद्ध और पुराना है। ग्रीनलैंड के मुद्दे पर जब ट्रंप ने टैरिफ का एलान किया, तो अपना विरोध जताते हुए भी स्टार्मर ने ब्रिटेन और अमेरिका के गहरे रिश्तों की याद दिलाई। चीन जाते हुए भी उन्होंने यह दोहराया, “संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारा जो रिश्ता है, वह हमारे सबसे करीबी संबंधों में से एक है। रक्षा में, सुरक्षा में, खुफिया सेवाओं और व्यापार समेत बहुत से क्षेत्रों में है।”


    चीन को लेकर स्टार्मर पर घरेलू दबाव भी है

    चीन जाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि ब्रिटेन में आर्थिक विकास को गति देने और जीवनस्तर सुधारने की उनकी योजनाओं को पूरा करने में यह मददगार होगा। हालांकि, स्टार्मर की इस रणनीति की घर और बाहर, खासकर अमेरिका में आलोचना भी हो रही है। चीन और ब्रिटेन की राजनीतिक व्यवस्था का आधारभूत अंतर भी संदेह की एक बड़ी वजह है। बीजिंग के प्रति कायम अविश्वास के मद्देनजर आशंका जताई जा रही है कि स्टार्मर चीन की ओर से मिल रहे सुरक्षा जोखिमों को कम करके आंक रहे हैं।

    विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की नेता केमी बाडेनॉख ने कहा, “बात जब चीन की हो, तो किएर स्टार्मर बहुत ज्यादा कमजोर हैं।” हां, हमें चीन के साथ रिश्ता चाहिए। लेकिन, चीन लोकतंत्र में यकीन नहीं करना। उसने हमारे सांसदों पर प्रतिबंध लगाया, वह वैश्विक व्यापारिक व्यवस्था में व्यवधान डालता है और ताइवान पर उसकी योजनाएं हैं।

    स्टार्मर पर जिनपिंग के साथ वार्ता में कुछ खास मुद्दों को उठाने का दबाव है। इनमें तीन मुद्दे अहम हैं। एक, लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जिमी लाई की कैद। जिमी ब्रिटिश नागरिक हैं और जिस तरह उनपर मुकदमा चलाया गया और सजा सुनाई गई, उसपर गंभीर सवाल हैं। ब्रिटेन में एक वर्ग स्टार्मर से अपेक्षा करता है कि वह मजबूती से जिमी लाई को रिहा करने की मांग करें। इसके अलावा, वह चीनी नेतृत्व से यूक्रेन युद्ध पर दो-टूक बात करें और बेलाग कहें कि वे रूस पर लड़ाई खत्म करने का दबाव बनाएं। तीसरा विषय, उइगर अल्पसंख्यकों का भी मुद्दा उठाएं।

    स्टार्मर ये मसले उठाएंगे या नहीं, इसका उन्होंने कोई संकेत नहीं दिया है। बल्कि चीन रवाना होने से पहले जब उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। चीनी लीडरों के साथ वह किन मुद्दों पर बात करेंगे, इस विषय में भी बात करने से वह हिचकते दिखे। उन्होंने कहा, “अतीत में, मैंने जितनी भी यात्राएं की हैं, उनमें मैंने हमेशा उन मुद्दों को उठाया है जिन्हें उठाए जाने की जरूरत है। लेकिन मैं समय से पहले ही इन ब्योरों पर बात नहीं करना चाहता।”

  • Gold Price Today: सोने-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी 4 लाख के पार

    Gold Price Today: सोने-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी 4 लाख के पार

    नई दिल्ली। घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार, 29 जनवरी को सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने भी नया शिखर छू लिया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी, वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते कीमती धातुओं में यह उछाल देखा जा रहा है।

    एमसीएक्स पर सोने ने लगाई लंबी छलांग

    MCX पर 5 फरवरी 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर गुरुवार को 1,69,882 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इससे पहले के कारोबारी सत्र में सोना 1,65,915 रुपये पर बंद हुआ था। सुबह करीब 10 बजे सोना तेज उछाल के साथ 1,80,300 रुपये पर ट्रेड करता दिखा, यानी एक ही दिन में लगभग 14,300 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में गोल्ड का उच्चतम स्तर 1,80,501 रुपये रहा।

