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  • सुनील शेट्टी ने ठुकराया 40 करोड़ का तंबाकू एड ऑफर: बोले-‘अहान, आथिया, राहुल पर मेरी प्रतिक्रिया…’

    सुनील शेट्टी ने ठुकराया 40 करोड़ का तंबाकू एड ऑफर: बोले-‘अहान, आथिया, राहुल पर मेरी प्रतिक्रिया…’

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के कई ऐसे सेलेब्स हैं जो तंबाकू और शराब के ब्रांड्स का विज्ञापन करते हैं। लेकिन कई एक्टर्स ऐसे भी हैं जो मोटी रकम मिलने के बाद भी ऐसे विज्ञापन को करने से मना कर देते हैं। इनमें से एक हैं सुनील शेट्टी। सुनील शेट्टी ने हाल ही में बताया कि कैसे उन्होंने 40 करोड़ के तंबाकू विज्ञापन को करने से मना कर दिया।
    आज भी यंग बच्चे करते हैं प्यार और रिस्पेक्ट
    पीपिंग मून के पॉडकास्ट में सुनील ने कहा, ‘मैं अपनी हेल्थ का शुक्रगुजार हूं। ये मेरी बॉडी है जिसने सुनील शेट्टी को मौका दिया फिल्म बिजनेस का। अगर मैं इसकी रिस्पेक्ट नहीं करूंगा तो मैं खुद के साथ इनजस्टिस करूंगा। मैं अपने बच्चों के लिए क्या लीगेसी छोड़कर जाऊंगा? सिनेमा या बॉक्स ऑफिस के लिहाज से शायद आज मैं अब रिलैवेंट ना रहूं, लेकिन आज भी 17-20 साल के बच्चे मुझे इतनी रिस्पेक्ट और प्यार देते हैं।’
    40 करोड़ रुपए हुए थे ऑफर
    उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे तंबाकू का एड का ऑफर मिला था, जिसके लिए 40 करोड़ दिए जा रहे थे। मैंने उन्हें देखा और कहा क्या आपको लगता है मैं इस डील को एक्सेप्ट कर लूंगा? हो सकता है मुझे पैसे चाहिए, लेकिन नहीं, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे अहान, आथिया या राहुल पर गलत असर पड़े। इसके बाद कभी किसी कि हिम्मत नहीं हुई अप्रोच करने की।’

    अक्षय और अजय को किया था ट्रोल
    बता दें कि जब अक्षय और अजय ने पान मसाला ब्रांड का एड किया था तो उन्हें काफी ट्रोल किया गया था। अक्षय को लेकर तो सबसे ज्यादा तब सब हैरान हुए क्योंकि वह तो खुद फिटनेस का ध्यान रखते हैं। अक्षय ने फिर सभी से माफी भी मांगी थी।

    सुनील की फिल्में
    सुनील की फिल्मों की बात करें तो वह अब वेलकम टू द जंगल में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, संजय दत्त, अरशद वारसी, लारा दत्ता, रवीना टंडन, दिशा पटानी समेत कई स्टार्स हैं। इसके अलावा वह हेरा फेरी 3 में भी नजर आएंगे अक्षय कुमार, परेश रावल के साथ। फैस सुनील को इन दोनों फिल्मों में देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

  • बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर

    बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

    घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

    चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

  • गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा

    गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अपने चरम पर हैं। शनिवार, 24 जनवरी की सुबह स्थानीय लाल परेड मैदान पर संयुक्त परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल का भव्य आयोजन किया गया। इस रिहर्सल के जरिए 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें कदम से कदम मिलाते जवानों के जोश और बैंड की सुमधुर लहरियों ने पूरे मैदान को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

    फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP श्री कैलाश मकवाणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित पूरे कार्यक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ कई वरिष्ठ आईपीएस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रिहर्सल में ‘डमी’ राज्यपाल द्वारा परेड का निरीक्षण और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को ठीक उसी तरह दोहराया गया, जैसा मुख्य समारोह में होना है।

