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  • जानिए आज सोमवार का राशिफल

     

    मेष :अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। पठन पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। किसी से वाद-विवाद अथवा कहासुनी होने का भय रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। जल्दबाजी में कोई भूल संभव है। आय-व्यय समान्य रहेगा। शुभांक-5-7-9

    वृष : बुरी संगति से बचें। आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। दूसरों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। भय तथा शत्रुहानि की आशंका रहेगी। एकाकी प्रवृति का त्याग करें। शुभांक-3-5-7

    मिथुन: कारोबार के विस्तार का मानस बनेगा। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न बना रहेगा। अचल संपति की खरीद अथवा कृषि उद्यम में रुचि पैदा होगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-2-4-6

    कर्क : नये-नये व्यापारिक अनुबंध होंगे। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। हरि करे सो खरी इसीलिए पूरे मनोयोग से कार्य करें। यात्रा योग हैं। शुभांक-5-7-9

    सिंह : कार्यक्षेत्र में खुशनुमा माहौल बनेगा। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। शुभांक-2-5-8

    कन्या : भावनाओं का उद्वेग बढ़ेगा। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। आपसी प्रेम-भाव में बढ़ोतरी होगी।

    शुभांक-3-5-7

    तुला : योजना क्रियान्वन के लिए समय अच्छा व सकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। सफलता मिलेगी। सुनियोजित तरीके से कार्यारम्भ करें। शुभांक-2-5-7

    वृश्चिक : व्यवसाय में प्रतिद्वंद्वी परेशान कर सकते हैं। समय व्ययकारी सिद्घ होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। कार्य सफल होगें। शुभांक-4-5-7

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    धनु: लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। धार्मिक यात्रा का योग बना है। शुभांक-3-6-8

    मकर: सैर-सपाटे में समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सबेरे ही निपटा लें। शुद्घ गोचर का लाभ। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। आर्थिक लाभ के किये कार्यों का तत्काल प्रतिफल मिलेगा। शुभांक-4-6-8

    कुंभ : मनोरंजन के साधनों पर धन-व्यय होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। स्त्री का सहयोग मिलेगा। शुभांक-2-5-8

    मीन : कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। शुभांक-2-4-6

  • Republic Day Special: डेढ़ लीटर दूध के दाम में 10 ग्राम सोना! 76 सालों में कितना बदल गया भारत

    Republic Day Special: डेढ़ लीटर दूध के दाम में 10 ग्राम सोना! 76 सालों में कितना बदल गया भारत

    नई दिल्ली। आज अगर आपके गुल्लक में या आलमारी के किसी कोने में 25 पैसे का सिक्का है तो आप उससे कुछ नहीं खरीद सकते, लेकिन आजादी के समय, पहले गणतंत्र दिवस के समय आप इससे 1 लीटर दूध, 1 लीटर पेट्रोल भरवा सकते थे. जिसमें आज एक लीटर दूध मिलता है, उतने ही रुपये में आप आजादी के वक्त 10 ग्राम सोना खरीद सकते थे. जितने में आज एक लीटर दूध खरीदते हैं, उतने में 4 बार आप दिल्ली से मुंबई ट्रेन से सफर कर सकते थे. आबादी बढ़ी और साथ में महंगाई भी. अगर एक नजर साल 1950 से साल 2026 तक के सफर में डाले तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि महंगाई का आलम कितना है.

    साल 1950 से लेकर साल 2026 तक का सफर
    आजादी के समय देश की जनसंख्या सिर्फ 34 करोड़ थी. पहली बार जब 1951 में जनगणना हुई तो उस वक्त देश की आबादी 34 करोड़ से बढ़कर 36 करोड़ हो गई थी. आज भारत की आबादी 140 करोड़ के ऊपर पहुंच गई है. आबादी के साथ देश की अर्थव्यवस्था भी बढ़ी, देश की जीडीपी में विस्तार देखने को मिली. 1950 से लेकर अब तक भारत की जीडीपी 55 गुना से अधिक बढ़ चुकी है. 1950 में भारत की अर्थव्यवस्था करीब 2.7 लाख करोड़ की थी, जो साल 2026 में बढ़कर 4.51 ट्रिलियन पर पहुंच गई है