    चांदी भी रिकॉर्ड जोन में

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी 4,04,879 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब 19,500 रुपये ज्यादा है। कारोबार के दौरान चांदी ने 4,07,456 रुपये का हाई लेवल भी छू लिया, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।

    शहरों में क्या हैं सोने के ताजा भाव

    गुड रिटर्न के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं।

    दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,79,000 रुपये, 22 कैरेट 1,64,100 रुपये और 18 कैरेट 1,34,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

    मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव 1,78,850 रुपये, 22 कैरेट 1,63,950 रुपये और 18 कैरेट 1,34,140 रुपये है।

    चेन्नई में सोना सबसे महंगा नजर आ रहा है, जहां 24 कैरेट का भाव 1,83,280 रुपये, 22 कैरेट 1,68,000 रुपये और 18 कैरेट 1,39,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    अहमदाबाद और पटना में 24 कैरेट सोना 1,78,900 रुपये, 22 कैरेट 1,64,000 रुपये और 18 कैरेट 1,34,190 रुपये पर पहुंच गया है।

    खरीदारी से पहले जानना जरूरी

    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और डॉलर में कमजोरी के चलते सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। यही वजह है कि कीमतों में तेज उछाल दिख रहा है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।

  • कानूनी पचड़े में फंसे रणवीर सिंह, बेंगलुरु में दर्ज हुई एफआईआर, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

    कानूनी पचड़े में फंसे रणवीर सिंह, बेंगलुरु में दर्ज हुई एफआईआर, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

    नई दिल्ली | बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. उन पर आरोप है कि पिछले साल फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्होंने कर्नाटक की पवित्र ‘दैव परंपरा’ का मजाक उड़ाया. इस मामले ने अब इतना तूल पकड़ लिया है कि बेंगलुरु में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. ‘कांतारा’ फिल्म के बाद चर्चा में आए इस खास अनुष्ठान को लोग बेहद पवित्र मानते हैं और रणवीर ने मंच पर इसकी नकल उतारा जो प्रशंसकों और भक्तों को नागवार गुजरा.

    नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार(Bollywood star) रणवीर सिंह(Ranveer Singh) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया(International Film Festival of India) के मंच पर जोश दिखाना उन्हें अब भारी पड़ गया है. दरअसल, रणवीर पर आरोप है कि उन्होंने वहां ऋषभ शेट्टी(Rishab Shetty)की फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के पवित्र दैव अनुष्ठान की नकल की और मजाक उड़ाया. इस मामले ने अब कानूनी तूल पकड़ लिया है और बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है. यह पूरी घटना 28 नवंबर 2025 की है, जिसने अब जाकर उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं.

    इवेंट के दौरान रणवीर सिंह ने मंच पर परफॉर्मेंस दी थी, जिस पर अब धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है. हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 इंग्लिश के मुताबिक, अदालत के निर्देश के बाद बुधवार को बेंगलुरु पुलिस ने औपचारिक रूप से यह शिकायत दर्ज की. दैव अनुष्ठान को बेहद पवित्र और आस्था से जुड़ा माना जाता है, यही वजह है कि रणवीर की मिमिक्री ने अब कानूनी तूल पकड़ लिया है.
    रणवीर सिंह पर चावुंडी दैव का अपमान करने का आरोप
    यह शिकायत बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल ने दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप है कि रणवीर सिंह ने अपनी परफॉर्मेंस के जरिए तटीय कर्नाटक की बेहद पवित्र चावुंडी दैव परंपरा का अपमान किया है, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है. इस मामले में रणवीर सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 299 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

    पवित्र अभिव्यक्तियों की नकल उतार उड़ाया मजाक
    एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता का आरोप है कि रणवीर सिंह ने स्टेज पर अपनी परफॉर्मेंस के दौरान पवित्र दैव परंपरा का मजाक उड़ाया. उन्होंने दैव अनुष्ठान जैसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े विषय को बेहद भद्दे, मजाकिया और अपमानजनक तरीके से पेश किया. शिकायत में इस बात पर खास तौर पर आपत्ति जताई गई है कि रणवीर ने परफॉर्मेंस के दौरान पंजुरली और गुलिगा दैव से जुड़ी पवित्र मुद्राओं और भावों की नकल उतारी, जिसे इस परंपरा को मानने वालों ने अपनी आस्था का अपमान माना है.

