विस्थापितों को मुफ्त मालिकाना हक
सिंचाई और बुनियादी ढांचे को मजबूती
इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी।
योजनाओं का विस्तार 2026 से 2031 तक
प्रशासनिक सुधार और अन्य चर्चाएं

विस्थापितों को मुफ्त मालिकाना हक
योजनाओं का विस्तार 2026 से 2031 तक
प्रशासनिक सुधार और अन्य चर्चाएं

बैठक में सर्वश्री छोटे सिंहदिनेश जैनश्रीमती हर्षिका सिंहश्री अविप्रसाद और श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुलपुलिया और ब्रिज का शीघ्र सर्वेक्षण करने और सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दियाताकि जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।
मंत्री श्री पटेल ने यह भी कहा कि माँ नर्मदा के संरक्षण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ के विकासपर्यावरण संरक्षण और आश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण की गतिविधियों में स्थानीय जनता और समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया।
बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयनपर्यावरणीय संरक्षण और जल संरक्षण के उपायों पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।इस बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षणजल सुरक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से इसे समग्र और सतत बनाया जाएगा

इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं
इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है

धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके
इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

घटना शुक्रवार रात करीब एक बजकर पचास मिनट की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार जब घर में बच्चे की मौजूदगी नजर नहीं आई तो उसकी तलाश की गई। इसी दौरान वह घर की बालकनी में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उसके सिर से लगातार खून बह रहा था। घबराए परिजन बिना समय गंवाए उसे कमला नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में उसका इलाज शुरू किया लेकिन शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मृतक की पहचान इब्राहिम पिता रिजवान लाला के रूप में हुई है। इब्राहिम अपने परिवार के साथ जेपी नगर क्षेत्र में रहता था और पास के स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। उसके पिता बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करते हैं। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।
शनिवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। बालकनी और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि बच्चे के सिर में गोली लगी थी। हालांकि गोली किस दिशा से आई और किस हथियार से चलाई गई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
जांच के दौरान एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि बच्चे के घर में देर रात तक बाहरी युवकों का आना जाना होता था। स्थानीय लोगों और शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पिता के मेलजोल के चलते कुछ बाहरी युवक अक्सर घर आते थे। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए हर संभावित एंगल से जांच कर रही है।थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला किसी दुर्घटना से जुड़ा है लापरवाही का परिणाम है या किसी आपराधिक साजिश से संबंधित है। घर के सभी सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि घर में कोई हथियार मौजूद था या गोली बाहर से आई।
बच्चे की मौत के बाद पड़ोसियों और परिचितों में गहरा शोक है। लोगों का कहना है कि इब्राहिम शांत स्वभाव का बच्चा था और नियमित रूप से स्कूल जाता था। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी भी तरह की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रीवा को मिलेगी भैरव लोक की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में लगभग 1000 वर्ष पुरानी विश्वविख्यात भैरव प्रतिमा के परिसर में विकसित किए गए भैरव लोक काल भैरव लोक का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:50 बजे गुढ़ पहुँचकर भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं से भी जुड़ा है; वे श्यामशाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल पहुँचकर सुपर स्पेशलिटी भवन के विस्तार कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।
IFS सर्विस मीट 2026: खेल और संस्कृति का संगम
राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय IFS सर्विस मीट 2026′ का आज समापन होने जा रहा है। भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के इस समागम का दूसरा दिन खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम रहेगा। सुबह से ही मैनिट MANIT के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे मुकाबलों में अधिकारी अपना दमखम दिखा रहे हैं। वहीं, शाम को भारतीय वन प्रबंधन संस्थान IIFM के परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जहाँ अधिकारी और उनके परिजन कलात्मक प्रस्तुतियां देंगे। यह मीट वन संरक्षण के साथ-साथ अधिकारियों के बीच समन्वय और सौहार्द बढ़ाने का एक बड़ा मंच साबित हुई है।
PM आवास योजना: अब तीन किस्तों में मिलेगी राशि
ग्रामीण क्षेत्र के आवासहीनों के लिए एक बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब पक्के मकान के निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान तीन समान किस्तों में किया जाएगा। नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाभार्थियों को अब ₹1,20,000 की कुल राशि ₹40,000-₹40,000 की तीन किस्तों में दी जाएगी। यह व्यवस्था निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। पहली किस्त स्वीकृति के तुरंत बाद, दूसरी किस्त नींव प्लिंथ लेवल तैयार होने पर और तीसरी किस्त छत के स्तर लिंटल लेवल तक काम पहुँचने पर सीधे हितग्राही के खाते में भेजी जाएगी।

