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  • पाक-चीन की खैर नहीं…! भारत स्वदेशी रॉकेट की बढ़ाने जा रहा लंबी रेंज

    पाक-चीन की खैर नहीं…! भारत स्वदेशी रॉकेट की बढ़ाने जा रहा लंबी रेंज

    नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने रक्षा क्षेत्र में खुद को तेजी से मजबूत किया है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने स्वदेशी डिफेंस कंपनियों के साथ करोड़ों की डील की है। वहीं सेना का फोकस अमेरिका और रूस की सैन्य तकनीक पर भी है। अब सेना अपने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर को बड़े पैमाने पर अपग्रेड कर रही है। इसके लिए निजी क्षेत्र की बड़ी रक्षा कंपनियां टाटा और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को ऑर्डर मिले हैं। ये कंपनियां पहले भी पिनाका सिस्टम बना चुकी हैं।

    इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, ये दोनों कंपनियां सेना के बेस वर्कशॉप्स के साथ मिलकर काम करेंगी। वे पिनाका के जरूरी पुर्जों को अपग्रेड करेंगी, लगातार तकनीकी सहायता देंगी और पुराने हिस्सों को बदलेंगी। स्वदेशी पिनाका अब सेना का मुख्य रॉकेट सिस्टम बन गया है। इसकी रेंज को 150 किमी से ज्यादा बढ़ाने पर काम चल रहा है।

    यह साझेदारी, जिसमें टाटा और L&T भारतीय सेना के ईएमई कोरके साथ काम करेंगी, पिनाका रेजीमेंट की ऑपरेशनल तैयारी और आधुनिकीकरण को बेहतर बनाएगी। L&T के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह एक अनोखी साझेदारी है, जिसमें एक घरेलू निजी ओईएम (Original Equipment Manufacturer) और भारतीय सेना, फ्रंटलाइन तोपखाने प्रणालियों के रखरखाव के लिए साथ आए हैं। यह भारत में बने, सेवा में मौजूद तोपखाने प्रणालियों के प्रोडक्ट लाइफसाइकिल सपोर्ट के लिए एक बड़ा कदम है।’
    इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत, पहले चरण में 510 ABW के सहयोग से पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट का एक पायलट ओवरहाल किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद, बाकी सभी सिस्टम्स का ओवरहाल किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘यह मॉडल अन्य रक्षा प्लेटफॉर्मों पर भी इसी तरह के लाइफसाइकिल मैनेजमेंट और अपग्रेड कार्यक्रमों के लिए एक खाका (Blueprint) का काम करेगा।’
    टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने भी इस कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि वे पहले से ही पिनाका लॉन्चर के निर्माण में लगभग 80% स्वदेशी सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। टाटा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने बड़ी संख्या में पिनाका एमएलआरएस (MLRS) की आपूर्ति की है, जो वर्तमान में भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशनल रूप से तैनात हैं। इससे कंपनी के लैंड कॉम्बैट सिस्टम्स पोर्टफोलियो को और मजबूती मिली है।’

    क्या है पिनाका कार्यक्रम?
    पिनाका कार्यक्रम को डीआरडीओ (DRDO) ने विकसित किया है। इसके तहत प्राइवेट सेक्टर आधुनिक हथियारों का निर्माण कर रहा है। यह कार्यक्रम रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ की एक बड़ी सफलता की कहानी बन गया है। पिछले साल सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा घरेलू रक्षा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट पिनाका रॉकेट के लिए था, जिसकी कीमत 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।