    1950 में कितने का था सोना-चांदी
    सोने-चांदी की बात करें तो भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. लोगों के घरों में सोने-चांदी के जेवरों की ढ़ेर लगे थे. आज भी दुनिया के कई देशों की जीडीपी से ज्यादा सोना भारत के घरों में है, जो कई पीढ़ियों से चली आ रही है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत के घरों में 25 हजार टन से ज्यादा सोना है. अगर कीमत की बात करें तो साल 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर सोने की कीमत 99 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. इससे पहले आजादी के वक्त 1947 में सोना मात्र 89 रुपये प्रति 10 ग्राम का बिक रहा था. आज साल 2026 में सोने की कीमत 155000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है. चांदी की बात करें तो उस वक्त 1 किलो चांदी 100-159 रुपये में मिल जाती थी. 10 ग्राम चांदी के लिए के लिए 1 रुपये से 1.50 रुपये तक खर्च करना पड़ता था. आज उतनी ही चांदी खरीदने के लिए आपको साढ़े 3 लाख रुपये चाहिए.

    1950 से अब तक कितना महंगा हुआ तेल

    1950 से लेकर अब तक पेट्रोल की कीमत 300 गुना बढ़ चुकी है. 1951 के मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट के गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक उस समय देश में 3 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड थीं. 1947 में पेट्रोल की कीमत 27 पैसे प्रति लीटर था, जो 1950 में 30 पैसे पर पहुंच गया था. आज 2026 में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत औसत रूप से 100 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.

    76 सालों में रेल किराया कितना महंगा हुआ

    भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को चली थी. 76 सालों में रेल यात्रियों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से रेल किराया भी. 1951 से लेकर अब तक रेल किराए में 30 गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई. 1950-51 में रेलवे हर एक किमी पर 1.5 पैसा किराया वसूलती थी जो साल 2018-19 में बढ़कर 44 पैसे से ऊपर पहुंच गई. रेलवे ने हाल ही में प्रति किलोमीटर में रेल किराए में 2 पैसा प्रति किमी की बढ़ोतरी कर दी है.

    डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का हाल

    1947 में आजादी के वक्त 1 डॉलर की वैल्यू 1 रुपए के बराबर थी. साल 1950 में डॉलर के मुकाबले रुपया काफी मजबूत था और इसकी वैल्यूएशन $1 = ₹4.76 थी. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 92 रुपये पर पहुंच गया है. कर्तव्य पथ बनेगा ‘पावर पथ’, 77वें गणतंत्र दिवस पर दुनिया देखेगी भारत के अर्जुन-ब्रह्मोस का दम

  • ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का कहर: एक महीने में 8 मौतें, अमेरिका में विद्रोह क्यों भड़का?

    ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का कहर: एक महीने में 8 मौतें, अमेरिका में विद्रोह क्यों भड़का?

    नई दिल्ली।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां ने विदेशों में ही नहीं अमेरिका के अंदर भी उथल-पुथल मचा रखा है. अमेरिका के अंदर से अवैध प्रवासियों को निकालने के लिए डोनाल्ड ट्रंप सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी अपना रहे हैं लेकिन इसे अंजाम देने की कोशिश में ट्रंप के एजेंट सीमा लांघते नजर आ रहे हैं. उनपर अमेरिकियों को ही गोली मारकर मौत के घाट उतारने का आरोप लग रहा है. अमेरिका में मिनेसोटा के मिनियापोलिस में अमेरिका में इमिग्रेशन एजेंटों (ICE) की गोली से एक और शख्स की मौत हो गई है और वहां तनाव बढ़ गया है.