    इस वर्ष की परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल , एसटीएफ, जेल विभाग की महिला टुकड़ी, एनसीसी, और स्काउट-गाइड सहित कुल 13 से अधिक टुकड़ियां शामिल हो रही हैं। परेड के साथ-साथ अश्वरोही दल और स्वान दल का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। पुलिस बैंड की धुनों पर जवानों के ऊंचे कदमताल ने उपस्थित दर्शकों में उत्साह भर दिया।

    इसके अलावा रिहर्सल में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष झांकियों की थीम विरासत से विकास और विकसित भारत 2047 रखी गई है जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और भविष्य के आधुनिक विजन को प्रदर्शित करती हैं। 26 जनवरी को मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पूरे लाल परेड मैदान क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

  • आज ही बदलें जीवनशैली, स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए जरूरी कदम

    आज ही बदलें जीवनशैली, स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए जरूरी कदम


    नई दिल्ली।सर्दियों में ठंड और आलस के कारण लोग अक्सर लंबे समय तक बिस्तर या कुर्सी पर रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज की जीवनशैली में मस्तिष्क का इस्तेमाल तो बढ़ गया है लेकिन शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। यह असंतुलन धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।आयुर्वेद में भी कम शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य के लिए चेतावनी माना गया है। चरक संहिता में कहा गया है व्यायामात लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्। यानी व्यायाम से लंबी उम्र ताकत और खुशहाली मिलती है।

    कम गतिविधि से होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य खतरे
    मोटापा और मधुमेहलंबे समय तक बैठे रहने से वसा का जमाव बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है जिससे मोटापा और डायबिटीज़ की संभावना बढ़ जाती है।

    गठिया और जोड़ों में दर्द
    लगातार एक ही पोज़चर में रहने से हड्डियों और मांसपेशियों में जकड़न होती है जो जोड़ों के दर्द का कारण बनती है।

    हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग
    चलने और व्यायाम से रक्त संचार और ऑक्सीजन वितरण बेहतर होता है। कम गतिविधि से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जिससे दिल से जुड़े रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर असर
    डिप्रेशन चिंता और पाचन विकार की समस्या बढ़ सकती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोज़ाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि जैसे सुबह की वॉक हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग को जीवनशैली में शामिल किया जाए। इससे न केवल बीमारियों का जोखिम कम होता है बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन भी बना रहता है।

  • Bollywood Singer Spotlight: 15,000 गानों की गायिका कविता कृष्णमूर्ति, श्रीदेवी के सॉन्ग से मिली अपार सफलता

    Bollywood Singer Spotlight: 15,000 गानों की गायिका कविता कृष्णमूर्ति, श्रीदेवी के सॉन्ग से मिली अपार सफलता

    नई दिल्ली। कविता कृष्णमूर्ति बेहतरीन गायकों में शुमार हैं। उनके नाम 15 हजार गाने हैं। कविता कृष्णमूर्ति का जन्म 25 जनवरी 1958 को दिल्ली में हुआ था। गायिका का असली नाम शारदा कृष्णमूर्ति है, हालांकि वह कविता के नाम से जानी जाती हैं। कविता ने महज 9 साल की उम्र में मशहूर गायिका लता मंगेशकर के साथ अपना पहला बांग्ला गाना गाया था। जिसके बाद वह एक गायिका बनने का सपना देखने लगीं।
    विज्ञापनों में गाने का मिला मौका
    कविता ने मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की है। उस दौरान वह कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहती थीं। तभी एक कार्यक्रम में मन्ना डे ने कविता का गाना सुना और उसके बाद उन्हें विज्ञापन में गाना गाने का मौका दिया।