  • ड्रीम मिलिट्री बनाने ट्रंप का 1.5 ट्रिलियन बजट का ऐलान; भारत भी पीछे नहीं

    ड्रीम मिलिट्री बनाने ट्रंप का 1.5 ट्रिलियन बजट का ऐलान; भारत भी पीछे नहीं

    वाशिंगटन। अमेरिका 2027 में रक्षा पर पहले से ज्यादा खर्च करने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा बजट बढ़ाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने ज्यादा खर्च करने की क्षमता की वजह टैरिफ से होने वाली कमाई को बताया है। डिफेंस बजट बढ़ाए जाने की तैयारी ऐसे समय पर हो रही है, जब ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला पर ऐक्शन लिया है और कई देशों पर कार्रवाई के संकेत दे रहे हैं।
    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘सीनेटर्स, कांग्रेसमैन, सेक्रेटरी और अन्य राजनेताओं से लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद, मैंने तय किया है कि हमारी देश की भलाई के लिए 2027 के लिए सैन्य बजट 1 ट्रिलियन डॉलर की जगह 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा। खासतौर से ऐसे मुश्किल भरे और खतरनाक समय में।’

    उन्होंने कहा कि ज्यादा खर्च के जरिए अमेरिका ऐसी सेना तैयार कर सकता है, जो किसी भी दुश्मन से देश को सुरक्षित रख सके। अमेरिकी राष्ट्रपति इसे ‘ड्रीम मिलिट्री’ बता रहे हैं।
    टैरिफ को बताया वजह

    ट्रंप ने टैरिफ से होने वाली कमाई का हवाला देते हुए खर्च बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘अगर अन्य देशों से टैरिफ (सीमा शुल्क) के माध्यम से इतनी बड़ी मात्रा में राशि प्राप्त न हो रही होती, जिनमें से कई देशों ने अतीत में संयुक्त राज्य अमेरिका को ऐसे स्तरों पर ‘लूटा’ है जो पहले कभी नहीं देखे गए, तो मैं 1 ट्रिलियन डॉलर की संख्या पर ही टिका रहता।’

    भारत का कितना था 2025 का बजट

    साल 2025-26 के लिए रक्षा मंत्रालय को 6.81 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। खास बात है कि आंकड़े में 2024-25 की तुलना में 9.53 प्रतिशत का इजाफा किया गया था।

    रक्षा मंत्रालय की 1 फरवरी 2025 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सशस्त्र बलों के पूंजीगत बजट के तहत 1.80 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। साथ ही घरेलू रक्षा उद्योगों से खरीद के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये निर्धारित हुए। रक्षा अनुसंधान और विकास बजट में 12% की बढ़त हुई थी। भारतीय तटरक्षक बल के पूंजी बजट में 43% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई थी।

  • अब ट्रंप भारतीय छात्रों से बोले- आपको अमेरिका से कभी भी निकाला जा सकता है

    अब ट्रंप भारतीय छात्रों से बोले- आपको अमेरिका से कभी भी निकाला जा सकता है

    वॉशिंगटन । भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में पिछले कुछ महीनों में दरार देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विभिन्न फैसलों और बयानों से दोनों देशों में तनाव और बढ़ा है। इस बीच, अमेरिका ने बुधवार को अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को चेतावनी दी है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने दो टूक कहा है कि अमेरिकी कानूनों को तोड़ने से स्टूडेंट वीजा रद्द हो सकता है और यहां तक कि आपको देश से भी निकाला जा सकता है।

    भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर आपके स्टूडेंट वीजा के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

    अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप कोई कानून तोड़ते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से निकाला जा सकता है, और आप भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य हो सकते हैं। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें। अमेरिकी वीजा एक सुविधा है, अधिकार नहीं।”

    अमेरिकी दूतावास समय-समय पर सोशल मीडिया के जरिए चेतावनियां जारी करता रहता है। पिछले दिनों उसने भारत से अमेरिका जाने वाले अवैध अप्रवासियों को एक सख्त पब्लिक चेतावनी जारी की थी।

    चेतावनी में साफ कहा गया कि इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने पर ‘बड़ी क्रिमिनल सजा’ हो सकती है। चेतावनी का यह मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, और यह यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में इमिग्रेशन पर बढ़ती सख्ती के दौरान आया।

    अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर लिखा था कि अगर आप अमेरिकी कानून तोड़ते हैं, तो आपको कड़ी क्रिमिनल सजा मिलेगी। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन अमेरिका में गैर-कानूनी इमिग्रेशन को खत्म करने और हमारे देश की सीमाओं और हमारे नागरिकों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वीजा नियमों के सख्त होने के कारण, पिछले साल नए इंटरनेशनल एनरोलमेंट में अमेरिका में स्टूडेंट वीजा पर आने वालों की संख्या में 17% की गिरावट आई है। इस बीच, H-1B वीजा आवेदकों को, जो कुशल इंटरनेशनल कर्मचारियों को अमेरिका में रोजगार खोजने की अनुमति देता है, अभूतपूर्व इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।

  • ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर बांग्लादेश… तनाव के बावजूद खरीदेगा एक लाख 80 हजार टन डीजल

    ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर बांग्लादेश… तनाव के बावजूद खरीदेगा एक लाख 80 हजार टन डीजल


    गुवाहाटी।
    भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के बावजूद, बांग्लादेश (Bangladesh) अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Bangladesh Petroleum Corporation- BPC) ने भारत की सरकारी तेल कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (Numaligarh Refinery Limited- NRL) से 180,000 मीट्रिक टन डीजल आयात करने का फैसला किया है। इस आयात की कुल लागत लगभग 14.62 अरब टका होगी जो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ बदल सकती है। यह सौदा 2026 के लिए हुआ है।

    यह फैसला 6 जनवरी को ढाका में हुई सरकारी खरीद सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने की। सरकार संचालित बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) इस डीजल का आयात करेगी। भुगतान का कुछ हिस्सा बीपीसी अपने बजट से करेगी, जबकि शेष राशि बैंक लोन के माध्यम से जुटाई जाएगी।

    सूत्रों के अनुसार, आयात लागत एनआरएल के साथ बातचीत के बाद तय की गई है। असम स्थित एनआरएल ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) की सहायक कंपनी है। इस सौदे की कुल वैल्यू 119.13 मिलियन डॉलर तय की गई है, जो 83.22 डॉलर प्रति बैरल की बेस कीमत पर 5.50 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर आधारित है। अंतिम लागत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अनुसार बदलती रहेगी।

    पत्रकारों के सवालों के जवाब में बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन सलाहकार मुहम्मद फौजुल कबीर खान ने कहा कि यह आयात पिछले सरकार के कार्यकाल में हस्ताक्षरित 15 वर्षीय दीर्घकालिक समझौते के तहत किया जा रहा है।

    एनआरएल की रिफाइनरी असम राज्य में स्थित है। डीजल को पहले सिलीगुड़ी तक ले जाया जाता है और फिर भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश पहुंचाया जाता है। यह पाइपलाइन 2022-23 में चालू हुई थी, जिससे परिवहन लागत और समय में काफी बचत हुई है। इससे पहले डीजल रेलवे वैगनों से आयात किया जाता था। यह आयात बांग्लादेश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत किया है।

    हालांकि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद, अल्पसंख्यकों पर हमले और अन्य मुद्दों पर तनाव बना हुआ है, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग जारी है। बांग्लादेश की सालाना डीजल मांग का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है और भारत इसका विश्वसनीय स्रोत बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक जरूरतें राजनीतिक तनाव से ऊपर हैं, जिससे ऐसे समझौते बरकरार रहते हैं।

  • डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो-स्विगी फूड एप्लीकेशन पर खाना क्यों है महंगा रेस्टोरेंट से ज्यादा प्राइस जानिए पूरी कहानी

    डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो-स्विगी फूड एप्लीकेशन पर खाना क्यों है महंगा रेस्टोरेंट से ज्यादा प्राइस जानिए पूरी कहानी


    नई दिल्ली ।
    आजकल फूड डिलीवरी ऐप्स जैसे जोमैटो स्विगी और ब्लिंकिट का उपयोग बढ़ता जा रहा है लेकिन इन ऐप्स पर खाना ऑर्डर करना अब ग्राहकों के लिए महंगा साबित हो रहा है। लोकलसर्कल्स के एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई कि 55% कंज्यूमर्स ने बताया कि ऐप्स से खाना ऑर्डर करने पर उन्हें रेस्टोरेंट की तुलना में ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। लेकिन इसके पीछे क्या कारण है

