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  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर BJP विधायक का विरोध, बोले- जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ूंगा

    उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर BJP विधायक का विरोध, बोले- जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ूंगा


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सड़क चौड़ीकरण को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ी करने के सरकारी फैसले का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि सड़क 24 मीटर से अधिक चौड़ी की गई तो वह खुद जन आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

    विधायक का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से कई परिवारों की रोजी रोटी प्रभावित होगी लेकिन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी है। अनिल जैन ने जनता से वादा किया कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह सड़क पर जनता के साथ खड़े रहेंगे। जानकारी के अनुसार भैरवगढ़ रोड के किनारे लगभग 410 घर हैं। इनमें से कई बच्चों के बोर्ड एग्जाम भी चल रहे हैं। नगर निगम ने 7 दिन में घर खाली करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस के मुताबिक कई घरों का हिस्सा 10 फीट से 20 फीट तक ही बचेगा जबकि बाकी को बुलडोजर से तोड़ने की तैयारी है।

    नोटिस मिलने के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने विधायक के कार्यालय का घेराव किया और सरकार व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक ने कहा कि यदि सड़क 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह खुद सड़क पर उतरकर जनता का समर्थन करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण 150 फीट की योजना से शुरू हुई थी जिसे बाद में घटाकर 100 फीट कर दिया गया। वहीं निवासी 80 फीट चौड़ी सड़क की मांग कर रहे हैं ताकि कई घरों के टूटने से बचा जा सके।

    अनिल जैन ने कहा कि जनता की भावना का सम्मान करना उनका फर्ज है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि प्रशासन और अधिकारी कभी कभी मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दे देते हैं जिससे जनता को परेशानी होती है। यह कोई पहली बार नहीं है जब विधायक सरकार के खिलाफ मुखर हुए हैं। पहले वे लैंड पूलिंग एक्ट के विरोध में भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी थी कि यदि एक्ट वापस नहीं लिया गया तो वे किसानों के विरोध में शामिल होंगे।

    विधायक ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान उन्होंने सरकार की लैंड पूलिंग स्कीम का समर्थन किया था। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि यह स्कीम अभी भी लागू है जिसके चलते उन्होंने किसानों के हित और सम्मान में विरोध जारी रखने का निर्णय लिया। स्थानीय प्रशासन जल्द ही साइट पर सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है जबकि विधायक और जनता की मांगों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

  • खाड़ी देशों में फंसे मप्र निवासियों के लिए सरकार अलर्ट, भोपाल और नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम शुरू

    खाड़ी देशों में फंसे मप्र निवासियों के लिए सरकार अलर्ट, भोपाल और नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम शुरू

    मध्यप्रदेश सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मध्य-पूर्व देशों में उत्पन्न हो रही अप्रत्याशित परिस्थितियों के मद्देनजर सरकार ने नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यापार या पर्यटन के लिए गए मध्यप्रदेश के नागरिकों को समय पर सहायता और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।

    प्रदेश सरकार का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए विदेशों में रह रहे नागरिकों को कभी भी आपात स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें त्वरित सहायता प्रदान करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा और वहां से नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

    खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के निवासी यदि किसी भी प्रकार की परेशानी में हों या उन्हें किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वे सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए दूरभाष नंबर 01126772005 जारी किया गया है। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 9818963273 पर भी संपर्क किया जा सकता है। नागरिक अपनी समस्या या जानकारी ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं जिसके लिए [email protected] ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है।

    कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त होने वाली जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश शासन संबंधित नागरिकों की सहायता के लिए भारत सरकार और अन्य आवश्यक एजेंसियों से समन्वय स्थापित करेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में रह रहे प्रदेश के लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी में अकेला महसूस न करना पड़े और उन्हें हर संभव सहायता मिल सके।

    इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय में भी एक अलग कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि प्रदेश के नागरिक या उनके परिवारजन यहां से भी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकें। भोपाल में स्थापित इस कंट्रोल रूम के जरिए भी जरूरतमंद लोगों को मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    भोपाल कंट्रोल रूम के लिए दूरभाष नंबर 07552708055 और 07552708059 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर +917648862100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। नागरिक अपनी समस्याएं या जानकारी [email protected] ईमेल आईडी पर भी भेज सकते हैं।

    मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिजन या परिचित खाड़ी देशों में रह रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वे तुरंत इन कंट्रोल रूम से संपर्क करें। नई दिल्ली और भोपाल दोनों स्थानों पर स्थापित ये कंट्रोल रूम नागरिकों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे और हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

