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  • शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय

    शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह कर्म, न्याय और अनुशासन का प्रतीक है। जब शनि अशुभ फल देता है तो व्यक्ति को आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, करियर में रुकावट और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शनिवार को किए जाने वाले पारंपरिक उपाय शनि दोष शांत करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मददगार माने जाते हैं।

    शनिदेव की पूजा का महत्व अत्यधिक है। प्रातः स्नान के बाद काले या नीले वस्त्र पहनकर शनि मंदिर जाना शुभ माना जाता है। जो लोग मंदिर नहीं जा सकते वे घर पर भी श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं। पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना गया है। दीपक में दो लौंग डालने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

    पूजा के दौरान मंत्र का जप करना लाभकारी है। मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का उच्चारण शनि दोष शांत करने में सहायक होता है। शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक स्थिरता और आत्मबल बढ़ता है।पीपल के पेड़ की पूजा का शनिवार को विशेष महत्व है। मान्यता है कि पीपल में शनिदेव का वास होता है। सुबह या संध्या के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें और पीपल की सात परिक्रमा करें। यह उपाय साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

    हनुमान जी की उपासना भी शनिदेव के अशुभ प्रभाव कम करने में मदद करती है। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने और लाल फूल तथा लड्डू अर्पित करने से भय, रोग और मानसिक तनाव दूर होता है।दान का विशेष महत्व है। शनिवार को काले तिल, उड़द दाल, लोहा, काले वस्त्र या जूते चप्पल जरूरतमंदों को दान करें। अंधों, अपंगों और असहाय लोगों को भोजन कराने से भी शनि की कठोरता कम होती है।

    अन्य उपायों में कौवे को भोजन कराना, घर में घी का दीपक जलाना और शिवलिंग का काले तिल और बेलपत्र से अभिषेक करना शामिल हैं। ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा और सुख समृद्धि बढ़ाने में सहायक हैं।श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय जीवन में आर्थिक संकट, करियर की बाधाएं, मानसिक अशांति और पारिवारिक तनाव कम करते हैं। शनिदेव की कृपा से जीवन में स्थिरता अनुशासन और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता

  • सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार

    सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार


    सतना । चांदी की आसमान छूती कीमतों ने अब चोरों को मंदिरों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। मध्यप्रदेश के सतना शहर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने आस्था पर प्रहार करते हुए दो प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी सफाई से देवताओं के सिर से चांदी के मुकुट और छत्र पार कर दिए। इस दोहरी वारदात से न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि शहर के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग इलाकों में हुई राजेंद्र नगर देवी मंदिर: यहाँ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर माता रानी के ऊपर लगा चांदी का छत्र और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। सुबह जब पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई। हनुमान मंदिर: इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान मंदिर में भी बदमाशों ने हाथ साफ किया। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दोनों मंदिरों से चोरी की गई चांदी का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो बताया जा रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जो केवल कीमती धातुओं के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अंडमान-निकोबार का नाम बदलने का प्रस्ताव

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अंडमान-निकोबार का नाम बदलने का प्रस्ताव


    नई दिल्ली। में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और पूर्व सांसद के. कविता ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर सिफारिश की है कि इस द्वीप समूह का नाम नेताजी और उनकी वीर सेना के सम्मान में आजाद हिंद रखा जाए।

    कविता ने अपने पत्र में तर्क दिया कि यह कदम आजाद हिंद की उस अंतरिम सरकार की विरासत का सम्मान करेगा जिसने 1943 में इन द्वीपों को ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता से मुक्त कराया था। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत का पहला क्षेत्र था जिसे स्वतंत्रता मिली थी और इस कारण इसकी राष्ट्रीय स्मृति बेहद महत्वपूर्ण है।पूर्व सांसद ने कहा कि पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद सेना का सम्मान किया है। सरकार ने अंडमान-निकोबार के तीन द्वीपों के नाम बदल दिए हैं लेकिन अभी भी पूरे द्वीप समूह का नाम औपनिवेशक सत्ता के दौरान रखा गया है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया तुरंत शुरू की जानी चाहिए।

