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  • कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर

    कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर


    सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम में ठगी की एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है जहां मंदिर परिसर में जीवनयापन करने वाले गरीब वृद्ध और दिव्यांग भिखारियों को शातिर ठग ने अपना शिकार बनाया आरोपी ने नकली दो सौ रुपये के नोट देकर उनसे हजारों रुपये की चिल्लर ऐंठ ली और मौके से फरार हो गयायह मामला मंडी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम कुछ अज्ञात लोग कुबरेश्वर धाम परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत करने लगे इसी दौरान काले कोट में आए एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी मंदिर में चिल्लर चढ़ाना चाहती है और उसे छोटे नोटों व सिक्कों की जरूरत है

    भिखारियों ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया आरोपी ने उन्हें दो सौ रुपये के नकली नोट थमाए और बदले में उनसे करीब आठ से दस हजार रुपये की चिल्लर ले ली इसके बाद वह तेजी से वहां से निकल गयाकुछ समय बाद जब पीड़ितों ने उन नोटों का उपयोग करने की कोशिश की तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ एक भिखारी जब नाश्ता खरीदने दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार ने नोट को नकली बताकर लौटा दिया इसके बाद अन्य भिखारियों ने भी अपने पास मौजूद नोटों की जांच की तो सभी नोट नकली निकले

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने उनकी मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाया उन्होंने बताया कि गरीबी असहायता और डर के कारण वे पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करा सके जिससे आरोपी बेखौफ होकर भाग निकलास्थानीय लोगों का कहना है कि कुबरेश्वर धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इसी भीड़ में कई गरीब लोग भीख मांगकर गुजारा करते हैं और इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व अपराध को अंजाम देते हैं

    घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कुबरेश्वर धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और गरीबों को न्याय मिल सकेइस मामले में मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि अभी तक किसी भी भिखारी की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है हालांकि पुलिस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाएगी ताकि ऐसे शातिरों पर नजर रखी जा सके

  • RJD में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत, तेजस्वी यादव को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी, कल फैसले के आसार

    RJD में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत, तेजस्वी यादव को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी, कल फैसले के आसार


    नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय जनता दल RJD में जल्द ही बड़ा फैसला लिया जा सकता है। तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जनवरी को होने वाली RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है। यदि यह निर्णय होता है, तो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में यह एक अहम बदलाव माना जाएगा।

    पूरा मामला क्या है

    आजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक 25 जनवरी को पटना स्थित होटल मौर्या में सुबह 11:30 बजे आयोजित होने वाली है। इस बैठक को पार्टी के भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार किया जा सकता है। यदि प्रस्ताव रखा गया तो उस पर अंतिम फैसला RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की सहमति से लिया जाएगा। पार्टी के अंदरखाने में यह चर्चा तेज है कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव संगठन की कमान और मजबूत रूप से अपने हाथ में लेना चाहते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम RJD के नेतृत्व को स्पष्ट करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

    तेजस्वी यादव की सुरक्षा में हालिया बदलाव

    हाल ही में तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था। बिहार के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी की समीक्षा केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर की गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। इस कदम को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक मंशा से जुड़ा बताया था। वहीं सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह फैसला पूरी तरह खतरे के आकलन और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

    तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव आरजेडी के लिए निराशाजनक रहा था, जहां एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद तेजस्वी यादव को सदन में विपक्ष का नेता चुना गया।

    गौरतलब है कि चुनाव के बाद लालू परिवार के भीतर मतभेद भी सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखी टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी दौरान तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव को चुनाव से पहले ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अलग राजनीतिक दल बनाकर चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें चुनावी सफलता नहीं मिल पाई।

  • कनाडा को एक साल में ही निगल जाएगा चीन बोर्ड ऑफ पीस से हटाने के बाद ट्रंप की कड़ी चेतावनी

    कनाडा को एक साल में ही निगल जाएगा चीन बोर्ड ऑफ पीस से हटाने के बाद ट्रंप की कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर वैश्विक सुर्खियों में आ गए हैं ताजा बयान में उन्होंने कनाडा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने अमेरिका के बजाय चीन के साथ नजदीकी बढ़ाई तो वह एक साल के भीतर ही उसे निगल जाएगा

    ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब कनाडा ने अमेरिका के प्रस्तावित गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम का विरोध किया यह सिस्टम इजरायल के आयरन डोम से प्रेरित बताया जा रहा है और ग्रीनलैंड के ऊपर तैनात किए जाने की योजना है अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि यह सिस्टम न केवल अमेरिका बल्कि कनाडा की सुरक्षा के लिए भी जरूरी हैडोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि कनाडा ग्रीनलैंड के ऊपर बनने वाले गोल्डन डोम के खिलाफ है जबकि यह सिस्टम कनाडा को भी सुरक्षा प्रदान करेगा इसके बजाय कनाडा ने चीन के साथ व्यापार बढ़ाने के समर्थन में रुख अपनाया है जो आने वाले एक साल में ही उसे खत्म कर देगा

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि गोल्डन डोम ग्रीनलैंड को पूरी तरह कवर करे उनका तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र पर नियंत्रण से अमेरिका को रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने में मदद मिलेगीइससे पहले दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा था कि कनाडा को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका का आभारी होना चाहिए उन्होंने यह भी कहा था कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही जीवित है

    हालांकि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी जरूर है लेकिन कनाडा की प्रगति का श्रेय अमेरिका को नहीं दिया जा सकता उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी दबदबे पर आधारित वैश्विक व्यवस्था टूटने की कगार पर हैकार्नी के इस बयान के बाद ट्रंप ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें अपने बोर्ड ऑफ पीस से बाहर कर दिया यह बोर्ड दुनिया में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रंप द्वारा शुरू किया गया था

    बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए ट्रंप ने दुनिया के लगभग साठ देशों को आमंत्रण भेजा था इजरायली मीडिया के अनुसार इनमें से पच्चीस देशों ने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है बोर्ड में शामिल देशों में इजरायल सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात पाकिस्तान कतर तुर्किए मिस्र इंडोनेशिया अर्जेंटीना और मंगोलिया समेत कई देश शामिल हैंट्रंप का यह बयान और कदम एक बार फिर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है

  • पीरियड्स के दर्द सूजन और ऐंठन से दिलाएंगे राहत ये आसान योगासन

    पीरियड्स के दर्द सूजन और ऐंठन से दिलाएंगे राहत ये आसान योगासन


    नई दिल्ली।नेशनल गर्ल चाइल्ड डे बेटियों की ताकत हिम्मत और आत्मविश्वास का प्रतीक है यह दिन लड़कियों के महत्व को रेखांकित करता है जीवन के अलग अलग पड़ावों पर लड़कियों को कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है इन्हीं में से एक है पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द ऐंठन और सूजन जो अक्सर उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करता है

    विशेषज्ञों के अनुसार पीरियड्स के समय शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिनकी वजह से दर्द मूड स्विंग्स और थकान महसूस होती है ऐसे में योगासन एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय के रूप में सामने आते हैं योग से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है जो प्राकृतिक पेन किलर की तरह काम करता है इससे दर्द कम होता है और मन को भी शांति मिलती हैयोग एक्सपर्ट मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान भारी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए और केवल हल्के और आरामदायक योगासन करने चाहिए इससे पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर होता है मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ऐंठन में कमी आती है नियमित योगाभ्यास से पीरियड्स की समस्याएं धीरे धीरे कम हो सकती हैं

    बालासन या चाइल्ड पोज पीरियड्स के दौरान बेहद लाभकारी माना जाता है इस आसन में घुटनों के बल बैठकर आगे झुकना होता है जिससे कमर और पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है यह दर्द सूजन और तनाव को कम करने में मदद करता हैसुप्त बद्ध कोणासन या रिलाइनिंग बटरफ्लाई पोज में पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवे जोड़कर घुटनों को बाहर की ओर छोड़ा जाता है यह आसन पेल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और ऐंठन के साथ सूजन में भी राहत देता है

    अपानासन पेट की ऐंठन और गैस की समस्या को शांत करने में सहायक है पीठ के बल लेटकर घुटनों को छाती से लगाने से पेट और कमर का दर्द कम होता हैमार्जरीआसन और बितिलासन यानी कैट काउ पोज रीढ़ को लचीला बनाता है इससे कमर का दर्द घटता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है यह आसन पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग्स को भी नियंत्रित करता है