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  • भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया जब People’s University को बम से उड़ाने की धमकी मिली। 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब यूनिवर्सिटी को निशाना बनाते हुए धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस निजी विश्वविद्यालय को ईमेल के जरिए धमकी दी गई। जैसे ही प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। एहतियातन बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे कैंपस की सघन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूनिवर्सिटी परिसर को खाली करा लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां हर कोने की बारीकी से जांच कर रही हैं। भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हॉस्टल क्षेत्रों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।

    इससे पहले 19 फरवरी को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था जिसमें कॉलेज भवन में सायनाइड जहर वाले बम रखने का दावा किया गया था और एक निश्चित समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। उस समय व्यापक जांच के बाद धमकी को अफवाह पाया गया था। हालांकि घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

    अब 15 दिन के भीतर दोबारा मिली धमकी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन भी छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

    लगातार मिल रही धमकियों से छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और पूरी जांच प्रक्रिया सावधानीपूर्वक जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह शरारती तत्वों की हरकत तो नहीं या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है।

    राजधानी में शैक्षणिक संस्थानों को मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें

    आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें


    ग्वालियरमध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात भीषण आग की घटना सामने आई। नाका चंद्रवदनी इलाके में स्थित एक टेंट गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जो दूर सड़क से साफ दिखाई दे रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के रहवासी इलाकों में हड़कंप मच गया।

    घटना हीरा भूमिया मंदिर के पास स्थित टेंट व्यवसायी अवधेश सिंह यादव के गोदाम की बताई जा रही है। अवधेश शादी समारोहों में टेंट और डेकोरेशन का काम करते हैं और उनका पूरा सामान इसी गोदाम में रखा था। बताया गया कि होलिका अष्टक के चलते विवाह समारोह फिलहाल बंद थे, इसलिए अलग-अलग स्थानों से लाया गया सारा टेंट और सजावटी सामान एक ही जगह स्टोर कर दिया गया था।

    रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी। जब तक लोगों को जानकारी मिली, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें गोदाम तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

    आग इतनी भीषण थी कि चारों ओर से पानी डालने के बावजूद काबू में नहीं आ रही थी। अंततः दमकल कर्मियों को गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक और डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली वायरिंग के कारण आग तेजी से फैलती रही। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग पर काबू पाया जा सका।

    घटना में गोदाम में रखा टेंट, सजावटी सामग्री, सीजन के लिए खरीदा गया नया सामान, एक लोडिंग वाहन और एक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गोदाम मालिक के अनुसार कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग रिहायशी इलाके तक नहीं फैली। यदि लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं

    पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं


    भोपाल से आज की एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा क्षेत्र में गणेश चौक स्थित एक स्नूकर क्लब में 10वीं के एक छात्र पर मात्र 30 सेकेंड में 27 बार चाकू से हमला किया गया। घटना का CCTV फुटेज 22 फरवरी को सामने आया और देखते ही देखते सोशल मीडिया और पुलिस दोनों में सनसनी फैल गई।

    बताया जाता है कि इस हमले के पीछे पुराने विवाद था। हमलावर और पीड़ित एक ही कोचिंग में साथ पढ़ते थे और किसी पिछले झगड़े में थप्पड़ मारने का मामला भी शामिल था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए दो नाबालिग आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में क्लब में घुसकर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जैसे ही छात्र ने खुद को बचाने की कोशिश की, दोनों हमलावर 30 सेकेंड के भीतर लगातार 27 बार चाकू से वार कर फरार हो गए।

    हमले के कारण पीड़ित छात्र के हाथ में 10 से अधिक कट के निशान हैं। केवल इतना ही नहीं, छात्र की दो उंगलियां भी कट गई हैं और कंधे और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के तुरंत बाद घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव में लगी हुई है।

    पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों नाबालिग आरोपियों ने अपने आप को बिल्कुल फिल्मी हीरो की तरह प्रस्तुत किया और अचानक हमला किया। घटना ने आसपास के इलाके में लोगों को डर और आश्चर्य में डाल दिया है।टीला जमालपुरा थाना ने घटना के बाद तुरंत जांच शुरू की। साधारण धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराओं को बढ़ाया जाएगा। आरोपी नाबालिग होने के कारण फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के हमले बच्चों में बढ़ती हिंसा और तनाव का संकेत हैं। पुराने विवाद और आपसी झगड़ों का बदला लेने की मानसिकता नाबालिगों को गंभीर अपराध करने के लिए उकसाती है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि परिवार और शिक्षकों को बच्चों के बीच बढ़ते तनाव पर नजर रखनी कितनी जरूरी है।