    यह घटना जनवरी में हुई ऐसी पांच गोलीबारी में से एक थी, जिसमें अवैध प्रवासियों को खोजने वाले वाले फेडरल एजेंट शामिल थे. इससे पहले मिनेसोटा की महिला रेनी गुड की भी ICE एजेंटों ने गोली मारकर जान ले ली थी. इतना ही नहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस महीने अवैध प्रवासियों को रखे जाने वाले फेडरल हिरासत केंद्र में कम से कम छह अप्रवासियों की मौत हो गई है, जो असामान्य रूप से काफी अधिक है.

    अमेरिका में अब क्या हुआ है?
    शनिवार को फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों ने एक और अमेरिकी नागरिक एलेक्स प्रेट्टी की हत्या कर दी, जो ICU नर्स थे. कुछ हफ्ते पहले ही मिनियापोलिस में ICE अधिकारियों ने 37 साल की एक महिला, रेनी गुड को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था. इसके बाद इलाके में यह दूसरी हत्या है.

    एजेंट की कार्रवाई पर ट्रंप सरकार ने क्या कहा?
    अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ICE की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि वह सेल्फ डिफेंस था. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने प्रेट्टी के पास से मिला एक पिस्तौल की ओर इशारा किया है. डोनाल्ड ट्रम्प ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर ही “अराजकता” पैदा करने का आरोप लगाया है जिसके कारण संघीय एजेंटों के हाथों दो अमेरिकियों की मौत हो गई है. राष्ट्रपति ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर यह भी दावा किया कि डेमोक्रेट के कंट्रोल वाले शहर और राज्य ICE के साथ सहयोग करने से इनकार कर रहे हैं और “वास्तव में वामपंथी आंदोलनकारियों को उनके कार्यों में गैरकानूनी रूप से बाधा डालने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं”.

    असल में वीडियो में क्या दिखा था?
    वायरल हो रहे वीडियो में प्रेट्टी बर्फ से ढकी सड़क पर एजेंटों को फिल्माते और ट्रैफिक को कंट्रोल करते हुए दिख रहे हैं. एक वीडियो में ICE अधिकारी को एक महिला प्रदर्शनकारी को फुटपाथ पर जमीन पर धकेलते हुए देखा गया. इसके बाद प्रेट्टी उनके बीच आ जाते हैं और एजेंट के चेहरे पर एक केमिकल इरिटेंट स्प्रे कर देता है. इसके बाद एजेंट, प्रेट्टी को जमीन पर खींच लेता है और कई अधिकारी उसे बर्फ वाली सड़क पर हिरासत में लेने की कोशिश करने लगते हैं. इस बीच जैसे ही एक अधिकारी को लगता है कि प्रेट्टी के पास बंदूक है, वह उसके पैंट से बंदूक निकालता है कि तभी दूसरा एजेंट प्रेट्टी पर गोली चला देता है. इसके बाद ICE अधिकारी दूर से उसके बेजान शरीर पर कई बार गोली चलाते हैं.

    ट्रंप सरकार के खिलाफ अमेरिका में क्या हो रहा?
    ट्रंप सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण मिनेसोटा राज्य में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां ट्रंप सरकार से ऑर्डर मिलने के बाद ICE का ऑपरेशन छह सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है. इहां सरकार ने इसे एक सार्वजनिक सुरक्षा अभियान बताया है, जिसका उद्देश्य देश में अवैध रूप से अपराधियों को निर्वासित करना है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि उन प्रवासियों को भी निशाना बनाया जा रहा है जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और अमेरिकी नागरिकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है. इसी महीने 2 अमेरिकी नागरिकों की कार्रवाई में मौत के बाद लोगों का गुस्सा अलग लेबल पर पहुंच गया है.