    सुप्त मत्स्येंद्रासन पेट की मरोड़ और सूजन को कम करता है यह आसन शरीर को रिलैक्स करता है और दर्द से राहत दिलाता हैयोगासन को दिनचर्या में शामिल कर पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है हालांकि इस दौरान शरीर पर अधिक दबाव न डालें और अगर दर्द या सूजन ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें

  • अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाने का संकेत, वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा-रूसी तेल खरीद घटने से बड़ी जीत

    अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाने का संकेत, वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा-रूसी तेल खरीद घटने से बड़ी जीत


    नई दिल्ली। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रम्प सरकार भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ में से आधा हटाने पर विचार कर सकती है, क्योंकि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद काफी कम कर दी है। बेसेंट ने यह दावा किया कि 25% टैरिफ ने भारत की रूसी तेल खरीद घटाने में असर दिखाया है और अब राहत देने का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने इसे अमेरिका की बड़ी जीत बताया और कहा कि टैरिफ अभी भी लागू हैं,
    लेकिन धीरे-धीरे इन्हें हटाने की संभावना है।

    अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर दो बार 25-25% टैरिफ लगाए थेपहला व्यापार घाटे के आधार पर और दूसरा रूस से तेल खरीदने के कारण। बेसेंट ने यह भी आरोप लगाया कि यूरोपीय देश भारत पर टैरिफ इसलिए नहीं लगा रहे क्योंकि वे भारत के साथ बड़े व्यापार समझौते के लिए इच्छुक हैं, जबकि यूरोप खुद रिफाइंड तेल खरीदकर रूस की मदद कर रहा है।

    बेसेंट 500% टैरिफ के प्रस्ताव पर भी बोले
    बेसेंट ने कहा कि रूसी तेल खरीदने पर 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेटर ग्राहम ने रखा है, लेकिन ट्रम्प को इसकी जरूरत नहीं है।

    राष्ट्रपति के पास पहले से ही IEEPA कानून के तहत राष्ट्रीय आपात स्थिति का हवाला देकर अन्य देशों पर भारी आर्थिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।

    भारत ने रूस से तेल खरीद घटाई, पर पूरी तरह नहीं रोकी
    अमेरिकी दावों के बावजूद भारत सरकार का कहना है कि रूस से तेल खरीद अभी भी जारी है और भारत अपनी ऊर्जा नीति अपने हितों के आधार पर तय करता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत की रूस से तेल खरीद में गिरावट आई और वह तीसरे नंबर पर खिसक गया। वहीं तुर्की दूसरे सबसे बड़े खरीदार बन गया।

    चीन अभी भी रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है।

    भारत की खरीद में गिरावट का कारण
    रूस ने अब तेल की छूट घटा दी है और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत भी कम हो गई है, जिससे भारत के लिए रूस से तेल खरीदना पहले जैसा लाभकारी नहीं रहा। इसके अलावा शिपिंग, बीमा और भुगतान में दिक्कतें भी बढ़ीं। इसी वजह से भारत सऊदी, UAE और अमेरिका जैसे स्थिर सप्लायर्स से भी तेल खरीद बढ़ा रहा है।

    अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता और टैरिफ में नरमी
    अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की बातचीत चल रही है, ऐसे में टैरिफ घटाने के संकेत दोनों देशों के रिश्तों में नरमी की तरफ माना जा रहा है।
    अमेरिका के टैरिफ में राहत के संकेत से भारत-यूएस संबंधों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन रूस से तेल खरीद पर भारत की नीति अभी भी अपने हितों पर आधारित है।

  • चुनाव आयोग का कड़ा रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी की तो BLOs पर होगी सीधी FIR, ECI ने जारी किए सख्त निर्देश

    चुनाव आयोग का कड़ा रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी की तो BLOs पर होगी सीधी FIR, ECI ने जारी किए सख्त निर्देश

    नई दिल्ली/कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग ECI ने लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई ‘मतदाता सूची’ की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स BLOs द्वारा की गई किसी भी प्रकार की लापरवाही, जानबूझकर की गई गड़बड़ी या निर्देशों की अवहेलना को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, दोषी अधिकारियों के खिलाफ न केवल विभागीय जांच होगी, बल्कि आपराधिक कृत्य पाए जाने पर सीधे FIR भी दर्ज कराई जाएगी।

    गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु: क्यों और कैसे होगी कार्रवाई