    घटना के बाद टीला जमालपुरा इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के क्लबों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस लगातार गश्त बढ़ा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है।

    भोपाल की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चिंता का विषय बन गई है। शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन को अब मिलकर नाबालिगों के बीच हिंसा और विवादों को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाना होगा। पुलिस और परिवार दोनों ही पीड़ित छात्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।आज का यह मामला एक चेतावनी की तरह है कि नाबालिग अपराध और हिंसा रोकने के लिए समय रहते जागरूकता संवाद और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

  • भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार

    भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार


    भोपाल के अयोध्या नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को लेकर हुए विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चौहान तथा उसके ड्राइवर नफीस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तारी के बाद दोनों का कांता श्रवण कॉलोनी में जुलूस निकाला गया जहां स्थानीय लोगों ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया

    पिपलानी थाना पुलिस द्वारा आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए अशोक सिंह चौहान पहले बैतूल में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ रह चुका है करीब डेढ़ साल पहले एक प्रकरण में निलंबन के बाद उसने प्रशासनिक सेवा छोड़ दी थी बाद में उसने सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू किया लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं

    घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों को हटाने को लेकर विवाद चल रहा था इसी दौरान बहस बढ़ी और आरोपी ने तलवार निकालकर महिलाओं पर हमला कर दिया हमले में कुछ महिलाओं को चोटें आईं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके ड्राइवर को हिरासत में लिया पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है साथ ही पूर्व में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है

    कांता श्रवण कॉलोनी में निकाले गए जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे लोगों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी की और कड़ी सजा की मांग की पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से दबंगई दिखाता रहा है और रसूख के दम पर लोगों को धमकाता था इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है वहीं पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

    यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के आचरण पर भी सवाल खड़े करता है विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी की अपेक्षा अधिक होती है ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटना समाज के लिए चिंताजनक है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़ितों को न्याय मिले तथा क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे

  • धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई, अब 18 फरवरी को पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट

    धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई, अब 18 फरवरी को पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट


    इंदौर/धार। मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार भोजशाला मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। जिला अदालत में आज होने वाली बहुचर्चित सुनवाई को वकीलों की काम से विमुक्ति हड़ताल के चलते स्थगित कर दिया गया है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी में हुए एक वकील के हत्याकांड के विरोध में प्रदेश भर के वकील न्यायिक कार्यों से दूर हैं जिसका सीधा असर भोजशाला केस पर पड़ा है।

    सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन में आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI को अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट अदालत के पटल पर रखनी थी। इस रिपोर्ट में भोजशाला परिसर के भीतर किए गए वैज्ञानिक सर्वे खुदाई के दौरान मिले साक्ष्य डिजिटल फोटोग्राफी और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों को शामिल किया गया है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों को उम्मीद थी कि आज रिपोर्ट पेश होने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी लेकिन अब यह सस्पेंस 18 फरवरी तक बना रहेगा।

    मुस्लिम पक्ष के गंभीर आरोप और हिंदू पक्ष की मांग

    जैसे-जैसे सुनवाई की तारीखें बदल रही हैं दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। मुस्लिम पक्ष मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने एएसआई के सर्वे की निष्पक्षता पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि सर्वे के दौरान कुछ पत्थर की मूर्तियां पिछले रास्ते से गुपचुप तरीके से परिसर के अंदर लाकर रखी गईं और बाद में उन्हें सर्वे रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया गया। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश है।

    दूसरी ओर हिंदू पक्ष महाराजा भोज उत्सव समिति अपने दावों पर अडिग है। हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि भोजशाला वाग्देवी मां सरस्वती का मंदिर है इसलिए वहां हिंदुओं को 24 घंटे पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने परिसर में होने वाली नमाज को पूरी तरह से बंद करने की भी मांग की है। हिंदू पक्ष का तर्क है कि सर्वे में मिले अवशेषों से यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि यह एक प्राचीन मंदिर है।

    क्या है भोजशाला का महत्व?