राज्यपाल ने महात्मा गांधी के चित्र पर फूल अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और अहिंसा के मार्ग का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का जीवन हमें सत्य, अहिंसा और सेवा की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
लोकभवन में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान शांति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके राष्ट्रहित में किए गए योगदान को याद किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा देशवासियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शन का काम करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखने से हम अपने देश के उन सभी वीरों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
लोकायुक्त जस्टिस सतेंद्र कुमार सिंह ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी उपस्थित कर्मचारियों के साथ मिलकर शहीदों और राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर राज्यपाल कार्यालय में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने न केवल पुष्पांजलि अर्पित की, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों पर चर्चा भी की और उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। राज्यपाल श्री पटेल ने अंत में कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमें हमारे इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इन आदर्शों से प्रेरित हों।

जानकारी के अनुसार, MP PSC कार्यालय के सामने 27 जनवरी तक धरना प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि लाउडस्पीकर का उपयोग केवल निर्धारित समय और तय डेसिबल सीमा के भीतर ही किया जाए। इसके बावजूद प्रदर्शन के दौरान बार-बार तेज आवाज में माइक और साउंड सिस्टम का उपयोग किए जाने की शिकायतें सामने आईं।
बताया जा रहा है कि धरना समाप्त होने के बाद जब प्रदर्शनकारियों द्वारा ज्ञापन सौंपा जा रहा था, उस समय भी लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके पर ध्वनि स्तर की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि माइक की आवाज तय डेसिबल सीमा से ज्यादा थी। इससे MP PSC कार्यालय के आसपास के इलाके में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बन गई और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल नियमों की अनदेखी का नहीं है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन करते समय लाउडस्पीकर की आवाज को नियंत्रित रखना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
इस मामले में पुलिस ने राधे जाट, रंजीत सहित कुल चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। वहीं, कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और ध्वनि मापन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संयोगितागंज थाना पुलिस का कहना है कि प्रशासन ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को नियमों के पालन की सख्त हिदायत दी थी, इसके बावजूद लाउडस्पीकर की तेज आवाज का उपयोग किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए तय नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।
इस कार्रवाई के बाद शहर में यह संदेश भी गया है कि प्रशासन ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी कार्यक्रम या प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन करें, ताकि दूसरों को असुविधा न हो। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले छात्र के साथ मारपीट की, इसके बाद जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर शहर के खजराना क्षेत्र में स्थित एक कमरे में ले गए। वहां उसे बंद कर दोबारा बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि इसी दौरान पीड़ित के कपड़े उतरवाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया गया। बाद में आरोपियों ने इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्र को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ स्कूल से जुड़ी आपसी रंजिश बताई जा रही है। बताया गया है कि मुख्य आरोपी करण की बहन और पीड़ित छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और पांच नाबालिगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की, तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि घटना के समय उसके पिता की तबीयत गंभीर रूप से खराब थी, जिसके कारण वह डर और मानसिक दबाव में रहा और तत्काल किसी को कुछ नहीं बता सका। इसी दौरान आरोपियों ने हद पार करते हुए वीडियो को पीड़ित के पिता के मोबाइल फोन पर भेज दिया। इसके बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई और वे सीधे थाने पहुंचे।
परिजनों की शिकायत पर जूनी इंदौर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहरण, मारपीट, ब्लैकमेलिंग, आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांचों आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी विधि-विवादित बालक नाबालिग हैं, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वीडियो कहां-कहां भेजा गया और कहीं उसे वायरल तो नहीं किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े इस संवेदनशील मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी प्रदेश की माटी के सच्चे सपूत थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी कलम को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया और जनमानस को जागृत करने का कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी युवाओं को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि अपने विचारों और लेखन से देश के करोड़ों लोगों के मन में स्वाधीनता की लौ जलाए रखी। उनकी कविताएं और लेख आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। उनके शब्दों में समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की शक्ति थी।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने पत्रकारिता को मिशन के रूप में अपनाया। उन्होंने सत्य, साहस और जनहित को पत्रकारिता की आधारशिला बनाया। उनके संपादन और लेखन ने पत्रकारिता को केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त औजार बनाया। उन्होंने जिस निर्भीकता के साथ अपने विचार रखे, वह आज के समय में भी पत्रकारों और लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां राष्ट्रसेवा, समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करती हैं। उनका साहित्य हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्रीय एकता व अखंडता को मजबूत करता है। ऐसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण करना और उनके विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र व समाज के हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी अपने प्रखर विचारों, ओजस्वी लेखनी और राष्ट्रभक्ति के कारण सदैव स्मरणीय रहेंगे।