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  • शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश

    शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में दीपावली के त्योहार से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ माधवचौक से कोर्ट रोड और गांधी चौक क्षेत्र तक पैदल चलकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे दुकानों के बाहर रखे सामान और स्टॉल को हटवाया गया। दुकानदारों को साफ चेतावनी दी गई कि सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने की कोशिश न करें।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रेम स्वीट्स सहित कई दुकानदारों को दुकानों के बाहर सड़क की जगह का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क पर रखे स्टॉल और अन्य सामान को हटवाया ताकि वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति को रोकना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर किसी भी स्थिति में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

    कोर्ट रोड पर पिछले कुछ दिनों से हाथ ठेले लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद सड़क पहले की तुलना में ज्यादा खुली और व्यवस्थित नजर आ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कार्रवाई से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। व्यापारियों की ओर से यह सम्मान शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा गया।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित तरीके से कराई जाए ताकि सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। दीपावली के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचेंगे। ऐसे में यदि सड़क किनारे वाहन खड़े रहे और दुकानों के बाहर सामान फैला रहा तो यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले ही सभी प्रमुख बाजारों और मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। जहां भी सड़क पर अतिक्रमण दिखाई दे वहां कार्रवाई की जाए। साथ ही पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बाजार तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी न हो। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान शहर के मुख्य मार्ग खुले रहें और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    दीपावली को लेकर बाजारों में अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न हो और त्योहार के दौरान शिवपुरी के बाजारों में लोगों को जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल

    राशन दुकान में चोरी का सनसनीखेज मामला, चौकीदार ने दो आरोपियों को पहचानने का किया दावा, मौके पर मिला मोबाइल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के तिलातिली गांव में सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। देर रात हुई इस घटना में अज्ञात लोगों ने राशन दुकान के ताले तोड़कर वहां रखा अनाज निकाल लिया। आरोपी दुकान से तीन बोरी चावल और एक बोरी गेहूं लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान दुकान की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार मौके पर पहुंच गया जिसके बाद उसकी आरोपियों के साथ झूमाझटकी भी हुई। बताया जा रहा है कि चौकीदार के पहुंचने से आरोपी घबरा गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान उनका एक मोबाइल फोन मौके पर छूट गया। आरोपी तीन पहिया वाहन से मौके से फरार होने में सफल रहे।

    घटना के बाद गांव में भी इसकी जानकारी तेजी से फैल गई। राशन दुकान के चौकीदार रंजीत यादव ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और दावा किया कि उसने चोरी करने आए दो लोगों को पहचान लिया है। चौकीदार के मुताबिक उसने सीताराम कुशवाह और मोहन कुशवाह को मौके पर देखा था। पुलिस अब चौकीदार द्वारा बताए गए नामों के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। मौके से मिला मोबाइल फोन भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि फोन किसका है और घटना के समय वह किन लोगों के संपर्क में था।

    राशन दुकान के सेल्समैन छत्रपाल यादव ने भी दुकान से अनाज चोरी होने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक दुकान में रखा सरकारी राशन गायब मिला है। घटना के बाद बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    इस मामले में पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझने में जुटी है। बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह पूरा घटनाक्रम वास्तव में राशन दुकान में चोरी से जुड़ा है या फिर इसके पीछे दो पक्षों के बीच हुआ कोई विवाद है। पुलिस चौकीदार के बयान के साथ ही मौके से मिले मोबाइल और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    सरकारी राशन दुकान से अनाज चोरी का मामला होने के कारण पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जाए और चोरी गए राशन का पता लगाया जाए। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन दुकान में चोरी की घटना किस तरह हुई और इसमें कौन लोग शामिल थे।

  • प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत

    प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ी जहांगीराबाद में 19 वर्षीय युवक मोहम्मद अरशद की जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों के मुताबिक जहरीला पदार्थ खाने से पहले अरशद की अपनी प्रेमिका से फोन पर बातचीत हुई थी और इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद ही अरशद ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और युवक का मोबाइल भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

