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  • अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी

    अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी


    सिंगरौली । अपनी बात मनवाने और भावनात्मक दबाव बनाने के लिए जान जोखिम में डालने का चलन अब चिंताजनक रूप लेता जा रहा है। सिंगरौली जिले में बीते दो दिनों के भीतर सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल लोगों को चौंकाया है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। परिस्थितियां भले ही अलग रही हों, लेकिन दोनों मामलों में तरीका एक ही थामोबाइल टावर पर चढ़कर आत्मघाती कदम जैसा खतरनाक विरोध।

    प्रेम प्रसंग में उठाया फिल्मी कदम

    पहली घटना 23 जनवरी की है। देवसर जियावन थाना क्षेत्र के धनहा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रवि कुशवाहा नामक युवक गांव में बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया गया कि युवक प्रेम प्रसंग और अंतरजातीय विवाह को लेकर अपने परिजनों की सहमति चाहता था। परिवार के विरोध से आहत युवक ने परिजनों को मनाने के लिए खतरनाक रास्ता चुना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने फिल्म शोले की तर्ज पर यह कदम उठाया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। घंटों की समझाइश और भावनात्मक संवाद के बाद युवक

  • नॉर्वे का 4 महीने का अंधेरा: इंसानों से ज्यादा भालू और ‘कोसेलिग’ में बसा जीवन

    नॉर्वे का 4 महीने का अंधेरा: इंसानों से ज्यादा भालू और ‘कोसेलिग’ में बसा जीवन


    नई दिल्ली। सोचिए सुबह 8 बजे दफ्तर निकलें और बाहर घना अंधेरा हो। लंच ब्रेक में भी तारे चमक रहे हों और शाम को लौटते समय भी वही सन्नाटा। नॉर्वे के लॉन्गइयरबायेन में करीब 2500 लोग हर साल नवंबर से फरवरी तक लगातार चार महीने इसी घने अंधेरे में बिताते हैं। विज्ञान की भाषा में इसे पोलर नाइट कहते हैं जब सूरज पर्दे के पीछे ही रहता है और दुनिया पूरी तरह कृत्रिम रोशनी पर निर्भर हो जाती है।

    यहां की डेली रूटीन सूरज पर नहीं बल्कि नंबरों और कृत्रिम लाइट पर निर्भर होती है। लोग विटामिन-डी की गोलियां और विशेष लैंप्स का सहारा लेते हैं ताकि शरीर को लगे कि दिन हो गया।अंधेरे में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए लोग कोसेलिग नाम की फिलॉसफी अपनाते हैं। यह उनके लिए सुकून की भावना है। घरों को मोमबत्तियों ऊनी कंबलों और गर्म कॉफी से सजाया जाता है। संगीत बोर्ड गेम्स और कहानियों की महफिल घर-घर में सजती रहती है।

    सामूहिक जीवन और नॉर्दर्न लाइट्स:
    अकेलेपन को दूर करने के लिए सामूहिक भोज यानी कम्युनिटी डिनर आयोजित होते हैं। द्वीप पर करीब 50 देशों के लोग रहते हैं जो मुख्य रूप से रिसर्च और माइनिंग के लिए आए हैं। अंधेरे के महीनों में यहां की सोशल लाइफ बेहद एक्टिव रहती है। लोग स्नोमोबाइल में सवार होकर नीली बर्फ की वादियों में नॉर्दर्न लाइट्स देखने निकलते हैं। पोलर जैज जैसे संगीत फेस्टिवल्स सन्नाटे को संगीत से भर देते हैं।

    अंधेरे में सुरक्षा और भालू का खतरा:
    यहां इंसानों से ज्यादा भालू हैं और अंधेरे में वे और भी खतरनाक हो जाते हैं। लोग हमेशा हेडलाइट्स और रिफ्लेक्टिव जैकेट्स पहनकर चलते हैं। सड़कों पर अजनबियों का हेलो कहना आम है क्योंकि हर इंसान एक-दूसरे का सहारा है।

    सूरज की वापसी का उत्सव:
    फरवरी के अंत में जब पहली बार सूरज की किरण गिरती है तो पूरा शहर सोलफेस्टुका मनाता है। लोग हफ्तों से उस एक किरण का इंतजार करते हैं जो उन्हें याद दिलाती है कि अंधेरा कितना लंबा भी हो उजाला लौटकर जरूर आता है।स्वालबार्ड का यह द्वीप सिखाता है कि खुशियां बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होतीं। चार महीने का अंधेरा भी लोग प्यार उत्सव और समुदाय के साथ जीत सकते हैं।

  • पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार

    पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार


    भोपाल । प्रदेश की सियासत में इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। सत्ता और संगठन के गलियारों में ऐसी कई कहानियां तैर रही हैं जिनमें नाम कम और इशारे ज्यादा हैं। राजनीतिक नियुक्तियों से लेकर जांच एजेंसियों की चाल और आगामी विधानसभा चुनाव की दावेदारी तक हर मोर्चे पर असमंजस और समीकरणों की नई पटकथा लिखी जा रही है।

    नेताजी के बदले देवता नई भक्ति नई उम्मीद

    राजनीतिक नियुक्तियों की सूची में अपनी जगह पक्की कराने के लिए प्रदेश के एक चर्चित नेताजी पिछले काफी समय से ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी निर्णायककर्ताओं के चक्कर लगाते नजर आ रहे थे। नेताजी को पूरा भरोसा था कि नया साल शुरू होते ही उनके सितारे बुलंदी पर होंगे और मनचाही जिम्मेदारी उनके नाम लिखी जाएगी। लेकिन साल बदला, कैलेंडर पलटा, पर किस्मत ने अब तक उनका साथ नहीं दिया। इधर राष्ट्रीय स्तर पर समीकरणों में हलचल बढ़ी तो नेताजी ने भी अपनी रणनीति बदल ली। पुराने निर्णायककर्ता से दूरी बनाकर अब उन्होंने नए निर्णायककर्ता की शरण लेना शुरू कर दिया है। सत्ता की राजनीति में ‘देवता’ बदलना कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार नेताजी को पूरी उम्मीद है कि यह बदलाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिए संजीवनी साबित होगा। फिलहाल नेताजी पूरी तरह आश्वस्त हैं कि देर-सवेर उनका नंबर जरूर आएगा।

    गौभक्त नेताजी की तलाश तेज जांच धीमी सच्चाई

    भोपाल के बहुचर्चित गौकशी मामले में जांच की रफ्तार कागजों पर भले ही तेज दिखाई दे रही हो, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी धुंध में है। हैरानी की बात यह है कि जांच एजेंसियां अब तक यह साफ नहीं कर पाई हैं कि गायें आखिर स्लॉटर हाउस तक पहुंचीं कैसे। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे मामले के पीछे एक प्रभावशाली ‘गौभक्त’ नेताजी की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच दल कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन असली मुलजिमों तक पहुंचते-पहुंचते कदम ठिठक जा रहे हैं। ऐसा तंत्र बनाया गया है कि जांच भी चलती रहे और प्रभावशाली चेहरों पर आंच भी न आए। नतीजा यह है कि फाइलें आगे बढ़ रही हैं, बयान दर्ज हो रहे हैं, लेकिन सच्चाई तक पहुंचने का रास्ता अब भी टेढ़ा बना हुआ है। गौभक्ति और राजनीति के इस मेल में जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं।

    उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं

    इधर मकर संक्रांति के साथ भगवान सूर्य भले ही दक्षिणायन से उत्तरायण हो गए हों, लेकिन राजनीति में कुछ नेता अब भी उत्तरायण होने से बचते नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जब बीजेपी नेताओं की अनौपचारिक जमावट हुई तो चर्चा का रुख भोपाल उत्तर विधानसभा सीट की ओर मुड़ गया। सवाल सीधा था 2028 में इस सीट से दावेदारी कौन करेगा सवाल सुनते ही नेताओं के बीच खामोशी छा गई। सब एक-दूसरे की ओर देखते रहे, लेकिन किसी ने भी खुलकर यह कहने की हिम्मत नहीं की कि वह चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। इसी बीच एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने माहौल को हल्का करते हुए तंज कस दिया 2028 में उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं है। यह बात भले ही मजाक में कही गई हो, लेकिन इसके पीछे का सियासी डर और असमंजस साफ झलक रहा था। कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों देवता बदलने की कवायद, गौभक्ति की आड़ में उलझी जांच और कुछ सीटों पर चुनावी उत्तरायण से बचने की रणनीति, तीनों ही पॉवर गॉशिप का बड़ा हिस्सा बनी हुई हैं।

  • मिनियापोलिस में ICE फायरिंग: एक की मौत, ट्रंप और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ा