    ट्रंप सरकार पर कैसे दबाव बढ़ रहा है?
    मिनियापोलिस में एलेक्स प्रेट्टी की हत्या की पूरी तरह से जांच करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की सरकार पर दबाव बढ़ गया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ने हत्या को “एक दिल दहला देने वाली त्रासदी” कहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की परवाह किए बिना यह घटना हर अमेरिकी के लिए एक अलार्म है कि एक राष्ट्र के रूप में कई मूल मूल्यों पर तेजी से हमला हो रहा है. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी कहा है कि अमेरिका एक ऐतिहासिक क्षण का सामना कर रहा है जो आने वाले वर्षों में इसे आकार देगा और उन्होंने अमेरिकियों से बोलने और “यह दिखाने का आग्रह किया है कि हमारा देश अभी भी हम लोगों का है”.

    विपक्षी पार्टी ही नहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के अंदर से भी आवाज उठने लगी है. हाउस होमलैंड सुरक्षा समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष एंड्रयू गारबेरिनो ने ICE समेत इमिग्रेशन से जुड़े सभी एजेंसियों के टॉप अधिकारी से गवाही मांगी है और कहा है, “मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता अमेरिकियों को सुरक्षित रखना है”. कई अन्य कांग्रेसी रिपब्लिकन भी मामले में अधिक जानकारी के लिए दबाव डाल रहे हैं. इनमें टेक्सास के प्रतिनिधि माइकल मैककॉल और उत्तरी कैरोलिना के सीनेटर थॉम टिलिस, लुइसियाना के बिल कैसिडी, मेन के सुसान कोलिन्स और अलास्का के लिसा मुर्कोव्स्की शामिल हैं.

    मिनेसोटा राज्या और स्थानीय एजेंसियों ने भी इस मामले में मुकदमा दायर कर दिया है. इसके बाद एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने एक आपातकालीन आदेश जारी किया है जिसमें अधिकारियों को एलेक्स प्रेट्टी की मौत से संबंधित सभी सबूतों को संभाल कर रखने को कहा गया है

  • अटारी-वाघा बॉर्डर पर मिठास पर ब्रेक, भारत-पाक जवानों के बीच नहीं होगा मिठाई का आदान-प्रदान

    अटारी-वाघा बॉर्डर पर मिठास पर ब्रेक, भारत-पाक जवानों के बीच नहीं होगा मिठाई का आदान-प्रदान

    नई दिल्ली।  अटारी-वाघा बॉर्डर पर नहीं मिलेगी मिठास! भारत-पाक जवानों के बीच नहीं होगा मिठाई का आदान-प्रदान2019 में जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर युद्धविराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं के कारण भारत ने बीटिंग रिट्रीट परंपरा को छोड़ने का फैसला किया था. सितंबर 2016 में भारतीय सेना द्वारा सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स को मिठाइयां नहीं दी थीं.
    इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर वाघा बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मिठाई एक्सचेंज करने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से बने नियमों के तहत बीएसएफ (BSF) और पाक रेंजर्स के जवान न तो हाथ मिलाएंगे और न ही सरहद का गेट खोला जाएगा. बॉर्डर पर दोपहर 2.50 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे और शाम 4.30 बजे दोनों देशों के जवान अपने-अपने क्षेत्र में परेड करेंगे.

    कई बार तोड़ी गई मिठाई आदान-प्रदान की परंपरा
    जनवरी 2025 (गणतंत्र दिवस) यानी पिछले साल भी सीमा पर जारी घुसपैठ की कोशिशों और सुरक्षा कारणों से बीएसएफ (BSF) ने पाकिस्तान को मिठाई देने से मना कर दिया था. भारत द्वारा अनुच्छेद 370 (Article 370) को निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया था. तनाव इतना अधिक था कि दोनों ओर से कोई मिठाई नहीं बांटी गई थी.

    जनवरी 2017 और 2018 में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violations) और भारतीय सैनिकों की शहादत के विरोध में बीएसएफ ने परंपरा को तोड़ा था. वहीं अक्टूबर 2016 में उरी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के कारण दिवाली के मौके पर मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ था. इसके अलावा अक्टूबर 2014 में दिवाली के दौरान सीमा पर भारी गोलाबारी के चलते बीएसएफ ने पाकिस्तान को मिठाई देने से इनकार कर दिया था.