    रणवीर सिंह ने चावुंडी दैव को कहा महिला भूत?
    वकील ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रणवीर सिंह ने चावुंडी दैव को फीमेल घोस्ट (महिला भूत) कहकर संबोधित किया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, रणवीर की यह टिप्पणी न केवल गलत है, बल्कि यह इस पवित्र शक्ति के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को पूरी तरह से धूमिल करती है.
    अदालत ने रणवीर सिंह पर अपनाया कड़ा रुख
    अब यह पूरा मामला बेंगलुरु के प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट कोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है, जहां अदालत इस केस की बारीकी से जांच कर रही है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की तारीख तय की है. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, वकील प्रशांत मेथल ने पिछले साल 27 दिसंबर को बेंगलुरु के अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने एक निजी शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने 23 जनवरी को कड़ा रुख अपनाया और हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन को आदेश दिया कि वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 175(3) के तहत इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करे.
  • कपिल शर्मा ने गालियां दीं, धमकाया', कॉमेडियन पर लगे चौंकाने वाले आरोप, पुराने केस पर फिर मचा बवाल

    कपिल शर्मा ने गालियां दीं, धमकाया', कॉमेडियन पर लगे चौंकाने वाले आरोप, पुराने केस पर फिर मचा बवाल

    नई दिल्ली | कॉमेडियन कपिल शर्मा के 2018 के विवाद पर फिर चर्चा तेज हो गई है. पत्रकार ने उनपर फोन पर धमकी और गाली देने के आरोप लगाए हैं. कपिल से जुड़ा ये पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है. पत्रकार ने कहा कि वो पर्दे पर कुछ और हैं, सामने कुछ और हैं.
    कॉमेडियन कपिल शर्मा का विवादों से गहरा नाता रहा है. साल 2018 में कपिल उस वक्त गलत वजहों से सुर्खियों में आ गए थे, जब उन पर एक पत्रकार को धमकाने का आरोप लगा था. उस पत्रकार ने कपिल के खिलाफ एक खबर लिखी थी. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं. अब कई साल बाद, उसी पत्रकार ने इस घटना को लेकर कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं.

    ‘कपिल ने साबित किया वो मूर्ख हैं’
    हाल ही में एक इंटरव्यू में पत्रकार विक्की लालवानी ने दावा किया कि कपिल शर्मा ने न सिर्फ उनकी रिपोर्ट पढ़ने के बाद उन्हें फोन किया, बल्कि उन्हें धमकाया और गालियां भी दीं. इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से, ‘मेरी सहेली’ नाम के पॉडकास्ट में बात करते हुए ललवानी ने कहा- 24 अप्रैल 2018 को मुझे कपिल शर्मा का फोन आया. उन्होंने कहा कि मैं जो भी लिखता हूं, वह उनके खिलाफ होता है और फिर उन्होंने मुझे गालियां देना शुरू कर दिया, उन्होंने बहुत बुरी तरह से बात की. उस घटना के साथ कपिल ने खुद को मूर्ख साबित कर दिया और दुनिया को दिखा दिया कि वह किस तरह के इंसान हैं.