    महंगे होने का कारण,कमीशन और डिलीवरी चार्ज

    इन ऐप्स द्वारा रेस्टोरेंट से लिया जाने वाला 20-30% का भारी कमीशन जो सीधे ग्राहकों की जेब पर असर डालता है महंगे खाने का प्रमुख कारण है। डिलीवरी ऐप्स रेस्टोरेंट से इस कमीशन के अलावा खुद से भी डिलीवरी शुल्क वसूलते हैं जो कुल मिलाकर खाने की कीमत को काफी बढ़ा देता है। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 79,000 से ज्यादा नागरिकों में से 55% ने इस बात को माना है कि यह कमीशन उन्हें रेस्टोरेंट में खाने की तुलना में कहीं अधिक खर्च करने के लिए मजबूर करता है।

    कंज्यूमर्स की बढ़ती नाराजगी

    सर्वे में यह भी देखा गया कि ग्राहक सिर्फ महंगे होने की वजह से नाराज नहीं हैं बल्कि डिलीवरी वर्कर्स की स्थिति को लेकर भी उन्हें चिंता है। कई बार ग्राहकों को लगता है कि डिलीवरी टाइम बहुत लंबा होता है और कभी-कभी खाना खराब या ठंडा हो जाता है जो ग्राहकों के अनुभव को और खराब करता है।

    क्विक डिलीवरी ऐप्स पर जंक फूड का दबदबा

    एक और दिलचस्प बात यह सामने आई कि क्विक डिलीवरी ऐप्स पर बेचे जाने वाले आधे से ज्यादा पैकेट वाले फूड आइटम्स में ज्यादा फैट चीनी और नमक होता है या ये अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड होते हैं। 39% परिवार नियमित रूप से सॉफ्ट ड्रिंक्स बिस्कुट चिप्स और नूडल्स जैसी चीजें ऑर्डर करते हैं। यह स्थिति मुख्यतः बच्चों और युवाओं के बीच अधिक देखी जाती है जो जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट

    भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट 2024 में लगभग $31.8 बिलियन ₹2.86 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है और इस मार्केट के 2030 तक ₹12 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण यह मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है। हालांकि इस बढ़ती मांग के बावजूद इन ऐप्स पर खाद्य पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों को परेशान कर रही हैं।

    क्या हो सकता है समाधान

    इन समस्याओं का समाधान ग्राहक को पारदर्शिता और ऑप्शन की सुलभता में हो सकता है। उदाहरण स्वरूप रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के बीच कम कमीशन या बेहतर डील्स पर बातचीत हो सकती है जिससे ग्राहक को थोड़ी राहत मिल सके। इसके अलावा डिलीवरी शुल्क को भी ग्राहकों के लिए और अधिक स्पष्ट और उचित बनाया जा सकता है।

  • राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है

    राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है


    नई दिल्ली । राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन मंगलवार6 जनवरी 2026 को आयोजित किया गयाजिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्वनीति निर्माताओंउद्योगपतियोंस्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच उपलब्‍ध कराया गया ताकि शासनबुनियादी ढ़ांचेनवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ताएआईकी परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इंडिया एआई प्रभाव सम्‍मेलन का पूर्वाभ्यास है।

    इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्माभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णवजो वर्चुअल रूप से उपस्थित थेभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर सहित एमईआईटीवाई और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में राजस्थान को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में केंद्र और राज्य के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया।सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहाऔद्योगिक क्रांतिबिजलीकंप्यूटरसेमीकंडक्टरइंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी के माध्यम से जिस प्रकार का परिवर्तन आया हैवैसा ही परिवर्तन अब एआई के माध्यम से होने वाला है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण करना है ताकि एआई से संचालित ज्ञान कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्तिप्रत्येक घर और प्रत्येक उद्यमी तक पहुंचे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आज एक कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगाजिससे भारत के युवा इस नए तकनीकी युग के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें।