    कहां है वाघा बॉर्डर
    बता दें कि अटारी-वाघा जॉइंट चेक पोस्ट अमृतसर से लगभग 30 किमी और पाकिस्तान के लाहौर से 22 किमी दूर है, जहां करीब 25,000 दर्शक बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने आते हैं.

  • छत्तीसगढ़ के जांबाजों का सम्मान: 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 पुलिसकर्मियों को मिलेगा 'सराहनीय सेवा पदक'

    छत्तीसगढ़ के जांबाजों का सम्मान: 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 पुलिसकर्मियों को मिलेगा 'सराहनीय सेवा पदक'


    रायपुर । 77वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रदान किया जाएगा। यह पदक उन जांबाजों को दिया जा रहा है जिन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और कार्यकुशलता से राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में मिसाल पेश की है।

    इन 10 जांबाजों के नाम सराहनीय सेवा पदक

    सराहनीय सेवाओं के लिए चयनित अधिकारियों की सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर तैनात जांबाज शामिल हैं ध्रुव गुप्ता: आईजी पुलिस मुख्यालय रायपुर। प्रशांत ठाकुर: डीआईजी एवं एसएसपी, सूरजपुर। श्वेता राजमणी: कमांडेंट, 19वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल जगदलपुर। रवि कुमार कुर्रे पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया। कौशिल्या भट्ट: निरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। रोहित कुमार झा: सहायक महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। कमलेश कुमार मिश्रा: निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय। दल सिंह नामदेव: प्लाटून कमांडर। महेन्द्र कुमार पाठक: उप निरीक्षक जिला नारायणपुर।मनोज कुमार साहू: सहायक उप निरीक्षक जिला बस्तर। क्यों दिया जा रहा है यह सम्मान

    चयनित पुलिसकर्मियों ने अपने करियर के दौरान कई चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर खुद को साबित किया है नक्सल मोर्चे पर सफलता: कई अधिकारियों ने बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और शांति बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासनिक सुधार पुलिस मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को उनकी अनुकरणीय कार्यशैली और संगठनात्मक सुधारों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। अनुशासन और समर्पण: यह पदक उन कर्मियों को मिलता है जिनकी सेवा का रिकॉर्ड दागमुक्त और संसाधनपूर्ण रहा हो।

    राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

    सराहनीय सेवा पदकों के अलावा, छत्तीसगढ़ के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता को ‘विशिष्ट सेवाओं’ के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा, जो पुलिस सेवा का सर्वोच्च सम्मान है।

  • गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ के खाकी वीरों का सम्मान, डीजी हिमांशु गुप्ता समेत 25 अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक

    गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ के खाकी वीरों का सम्मान, डीजी हिमांशु गुप्ता समेत 25 अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक


    रायपुर। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ पुलिस और जेल विभाग के लिए दोहरी खुशी की खबर सामने आई है। राज्य के 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से नवाजा जाएगा। इनमें जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिन्हें ‘विशिष्ट सेवाओं’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य के 14 जांबाज पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण अभियानों में उनके अदम्य साहस का प्रमाण है।

    राज्यपाल प्रदान करेंगे सम्मान

    इन सभी सम्मानित अधिकारियों और कर्मियों को सोमवार, 26 जनवरी 2026 को रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा राष्ट्रपति पदक प्रदान किए जाएंगे।

    प्रमुख सम्मान और नामचीन चेहरे

    केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पुलिस बेड़े में इन नामों की धूम है विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक: * हिमांशु गुप्ता जेल सुधारों और लंबी विशिष्ट सेवा के लिए।सराहनीय सेवाओं के लिए पदक प्रमुख नाम ध्रुव गुप्ता आईजी अअवि पुलिस मुख्यालय। प्रशांत ठाकुर डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर।श्वेता राजमणी सेनानी, 19वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल छसबल जगदलपुर। रवि कुमार कुर्रे: एसपी कोरिया। कौशिल्या भट्ट निरीक्षक पुलिस मुख्यालय। रोहित कुमार झा: सहायक उपनिरीक्षक पुलिस मुख्यालय। कमलेश कुमार मिश्रा: निरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय।