    मिस्टर इंडिया में गाना गाकर हुईं फेमस
    इसके बाद साल 1980 में कविता ने ‘मांग भरो सजना’ गाने से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि इस गाने को फिल्म से हटा दिया गया था। उसके बाद कविता ने साल 1985 में आई फिल्म प्यार झुकता नहीं में बतौर प्लेबैक सिंगर गाना गाया। उसके बाद अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म मिस्टर इंडिया में हवा हवाई और करते हैं हम प्यार मिस्टर इंडिया से, गाने गाए। दोनों ही गाने सुपरहिट रहे। इन दोनों गानों के बाद कविता के करियर में उछाल आया। सिंगर कविता कृष्णमूर्ति ने आनंद मिलिंद, उदित नारायण, ए आर रहमान जैसे बेहतरीन गायकों के साथ काम किया है।

    कई अवॉर्ड्स से नवाजा गया
    कविता कृष्णमूर्ति को साल 2005 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में चार फिल्मफेयर, बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड्स भी हासिल किए हैं। कविता को अकोलैड्स में स्टारडस्ट मिलेनियम 2000 अवार्ड्स में ‘बेस्ट सिंगर ऑफ द मिलेनियम अवॉर्ड और बेहतरीन फिल्म देवदास के गाने डोला रे डोला के लिए जी सिने 2003 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

    बेंगलुरु में चला रहीं हैं म्यूजिक संस्थान
    कविता कृष्णमूर्ति की पर्सनल जिंदगी की बात की जाए तो उन्होंने साल 1999 में डॉ एल सुब्रमण्यम से शादी कर ली थी। कविता की कोई संतान नहीं है। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर बेंगलुरु में सुब्रमण्यम एकेडमी ऑफ परफोर्मिंग आर्ट्स नामक म्यूजिक संस्थान की शुरुआत की।

  • बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप

    बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप


    बैतूल । आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ बैतूल जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के खान-पान के प्रमुख ठिकानों, विशेषकर चौपाटी क्षेत्र में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देखकर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बंद करा दिया। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी खामियां छिपाते नजर आए।

    जांच दल ने विशेष रूप से चौपाटी पर लगने वाले स्टॉल्स को निशाने पर लिया। इस दौरान चलित खाद्य प्रयोगशाला को भी साथ रखा गया था, जिससे नमूनों की मौके पर ही जांच संभव हो सकी। टीम ने दुकानों से पानीपुरी का पानी, आलू मसाला, पनीर, मंचूरियन, सॉस और विभिन्न प्रकार की चटनियों के नमूने लिए। परीक्षण में कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों से कम पाई गई, वहीं कुछ स्थानों पर इस्तेमाल होने वाले सॉस और चटनी के रंग व गुणवत्ता संदेहास्पद मिली।

    सबसे गंभीर स्थिति स्वच्छता के मोर्चे पर देखी गई। कई दुकानों पर साफ-सफाई के बुनियादी मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। बर्तनों की गंदगी और कचरे के सही निपटान की व्यवस्था न होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रवा दिया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापार अपनी जगह है लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    विभाग ने सभी दुकानदारों को अंतिम और सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि दोबारा जांच के दौरान परिसर में गंदगी पाई गई या खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस कदम की आम नागरिकों ने सराहना की है क्योंकि बाहर मिलने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।

  • धार्मिक उपाय: Jaya Ekadashi पर करें यह पूजा, मिलेगा मोक्ष और पापों से मुक्ति

    धार्मिक उपाय: Jaya Ekadashi पर करें यह पूजा, मिलेगा मोक्ष और पापों से मुक्ति


    नई दिल्ली। Jaya Ekadashi Puja Benefits: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी को सबसे फलदायी माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि वह पिशाच योनी जैसी कष्टदायक स्थितियों से भी मुक्त हो जाता है. इस साल यानी 2026 में जया एकादशी बेहद खास होने वाली है, क्योंकि इस दिन एक-दो नहीं बल्कि चार अद्भुत संयोग बन रहे हैं.