    ललवानी ने आगे कहा- पहले भी कई कलाकारों को मीडिया की लिखी बातों से आपत्ति रही है, लेकिन किसी ने ऐसा व्यवहार नहीं किया. अगर आप इंटरव्यू नहीं देना चाहते, तो वह आपकी मर्जी है. अगर किसी खबर से आपत्ति है, तो आप हमें लिख सकते हैं या हमारे ऑफिस आकर बात कर सकते हैं. हमेशा कोई न कोई तरीका होता है अपनी बात रखने का. लेकिन कपिल लगातार गलत बातें कहते रहे और तब जनता ने कपिल शर्मा का असली चेहरा देख लिया. जो कपिल शर्मा गोविंदा के साथ नाचते हैं और अर्चना पूरन सिंह के साथ हंसते हैं, मुझे वह असली कपिल शर्मा नहीं लगते.
    वहीं काम की बात करें तो कपिल शर्मा इस वक्त अपने शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के तीसरे सीजन को होस्ट कर रहे हैं. हाल ही में वह फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ में भी नजर आए थे. यह फिल्म दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन धुरंधर फिल्म की जबरदस्त लहर के चलते बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई. इसके बाद इसे इसी महीने दोबारा रिलीज किया गया.

  • शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना

    शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री पवार को विनम्र श्रद्धांजलि देकर बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की परम शांति की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री अजित पवार एक उदार छवि वाले महाराष्ट्र के जमीनी राजनेता थे। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों के दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दिया। वे गरीब, वंचित और पिछड़ों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में कहा कि महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट में लैंडिंग के प्रयास के दौरान हुआ विमान हादसा हृदय विदारक है। इसमें श्री अजित पवार सहित पांच व्यक्तियों के निधन की सूचना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री पवार उनके अच्छे मित्र थे। उनके निधन से मन व्यथित और पीड़ा से भरा हुआ है। श्री पवार का इस तरह से हम सबको छोड़कर चले जाना अविश्वनीय है। दु:ख की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार श्री अजित पवार के समर्थकों और शोकाकुल परिजन के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्लेन दुर्घटना में मृत सभी व्यक्तियों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की भागीदारी बढ़ने के साथ ही दर्शकों की मांग भी बढ़ी है। हालिया विजय हजारे ट्रॉफी में जब टीम इंडिया के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा खेल रहे थे, तब भी उनके मैचों का लाइव प्रसारण नहीं हुआ, जिससे फैंस में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।

    अब BCCI ने इस मुद्दे पर साफ संकेत दे दिए हैं कि वह घरेलू क्रिकेट की ब्रॉडकास्ट नीति में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण को लेकर कोई सवाल नहीं उठता था, लेकिन अब दर्शक और मीडिया दोनों ही यह मांग कर रहे हैं कि इंटरनेशनल खिलाड़ियों के मैच लाइव दिखाए जाएं।

    BCCI के पास फिलहाल 100 घरेलू मैचों का टेलीकास्ट कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे अगले सीजन से बढ़ाने की योजना है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब घरेलू क्रिकेट में शीर्ष खिलाड़ी नियमित रूप से खेल रहे हैं, तो दर्शक भी इन मैचों को लाइव देखना चाहते हैं। इसलिए बोर्ड 100 मैचों की सीमा बढ़ाकर अधिक मैचों का टेलीकास्ट कराएगा और इसके लिए ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    देवजीत सैकिया ने घरेलू क्रिकेट में इंटरनेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहकर युवा खिलाड़ी खेल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और सीखते हैं।

    हालांकि यह बदलाव कब लागू होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा BCCI अगले सीजन की शुरुआत से पहले कर सकता है। लेकिन यह साफ है कि BCCI घरेलू क्रिकेट को और अधिक प्रोफेशनल और दर्शक-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ियों की वजह से घरेलू क्रिकेट में दर्शकों की रुचि बढ़ी है, और BCCI भी घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण की संख्या बढ़ाकर इस मांग को पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