    14 जांबाजों को वीरता पुरस्कार

    इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 14 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जाना राज्य की सुरक्षा रणनीति के लिए बड़ी उपलब्धि है। ये पुरस्कार विशेष रूप से उन जवानों को दिए जा रहे हैं जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अद्वितीय शौर्य का प्रदर्शन किया है।

    गौरवशाली क्षण

    गणतंत्र दिवस पर मिलने वाले ये पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण पर राष्ट्रीय मुहर हैं। विभाग में इस घोषणा के बाद उत्साह का माहौल है और इसे युवा पुलिसकर्मियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

  • पन्ना के 'जंगल रत्न' बने नेशनल हीरो: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की बीट गार्ड जगदीश अहिरवार की सराहना

    पन्ना के 'जंगल रत्न' बने नेशनल हीरो: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की बीट गार्ड जगदीश अहिरवार की सराहना


    पन्ना/नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के एक साधारण से बीट गार्ड ने अपनी असाधारण लगन से पूरे देश का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पन्ना के वनकर्मी जगदीश प्रसाद अहिरवार के कार्यों की विशेष रूप से चर्चा की। पीएम ने जगदीश के ‘औषधीय ज्ञान’ और प्रकृति के प्रति उनके समर्पण को देश के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है।जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक वनकर्मी को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान न केवल पन्ना जिले, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के वन विभाग के लिए गौरव का विषय है।

    जगदीश का औषधीय खजाना सवा सौ पौधों की पहचान

    प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि जगदीश प्रसाद अहिरवार ने अपने वन सेवा कार्यकाल के दौरान केवल ड्यूटी ही नहीं की बल्कि जंगलों को एक चलती-फिरती ‘किताब’ की तरह पढ़ा। अद्भुत संकलन जगदीश ने पन्ना के जंगलों में पाए जाने वाले 125 सवा सौ से अधिक औषधीय पौधों की पहचान की। विस्तृत शोध उन्होंने इन पौधों के केवल नाम ही नहीं जुटाए, बल्कि उनके वैज्ञानिक नाम, स्थानीय उपयोग, औषधीय गुण और पारंपरिक उपचार पद्धतियों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया। जमीनी मेहनत: यह कार्य किसी लैब में नहीं, बल्कि वर्षों तक जंगल की पगडंडियों पर चलने, स्थानीय जानकारों से संवाद करने और निरंतर अवलोकन करने का परिणाम है।

    पीएम मोदी ने क्यों की तारीफ

    प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जगदीश जैसे कर्मठ लोग हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और जैव-विविधता के संरक्षण के असली प्रहरी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा जगदीश प्रसाद जी ने जंगलों की जिस संपदा को दस्तावेजों में सहेजा है, वह हमारी आने वाली पीढ़ियों और आयुर्वेद के क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ताओं के लिए बहुत कीमती है।

    वनकर्मियों के योगदान को मिली नई पहचान

    अक्सर बीट गार्ड जैसे निचले स्तर के कर्मचारी गुमनामी में रहकर जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हैं। जगदीश अहिरवार का उल्लेख होने से पूरे देश के वनकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। पन्ना के अधिकारियों के अनुसार, जगदीश का यह ज्ञान अब स्थानीय स्तर पर लोगों को जड़ी-बूटियों के प्रति जागरूक करने में काम आ रहा है।

  • भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो

    भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो


    धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर में ‘वसंत पंचमी’ का महापर्व इस बार आपसी सौहार्द और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पिछले कई दिनों से बिना सोए दिन-रात तनावपूर्ण ड्यूटी कर रहे करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों ने जब शनिवार को राहत की सांस ली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी कर्तव्यनिष्ठा की अग्निपरीक्षा में पास होने के बाद पुलिस लाइन में आयोजित एक भोज के दौरान जवानों का मानवीय और खुशनुमा चेहरा सामने आया, जहां वे फिल्मी गानों पर जमकर थिरकते नजर आए।