    भारत सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए। इसी सोच से प्रेरित होकर सरकार ने कृषिस्वास्थ्य सेवाशिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ानाजीवन स्तर में सुधार करना और एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग के माध्यम से राष्ट्र की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। एआई हमारे देश की प्रगति का अगला महत्वपूर्ण चरण है। इस दिशा में और आगे बढ़ते हुए हमने एक एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की है। यह नीति सुनिश्चित करेगी कि एआई प्रणालियां अधिक पारदर्शीनिष्पक्ष और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों के प्रति जवाबदेह बनें। एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से सार्वजनिक सेवाओं का वितरण तेजअधिक पारदर्शी और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ थाजिसने एआई-आधारित नवाचार और शासन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में राजस्थान की भूमिका को मजबूत किया। ये कार्यक्रम और पहलें इस प्रकार हैं:

    सभी के लिए युवा एआई – राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रमभारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका नेतृत्व एमईआईटीवाई के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवाओं में एआई की बुनियादी जानकारी का विकास करना है। राष्ट्रीय युवा दिवस12 जनवरीके उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को एक संक्षिप्तस्व-गति से संचालित बुनियादी एआईएआई 101पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहता हैजिससे विकसित भारत की परिकल्पना और समावेशीलोकतांत्रिक एआई अपनाने के अनुरूप सामूहिक एआई शिक्षण का एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार हो सके।

    राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 का शुभारंभ किया गया हैजिसका उद्देश्य शासन को सुदृढ़ करनाआर्थिक विकास को गति देनाअनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करना है। इस नीति के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान के एआई पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।राज्यभर में कौशल विकासउद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टमएलएमएसका उपयोग किया जाएगा।

    राजस्थान एवीजीसी-एक्‍सआर पोर्टल का उद्देश्य राज्य में एनिमेशनवीएफएक्‍सगेमिंगकॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। भारत और राजस्थान के एआई विजन को प्रदर्शित करने वाला एक एआई -थीम वाला वीडियो भी जारी किया गया।संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गूगलआईआईटी दिल्लीनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीजोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्कवाधवानी फाउंडेशनके साथ एआई अनुसंधानकौशल विकासनैतिक ढांचे और नवाचार संस्‍कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापनएमओयूपर हस्ताक्षर किए गए।

    भारत में आयोजित एक उच्च स्तरीय रणनीतिक सत्र में एमईआईटीवाई के अतिरिक्त सचिवइंडियाएआई मिशन के सीईओ और एनआईसी के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक श्री विशाल धूपर के साथ वार्तालाप किया। इस सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्री समीर जैन ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतांत्रिकरणसार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ानेबड़े पैमाने पर नवाचार को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एवं विश्वसनीय एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण के साथ-साथ वैश्विक एआई सुरक्षा कॉमन के निर्माण को आगे बढ़ाने की भारत की रणनीति का विश्लेषण किया गया।

    श्रीमती कविता भाटियावैज्ञानिक ‘जी’समूह समन्वयकएमईआईटीवाई भारत एआई मिशन की सीओओ ने भारत एआई मिशन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 के विजन और प्राथमिकताओं की रूपरेखा बताई।सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर श्री अविनाश शर्मा द्वारा वैश्विक एआईराष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य विषय पर एक सत्र भी आयोजित किया गयाजिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रासंगिकसंदर्भ-जागरूक एआई समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    समानांतर विषयगत सत्रों में शासन बुनियादी ढ़ांचेनवाचारनैतिकता और रोजगार के क्षेत्रों में एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की जांच की गई।राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय उपलब्‍धि हासिल कियाजिससे सार्वजनिक भलाईसमावेशी विकास और क्षेत्रों में सतत विकास के लिए एआई का लाभ उठाने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला।