    मृतक की पहचान मोहम्मद अरशद पिता मोहम्मद खालिद के रूप में हुई है। वह बरखेड़ी जहांगीराबाद का रहने वाला था। अरशद अपने पिता के साथ सेंटरिंग ठेकेदारी के काम में हाथ बंटाता था। परिवार में वह दूसरे नंबर का बेटा था। उसके एक छोटा भाई और छोटी बहन भी है। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    परिजनों के अनुसार अरशद का एक युवती से प्रेम संबंध था और दोनों के बीच काफी समय से बातचीत होती थी। परिवार को भी इस रिश्ते की जानकारी थी। कुछ दिन पहले अरशद के परिजनों ने युवती के परिवार के सामने शादी का रिश्ता रखा था। परिवार का कहना है कि रिश्ता भेजने के बाद युवती के घर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद से अरशद परेशान रहने लगा था। हालांकि वह युवती से फोन पर बातचीत करता रहा।

    मृतक के पिता मोहम्मद खालिद ने बताया कि बुधवार रात अरशद की युवती से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके कुछ समय बाद अरशद जहरीला पदार्थ खाकर घर पहुंचा। घर आने के बाद उसने अपने पिता से तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए कहा। उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलने के बाद जहांगीराबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अरशद का मोबाइल भी अपने कब्जे में लिया है। अब मोबाइल की जांच और कॉल डिटेल के जरिए उसकी आखिरी बातचीत की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले युवक की किन लोगों से बातचीत हुई थी और आखिरी फोन कॉल में क्या हुआ था।

    परिजनों का कहना है कि अरशद की मौत के पीछे फोन पर हुई बातचीत की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों मोबाइल की जानकारी कॉल डिटेल और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच जारी रखी है।

  • भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल के डिपो चौराहा स्थित आदिवासी हॉस्टल में गुरुवार सुबह 23 वर्षीय गर्भवती महिला प्रियंका अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रियंका चार महीने की गर्भवती थी और अपने पति विष्णु अहिरवार के साथ हॉस्टल में रहती थी। विष्णु इसी हॉस्टल में केयरटेकर के तौर पर काम करता है। पुलिस की शुरुआती जांच में प्रियंका द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है लेकिन उसके गले और पीठ पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है।

    पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार सुबह करीब 4 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात सामने आने के बावजूद शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोट के निशान किस परिस्थिति में आए और महिला की मौत से उनका कोई संबंध है या नहीं।

    प्रियंका के पिता गजराज सिंह ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रियंका मूल रूप से विदिशा जिले के टेरन तहसील क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले उसने विष्णु अहिरवार के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही प्रियंका पति के साथ आदिवासी हॉस्टल में रह रही थी। पिता के अनुसार उनकी बेटी वर्तमान में चार महीने की गर्भवती थी।


    गजराज सिंह का आरोप है कि प्रियंका ने फोन पर कई बार पति के व्यवहार की शिकायत की थी। वह कथित तौर पर बताती थी कि विष्णु नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करता था। पिता ने यह भी कहा कि बेटी की मौत की जानकारी उन्हें सीधे पति या ससुराल पक्ष की ओर से नहीं दी गई। हॉस्टल के पास रहने वाले एक परिचित ने फोन कर उन्हें प्रियंका की मौत की सूचना दी। इस बात ने भी परिवार के बीच कई सवाल खड़े किए हैं।

    पुलिस फिलहाल पिता के आरोपों और घटनास्थल से मिले तथ्यों दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एएसआई असीम साहू के मुताबिक अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतका के परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह और शरीर पर मिले चोट के निशानों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले पति और पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। हॉस्टल में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बयानों का इंतजार कर रही है। प्रियंका की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि उसकी मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

  • वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो तुरंत करें आवेदन, भोपाल में 8-9 अक्टूबर को शिविर, युवाओं के लिए भी शुरू हुई प्रक्रिया

    वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो तुरंत करें आवेदन, भोपाल में 8-9 अक्टूबर को शिविर, युवाओं के लिए भी शुरू हुई प्रक्रिया


    भोपाल । भोपाल में मतदाता सूची को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान सूची से बाहर हुए नामों की दोबारा जांच की जा रही है। इसके लिए भोपाल में 8 और 9 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर घर जाकर भी जानकारी जुटा रहे हैं और यह पता किया जा रहा है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटे हैं उनमें कितने लोग वास्तव में पात्र मतदाता हैं। भोपाल में ऐसे करीब 3.88 लाख नामों की जांच की जा रही है। जिन लोगों के नाम जांच के दौरान पात्र पाए जाएंगे उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़े जा सकेंगे। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