    खाकी का तनावमुक्त अवतार: ड्यूटी के बाद ‘डांस’ का तड़का

    शुक्रवार को भोजशाला में पूजा और नमाज का संयोग एक ही दिन था, जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस पर भारी दबाव था। स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 7,000 से 8,000 जवानों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर पहरा दिया। लगातार फ्लैग मार्च और बिना ब्रेक के की गई ड्यूटी के बाद शनिवार को धार पुलिस लाइन में इन जवानों के लिए ‘विशेष भोज’ का आयोजन किया गया था।अनायास बना जश्न का माहौल: रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्नोई के अनुसार, विभाग की ओर से केवल भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन ड्यूटी आवंटन के लिए लगे स्पीकर्स पर जैसे ही संगीत बजा, जवानों ने अपनी थकान मिटाने के लिए डांस करना शुरू कर दिया।सोशल मीडिया पर वायरल: वर्दी में जवानों के इस डांस का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों के इस तनावमुक्ति के तरीके और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर सराहना कर रहे हैं।

    शांतिपूर्ण आयोजन: एक बड़ी उपलब्धि

    भोजशाला विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार की चुनौती बड़ी थी। पुलिस बल ने जिस धैर्य और अनुशासन के साथ हजारों की भीड़ को नियंत्रित किया, उसने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की एक मिसाल पेश की है। दिन-रात की कठिन ड्यूटी और फ्लैग मार्च के बाद जब जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी हुई, तो जवानों का यह उत्साह स्वाभाविक था। यह उनके मानसिक तनाव को कम करने की एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय अधिकारी

    मानवीय पक्ष की प्रशंसा

    अक्सर पुलिस का सख्त चेहरा ही सामने आता है, लेकिन धार का यह वीडियो दिखाता है कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान है, जिसे लंबी थकान के बाद मुस्कुराने और थिरकने का पूरा हक है। शहरवासियों ने भी पुलिस की इस भूमिका की प्रशंसा की है, क्योंकि उनकी सजगता के कारण ही शहर में शांति और भाईचारा बना रहा।

  • बर्फीली हवाओं के घेरे में उत्तर भारत: पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानों में शीतलहर का 'डबल अटैक', अलर्ट जारी

    बर्फीली हवाओं के घेरे में उत्तर भारत: पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानों में शीतलहर का 'डबल अटैक', अलर्ट जारी


    नई दिल्ली/शिमला। उत्तर भारत में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां ऊंचे हिमालयी क्षेत्र भारी बर्फबारी के बाद सफेद चादर में लिपटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली NCR सहित पूरे मैदानी बेल्ट को डीप फ्रीजर बना दिया है। मकर संक्रांति के 10 दिन बीत जाने के बाद भी सर्दी का सितम कम होने के बजाय और गहरा गया है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं।

    पहाड़ों पर बर्फ का प्रहार जनजीवन अस्त-व्यस्त
    हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिमाचल शिमला और मनाली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भारी हिमपात के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है। उत्तराखंड और जम्मू उत्तरकाशी, चमोली और डोडा में बर्फ की मोटी परत जमने से यातायात पूरी तरह ठप है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है।

    दिल्ली-NCR बारिश के बाद कोहरे का पहरा

    राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को हुई बारिश ने फिजा में नमी भर दी है, जिसके कारण शनिवार को विजिबिलिटी दृश्यता काफी कम रही। तापमान: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन 15-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है। यातायात: घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं।

    पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति

    मैदानी राज्यों में ठंड का सबसे ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में देखा जा रहा है।पंजाब-हरियाणा: यहां कई शहरों में पारा 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ‘घना से बहुत घना’ कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे विजिबिलिटी शून्य रह सकती है।राजस्थान: मरुधरा में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है। ने कई जिलों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। फतेहपुर और चूरू जैसे इलाकों में तापमान 0 से 5 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों की राय: कब मिलेगी राहत

