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  • धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई, अब 18 फरवरी को पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट

    धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई, अब 18 फरवरी को पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट


    इंदौर/धार। मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार भोजशाला मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। जिला अदालत में आज होने वाली बहुचर्चित सुनवाई को वकीलों की काम से विमुक्ति हड़ताल के चलते स्थगित कर दिया गया है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी में हुए एक वकील के हत्याकांड के विरोध में प्रदेश भर के वकील न्यायिक कार्यों से दूर हैं जिसका सीधा असर भोजशाला केस पर पड़ा है।

    सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन में आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI को अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट अदालत के पटल पर रखनी थी। इस रिपोर्ट में भोजशाला परिसर के भीतर किए गए वैज्ञानिक सर्वे खुदाई के दौरान मिले साक्ष्य डिजिटल फोटोग्राफी और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों को शामिल किया गया है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों को उम्मीद थी कि आज रिपोर्ट पेश होने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी लेकिन अब यह सस्पेंस 18 फरवरी तक बना रहेगा।

    मुस्लिम पक्ष के गंभीर आरोप और हिंदू पक्ष की मांग

    जैसे-जैसे सुनवाई की तारीखें बदल रही हैं दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। मुस्लिम पक्ष मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने एएसआई के सर्वे की निष्पक्षता पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि सर्वे के दौरान कुछ पत्थर की मूर्तियां पिछले रास्ते से गुपचुप तरीके से परिसर के अंदर लाकर रखी गईं और बाद में उन्हें सर्वे रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया गया। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश है।

    दूसरी ओर हिंदू पक्ष महाराजा भोज उत्सव समिति अपने दावों पर अडिग है। हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि भोजशाला वाग्देवी मां सरस्वती का मंदिर है इसलिए वहां हिंदुओं को 24 घंटे पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने परिसर में होने वाली नमाज को पूरी तरह से बंद करने की भी मांग की है। हिंदू पक्ष का तर्क है कि सर्वे में मिले अवशेषों से यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि यह एक प्राचीन मंदिर है।

    क्या है भोजशाला का महत्व?

    धार की भोजशाला सदियों से सांप्रदायिक सद्भाव और विवाद दोनों का केंद्र रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यहां मंगलवार को हिंदू पूजा करते हैं और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। एएसआई का वैज्ञानिक सर्वे इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए किया गया है कि क्या इस इमारत का मूल स्वरूप मंदिर था। अब सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं जब कोर्ट के रिकॉर्ड पर एएसआई के साक्ष्य आएंगे और इस ऐतिहासिक विवाद की दिशा तय होगी।

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा। रीवा जिले की दुर्गम और खतरनाक मानी जाने वाली बरदहा घाटी रोड अब जल्द ही सीधी और सुरक्षित बनने जा रही है। लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम इस जिग जैग मार्ग पर अब 10 से अधिक तीखे और जानलेवा मोड़ों की जगह केवल 3 मोड़ रह जाएंगे। 311.62 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 60 फीट यानी 18 मीटर होगी जिससे आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।

    बरदहा घाटी से गुजरने वाला यह मार्ग रीवा की सबसे दुर्गम सड़कों में गिना जाता है। वर्तमान में संकरी और अत्यधिक घुमावदार सड़क के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा माना जाता है। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और भारी वाहनों के लिए तो यह मार्ग और भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है। सड़क सुधार की मांग लंबे समय से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी जो अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

    हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद विधायक प्रशासनिक अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में परियोजना की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि डभौरा सिरमौर मार्ग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क परियोजना से 27 गांव प्रभावित होंगे जिनमें से 24 गांवों में भू अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी जबकि तीन गांव ऐसे हैं जहां भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। शासकीय भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

    सड़क के दोनों ओर मजबूत और चौड़ी नालियों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे। सांसद ने विशेष रूप से अतरैला और पटेहरा क्षेत्र में पर्याप्त चौड़ी नालियां बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिस्सों में सड़क की चौड़ाई 18 मीटर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसडीओ विजय गुप्ता ने बताया कि पटेहरा अतरैला लटियार और पनवार जैसे क्षेत्रों में सड़क किनारे बड़ी संख्या में घर और दुकानें स्थित हैं इसलिए निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी मापदंडों के साथ व्यावहारिक पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए निर्माण शीघ्र पूरा करने की योजना है।