    करीब 11 महीने पहले SIR की प्रक्रिया के दौरान भोपाल की मतदाता संख्या में बड़ा बदलाव हुआ था। उस समय जिले में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता दर्ज थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 16.87 लाख रह गई। इस सूची में करीब 1 लाख 503 मतदाता ऐसे बताए गए हैं जो अनुपस्थित पाए गए थे जबकि 2 लाख 86 हजार 661 मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित यानी परमानेंट शिफ्टेड श्रेणी में रखा गया था। अब इन नामों का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखे जा सकें।

    भोपाल की सभी सात विधानसभा सीटों बैरसिया हुजूर भोपाल उत्तर भोपाल मध्य दक्षिण पश्चिम गोविंदपुरा और नरेला में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। 7 अक्टूबर को भी शिविरों में लोग पहुंचे और अपने नाम से जुड़ी जानकारी की जांच कराई। गुरुवार और शुक्रवार को भी नागरिक इन शिविरों में पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके साथ ही BLO की ओर से तैयार की गई सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

    मतदाता सूची में ऐसे नाम भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं। ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है। वहीं जो लोग स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं उनके नाम हटाए जाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। दूसरी ओर ऐसे वास्तविक मतदाता जो अपने पते पर नहीं मिले थे या SIR के दौरान किसी कारण से सूची से बाहर हो गए थे उनकी पात्रता की पुष्टि होने पर नाम फिर जोड़े जा सकेंगे।

    खास बात यह है कि 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे युवा एडवांस में फॉर्म 6 भर सकते हैं। इसके लिए पहले जरूरी डिक्लेरेशन की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य अनुपस्थित स्थानांतरित मृत और दोहराए गए नामों की जांच के साथ यह सुनिश्चित करना है कि कोई वास्तविक और पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। इसके अलावा नाइट शेल्टर मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए भी विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को मतदाता सूची से जोड़ा जा सके।

  • गरबा में मुस्लिम युवाओं के शामिल होने पर मुफ्ती की दो टूक, अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं पर रहें कायम

    गरबा में मुस्लिम युवाओं के शामिल होने पर मुफ्ती की दो टूक, अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं पर रहें कायम


    नई दिल्ली। नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवाओं के शामिल होने को लेकर भोपाल में धार्मिक बयान सामने आया है। मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मुस्लिम युवाओं से गरबा में शामिल नहीं होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं का दूसरी कौम के धार्मिक त्योहार या धार्मिक रस्म में शामिल होना जायज नहीं है। उनके मुताबिक दूसरी कौम की मुशाबहत यानी अनुकरण से भी बचना चाहिए। मुफ्ती ने खास तौर पर मुस्लिम युवाओं को दोस्तों के साथ गरबा में जाने से भी परहेज करने की सलाह दी है।

    अपने वीडियो में मुफ्ती गुफरान खान नदवी ने गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी के सवाल पर इसे हराम बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में होने वाले गरबा या हिंदू धार्मिक रस्म में मुस्लिम लड़कों का शामिल होना उचित नहीं है। उनका कहना है कि कुछ मुस्लिम युवक अपने दोस्तों के साथ गरबा में जाना सामान्य बात समझते हैं लेकिन उन्हें इससे बचना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज के युवाओं से अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने की बात कही।

    मुफ्ती ने कहा कि मुस्लिम समाज की अपनी धार्मिक परंपराएं और रीति रिवाज हैं और युवाओं को इन्हीं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने दूसरी कौम की धार्मिक रस्मों के अनुकरण को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि इस तरह का अनुकरण मुस्लिम समाज के लिए फितने का कारण बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों का अपना धर्म और उसकी परंपराएं उनके लिए पर्याप्त हैं और उन्हें दूसरे धर्मों के त्योहारों की ओर आकर्षित होने की जरूरत नहीं है।

    मुफ्ती गुफरान खान नदवी ने अपने बयान में मस्जिद और नमाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले मस्जिद के गेट तक भी नहीं आते थे वे अब वहां तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को मुस्लिम धार्मिक परंपराओं के प्रति बढ़ती दिलचस्पी से जोड़ते हुए कहा कि अगर कोई मस्जिद के गेट तक आया है तो आगे चलकर अंदर भी आ सकता है। उन्होंने लोगों को नमाज और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया।

    गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर यह अपील केवल मुफ्ती की ओर से ही नहीं आई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी भी मुस्लिम युवाओं और समाज के लोगों से गरबा में जाने से परहेज करने की अपील कर चुकी है। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख इस्माइल खान ने 6 अक्टूबर को जारी अपील में कहा था कि इसका उद्देश्य किसी धर्म या धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और विवाद की स्थिति से बचना है।

    कमेटी की ओर से कहा गया है कि हाल के दिनों में गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की मौजूदगी को लेकर सार्वजनिक तौर पर आपत्तियां सामने आई हैं। इसी को देखते हुए कमेटी ने अपने पदाधिकारियों को प्रदेश संभाग और जिला स्तर पर अभियान चलाने के लिए कहा है। इसके तहत स्थानीय उलेमा और सामाजिक संगठनों से संपर्क कर मुस्लिम युवाओं को गरबा आयोजनों से दूर रहने की अपील की जाएगी।

    कमेटी के मुताबिक जिला प्रशासन को भी इस पहल की जानकारी दी जाएगी। उसका कहना है कि किसी धार्मिक आयोजन का विरोध करना उद्देश्य नहीं है बल्कि विवाद से बचना और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। गरबा और मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर सामने आए इन बयानों के बीच अब यह मुद्दा धार्मिक पहचान सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक आयोजनों में भागीदारी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

  • रीवा में परमाणु प्लांट के खिलाफ ग्रामसभा का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे का विरोध कर ग्रामीणों ने सरकार को दी दो टूक चेतावनी

    रीवा में परमाणु प्लांट के खिलाफ ग्रामसभा का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे का विरोध कर ग्रामीणों ने सरकार को दी दो टूक चेतावनी



    रीवा । रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र में प्रस्तावित करीब 28 हजार करोड़ रुपये के परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। परियोजना के लिए जमीन की जांच और सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने के बाद गांवों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है और ग्रामीण खुलकर परियोजना के खिलाफ सामने आ रहे हैं। हालात इस कदर बढ़ गए कि जमीन के सर्वे के लिए पहुंची ड्रिलिंग मशीनों को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे सरकार की कई योजनाओं का लाभ छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन अपने गांव की जमीन पर परमाणु संयंत्र किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।

    सिरमौर क्षेत्र के सरई कला गांव में हुई ग्रामसभा में भी परमाणु परियोजना के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध केवल जमीन अधिग्रहण तक सीमित नहीं है बल्कि परमाणु परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर भी गंभीर चिंता है। ग्रामीणों को आशंका है कि बड़े स्तर पर बनने वाले संयंत्र का असर पानी के स्रोतों पर्यावरण खेती और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से ग्रामीण परियोजना की शुरुआती गतिविधियों का भी विरोध कर रहे हैं।

    ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार चाहे तो लाड़ली बहना योजना की राशि बंद कर दे या राशन जैसी सुविधाएं रोक दे लेकिन गांव की जमीन पर परमाणु प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। ग्रामीणों के इस रुख ने प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ा दी है क्योंकि परियोजना को लेकर जमीन की स्थिति और स्थानीय लोगों की राय जानने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा है कि परियोजना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की चिंताओं और सुझावों पर विचार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल बातचीत के जरिए स्थिति को समझने की कोशिश की जा रही है।

    परमाणु परियोजनाओं के विरोध का यह मध्यप्रदेश में पहला मामला नहीं है। मंडला जिले में लंबे समय से प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना को लेकर भी ग्रामीणों का विरोध जारी है। यह परियोजना वर्ष 1982 से प्रस्तावित है और वर्ष 2017 में इसे 1400 मेगावाट की मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद परियोजना अभी शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। मंडला में 119 परिवार गांव छोड़ चुके हैं जबकि अन्य परिवार मुआवजे और परियोजना के विरोध से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

    रीवा में अब ग्रामीणों का विरोध गांव की बैठकों और ग्रामसभा के फैसलों तक पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद इस परियोजना की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल ग्रामीणों के तेवर साफ हैं कि विकास योजनाओं का लाभ भले ही छिन जाए लेकिन उनकी जमीन और गांव में परमाणु संयंत्र को मंजूरी स्वीकार नहीं होगी।

  • नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    ग्वालियर । ग्वालियर में तेज रफ्तार का कहर एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गया। मंगलवार शाम नयागांव इलाके में रेलवे पुल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 38 वर्षीय नमकीन कारोबारी गौरव जैन की मौत हो गई। हादसे के समय गौरव अपने दो दोस्तों मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ एक्टिवा पर सवार होकर पनिहार से ग्वालियर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आई तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने राहगीरों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद गौरव जैन ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके दोनों दोस्तों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