    एनडीटीवी से बातचीत में कविता ने कहा कि नेताजी ने अपनी कूटनीति और बलपूर्वक कार्रवाई से अंडमान और निकोबार द्वीपों को अंग्रेजों से मुक्त कराया था। उन्होंने इसे आजाद हिंद का नाम दिया और 1947 से पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। कविता ने बताया कि यह एक राष्ट्रीय स्मृति है जिसे सम्मानित किया जाना चाहिए था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।कविता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को पत्र इसलिए लिखा गया क्योंकि अंडमान और निकोबार का नाम अंग्रेजों ने रखा था और इसे बदलकर आजाद हिंद रखना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कदम होगा। उन्होंने कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व और उनकी ऊर्जा ऐसे बदलाव के लिए प्रेरक हैं।

    केंद्र सरकार ने इससे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में तीन द्वीपों का नाम बदल दिया था। रॉस द्वीप अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप अब शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप अब स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाता है। यह परिवर्तन पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ को याद करते हुए किया गया था।अब यह प्रस्ताव आने वाले समय में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पूरे नाम परिवर्तन की दिशा में एक नया अध्याय साबित हो सकता है।

  • शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार

    शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार


    जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी को झकझोर देने वाले शाहजहांनाबाद मासूम बलात्कार और हत्याकांड मामले में न्याय की जीत हुई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी अतुल निहाले 30 को मिली फांसी की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी के परिजनों द्वारा दायर की गई अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

    यह मामला न केवल अपनी संवेदनशीलता के लिए, बल्कि कानूनी इतिहास के लिए भी विशेष है। भोपाल की विशेष अदालत ने दोषी अतुल निहाले को अपहरण बलात्कार और हत्या, इन तीनों अलग-अलग धाराओं में ‘तिहरा मृत्युदंड सुनाया था। यानी उसे प्रत्येक जघन्य अपराध के लिए अलग से फांसी की सजा दी गई थी। भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहां किसी अपराधी को एक साथ तीन मृत्युदंड मिले हों।

    क्या थी दिल दहला देने वाली वह घटना

    घटना भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र की है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। सघन तलाशी के बाद बच्ची का शव पड़ोस में रहने वाले मजदूर अतुल निहाले के घर में पानी की टंकी से बरामद हुआ था। जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ हैवानियत की और पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को छिपा दिया।

    हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में माना। न्यायालय ने कहा कि ऐसे जघन्य कृत्य समाज के लिए खतरा हैं और मासूमों की सुरक्षा के प्रति कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। आरोपी के परिजनों ने उसकी पृष्ठभूमि और कम उम्र का हवाला देकर सजा कम करने की गुहार लगाई थी जिसे अदालत ने अपराध की वीभत्सता को देखते हुए ठुकरा दिया। भोपाल पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस मामले में बेहद कम समय में वैज्ञानिक साक्ष्य और पुख्ता गवाह पेश किए थे, जिसकी बदौलत यह सजा बरकरार रह सकी। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय नागरिकों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • Border 2 का क्लाइमैक्स धमाका: AI के जरिए लौटे सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना, सनी देओल की आंखें नम कर दी

    Border 2 का क्लाइमैक्स धमाका: AI के जरिए लौटे सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना, सनी देओल की आंखें नम कर दी


    नई दिल्ली। बॉर्डर 2 रिलीज होते ही दर्शकों के दिलों पर छा गई है। देशभक्ति, इमोशन्स और एक्शन के इस फिल्मी सफर ने थिएटर में बैठी जनता को भावुक कर दिया है। सनी देओल की दमदार वापसी और नई पीढ़ी के स्टार्स की जोड़ी ने फिल्म को खास बनाया है। शुरुआती रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार बॉर्डर 2 को आलोचकों और दर्शकों दोनों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने शानदार शुरुआत की है।

    फिल्म में पहले पार्ट से केवल सनी देओल ही दिखाई देते हैं, लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों को एक ऐसा सरप्राइज मिला जिसने उनकी आंखें नम कर दी। क्लाइमैक्स सीन में सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना की झलक दिखाई देती है।

    यह कैमियो साधारण नहीं बल्कि बेहद भावुक और यादगार है। आखिरी सीन में सनी देओल का किरदार कर्नल फतेह सिंह कलेर, अपने बेटे और जवान अंगद के शहीद होने के बाद गुरुद्वारे में माथा टेकता है। जैसे ही वह ऊपर देखता है, उसे अपने वे साथी दिखाई देते हैं जिन्हें उसने जंग में खोया था। इसी क्षण स्क्रीन पर सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना पुराने ‘बॉर्डर’ वाले लुक में नजर आते हैं।