    धार की भोजशाला सदियों से सांप्रदायिक सद्भाव और विवाद दोनों का केंद्र रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यहां मंगलवार को हिंदू पूजा करते हैं और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। एएसआई का वैज्ञानिक सर्वे इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए किया गया है कि क्या इस इमारत का मूल स्वरूप मंदिर था। अब सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं जब कोर्ट के रिकॉर्ड पर एएसआई के साक्ष्य आएंगे और इस ऐतिहासिक विवाद की दिशा तय होगी।

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा। रीवा जिले की दुर्गम और खतरनाक मानी जाने वाली बरदहा घाटी रोड अब जल्द ही सीधी और सुरक्षित बनने जा रही है। लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम इस जिग जैग मार्ग पर अब 10 से अधिक तीखे और जानलेवा मोड़ों की जगह केवल 3 मोड़ रह जाएंगे। 311.62 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 60 फीट यानी 18 मीटर होगी जिससे आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।

    बरदहा घाटी से गुजरने वाला यह मार्ग रीवा की सबसे दुर्गम सड़कों में गिना जाता है। वर्तमान में संकरी और अत्यधिक घुमावदार सड़क के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा माना जाता है। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और भारी वाहनों के लिए तो यह मार्ग और भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है। सड़क सुधार की मांग लंबे समय से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी जो अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

    हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद विधायक प्रशासनिक अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में परियोजना की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि डभौरा सिरमौर मार्ग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क परियोजना से 27 गांव प्रभावित होंगे जिनमें से 24 गांवों में भू अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी जबकि तीन गांव ऐसे हैं जहां भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। शासकीय भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

    सड़क के दोनों ओर मजबूत और चौड़ी नालियों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे। सांसद ने विशेष रूप से अतरैला और पटेहरा क्षेत्र में पर्याप्त चौड़ी नालियां बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिस्सों में सड़क की चौड़ाई 18 मीटर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसडीओ विजय गुप्ता ने बताया कि पटेहरा अतरैला लटियार और पनवार जैसे क्षेत्रों में सड़क किनारे बड़ी संख्या में घर और दुकानें स्थित हैं इसलिए निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी मापदंडों के साथ व्यावहारिक पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए निर्माण शीघ्र पूरा करने की योजना है।

    बरदहा घाटी में मौजूदा समय में 10 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं जिन्हें प्रस्तावित योजना के तहत सीधा किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 18 से 36 मीटर तक रखी जाएगी जिससे भारी वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।यह परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी बल्कि रीवा जिले के विकास को भी नई गति देगी। सुरक्षित और चौड़ी सड़क से क्षेत्रीय व्यापार पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद

    मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात बड़े पैमाने पर छापा मारकर कथित ईरानी डेरे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया और 8 महिलाओं समेत 39 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई शहर में चलाए जा रहे विशेष कॉम्बिंग अभियान का हिस्सा थी, जिसमें कुल 408 फरार आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई थी।

    आधि रात करीब दो बजे अमन कॉलोनी स्थित डेरे को 400 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान 644.56 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1 लाख 35 हजार रुपये नकद और करीब 1.7 किलो गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही 17 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए।

    पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोग चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और वाहन चोरी जैसे मामलों में वांछित थे। अभियान के दौरान 283 स्थायी वारंट और 125 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में बढ़ती संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और संगठित गिरोहों की गतिविधियों को तोड़ने के उद्देश्य से की गई।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और अन्य तीन राज्यों में भी यह सक्रिय था। गिरोह का कथित सरगना राजू ईरानी पहले गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में वारदात को अंजाम देकर भोपाल लौट आते थे, जहां से बरामद माल का नेटवर्क संचालित होता था।

    पिछले वर्ष 31 दिसंबर को भी पुलिस ने अमन कॉलोनी में छापा मारकर गिरोह के कई सदस्यों को पकड़ा था और अवैध हथियार समेत लूट का सामान बरामद किया था। ताजा कार्रवाई उसी कड़ी का विस्तार मानी जा रही है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और वाहनों के जरिए अन्य राज्यों में दर्ज मामलों से कनेक्शन खंगाल रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद सामग्री के स्रोत की जांच की जा रही है। पुलिस शहर में ऐसे अन्य ठिकानों की पहचान कर आगे भी कॉम्बिंग अभियान जारी रखने की तैयारी में है।इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस संगठित अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ी नजर रख रही है। बड़े पैमाने पर तस्करी, चोरी और नकबजनी के मामलों में सक्रिय गिरोहों को सख्ती से दबाने का प्रयास जारी रहेगा।