  • अब तक 1.57 लाख ग्रामीण कृषकों को मात्र 5 रुपये में मिला नया विद्युत कनेक्शन

    अब तक 1.57 लाख ग्रामीण कृषकों को मात्र 5 रुपये में मिला नया विद्युत कनेक्शन


    भोपाल ।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्यक्षेत्र में ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को अब मात्र 5 रुपये में स्थायी घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसंबर 2024 से यह योजना शुरू हुई है तब से अब तक इस योजना का लाभ 01 लाख 57 हजार 359 ग्रामीण कृषकों को मिल चुका है। इनमें से 58 हजार 711 घरेलू तथा 98 हजार 648 कृषि पंप कनेक्शन शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू तथा कृषि पम्पों के कनेक्शनों की संख्या बढ़ाए जाने के लिये ऐसे कृषक जो विद्युत की उपलब्ध लाइन के समीप स्थित हैं उनको सुविधानुसार आसानी से स्थाई कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है।

    नवीन घरेलू एवं कृषि पंप के लिये स्थायी विद्युत कनेक्शन का आवेदन सरल संयोजन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए portal.mpcz.in पर मांगी गई आवश्यक जानकारी देनी होती है। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

  • पीएम सूर्य घर योजना के तहत 29,275 उपभोक्ताओं को मिली 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

    पीएम सूर्य घर योजना के तहत 29,275 उपभोक्ताओं को मिली 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी


    भोपाल ।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल 29 हजार 273 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इन्हें 228 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

    गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज दिनांक तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

  • अमेरिका–दक्षिण कोरिया टैरिफ विवाद पर नरम पड़े ट्रंप, बोले-कुछ समाधान जरूर निकालेंगे’

    अमेरिका–दक्षिण कोरिया टैरिफ विवाद पर नरम पड़े ट्रंप, बोले-कुछ समाधान जरूर निकालेंगे’



    नई दिल्ली | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ चल रहे टैरिफ विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन सियोल के साथ इस मसले पर ‘कुछ समाधान’ जरूर निकालेगा। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार तनाव को लेकर बातचीत की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं।

    टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद बदला सुर

    गौरतलब है कि इसी हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के अहम एशियाई सहयोगी दक्षिण कोरिया पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ और अन्य शुल्क बढ़ाने की धमकी दी थी। उन्होंने संकेत दिया था कि कार, लकड़ी और दवाइयों पर लगने वाला टैरिफ 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है।

    व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वे दक्षिण कोरिया पर टैरिफ बढ़ाएंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया,

    “हम दक्षिण कोरिया के साथ कुछ समाधान निकाल लेंगे।”

    अमेरिका का आरोप—समझौते पर अमल में देरी

    ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय व्यापार समझौते से जुड़े कानूनों को लागू करने में देरी कर रहा है।

    व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने योनहाप न्यूज एजेंसी को बताया कि

    दक्षिण कोरिया ने अब तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में “कोई खास प्रगति नहीं” की है

    जबकि अमेरिका ने समझौते के तहत अपने टैरिफ कम किए थे

    350 अरब डॉलर के निवेश का वादा बना अहम मुद्दा

    इस व्यापार समझौते के तहत—

    दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में 350 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया था

    बदले में अमेरिका ने ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था

    हालांकि अब वॉशिंगटन को आशंका है कि सियोल इस बड़े निवेश वादे को पूरा करने में कठिनाई झेल सकता है।

    दक्षिण कोरियाई मंत्री के अमेरिका दौरे की तैयारी

    इन तनावों के बीच दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान के अमेरिका दौरे की संभावना जताई जा रही है।

    वे अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात कर सकते हैं

    इस बातचीत में टैरिफ और निवेश से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे

    अन्य कारणों से भी बढ़ी अमेरिका की चिंता

    ट्रंप प्रशासन की चिंता सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है। अमेरिका को दक्षिण कोरिया में—

    अमेरिकी कंपनी में सूचीबद्ध कूपांग इंक के खिलाफ ग्राहक डेटा लीक जांच

    ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कंपनियों पर सख्त नियम

    और डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई मुद्रा वॉन की कमजोरी

    जैसे मुद्दों को लेकर भी आपत्ति है।

    टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद ट्रंप का नरम रुख अमेरिका-दक्षिण कोरिया रिश्तों में राहत का संकेत देता है।
    आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत से व्यापार तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

  • सैमसंग के आगामी गैलेक्सी स्मार्टफोन में मिलेगा नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर

    सैमसंग के आगामी गैलेक्सी स्मार्टफोन में मिलेगा नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर

    नई दिल्ली | सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने घोषणा की है कि उसके आने वाले गैलेक्सी स्मार्टफोन में एक नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर दिया जाएगा, जिससे यूजर्स अपनी स्क्रीन पर दिखने वाली जानकारी को दूसरों की नजर से सुरक्षित रख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए फोन पर किसी अतिरिक्त प्राइवेसी फिल्म या परत लगाने की जरूरत नहीं होगी।

    ‘शोल्डर सर्फिंग’ से मिलेगी राहत

    कंपनी के मुताबिक, यह फीचर डिस्प्ले की दृश्यता को यूजर की जरूरत के अनुसार बदलने की सुविधा देगा। इससे सार्वजनिक जगहों पर फोन इस्तेमाल करते समय कंधे के ऊपर से झांककर देखने (शोल्डर सर्फिंग) की समस्या से बचा जा सकेगा।

    सैमसंग ने बताया कि यूजर यह तय कर सकेंगे कि उनकी स्क्रीन दूसरों को कितनी साफ दिखे।

    ऐप-वाइज भी किया जा सकेगा कंट्रोल

    कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार—

    इस फीचर में डिस्प्ले विज़िबिलिटी के कई विकल्प होंगे

    यूजर अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग प्राइवेसी सेटिंग्स तय कर सकेंगे

    निजी और संवेदनशील जानकारी को बेहतर सुरक्षा मिलेगी

    सैमसंग का कहना है कि इस फीचर को विकसित करने में पांच साल से ज्यादा समय लगा है, जिसमें इंजीनियरिंग, टेस्टिंग और लगातार सुधार किए गए।

    गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में मिलने की उम्मीद

    योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सैमसंग फरवरी में गैलेक्सी S26 सीरीज के लिए एक खास लॉन्च इवेंट आयोजित करने जा रहा है।
    सूत्रों का कहना है कि यह नया प्राइवेसी फीचर गैलेक्सी S26 अल्ट्रा मॉडल में सबसे पहले देखने को मिल सकता है।

    गैलेक्सी Z Flip 7 ओलंपिक एडिशन भी पेश

    इसी बीच सैमसंग ने गैलेक्सी Z Flip 7 ओलंपिक एडिशन भी लॉन्च किया है।

    यह फोन मिलान-कोर्टिना विंटर ओलंपिक और पैरालंपिक में भाग लेने वाले

    90 देशों के करीब 3,800 खिलाड़ियों को दिया जाएगा

    खेलों की शुरुआत 6 फरवरी से होगी

    फोन का डिजाइन इटली के नीले रंग और ओलंपिक की एकता व खेल भावना से प्रेरित है।

    खिलाड़ियों के लिए खास फीचर्स

    सैमसंग के अनुसार—

    गोल्डन मेटल फ्रेम जीत और उत्कृष्टता का प्रतीक है

    फोन में ट्रांसलेशन ऐप, गैलेक्सी एथलीट कार्ड जैसे फीचर्स दिए गए हैं

    खिलाड़ी आसानी से आपस में जानकारी साझा कर सकेंगे

    इसके अलावा, कंपनी ‘विक्ट्री सेल्फी’ इवेंट भी आयोजित करेगी, जिसमें पदक विजेता खिलाड़ी मंच पर ही सेल्फी लेंगे।

    प्रोफेशनल फोटोग्राफी में होगा Galaxy S25 Ultra का इस्तेमाल

    सैमसंग ने बताया कि ओलंपिक के दौरान

    पेशेवर फोटोग्राफर गैलेक्सी S25 अल्ट्रा स्मार्टफोन का इस्तेमाल करेंगे

    करीब 490 खिलाड़ियों की तस्वीरें ली जाएंगी, जिन्होंने इसके लिए सहमति दी है

    सैमसंग का नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त परत के स्क्रीन सुरक्षा देगा।
    गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में इसके आने की उम्मीद के साथ, स्मार्टफोन प्राइवेसी एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है।