    आयोग ने उन परिस्थितियों को स्पष्ट किया है जिनके तहत BLOs पर गाज गिर सकती है गड़बड़ी के दायरे: मतदाता सूची की सटीकता को प्रभावित करना, ड्यूटी से नदारद रहना, दुर्व्यवहार, चुनाव कानूनों का उल्लंघन या आयोग के आदेशों की जानबूझकर अनदेखी करना। निलंबन और विभागीय जांच: जिला निर्वाचन अधिकारी DEO के पास दोषी BLO को तत्काल निलंबित करने का अधिकार होगा। संबंधित अनुशासनात्मक प्राधिकारी को 6 महीने के भीतर कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी।

    आपराधिक कार्यवाही FIR यदि गड़बड़ी आपराधिक श्रेणी की है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम RP Act 1950 की धारा 32 के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी CEO की अनुमति से तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। निगरानी: CEO को यह अधिकार होगा कि वे स्वयं या DEO की रिपोर्ट पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। अनुशासनात्मक कार्यवाही का अंतिम निर्णय CEO की सहमति के बिना प्रभावी नहीं होगा।

    पश्चिम बंगाल: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद विशेष सतर्कता

    पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR 2026 के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग बेहद संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: 19 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बाद, बंगाल के CEO मनोज अग्रवाल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों DM को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या धांधली को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा और पारदर्शिता: बंगाल में पुनरीक्षण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपना नाम जुड़वा सकें या संशोधन करा सकें।

    BLO की भूमिका का महत्व

    एक BLO के पास औसतन 970 मतदाता या लगभग 300 घरों की जिम्मेदारी होती है। जमीनी स्तर पर यही अधिकारी तय करते हैं कि मतदाता सूची कितनी पारदर्शी है। आयोग का मानना है कि यदि नींव BLO स्तर मजबूत और ईमानदार होगी, तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहेगा।

  • सुबह उठते ही मुंह का खट्टा या कड़वा स्वाद पेट की बीमारी का संकेत हो सकता है जानिए कारण और उपाय

    सुबह उठते ही मुंह का खट्टा या कड़वा स्वाद पेट की बीमारी का संकेत हो सकता है जानिए कारण और उपाय


    नई दिल्ली।सुबह की शुरुआत आमतौर पर ताजगी और ऊर्जा से भरी होती है क्योंकि रात के समय शरीर खुद को संतुलित करता है लेकिन यदि सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए यह स्वाद पेट से जुड़ी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता हैविशेषज्ञों के अनुसार मुंह से जुड़ी अधिकतर परेशानियों का सीधा संबंध पेट से होता है यदि पाचन तंत्र ठीक है तो मुंह में दुर्गंध या कड़वापन जैसी समस्याएं अपने आप कम हो जाती हैं लेकिन यदि यह परेशानी रोजाना हो रही है तो यह पेट में एसिड बढ़ने का संकेत हो सकता है

    आधुनिक चिकित्सा में इस स्थिति को एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है जबकि आयुर्वेद इसे पित्त दोष की वृद्धि से जोड़कर देखता है आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में पित्त असंतुलित होता है तो अम्ल की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पेट की समस्याओं के साथ साथ हड्डियों और जोड़ों में भी कमजोरी आने लगती है मुंह के खट्टे या कड़वे स्वाद के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे देर रात भोजन करना शराब और तंबाकू का सेवन लिवर का सही तरीके से काम न करना पाचन अग्नि का कमजोर पड़ जाना और लंबे समय तक भूखा रहना गलत खान पान की आदतें भी पेट में एसिड बढ़ाने का बड़ा कारण बनती हैं

    आयुर्वेद में इस समस्या के प्रभावी समाधान बताए गए हैं पेट से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए त्रिफला चूर्ण को बेहद लाभकारी माना गया है रात को गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से सुबह पेट साफ रहता है और पित्त शांत होता हैखान पान की समय सारिणी में बदलाव करना भी जरूरी है देर रात भोजन करने से बचें और सूर्यास्त के आसपास खाना खा लें भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें कुछ देर टहलें और सोते समय बाईं करवट लें विज्ञान भी मानता है कि बाईं करवट सोने से पेट का एसिड ऊपर की नली में नहीं चढ़ता और हृदय तक रक्त प्रवाह बेहतर रहता है