    मिनियापोलिस में ICE फायरिंग: एक की मौत, ट्रंप और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ा


    वॉशिंगटन। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोलीबारी से एक शख्स की मौत हो गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ के बीच विवाद तेज हो गया।

    ट्रंप ने मिनेसोटा के गवर्नर और मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे पर आरोप लगाया कि वे विद्रोह भड़का रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि नेता अपनी “घमंडी और अहंकारी बयानबाजी” से हिंसा बढ़ा रहे हैं और उन्हें लोगों के पैसे और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। ट्रंप ने ICE एजेंट पर हमला करने वाले व्यक्ति की फिंगर की तस्वीरें भी साझा कीं।राष्ट्रपति ने सवाल उठाया कि स्थानीय पुलिस को ICE अधिकारियों की सुरक्षा के लिए क्यों तैनात नहीं किया गया और दावा किया कि मृतक हथियारबंद था। ट्रंप ने कहा कि ICE एजेंट्स को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी और उन्हें अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

    वहीं, गवर्नर टिम वॉल्ज़ ने संघीय कार्रवाई की निंदा की और अधिकारियों को मिनेसोटा से तुरंत बाहर निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह अभियान गलत है और राष्ट्रपति को इसे तुरंत रोकना चाहिए।घटना मिनियापोलिस के दक्षिणी हिस्से में हुई, और स्थानीय अधिकारी जांच में जुटे हैं। लोगों से शांति बनाए रखने और प्रभावित इलाके से दूर रहने की अपील की गई है।

    यह घटना ICE के बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे एंटी-इमिग्रेशन ऑपरेशन के दौरान हुई। इससे पहले 7 जनवरी को 37 वर्षीय रेनी गुड नामक महिला की ICE फायरिंग में मौत हो गई थी, जिससे अमेरिका में भारी विरोध हुआ था। रेनी गुड तीन बच्चों की मां थीं, और DHS का दावा था कि वह एजेंट पर हमला कर रही थी। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ICE एजेंट का बचाव किया था

  • सुप्रीम कोर्ट के जज का चेतावनी भरा संदेश, कॉलेजियम प्रणाली पर उठाए सवाल

    सुप्रीम कोर्ट के जज का चेतावनी भरा संदेश, कॉलेजियम प्रणाली पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कॉलेजियम सिस्टम में सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप पर चिंता जताई है। शनिवार को पुणे के ILS लॉ कॉलेज में दिए व्याख्यान में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहरी ताकतों से नहीं, बल्कि भीतर से है।

    जस्टिस भुइयां ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन के तबादले का उदाहरण देते हुए कॉलेजियम के फैसले पर सवाल उठाया। अगस्त में कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ HC भेजने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुरोध पर अक्टूबर में उनका तबादला इलाहाबाद HC कर दिया गया।यह तबादला उस समय हुआ जब जस्टिस श्रीधरन ने मई में एक भाजपा मंत्री द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर स्वतः संज्ञान लिया था। कानून विशेषज्ञ इसे सरकार के खिलाफ असुविधाजनक निर्णय की “सजा” मानते हैं।

    अधिकार और संवैधानिक नैतिकता:
    जस्टिस भुइयां ने कहा, “जजों के तबादले में सरकार की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। यह न्यायपालिका का अनन्य क्षेत्र है।” उन्होंने कॉलेजियम के सदस्यों से आग्रह किया कि वे बिना किसी डर या पक्षपात के अपनी शपथ का पालन करें और सिस्टम की अखंडता बनाए रखें। वेने कहा, “यदि न्यायपालिका अपनी साख खो देगी, तो जज और अदालतें रह जाएंगी, लेकिन न्यायपालिका की आत्मा गायब हो जाएगी।”

    कॉलेजियम प्रणाली में सुधार:

    जस्टिस भुइयां ने स्वीकार किया कि वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली जजों की नियुक्ति के लिए आदर्श नहीं है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश की व्यक्तिगत राजनीतिक विचारधारा हो सकती है, लेकिन फैसले हमेशा संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।

  • चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से महिला सुरक्षा को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चांदमारी पहाड़ी क्षेत्र में एक युवती के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने युवती को जबरन बंधक बनाकर रखा और उसके साथ बार-बार दैहिक शोषण किया। किसी तरह साहस जुटाकर पीड़िता आरोपियों के चंगुल से भाग निकली और घमापुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