    इस सीन को और खास बनाने के लिए मेकर्स ने AI तकनीक का इस्तेमाल किया है, ताकि पुराने किरदारों को सम्मान के साथ फिर से दिखाया जा सके।

    सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना की यह झलक भले ही कुछ ही पलों की हो, लेकिन इसने दर्शकों की पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं। कई थिएटर दर्शक इस सीन के दौरान भावुक होते नजर आए और सोशल मीडिया पर इस सीन की चर्चा जोर पकड़ रही है।

    कहानी की बात करें तो बॉर्डर 2 कर्नल फतेह सिंह कलेर की कहानी है, जो युवा अफसरों को ट्रेन करते हैं। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के जवान शामिल हैं, जो देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर उतरते हैं। जब पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो ये जवान अपने परिवार और निजी सुखों को छोड़कर भारत माता की रक्षा के लिए निकल पड़ते हैं। फिल्म सिर्फ जंग की कहानी नहीं दिखाती, बल्कि जवानों के बीच के रिश्ते, बलिदान और अटूट बॉन्ड को भी भावनात्मक रूप से पेश करती है।

    फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और इसमें सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राणा और आन्या सिंह फिल्म को और मजबूत बनाते हैं। बॉर्डर 2 को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, निधि दत्ता और जे.पी. दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।

    कुल मिलाकर बॉर्डर 2 एक भावनात्मक अनुभव बनकर सामने आई है, और सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना का इमोशनल सीन फिल्म की जान बन गया है, जो दर्शकों की आंखों में आंसू और दिल में गर्व दोनों भर देता है।

  • MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?

    MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने इंसानी सोच और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौनपुर की यह घटना किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। एक छात्र का डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर पागलपन में बदला कि उसने मेडिकल की सीट पाने के लिए खुद के ही शरीर को दांव पर लगा दिया। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में 25 वर्षीय सूरज भास्कर ने सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए जो रास्ता चुना, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
    सूरज ने दिव्यांग कोटा (PH Quota) हासिल करने के लिए ग्राइंडर मशीन से अपना ही बायां पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया।

    वारदात की क्रोनोलॉजी: साजिश से खुलासे तक
    शुक्रवार रात करीब 12 बजे सूरज ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
    दवाओं का खेल खुद को दर्द से बचाने के लिए सूरज ने पहले एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाला) इंजेक्शन लगाया। जब पैर सुन्न हो गया, तो बिजली से चलने वाली ग्राइंडर मशीन से अपने पंजे को काट डाला।

    गुमराह करने की कोशिश शनिवार सुबह सूचना फैली कि अज्ञात बदमाशों ने सूरज पर जानलेवा हमला कर उसका पैर काट दिया है। पुलिस ने तत्काल ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    कैसे खुला राज?
    सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने चौंका दिया। खेत में इंजेक्शन के रैपर और दवाइयां मिलीं, जो किसी राह चलते अपराधी के पास होना मुमकिन नहीं था। जब पुलिस ने सूरज की डायरी और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो साजिश की परतें खुल गईंडायरी का टारगेट, सूरज ने अपनी डायरी में लिखा था 2026 में किसी भी हाल में MBBS में दाखिला लेना है।

    BHU से ली ‘ट्रेनिंग’
    जांच में पता चला कि सूरज अक्टूबर में वाराणसी (BHU) गया था, जहाँ उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के फायदे और प्रक्रिया की पूरी रेकी की थी।नीट (NEET) में कड़े कॉम्पिटिशन से बचने के लिए उसने खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग बनाने का फैसला किया।

    सिस्टम और मानसिक दबाव का आईना
    यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि उस मानसिक दबाव की चरम सीमा है जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान महसूस करते हैं। फिलहाल सूरज अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसका यह कदम उसे कॉलेज की सीट दिलाएगा या जेल की कोठरी, यह पुलिसिया कार्रवाई तय करेगी।पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सूरज को मेडिकल ग्रेड के इंजेक्शन और ग्राइंडर मशीन किसने मुहैया कराई।