    तांबे के बर्तन में रखा पानी पेट के अम्ल को शांत करने में मदद करता है इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को डिटॉक्स भी करता है इसके अलावा सौंफ और मिश्री का सेवन या उनका पानी पीने से पाचन सुधरता है और मुंह की दुर्गंध भी कम होती हैविशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अत्यधिक तनाव और चिंता से पेट में एसिड का उत्पादन सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है इसलिए मानसिक शांति बनाए रखना भी पेट की सेहत के लिए बेहद जरूरी है

  • अमेरिका ग्रीनलैंड विवाद से निवेशकों में चिंता बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने के संकेत

    अमेरिका ग्रीनलैंड विवाद से निवेशकों में चिंता बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने के संकेत


    नई दिल्ली।ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की प्रस्तावित योजना के कारण वैश्विक बाजारों में निवेशकों की चिंता बनी हुई है एक रिपोर्ट के अनुसार इस मुद्दे से जुड़े कई अनिश्चित पहलुओं के चलते निकट भविष्य में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है निवेशक फिलहाल अमेरिका और अन्य देशों के बीच होने वाली बातचीत के नतीजों का इंतजार कर रहे हैंबैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशक इस प्रस्ताव से जुड़ी और जानकारी मिलने तक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं रिपोर्ट के अनुसार बातचीत की दिशा और उसमें आने वाली संभावित बाधाएं यह तय करेंगी कि बाजार में स्थिरता आएगी या अस्थिरता बनी रहेगी

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस सौदे से जुड़े कुछ अहम मुद्दे ऐसे हैं जिनके कारण आगे चलकर बातचीत पटरी से उतर सकती है इसी वजह से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और बाजार में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता हैविशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर प्रस्तावित व्यवस्था अमेरिका और डेनमार्क के बीच वर्ष 1951 में हुए सुरक्षा समझौते का एक विस्तारित रूप हो सकती है हालांकि इसके स्वरूप और शर्तों को लेकर अभी तक पूरी तस्वीर साफ नहीं है

    बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री अदिति गुप्ता के अनुसार आगामी बातचीत में ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी वहां के खनिज संसाधनों के उपयोग और ग्रीनलैंड की संप्रभुता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है ये सभी पहलू भू राजनीतिक जोखिम को और बढ़ा सकते हैंरिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में अमेरिका की रुचि को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा है वहीं ग्रीनलैंड में मौजूद तेल गैस और दुर्लभ खनिज तत्व भी अमेरिका के लिए आकर्षण का बड़ा कारण हैं

    हालांकि अमेरिका और नाटो के बीच एक फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा से निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन इस समझौते की शर्तें और दायरा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है जिससे अनिश्चितता बनी हुई हैग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी तेज होने के बाद भू राजनीतिक तनाव और बढ़ गया और इसका असर सीधे बाजारों पर पड़ा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड को अपने में शामिल करने की बात कहने और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर आर्थिक कदम उठाने की धमकी से हालात और बिगड़ गए

    इसके जवाब में फ्रांस जर्मनी और स्वीडन समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य तैनाती बढ़ा दी जिससे तनाव और गहरा गयाडोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि फरवरी 2026 से कई यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा जो जून 2026 से और बढ़ सकता था हालांकि बाद में दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान उन्होंने टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटने के संकेत दिए जिससे बाजारों को कुछ राहत मिली

  • सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ

    सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ


    झारखंड । झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित एशिया के सबसे घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत 47 घंटों तक चली इस भीषण मुठभेड़ में 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए इन नक्सलियों पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम घोषित था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमडीह और बहादा जंगल में चली इस गोलीबारी ने नक्सली संगठन की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार आईईडी और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    ऑपरेशन मेगाबुरु की बड़ी सफलताएं

    सुरक्षाबलों के लिए यह जीत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठन के कई बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं रापा मुंडा 35 लाख का इनामी जोनल कमांडर रापा मुंडा इस मुठभेड़ का सबसे बड़ा शिकार बना। वह अप्रैल 2025 में हुए उस घातक आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। मुवति होनहांगा 2 लाख की इनामी इस महिला नक्सली को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। बड़ी बरामदगी मुठभेड़ स्थल से एके-47 इंसास राइफलें और भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ है।