    पुलिस के अनुसार यह घटना 21 जनवरी की बताई जा रही है। पीड़िता अपने बहन के घर पनागर जा रही थी तभी रास्ते में हर्ष कुशवाहा और उसका साथी कन्हैया ठाकुर ने उसे जबरन एक वाहन में बैठा लिया। आरोपियों ने युवती को चांदमारी पहाड़ी के सुनसान इलाके में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां मुख्य आरोपी हर्ष कुशवाहा ने युवती के साथ कई बार दुष्कर्म किया।

    पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपियों की क्रूरता इतनी अधिक थी कि वह डर और शारीरिक पीड़ा के कारण बेहोश हो गई। इसके बावजूद आरोपियों ने मानवता को शर्मसार करते हुए उस पर पानी छिड़ककर होश में लाया और फिर उसके साथ दैहिक शोषण किया। पीड़िता लगातार अपनी जान की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने किसी तरह की दया नहीं दिखाई।

    पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी हर्ष कुशवाहा पिछले करीब पांच वर्षों से उसे परेशान कर रहा था। वह आए दिन उसका पीछा करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। आरोपी कंचनपुर आजाद नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। लंबे समय से चल रही प्रताड़ना के बावजूद पीड़िता भय के कारण पहले शिकायत नहीं कर पाई थी।

    किसी तरह मौके का फायदा उठाकर पीड़िता आरोपियों के कब्जे से भाग निकली और सीधे घमापुर थाने पहुंची। घमापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो पर कायमी कर प्रकरण दर्ज किया और केस डायरी पनागर थाना भेज दी गई है, क्योंकि घटना स्थल पनागर थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ त्वरित न्याय की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • आयुर्वेद के तीन असरदार उपाय दूर करेंगे एनीमिया की समस्या जानिए क्या रखें खास ध्यान

    आयुर्वेद के तीन असरदार उपाय दूर करेंगे एनीमिया की समस्या जानिए क्या रखें खास ध्यान


    नई दिल्ली।खान पान में पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों से लेकर महिलाओं तक एनीमिया की समस्या आम होती जा रही है सिर दर्द चक्कर आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर अक्सर डॉक्टर आयरन की दवाएं देते हैं लेकिन कई मामलों में दवा लेने के बावजूद शरीर में रक्त की कमी बनी रहती है ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए प्राकृतिक उपाय लंबे समय तक राहत देने में सहायक हो सकते हैंआयुर्वेद के अनुसार यदि सही तरीके से कुछ नियमों का पालन किया जाए तो मात्र सात दिनों में शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं पहला उपाय आयुर्वेदिक पंचामृत के रूप में बताया गया है इसमें रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का नियमित सेवन करने की सलाह दी जाती है

    रक्त की कमी होने पर रात में दो मुनक्का और दो अंजीर भिगोकर सुबह उनका सेवन करना लाभकारी माना गया है इसके साथ लौह भस्म को शहद के साथ चाटना चाहिए सुबह खाली पेट सफेद पेठे और आंवले का रस पीना शरीर में रक्त निर्माण को बढ़ावा देता है तिल और गुड़ का सेवन भी आयरन की कमी को पूरा करने में सहायक है वहीं रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेने से पाचन सुधरता है और रक्त शुद्ध होता है

    दूसरा उपाय आहार तालिका से जुड़ा है भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां सहजन की पत्ती और डंडी तथा चुकंदर को शामिल करना चाहिए फलों में अनार अंगूर सेब और खजूर का सेवन लाभदायक होता है दिन के समय छाछ पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है जिससे रक्त की मात्रा बढ़ने में सहायता मिलती हैइसके साथ यह जानना भी जरूरी है कि किन चीजों से परहेज करना चाहिए अधिक मात्रा में हरी मिर्च बैंगन ज्यादा खट्टे फल और पैक्ड खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन एनीमिया की समस्या को बढ़ा सकता है इसलिए इनसे दूरी बनाना जरूरी है

    तीसरा उपाय जीवनशैली से जुड़ा है आयुर्वेद के अनुसार लोहे के बर्तन में भोजन पकाने से शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन प्राप्त होता है जिससे रक्त निर्माण में मदद मिलती है इसके अलावा सूर्य स्नान भी बेहद जरूरी माना गया है सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाती है जो लाल रक्त कोशिकाओं को मजबूत बनाता हैआयुर्वेदिक उपायों के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाकर एनीमिया की समस्या से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है

  • कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ

    कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मैदा कल्चर ने हमारे पाचन तंत्र को सुस्त कर दिया है। कब्ज केवल एक समस्या नहीं, बल्कि बवासीर, गैस और एसिडिटी जैसी बीमारियों की जड़ है। डॉक्टर और डाइटिशियन मानते हैं कि अगर आप अपनी रोटियों का आटा बदल लें, तो बिना दवा के पेट की सफाई संभव है। यहाँ उन 5 प्रकार के आटों की जानकारी दी जा रही है, जो फाइबर से भरपूर हैं और कब्ज को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं ।

    चोकर युक्त गेहूं का आटा
    अक्सर हम आटे को छानकर उसका चोकर बाहर फेंक देते हैं जबकि असली फाइबर उसी में होता है। फायदा चोकर आंतों की दीवारों पर जमा गंदगी को झाड़ू की तरह साफ करता है। कैसे खाएं आटे को बिना छाने रोटियां बनाएं।

    मल्टीग्रेन आटा

    जब आप गेहूं में चना सोयाबीन, और मक्का मिलाते हैं, तो यह एक फाइबर बम बन जाता है फायदा यह न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है प्रो टिप घर पर ही 5 किलो गेहूं में 1 किलो काला चना पिसवाकर मिश्रण तैयार करें।

    ओट्स का आटा

    ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट को नरम रखता है। फायदा यह मल को मुलायम बनाता है जिससे पेट साफ होने में दर्द या कठिनाई नहीं होती। उपयोग आप इसे गेहूं के आटे में आधा-आधा मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

    रागी या बाजरे का आटा

    मोटे अनाज जैसे रागी बाजरा या ज्वार गुणों की खान हैं। फायदा इनमें गेहूं के मुकाबले कई गुना ज्यादा फाइबर होता है। रागी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है। नोट सर्दियों में बाजरा और गर्मियों में ज्वार या रागी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।

    जौ का आटा

    प्राचीन समय से ही जौ को पेट के लिए सबसे हल्का और पाचक माना गया है। फायदा यह आंतों की सूजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। हफ्ते भर में असर: अगर आप लगातार 7 दिन जौ की रोटी खाते हैं, तो पुरानी से पुरानी कब्ज में राहत महसूस होगी।

    एक्सपर्ट टिप्स कब्ज मुक्त रहने के लिए

    पानी का भरपूर सेवन: फाइबर तभी काम करेगा जब आप पर्याप्त पानी पिएंगे। बिना पानी के फाइबर भी कब्ज कर सकता है। रात का खाना: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें। सेंधा नमक रोटियों के आटे में थोड़ा सेंधा नमक और अजवाइन मिलाने से पाचन और भी तेज होता है। चेतावनी यदि आपको ग्लूटेन से एलर्जी है या कोई गंभीर पेट की बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • जानिए आज रविवार का राशिफल


    मेष : सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-1-5-7


    वृष : परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक उपक्रम में उलटफेर की शुरूआत हो सकती है। स्थाई सम्पति के निर्माण, मरम्मत व पुर्नस्थापना पर व्यय भार बढ़ेगा। किसी की टीका-टिप्पणी से आपको परेशानी हो सकती हैं। शुभांक-2-5-6


    मिथुन : विश्वस्त लोगों के कहे अनुसार चलें। राजकीय कार्यों में सतर्कता बरतें। मान-सम्मान को ठेस लग सकती है। जोश से कम व होश में रहकर कार्य करें। नये आगंतुकों से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। शुभांक-5-7-9


    कर्क : पुरानी पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा। परिश्रम प्रयास से कार्य सफल होगें। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग मिलेगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-1-3-6


    सिंह : दाम्पत्य जीवन में तनाव का वातावरण बन सकता हैं। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। आत्मङ्क्षचतन करें। पुराने मित्र से मिलन होगा। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शुभांक-5-7-9


    कन्या : रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-3-5-7


    तुला : संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंग। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेंगी। शुभांक-4-6-7


    वृश्चिक : कर्म बल पर आपको सफलता मिलेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में वर्तमान क्षमता को बढ़ाएंगे उपक्रम का विस्तार करने का प्रयास सफल होगा। आप अच्छी सफलताएं प्राप्त करेंगे। बुद्घि कौशल से चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टि से समय उपलब्धिकारक रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8


    धनु : मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य कमजोर बना रहेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शुभांक-3-5-7


    मकर : शनै:-शनै: स्थिति पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। पारिवारिक प्रेमभाव बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6