    गौरव जैन ग्वालियर के भाऊ साहब का बाजार इलाके में रहते थे और नमकीन का कारोबार करते थे। बताया गया है कि उन्होंने हाल ही में अपना कारोबार व्यवस्थित किया था और काम अच्छी तरह चलने लगा था। परिवार की जिम्मेदारियां भी गौरव के कंधों पर थीं। वह अभी अविवाहित थे और परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। मंगलवार को अवकाश होने के कारण उन्होंने दोस्तों के साथ कुछ समय बाहर बिताने का फैसला किया था। गौरव अपने दोस्त मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ बरई पनिहार की वादियों और पहाड़ी झरनों की ओर पिकनिक मनाने गए थे। दिनभर दोस्तों के साथ समय बिताने के बाद शाम को तीनों एक ही एक्टिवा से ग्वालियर वापस लौट रहे थे लेकिन नयागांव रेलवे पुल के पास उनकी यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक सामने से आ रही कार काफी तेज रफ्तार में थी। कार चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका बल्कि वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस टोल नाकों के फुटेज भी खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के बाद फरार हुई कार और उसके चालक का पता लगाया जा सके।

    एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि गौरव अपने दोनों दोस्तों के साथ पनिहार में नदी किनारे पिकनिक मनाने गए थे। शाम को तीनों एक्टिवा से ग्वालियर लौट रहे थे। नयागांव रेलवे पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा में टक्कर मार दी। हादसे में गौरव को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं मनीष और कुशल भी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुटी है। बुधवार को गौरव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और जिस युवक के घर में शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी वहां अब अचानक दुख का माहौल है।

  • इंदौर में सड़क धंसने का सिलसिला जारी, परदेशीपुरा में फिर हुआ हादसा, ड्रेनेज लाइन और भराव की गुणवत्ता पर सवाल

    इंदौर में सड़क धंसने का सिलसिला जारी, परदेशीपुरा में फिर हुआ हादसा, ड्रेनेज लाइन और भराव की गुणवत्ता पर सवाल


    इंदौर । इंदौर में सड़क धंसने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। परदेशीपुरा की गली नंबर 3 में मंगलवार को चैंबर के पास सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क की ऊपरी कांक्रीट परत टूटने के बाद जब मौके की जांच की गई तो उसके नीचे जमीन का बड़ा हिस्सा खोखला मिला। सड़क का एक स्लैब भी हवा में लटका हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम के जनकार्य विभाग ने इंजीनियर को मौके पर भेजा और सड़क धंसने के कारणों की जांच शुरू कराई। खास बात यह है कि इसी जगह करीब एक साल पहले भी सड़क धंस चुकी है। ऐसे में दोबारा उसी स्थान पर सड़क बैठने से निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

    परदेशीपुरा की गली नंबर 3 में सड़क के नीचे बने चैंबर के आसपास जमीन खोखली होने की जानकारी सामने आने के बाद निगम अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। शुरुआती तौर पर अधिकारियों को आशंका है कि पुराना ड्रेनेज चैंबर कमजोर होकर ढह गया होगा जिसके कारण सड़क के नीचे खाली जगह बनी और ऊपर का हिस्सा दबाव नहीं झेल सका। यहां ड्रेनेज लाइन पुरानी बताई जा रही है जबकि चैंबर का ढक्कन अपेक्षाकृत नया दिखाई दे रहा है। हालांकि सड़क के नीचे इतना बड़ा खोखलापन किस वजह से बना यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    स्थानीय जानकारी के मुताबिक करीब एक साल पहले भी इसी स्थान पर सड़क धंस गई थी। उस समय चैंबर की मरम्मत कराने के बाद सड़क के नीचे मिट्टी का भराव किया गया था। अब एक बार फिर उसी जगह सड़क धंसने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पिछली मरम्मत के बाद समस्या पूरी तरह दूर क्यों नहीं हुई। क्या ड्रेनेज लाइन में लीकेज जारी रहा या फिर सड़क के नीचे मिट्टी का भराव पर्याप्त तरीके से नहीं किया गया था। इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी मानी जा रही है।