  • रिपब्लिक डे रिलीज फिल्मों में भी Border 2 का शानदार प्रदर्शन

    रिपब्लिक डे रिलीज फिल्मों में भी Border 2 का शानदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली।बॉक्स ऑफिस पर Border 2 का प्रदर्शन शानदार साबित हो रहा है। फिल्म के फैंस को इसका बेसब्री से इंतजार था। Border 2 साल 1997 में आई फिल्म Border का सीक्वल है। पहले दिन फिल्म ने देशभर में 28.79 करोड़ की कमाई की और साल 2025 की सबसे बड़ी हिट फिल्म धुरंधर के ओपनिंग डे के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। धुरंधर ने पहले दिन 28 करोड़ की कमाई की थी।सिर्फ धुरंधर ही नहीं Border 2 ने पुराने बॉर्डर का भी रिकॉर्ड तोड़ा है। 1997 में रिलीज हुई Border ने पहले दिन केवल 1.10 करोड़ की कमाई की थी। Border 2 पहले ही दिन पुराने बॉर्डर के भारत में टोटल कलेक्शन के करीब पहुंच गई है। अगर फिल्म इसी रफ्तार से कमाई करती रही तो यह अपने सीक्वल से बॉर्डर के भारत में लाइफटाइम कलेक्शन को भी पार कर सकती है।

    Border 2 ने पिछले तीन सालों में रिपब्लिक डे पर रिलीज हुई बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया। 2025 में रिलीज हुई स्काई फोर्स ने 11.25 करोड़, 2024 में फाइटर ने 22.5 करोड़ और 2023 में पठान ने 57 करोड़ कमाए थे। Border 2 ने इन सभी फिल्मों को चुनौती दी और पहले दिन 28.79 करोड़ के साथ अपना धमाकेदार रिकॉर्ड बनाया।फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहना शेट्टी ने मुख्य भूमिका निभाई है। आलोचकों और दर्शकों के रिव्यू में वरुण धवन की परफॉर्मेंस को खास तौर पर सराहा जा रहा है। सनी देओल की जबरदस्त अदाकारी ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के प्रति अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है।

    Box Office रिपोर्ट्स के मुताबिक Border 2 की शुरुआत इतनी जोरदार रही है कि यह फिल्म आने वाले दिनों में और भी रिकॉर्ड्स तोड़ सकती है। पहले दिन की कमाई ने यह साफ कर दिया कि यह फिल्म साल की बड़ी हिट बनने की दिशा में है।अगर Border 2 अगले कुछ दिनों में इसी तरह प्रदर्शन करती रही तो यह ना केवल पुराने Border के रिकॉर्ड को पार करेगी बल्कि भारतीय सिनेमा में सीक्वल फिल्मों की ताकत को भी साबित करेगी।

  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।

  • भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है

    भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पटवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि प्रदेश के जिलों में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि “हर कलेक्टर चोर है।” उन्होंने दावा किया कि यह केवल विपक्ष का आरोप नहीं है, बल्कि स्वयं मुख्य सचिव ने इसे स्वीकार किया है।

    जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव दोनों इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि जिलों में बिना पैसे लिए कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा मुख्य सचिव ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह स्वीकार किया है कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यदि प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी यह मान रहा है तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    पटवारी के आरोपों के मुख्य बिंदु

    भ्रष्टाचार की सीमा टूटी: पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले सरकार पर ’50 प्रतिशत कमीशन’ के आरोप लगते थे, लेकिन अब भ्रष्टाचार ने संस्थागत स्वरूप ले लिया है और सभी सीमाएं तोड़ दी गई हैं। पैसे के दम पर पोस्टिंग उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि कलेक्टरों की नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि लेन-देन और बोली के आधार पर होती हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय CMO और PMO दोनों को है।

    नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग स्वतंत्र जांच की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। सियासी भूचाल जीतू पटवारी का यह बयान मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाला है। ग्वालियर-चंबल संभाग की बैठक लेने पहुंचे पटवारी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस ‘भ्रष्टाचार’ को सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि जो भी अवैधानिक कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, कांग्रेस उसे जेल भिजवाकर ही दम लेगी।