    दहशत के बीच भारी नाकेबंदी

    मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि इसका असर आसपास के गांवों में साफ देखा जा रहा है घरों में कैद ग्रामीण फायरिंग की गूंज से डरे हुए लगभग 20 परिवार अपने घरों में सिमटे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स घने जंगलों से नक्सलियों के शव बाहर निकालने के लिए प्रशासन को 6 ट्रैक्टरों और सुरक्षा के लिए 8 मजिस्ट्रेटों की तैनाती करनी पड़ी। सील इलाका: कुमडीह और सेडल नाका सहित पूरे इलाके को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने चारों तरफ से सील कर दिया है।

    सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

    हालांकि मुख्य मुठभेड़ थम गई है, लेकिन ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि घने बीहड़ों और गुफाओं में कुछ और हार्डकोर नक्सली छिपे हो सकते हैं। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है ताकि कोई भी अपराधी घेराबंदी तोड़कर ओडिशा की सीमा में न भाग सके।

  • तू या मैं जैसी फिल्में सिर्फ परफॉर्मेंस नहीं बल्कि एक पूरा अनुभव हैं आदर्श गौरव

    तू या मैं जैसी फिल्में सिर्फ परफॉर्मेंस नहीं बल्कि एक पूरा अनुभव हैं आदर्श गौरव


    नई दिल्ली।बाफ्टा नॉमिनेटेड अभिनेता आदर्श गौरव जल्द ही निर्देशक बिजॉय नांबियार की फिल्म तू या मैं में नजर आने वाले हैं अभिनेता ने इस फिल्म में काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया और कहा कि ऐसी फिल्में सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि एक संपूर्ण अनुभव बन जाती हैं

    आदर्श गौरव ने कहा कि वह हमेशा ऐसी फिल्मों की ओर आकर्षित होते हैं जो नए विचार नई दुनिया और भावनाओं को एक साथ जोड़ती हैं उनके अनुसार तू या मैं जैसी फिल्में केवल एक्टिंग का माध्यम नहीं होतीं बल्कि कलाकार और दर्शक दोनों को एक अलग मानसिक और भावनात्मक यात्रा पर ले जाती हैंअभिनेता ने बताया कि उन्हें मजबूत स्क्रिप्ट और नई सोच वाली कहानियां सबसे ज्यादा प्रेरित करती हैं वह ऐसे प्रोजेक्ट चुनते हैं जो जॉनर फॉर्म और स्टोरीटेलिंग के स्तर पर प्रयोग करने का अवसर दें उनके लिए एक कलाकार के रूप में आगे बढ़ना और खुद को चुनौती देना सबसे जरूरी है

    तू या मैं फिल्म का निर्देशन बिजॉय नांबियार ने किया है और इसे आनंद एल राय ने प्रोड्यूस किया है फिल्म में आदर्श गौरव के साथ अभिनेत्री शनाया कपूर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी यह फिल्म कलर येलो बैनर के तहत बनाई गई है और प्यार तथा सर्वाइवल की कहानी को नए नजरिए से प्रस्तुत करती है इस फिल्म के सह निर्माता हिमांशु शर्मा विनोद भानुशाली और कमलेश भानुशाली हैं फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है

    आदर्श गौरव का मानना है कि इस तरह की फिल्में कलाकार को अलग सोचने और अभिनय को नए दृष्टिकोण से देखने का मौका देती हैं उन्होंने कहा कि क्रिएटिव ग्रोथ उनके लिए बेहद रोमांचक है और यही वजह है कि वह ऐसे प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना पसंद करते हैंआदर्श गौरव ने फिल्म के साथ साथ टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है उन्होंने बचपन में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रशिक्षण भी लिया था और अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी फिल्म माई नेम इज खान में उन्होंने शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाया था

    उन्हें प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज मेड इन हेवन में बलराम मेनन के किरदार से व्यापक पहचान मिली इसके बाद फिल्म द व्हाइट टाइगर में बलराम हलवाई के मुख्य किरदार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई इस फिल्म में उनके अभिनय की दुनियाभर में सराहना हुई द व्हाइट टाइगर में शानदार प्रदर्शन के लिए आदर्श गौरव को बाफ्टा अवॉर्ड में बेस्ट लीड एक्टर और इंडिपेंडेंट स्पिरिट अवॉर्ड में बेस्ट मेल लीड एक्टर के लिए नामांकन मिला आज वह उन चुनिंदा भारतीय कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है