    तकनीकी जानकारों के अनुसार पुरानी भूमिगत ड्रेनेज लाइन में लीकेज होने पर पानी आसपास की मिट्टी को धीरे धीरे बहा सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर सड़क के नीचे खाली जगह बनती जाती है। ऊपर से सड़क पर लगातार वाहनों का दबाव पड़ता रहता है। जब जमीन का सहारा कमजोर हो जाता है तो कांक्रीट की परत टूटकर नीचे बैठ सकती है। इसी तरह किसी मरम्मत या निर्माण के बाद यदि मिट्टी का भराव ठीक तरीके से नहीं किया जाए तो भी समय के साथ जमीन बैठने की समस्या सामने आ सकती है।

    परदेशीपुरा की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इंदौर में पिछले कुछ महीनों के दौरान सड़क धंसने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मेघदूत गार्डन गोराकुंड गाड़ी अड्डा नासिया रोड और पंढरीनाथ क्षेत्र में भी सड़क धंसने के मामले सामने आए हैं। शहर में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क चैंबर निर्माण कार्य और सड़क के नीचे किए जाने वाले भराव की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    फिलहाल नगर निगम की टीम मौके की स्थिति का परीक्षण कर रही है। सड़क के नीचे बने खोखले हिस्से की वजह स्पष्ट होने के बाद जरूरी सुधार कार्य किया जाएगा। लेकिन एक ही जगह पर एक साल के भीतर दूसरी बार सड़क धंसने की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या पिछली मरम्मत के दौरान समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय केवल सतही सुधार किया गया था।

  • रात में अचानक ढहा 100 साल पुराना मकान, मलबे में बुजुर्ग-बच्चों समेत 10 लोग फंसे, मचा हड़कंप

    रात में अचानक ढहा 100 साल पुराना मकान, मलबे में बुजुर्ग-बच्चों समेत 10 लोग फंसे, मचा हड़कंप


    जबलपुर । जबलपुर शहर के नया मोहल्ला स्थित तिलक वार्ड में सोमवार रात एक पुराने दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान के अंदर चार परिवार मौजूद थे। मलबा गिरने के कारण बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया और बुजुर्गों महिलाओं तथा बच्चों समेत करीब 10 लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।

    जानकारी के मुताबिक जिस मकान में यह हादसा हुआ वह करीब 80 से 100 साल पुराना बताया जा रहा है। मकान का अगला हिस्सा काफी समय से जर्जर हालत में था। सोमवार रात अचानक इसका एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। मलबा गिरने के बाद मकान से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अंदर मौजूद लोगों के लिए स्थिति मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा।

    रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मकान तक पहुंचने का रास्ता था। मकान जिस गली में स्थित है वह काफी संकरी है। इसके कारण बचाव दल और मशीनों को अंदर ले जाने में परेशानी हुई। स्थिति को देखते हुए सबसे पहले आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई ताकि टूटे हुए हिस्से और मलबे के बीच किसी तरह के शॉर्ट सर्किट का खतरा न रहे। इसके बाद नगर निगम की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।

    संकरी गली के कारण जेसीबी मशीन को भी मौके तक पहुंचाने में काफी मुश्किल हुई। रेस्क्यू टीम ने मकान से बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का फैसला किया। इसके लिए बाड़े की पिछली दीवार को तोड़ा गया। रास्ता बनने के बाद बचाव दल अंदर पहुंच सका और एक एक करके फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान के बाद बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों समेत सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    मकान में रहने वाले चंदन सिंह ने बताया कि उनके अलावा लाल सिंह विक्रम सिंह और ईश्वर सिंह के परिवार भी इसी बाड़े में रहते हैं। मकान का अगला हिस्सा गिरने के बाद बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया था। अंदर मौजूद परिवारों में बुजुर्गों और बच्चों के होने के कारण चिंता और बढ़ गई थी। राहत दल की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।

    घटना की जानकारी मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त सौरभ सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात तक मकान का मलबा हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन की ओर से आसपास के हिस्से की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक तिलक वार्ड में बड़ी संख्या में पुराने और जर्जर मकान मौजूद हैं। इनमें कई मकान 70 से 100 साल पुराने बताए जाते हैं। बारिश के बाद ऐसे मकानों की स्थिति और कमजोर होने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जर्जर मकानों को लेकर पहले भी नगर निगम से शिकायतें की गई हैं।

    अपर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि नगर निगम अब अभियान चलाकर जर्जर मकानों को चिन्हित करेगा। जरूरत के अनुसार ऐसे मकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की आशंका को कम किया जा सके।