    बरदहा घाटी में मौजूदा समय में 10 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं जिन्हें प्रस्तावित योजना के तहत सीधा किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 18 से 36 मीटर तक रखी जाएगी जिससे भारी वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।यह परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी बल्कि रीवा जिले के विकास को भी नई गति देगी। सुरक्षित और चौड़ी सड़क से क्षेत्रीय व्यापार पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद

    मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात बड़े पैमाने पर छापा मारकर कथित ईरानी डेरे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया और 8 महिलाओं समेत 39 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई शहर में चलाए जा रहे विशेष कॉम्बिंग अभियान का हिस्सा थी, जिसमें कुल 408 फरार आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई थी।

    आधि रात करीब दो बजे अमन कॉलोनी स्थित डेरे को 400 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान 644.56 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1 लाख 35 हजार रुपये नकद और करीब 1.7 किलो गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही 17 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए।

    पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोग चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और वाहन चोरी जैसे मामलों में वांछित थे। अभियान के दौरान 283 स्थायी वारंट और 125 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में बढ़ती संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और संगठित गिरोहों की गतिविधियों को तोड़ने के उद्देश्य से की गई।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और अन्य तीन राज्यों में भी यह सक्रिय था। गिरोह का कथित सरगना राजू ईरानी पहले गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में वारदात को अंजाम देकर भोपाल लौट आते थे, जहां से बरामद माल का नेटवर्क संचालित होता था।

    पिछले वर्ष 31 दिसंबर को भी पुलिस ने अमन कॉलोनी में छापा मारकर गिरोह के कई सदस्यों को पकड़ा था और अवैध हथियार समेत लूट का सामान बरामद किया था। ताजा कार्रवाई उसी कड़ी का विस्तार मानी जा रही है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और वाहनों के जरिए अन्य राज्यों में दर्ज मामलों से कनेक्शन खंगाल रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद सामग्री के स्रोत की जांच की जा रही है। पुलिस शहर में ऐसे अन्य ठिकानों की पहचान कर आगे भी कॉम्बिंग अभियान जारी रखने की तैयारी में है।इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस संगठित अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ी नजर रख रही है। बड़े पैमाने पर तस्करी, चोरी और नकबजनी के मामलों में सक्रिय गिरोहों को सख्ती से दबाने का प्रयास जारी रहेगा।

  • जबलपुर में छात्र हॉस्टल से लापता, स्कूल परिसर में मिली सुरक्षा की बड़ी चूक..

    जबलपुर में छात्र हॉस्टल से लापता, स्कूल परिसर में मिली सुरक्षा की बड़ी चूक..


    जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र के ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल हॉस्टल से दो छात्र अचानक लापता हो गए, जिसके बाद रात भर हड़कंप मच गया। बुधवार रात छात्र हॉस्टल में नहीं लौटे तो स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम रात करीब 12 बजे स्कूल पहुंची और परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज में छात्र स्कूल परिसर से बाहर जाते दिखाई नहीं दिए।

    इस पर स्कूल के सभी ब्लॉक्स और कक्षाओं में सघन तलाशी शुरू की गई। तलाशी के दौरान पता चला कि दोनों छात्र लगभग तीन घंटे तक एक कक्षा की अलमारी में छिपे रहे। पुलिस ने दोनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। छात्रों की पहचान सार्थक पटेल और आलोक के रूप में हुई।

    सार्थक ने पुलिस को बताया कि पिछले दो हफ्ते से उसे घर पर माता-पिता से फोन पर बात नहीं कराई जा रही थी। उसने कहा कि रविवार को भी बातचीत नहीं कराई गई, जिससे वह नाराज था। इसी नाराजगी के कारण वह शाम करीब सात बजे अपने साथी आलोक के साथ कक्षा में गया और बाद में अलमारी में छिप गया। छात्र की यह हरकत स्कूल में हड़कंप मचाने के लिए काफी थी।

    सार्थक के पिता सीताराम पटेल ने आरोप लगाया कि स्कूल में अभिभावकों से नियमित बातचीत का नियम होने के बावजूद कई बार कॉल के बावजूद बच्चों से बात नहीं कराई जाती। उन्होंने कहा कि इस बार भी बच्चों को माता-पिता से बात कराने में अनदेखी हुई। उन्होंने प्रबंधन से स्पष्ट व्यवस्था बनाने और नियमित संवाद सुनिश्चित करने की मांग की।

    माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह घटना केवल संवाद की कमी का परिणाम थी या बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव या प्रताड़ना थी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

    इस घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की समीक्षा शुरू कर दी गई है। अभिभावकों को आश्वस्त किया गया है कि बच्चों के संवाद और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल स्पष्ट किए जाएंगे। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    इस मामले ने स्कूलों में हॉस्टल छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों से संवाद की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि उनकी शारीरिक सुरक्षा। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल की यह घटना अन्य स्कूलों के लिए चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • उमंग सिंघार का बड़ा आरोप सिंगरौली में AI फोटो से फर्जी मनरेगा मजदूर भुगतान मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग

    उमंग सिंघार का बड़ा आरोप सिंगरौली में AI फोटो से फर्जी मनरेगा मजदूर भुगतान मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग


    सिंगरौली /विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले में मनरेगा योजना के तहत चल रहे फर्जीवाड़े को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर आरोप लगाया कि AI जनरेटेड फर्जी मजदूरों की तस्वीरें अपलोड कर उनके नाम पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें कमीशन की मांग भी शामिल है और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।

    सिंघार ने कहा कि सिंगरौली में 120 से अधिक मजदूरों के नाम AI द्वारा बनाई गई फर्जी तस्वीरों के माध्यम से भुगतान किया गया है। इसके बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जी-रामजी योजना का उद्देश्य मजदूरों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा होना चाहिए न कि सरकारी धन की लूट का साधन। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले का संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

    सिंघार ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि भाजपा केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है जबकि योजनाओं के धरातलीय कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार हो रहा है और गरीब मजदूरों के हक को मारा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले न केवल योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं बल्कि आम नागरिकों में सरकार और प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ाते हैं।

    नेता प्रतिपक्ष ने इस अवसर पर चंदेरी की घटना को भी लेकर सरकार पर निशाना साधा। अशोकनगर जिले के चंदेरी में भाजपा नेता और सरपंच द्वारा एक युवक की कथित पिटाई का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने इसे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया। सिंघार ने कहा कि सत्ता से जुड़े लोग जब कानून हाथ में ले लेते हैं तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग और प्रशासन की विफलता करार दिया।

    सिंघार ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह न केवल फर्जीवाड़ों की जांच करे बल्कि कानून के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों को नजरअंदाज किया गया तो समाज में कानून और व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा और भ्रष्टाचार और गुंडाराज बढ़ेगा।

    इस पूरे मामले ने प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यान्वयन और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल लगातार ऐसे मामलों को उजागर कर जनता और सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करती है या इन फर्जीवाड़ों और हिंसक घटनाओं को अनदेखा करती रहती है।

  • ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे

    ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे


    ग्वालियर /मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक शर्मनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई है। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला और उसकी नाबालिग बहन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह मामला घरेलू विश्वास और नजदीकी रिश्तों के दुरुपयोग का उदाहरण है।

    अधिकारियों के अनुसार, घटना के मुख्य आरोपी महिला का मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसका साथी अमन खान है। आरोप है कि दोनों ने शादीशुदा महिला के पति के अहमदाबाद में काम करने का फायदा उठाया। देर रात बहानों के सहारे आरोपी बहनों के घर रुके और शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया।

    सिर्फ यहीं नहीं, आरोपी हाथ साफ करते हुए 40 हजार रुपये नगद और चांदी की पायल भी लूटकर फरार हो गए। पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    बिजौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (आईपीसी 376) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की खोज में लगी हुई है और जांच जारी है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए देर रात को घर में रुके, ताकि किसी की नजर न पड़े और बहाने बनाकर पीड़िताओं को बहकाया जा सके। यह मामला न केवल समाज में सुरक्षा की चिंता को उजागर करता है, बल्कि घरेलू और पारिवारिक विश्वास की हिफाजत की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    सामाजिक और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है, बल्कि पीड़िताओं को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करना भी बेहद आवश्यक है।

    मध्यप्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी ने आरोपियों के बारे में कोई जानकारी है, तो तुरंत थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। जांच पूरी होने तक पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यह घटना न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लोगों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सुरक्षित वातावरण के महत्व को याद दिलाती है।

  • इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए

    इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए


    इटारसी/पथरोटा मार्ग शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पथरोटा की बड़ी नहर की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे पानी में गिर गई कार में सवार तीन युवक मौके पर ही मृत पाए गए। मृतकों की पहचान रैसलपुर निवासी 30 वर्षीय लकी पटेल पिता भवानी शंकर पटेल जो कार चला रहा था, 26 वर्षीय शिवम तिवारी पिता महेश तिवारी निवासी खीर पानी और 19 वर्षीय अभय उर्फ अभि चौहान पिता राकेश चौहान, जय प्रकाश नगर, पुरानी इटारसी के रूप में हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इटारसी की ओर से आ रही ग्रे रंग की कार अचानक पुल की रेलिंग तोड़ती हुई सीधे नहर में समा गई। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार सवार युवक विंडो खोलने और कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही चिल्ला भी रहे थे, लेकिन कार के लॉक होने की वजह से वे गहरे पानी में डूब गए।

    हादसा देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एक स्थानीय युवक ने नहर में कूदकर जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफल नहीं हो सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार के दरवाजे खोलते ही तीनों युवक मृत पाए गए।

    एसडीआरएफ ने बताया कि कार में युवक संघर्ष करते रहे, कांच तोड़ने के निशान मिले, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके। परिजनों के अनुसार तीनों सिवनी मालवा गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक शिवम तिवारी के पिता महेश ने बताया कि सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली थी। अभय चौहान के पिता राकेश ने बताया कि रात में बेटे से फोन पर बात हुई थी, अभय ने कहा था कि कार से लौट रहा है और मां से खाने को लेकर बात की थी। अभय परिवार का इकलौता बेटा था।

    लकी पटेल की मां वैष्णो देवी यात्रा पर हैं। लकी के पिता पहले ही देहांत हो चुके हैं और बड़े भाई की कुछ साल पहले नर्मदा में डूबने से मौत हो गई थी। लकी के घर में दो बहनें हैं, एक शादीशुदा और दूसरी अविवाहित शुभांगी।हादसे ने इटारसी और आसपास के इलाकों में मातम मचा दिया है। ग्रामीणों और परिवारवालों में गहरी शोक की लहर है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में लगी है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रही है। का हिस्सा बन गए हैं

  • इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..

    इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..


    मैहर। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक सामान्य सी दोस्ती मैहर में एक युवक के लिए खौफनाक अनुभव बन गई। पुलिस के अनुसार करीब दस दिन पहले भदनपुर निवासी युवक शिवशंकर गुप्ता की पहचान इंस्टाग्राम पर मानषी नामदेव नाम की महिला से हुई। बातचीत बढ़ी तो दोनों के बीच मिलने का फैसला हुआ। महिला ने खुद को अविवाहित बताया और युवक को भरोसे में ले लिया।

    डोसा डेट के बहाने घर तक पहुंचाया
    बुधवार को दोनों पहले शहर की चौपाटी पहुंचे जहां साथ में डोसा खाया। इसके बाद महिला ने युवक से घर छोड़ने की बात कही और उसे अपने मकान पर ले गई। घर पहुंचते ही महिला पानी लाने के बहाने अंदर गई और तभी वहां पहले से मौजूद उसके तीन पुरुष साथी बाहर आ गए।

    मारपीट और शर्मनाक साजिश

    आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने युवक के साथ मारपीट की। इसके बाद जबरन उसके कपड़े उतरवाकर उसका नग्न वीडियो बनाया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक को मानसिक रूप से डरा दिया गया। डर और बदनामी के भय से युवक ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 56 हजार रुपये आरोपितों को ट्रांसफर कर दिए।

    ब्लैकमेलिंग के सबूत मिले
    घटना के बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर मैहर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य महिला आरोपित और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया। महिला के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग के साक्ष्य मौजूद हैं।

    पुलिस की कार्रवाई जारी
    मैहर थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया।

    पुलिस की अपील
    पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहें और निजी मुलाकात से पहले पूरी सावधानी बरतें।

  • ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था।

    आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं।

    किराया नहीं मिला तो खुला राज

    शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी।

    भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की।

    24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त

    शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं।

    गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव
    एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।