    कुंभ : विकास के लिए बनाई योजना सफल होगी। अच्छा हो कि आप अपने उद्देश्य को लेकर सचेत रहें। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जा सकते है जो कि अतिविश्वसनीय व्यक्तियों को ही दिये जाते हैं। कार्य साधक दिन है व्यर्थ न गंवाऐ। नैतिक दायरे में रहें। शुभांक-5-7-9


    मीन : क्षमता से अधिक कार्य करने की नौबत आ सकती है। उत्तरदायित्व की अधिकता निजी जीवन में अपने ही ढंग की परेशानियां पैदा करेगी। कारोबार की उन्नति के लिये एक से अधिक सीढ़ी चढ़कर लोगों को आश्चर्य में डाल देंगे। बौद्घिक क्षेत्र में प्रतियोगिता जीतने का मौका मिलेगा। शुभांक-1-5-8 

  • आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक

    आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक


    नई दिल्ली । आलू के पराठे हों या क्रिस्पी कटलेट, सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कुकर में उबालने के बाद आलू पानी सोख लेते हैं। वह गीलापन न तो स्वाद रहने देता है और न ही पराठों की स्टफिंग सही बनती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एक बूंद पानी के भी आलू उबाले जा सकते हैं जी हां, सोशल मीडिया पर वायरल यह जीरो वॉटर ट्रिक न केवल आपका समय बचाएगी, बल्कि आपको मिलेंगे एकदम सूखे और सोंधे स्वाद वाले आलू।

    कैसे काम करती है यह जीरो वॉटर ट्रिक

    इस तरीके में हम आलू को पानी में डुबाने के बजाय कुकर के अंदर ‘प्रेशर और स्टीम’ का इस्तेमाल करते हैं। इसे फॉलो करना बेहद आसान है तैयारी: सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धो लें और उन्हें पोंछकर सुखा लें। ध्यान रहे, आलू के ऊपर अतिरिक्त पानी न हो।कुकर को करें तैयार कुकर की तली में एक छोटा चम्मच तेल या घी लगाकर उसे ग्रीस चिकना कर लें। इससे आलू चिपकेंगे नहीं। सूती कपड़े का जादू: अब एक सूती कपड़ा लें और उसे पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें।
    कपड़ा सिर्फ गीला होना चाहिए, उससे पानी टपकना नहीं चाहिए। आलू की सेटिंग अब गीले कपड़े के अंदर आलू को लपेटकर कुकर में रख दें। अगर आलू ज्यादा हैं, तो नीचे गीला कपड़ा बिछाएं, ऊपर आलू रखें और फिर ऊपर से एक और गीला कपड़ा ढक दें।सीटी का इंतज़ार: कुकर का ढक्कन बंद करें और बिल्कुल धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकने दें। इस दौरान कुकर में जो भाप बनेगी, वह गीले कपड़े की नमी से आएगी। परफेक्ट आलू तैयार: गैस बंद करें और प्रेशर अपने आप निकलने दें। जब आप कुकर खोलेंगे, तो आलू पूरी तरह उबले हुए और एकदम सूखे निकलेंगे।

    इस ट्रिक के जबरदस्त फायदे

    सोंधा स्वाद: पानी में उबलने से आलू का स्वाद फीका पड़ जाता है, जबकि इस तरीके से आलू का असली स्वाद बरकरार रहता है। परफेक्ट स्टफिंग: ये आलू चिपचिपे नहीं होते, इसलिए समोसे या पराठे बनाते समय स्टफिंग फटती नहीं है। विटामिन्स की बचत: पानी के साथ आलू के कई पोषक तत्व बह जाते हैं, जो भाप में पकाने से सुरक्षित रहते हैं छिलका उतारना आसान: इस विधि से उबले आलू के छिलके बहुत आसानी से और सफाई से उतर जाते हैं।

    कुछ जरूरी बातें

    इस ट्रिक के लिए हमेशा भारी तले वाले कुकर का इस्तेमाल करें। आंच हमेशा धीमी रखें, वरना कुकर जल सकता है। अगर आपके पास एल्युमीनियम फाइल है, तो आप कपड़े की जगह उसमें भी आलू लपेटकर यही प्रक्रिया दोहरा सकते हैं। याद रखें: यह ट्रिक छोटे और मध्यम आकार के आलू के लिए बेहतरीन काम करती है। अगर आलू बहुत बड़े हैं, तो उन्हें दो टुकड़ों में काटकर रखें।