  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज होगा, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। श्रीलंका की टीम अपने ग्रुप स्टेज के मुकाबले घर पर ही खेलेगी, जिसमें उसे ग्रुप-बी में जगह मिली है। श्रीलंका की टीम को अपना पहला मुकाबला 8 फरवरी को आयरलैंड की टीम के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने अभी टूर्नामेंट के लिए अपनी प्रोविजनल स्क्वाड का ऐलान किया है, जिसमें वह टूर्नामेंट का आगाज होने से पहले अपने फाइनल 15 सदस्यों की घोषणा कर देंगे। वहीं इसी बीच श्रीलंका क्रिकेट ने कोचिंग सेटअप को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसमें उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी विक्रम राठौड़ को शामिल किया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए विक्रम राठौड़ को बनाया बल्लेबाजी कोच
    श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है। विक्रम राठौड़ अभी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा हैं जिसमें वह असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। वहीं वह फिलहाल सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप के लिए श्रीलंकाई टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा बनेंगे। इससे पहले साल 2024 में जब भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया था तो उस समय विक्रम राठौड़ टीम इंडिया के कोचिंग सेटअप का हिस्सा थे जिसमें वह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे थे।

    लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप का बनाया है हिस्सा
    टी20 वर्ल्ड कप की अहमियत को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को बैटिंग कोच बनाने से पहले अपने पूर्व खिलाड़ी लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल करने का फैसला लिया था। मलिंगा को श्रीलंका ने क्रिकेट ने आगामी मेगा इवेंट में तेज गेंदबाजी सलाहाकार की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें उन्होंने मलिंगा को 40 दिनों तक के लिए इस जिम्मेदारी को सौंपा है। बता दें कि श्रीलंका टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी अभी पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज सनथ जयसूर्या संभाल रहे हैं, जिसमें इन मलिंगा और राठौड़ के जुड़ने से कोचिंग सेटअप पहले से काफी अधिक मजबूत हो जाएगा।
  • ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..

    ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..


    नई दिल्ली ।  टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCBकी भारत से बाहर मैच कराने की मांग को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICCने खारिज कर दिया है। ICC ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश को अपने सभी निर्धारित लीग मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे। यदि टीम ने मैच खेलने से इनकार कियातो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं।यह विवाद IPL 2025 के बाद की घटनाओं से जुड़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था। इसके बाद BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत के बाहर कराने की मांग की थी। BCB ने ICC को पत्र लिखकर अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध कियालेकिन ICC ने इसे स्वीकार नहीं किया। बोर्ड का कहना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरी तरह लागू हैं और किसी एक टीम के लिए नियमों में बदलाव टूर्नामेंट की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा।

    ICC का सख्त रुख

    मुंबई में ICC अध्यक्ष जय शाह की मौजूदगी में BCCI और ICC अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसके बाद BCB से भी बातचीत की गई। बैठक के बाद ICC ने स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। ICC ने यह भी कहा कि यदि कोई टीम निर्धारित मैच नहीं खेलती हैतो उसे वॉकओवर या अंक कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।BCB ने बयान जारी कर कहा कि वह ICC के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है और उनकी प्राथमिकता खिलाड़ियों की सुरक्षा है। ICC ने दोहराया कि वह बांग्लादेश की “पूर्ण और निर्बाध भागीदारी” सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का शेड्यूल

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया है। टीम के तीन लीग मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज9 फरवरी को इटलीऔर 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होंगे। अंतिम ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेला जाएगा।गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की अनुमति हासिल कर ली है। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में क्रिकेट नहीं खेलतीं। ICC ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का मामला अलग श्रेणी में आता है और बांग्लादेश की स्थिति उससे भिन्न है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ICC का यह फैसला टी-20 वर्ल्ड कप की निष्पक्षता और नियमों की मजबूती को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। बांग्लादेश को सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद भारत में ही खेलना होगाजिससे टूर्नामेंट के संचालन में कोई व्यवधान नहीं आएगा।

  • ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    नई दिल्‍ली । ऑस्कर में भारत की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजी गई फिल्म ‘होमबाउंड’ ने अकादमी अवॉर्ड्स की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में अगले चरण के मतदान में जगह बना ली है। अकादमी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कैटेगरी में दुनिया भर से चुनी गई 15 फिल्मों को अगले दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस सूची में भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, इराक, जापान, जॉर्डन, नॉर्वे, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान और ट्यूनीशिया की फिल्में भी शामिल हैं।

    इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट जारी
    भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में जिन अन्य फिल्मों ने अगले दौर में जगह बनाई है, उनमें अर्जेंटीना की ‘बेलेन’, ब्राजील की ‘द सीक्रेट एजेंट’, फ्रांस की ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’ और जर्मनी की ‘साउंड ऑफ फॉलिंग’ शामिल हैं।

    इसके अलावा इराक से ‘द प्रेसिडेंट्स केक’, जापान की ‘कोकुहो’, जॉर्डन की ‘ऑल दैट्स लेफ्ट ऑफ यू’, नॉर्वे की ‘सेंटीमेंटल वैल्यू’, फिलिस्तीन की ‘पैलेस्टाइन 36’, दक्षिण कोरिया की ‘नो अदर चॉइस’, स्पेन की ‘सिरात’, स्विट्जरलैंड की ‘लेट शिफ्ट’, ताइवान की ‘लेफ्ट-हैंडेड गर्ल’ और ट्यूनीशिया की ‘द वॉइस ऑफ हिंद रजब’ को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। अकादमी अवॉर्ड्स ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साझा की है। अब ऑस्कर के लिए अंतिम नामांकन की घोषणा गुरुवार, 22 जनवरी को की जाएगी।

    ऑस्कर इतिहास में ‘होमबाउंड’ का नाम दर्ज
    ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर फिल्म ‘होमबाउंड’ ने भारतीय सिनेमा के लिए एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। अकादमी अवॉर्ड्स के 98 साल के इतिहास में यह केवल पांचवीं भारतीय फिल्म है, जो सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी की शॉर्टलिस्ट तक पहुंची है। ईशान खट्टर और विशाल जेठवा अभिनीत यह फिल्म ऑस्कर 2026 के लिए इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में अंतिम नामांकन की दौड़ में शामिल 15 फिल्मों में जगह बनाने में सफल रही है। इस उपलब्धि के साथ ‘होमबाउंड’ ने वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी को और मजबूत किया है।

    नीरज घेवान के निर्देशन में बनी है होमबाउंड
    फिल्म ‘होमबाउंड’ का निर्देशन नीरज घेवान ने किया है, जबकि इसका निर्माण करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। यह कहानी बचपन के दो दोस्तों शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका पुलिस सेवा में जाने का सपना उनके भविष्य की दिशा तय करता है। कहानी दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवा भारत पर पड़ने वाले सामाजिक दबावों को दर्शाती है। इस फिल्म में जाह्नवी कपूर भी एक अहम किरदार में नजर आती हैं।

  • कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट

    कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट


    नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सामना हो रहा है। मौसम विभाग ने देश के 4 राज्यों में शीतलहर के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया हैजबकि 17 राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इस कड़ी सर्दी और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया हैखासकर उत्तर-पश्चिममध्यपूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में।

    ऑरेंज और येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारतमध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्य शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। जिन चार राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैवहां तापमान और कोहरे की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा17 अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैजो घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी देता हैजिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़

    इस बीचउत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे और पुलिस विभाग ने इस भीड़-भाड़ को देखते हुए उच्च सुरक्षा और अलर्ट जारी कर दिया है। घने कोहरे के कारण रेलवे ट्रेनों के समय में बदलाव आ सकता हैऔर यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सर्दी से बचाव के उपाय

    मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित गर्म कपड़े पहन नेधू प में रहने और शरीर को गर्म रखने के उपायों की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां घना कोहरा हैवहां विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती हैजिससे सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    अधिकारियों की तैयारी

    रेलवे और पुलिस विभाग ने शीतलहर और कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खासकर ट्रेनों की निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावास्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित यात्रा करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें। देश के विभिन्न हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैंऔर सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।