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बनी है।अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का यही कड़ा रुख बना रहेगा। 27-28 जनवरी के बाद ही तापमान में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है। तब तक शीतलहर और पाला पड़ने की संभावना बनी रहेगी।प्रवक्ता सावधानी की अपील: प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे लंबी दूरी की यात्रा से बचें और विशेषकर रात व सुबह के समय वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें।
  • निमोनिया का खतरा बढ़ा, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में जानिए बचाव के उपाय

    निमोनिया का खतरा बढ़ा, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में जानिए बचाव के उपाय



    नई दिल्ली। सर्दियों के शुरू होते ही निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में। हर साल लाखों लोग निमोनिया से प्रभावित होते हैं और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। डॉ. सूर्यकान्त (विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू, लखनऊ) के अनुसार, निमोनिया की पहचान, बचाव और समय पर उपचार बहुत जरूरी है क्योंकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में यह मृत्यु का प्रमुख कारण बन सकता है 
    निमोनिया में एक या दोनों फेफड़ों के हिस्सों में सूजन आ जाती है और उनमें पानी भरने लगता है। यह अधिकतर संक्रमण के कारण होता है, लेकिन केमिकल, एस्पिरेशन (गले/खाने की नली से फेफड़ों में सामग्री चला जाना) और अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसके मुख्य कारण बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी रोगाणु हैं, जबकि टीबी भी निमोनिया का एक बड़ा कारण बन सकता है। समय पर सही इलाज न मिलने पर निमोनिया जानलेवा साबित हो सकता है और भारत में संक्रामक रोगों से होने वाली मौतों में लगभग 20% मौतें निमोनिया की वजह से होती हैं।

    निमोनिया किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में जोखिम अधिक रहता है, जैसे धूम्रपान, शराब, नशे की आदत वाले, डायलिसिस कराने वाले मरीज, हृदय/फेफड़े/लिवर की बीमारी वाले, मधुमेह, गंभीर गुर्दा रोग, बुजुर्ग, नवजात, कैंसर या एड्स के मरीज। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, बलगम, सीने में दर्द, सांस फूलना और कुछ मरीजों में दस्त, उल्टी, चक्कर, मतिभ्रम, भूख न लगना और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।

    डॉक्टर अक्सर खून की जांच, बलगम की जांच और छाती का एक्स-रे कराकर निमोनिया की पुष्टि करते हैं।

    निमोनिया तीन मुख्य रास्तों से फैलता है: खांसने या छींकने से श्वास मार्ग, अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती मरीजों में IV लाइन या पेसमेकर के माध्यम से खून के रास्ते, और एस्पिरेशन के जरिए जब मुंह या गले की सामग्री फेफड़ों में चली जाती है। इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता, मास्क, और सही उपचार जरूरी है।

    निमोनिया से बचाव संभव है।

    ठंड से बचें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएं और बाहर कम समय बिताएं। शुगर और अन्य बीमारियों का नियंत्रण रखें और नियमित जांच करवाते रहें। 65 वर्ष से ऊपर या बीमार लोगों को न्यूमोकोकल और फ्लू वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए, क्योंकि ये टीके फेफड़ों के संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। अस्पताल में संक्रमण से बचने के लिए हाथों को सही तरीके से धोना, नेबुलाइजर और ऑक्सीजन उपकरणों का उचित स्टरलाइजेशन, एंडोट्रैकेल ट्यूब की सफाई और IV लाइन को नियमित बदलवाना आवश्यक है।
    नवजात और छोटे बच्चों को सर्दियों में नहलाने से बचाएं, बिना कपड़ों के खुले में न जाने दें, टीकाकरण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और उन्हें ठंड, धूल-धुएं और खांसी-जुकाम से दूर रखें। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, हरी सब्जियां और फल खाएं, फास्ट फूड से बचें और योग व प्राणायाम करें। इन सावधानियों से आप निमोनिया के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।