    जया एकादशी पर बन रहे हैं ये खास संयोग
    ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार जया एकादशी पर इंद्र योग, रवि योग, भद्रावास योग और शिववास योग का दुर्लभ मेल हो रहा है. इन योगों में की गई पूजा और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़कर मिलता है. विशेषकर रवि योग को दोषों का नाश करने वाला और शिववास योग को सुख-समृद्धि प्रदाता माना जाता है.

    कब रखा जाएगा जया एकादशी का व्रत?
    पंचांग के अनुसार,

    एकादशी तिथि शुरू: 28 जनवरी 2026, शाम 4 बजकर 34 मिनट से.
    एकादशी तिथि समापन: 29 जनवरी 2026, रात 1 बजकर 56 मिनट तक.
    व्रत की तारीख: उदया तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026, बुधवार को रखा जाएगा.

    जया एकादशी की पूजा विधि
    अगर आप अपने जीवन के दुखों और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति चाहते हैं, तो इस विधि से पूजा करें. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें. हाथ में जल लेकर भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें.

    वेदी स्थापना: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.

    पूजन सामग्री: भगवान को पीले फूल, पीले फल, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें.

    पंचामृत स्नान: श्री हरि को पंचामृत से स्नान कराएं. ध्यान रहे कि भोग में तुलसी दल (पत्ता) जरूर शामिल करें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते.

    मंत्र जाप: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें और जया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.

    जया एकादशी का महत्व
    पद्म पुराण के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को नीच योनि में जन्म नहीं लेना पड़ता. कथाओं में उल्लेख है कि इस व्रत के असर से ही माल्यवान नामक गंधर्व को पिशाच योनि से मुक्ति मिली थी. यह व्रत व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और पुराने संचित पापों का नाश कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है.

  • सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी

    सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी


    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बेजुबान वन्यजीवों के खिलाफ क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन मंडल के गोरबी परिक्षेत्र अंतर्गत सिलफोरी बीट में करंट बिछाकर नीलगाय और लोमड़ी जैसे प्राणियों का शिकार करने वाले चार शातिर आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे अहम भूमिका संजय टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड टीम की रही जिसने गंध स्मेल के आधार पर आरोपियों के घर तक पहुंचकर वन अमले का काम आसान कर दिया।

    घटना 16 जनवरी की रात की है जब मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सिलफोरी बीट के जंगलों में अवैध रूप से वन्य प्राणियों का शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही बीट प्रभारी अनिल कुमार साकेत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घटनास्थल का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। शिकारियों ने बड़ी ही चालाकी से 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर जमीन पर बाइंडिंग वायर बिछा रखा था। इसके लिए जमीन में सब्बल से छेद कर बांस की खूटियां गाड़ी गई थीं। इस जानलेवा जाल की चपेट में आने से एक नीलगाय एक लोमड़ी और एक सियार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

    आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे लेकिन वन विभाग ने हार नहीं मानी। 17 जनवरी को सीधी से संजय टाइगर रिजर्व की विशेष डॉग स्क्वाड टीम को बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से मिले बाइंडिंग वायर की गंध पकड़ी और सीधे मुख्य आरोपी अमरेश कुमार के घर जा पहुंचा। तलाशी के दौरान घर से 250 ग्राम बाइंडिंग वायर बांस की खूटियां जीआई तार और चौंकाने वाली बात यह कि जंगली सूअर के बाल व हड्डियां भी बरामद हुईं।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक सिंह के निर्देशन में 21 जनवरी को दबिश देकर मुख्य आरोपी अमरेश कुमार और उसके तीन साथियों बिहारी सिंह रामदुलारे सिंह व सिपाहीलाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी ग्राम सिलफोरी के ही निवासी हैं। रेंज कार्यालय में बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को वैढ़न न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायाधीश विशाल रिछारिया ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें जिला जेल पचौर भेजने के आदेश दिए। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के शिकार में लिप्त गिरोहों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।

  • दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस

    दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सरकारी कुएं के भीतर 35 वर्षीय महिला और उसके महज तीन महीने के दुधमुंहे बच्चे की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी गहरे शोक और संदेह का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां और उसके मासूम बच्चे की जल समाधि के पीछे की असली वजह क्या है।

    घटना तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर एक स्थित एक सरकारी कुएं की है। शुक्रवार की सुबह जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह अपने काम पर निकले और उनकी नजर कुएं के भीतर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के ठहरे हुए पानी में एक महिला और एक छोटे बच्चे का शव उतरा रहा था। शोर मचते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय जयंती केवट और उसके 3 माह के पुत्र दीपांश केवट के रूप में हुई है।

    इस घटना ने कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है जिसमें मानसिक तनाव या पारिवारिक कलह के कारण मां ने आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस हत्या के एंगल को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही है। क्या किसी ने जयंती और उसके मासूम बच्चे को कुएं में धकेला? या फिर यह किसी गहरे षड्यंत्र का हिस्सा है? इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस की टीम सघन जांच कर रही है।

    तेंदूखेड़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतिका के परिजनों और ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जयंती के अंतिम घंटों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। एक हंसते-खेलते परिवार की इस तरह दुखद समाप्ति ने क्षेत्र में मातम पसरा दिया है वहीं मासूम दीपांश की मौत ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। फिलहाल पुलिस की तहकीकात जारी है और जल्द ही इस गुत्थी के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    रहस्यमयी मामला: बंद कमरे में था प्रेमी, खोजबीन के दौरान एक आवाज से हुआ बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली। यूपी के कानपुर में चकेरी क्षेत्र के एक गांव में फिल्मी वाकया हुआ। शुक्रवार को प्रेमिका के बुलाने पर प्रेमी उसके घर पहुंच गया। कुछ देर बाद ही प्रेमिका की आंटी (चाची ) पहुंची और युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाया। युवती ने दरवाजा नहीं खोला। अंदर प्रेमी को बक्से में बंद कर ताला लगा दिया। चाची ने उसके भाई-मां को फोन कर बुला लिया। तब भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलाई गई। करीब 45 मिनट बाद युवती ने दरवाजा खोला। अंदर घुसा युवक गायब था। तलाश के बीच बक्से में छटपटा रहे युवक की आवाज निकल गई। पुलिस ने ताला खुलवाकर उसे निकाला तो प्रेमी की सांस फूल रही थी। उससे पूछताछ की जा रही है।
    पुलिस के मुताबिक युवती का इलाके में रहने वाले युवक से पिछले कुछ सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। शुक्रवार सुबह युवती का बड़ा भाई ट्रैक्टर लेकर बाहर चला गया। उसकी मां फैक्ट्री में काम करने चली गई। इस बीच अकेले होने पर युवती ने फोन कर प्रेमी को घर बुला लिया। कुछ देर बाद ही पड़ोस में रहने वाली आंटी उसके घर पहुंची और बाहर से युवक की आवाज सुनकर दरवाजा खटखटाने लगीं।
    युवती ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद आंटी ने युवती के भाई और मां के साथ ही पुलिस को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद युवती का भाई घर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में भाई ने भी दरवाजा खटखटाते हुए देर तक आवाज लगाई तो युवती ने दरवाजा खोला। परिजनों ने अंदर किसी युवक के आने की बात पूछी तो युवती ने इनकार कर दिया। घर में खोजने पर भी वह नहीं मिला।

    तब तक प्रेमी को बक्से में कैद हुए एक घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका था। अंदर वह छटपटाने लगा। उसकी सांस फूल रही थी। उसकी कराह बक्से के अंदर सुनाई दी तो चाची व भाई ने युवती से चाभी मांगी। वह चाभी न देने पर अड़ी थी। बमुश्किल उसने चाभी दी। खोलने पर अंदर बुरी तरह हांफता हुआ प्रेमी निकला। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।