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  • प्याज गोदाम के पास नाले में मिला नवजात का शव राहगीरों ने दी सूचना पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

    प्याज गोदाम के पास नाले में मिला नवजात का शव राहगीरों ने दी सूचना पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब राई रोड स्थित प्याज गोदाम के पास एक नाले में नवजात का शव मिला। नाले के पास से गुजर रहे राहगीरों की नजर जब शव पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची और रात करीब 8 बजे नवजात के शव को नाले से बाहर निकलवाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नवजात की पहचान के साथ उसके जन्म से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार नवजात की नाभि पर डिलीवरी के दौरान लगाई जाने वाली स्ट्रिप मिली है। इसी वजह से जांच का एक अहम बिंदु यह है कि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ था या फिर घर पर डिलीवरी हुई थी। पुलिस आसपास के इलाकों में ऐसी महिलाओं और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है जिनके यहां हाल में बच्चे का जन्म हुआ हो। स्वास्थ्य विभाग से भी आवश्यक जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि नवजात की पहचान की जा सके।

    घटना के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नवजात को नाले में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। शुरुआती स्तर पर पुलिस इस संभावना को भी जांच में शामिल कर रही है कि किसी महिला ने सामाजिक दबाव या लोकलाज के चलते बच्चे को जन्म देने के बाद उसे वहां छोड़ दिया हो। हालांकि पुलिस के सामने फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जिससे इस संभावना की पुष्टि की जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

    नवजात के शव को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए जाने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्चे की मौत की वजह के साथ यह भी पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उसकी मौत जन्म के बाद हुई या वह पहले से मृत था। रिपोर्ट से पुलिस को घटना की परिस्थितियों को समझने में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात को नाले में कब छोड़ा गया। इसके लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और हाल की डिलीवरी से संबंधित जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना रही है। आसपास मौजूद लोगों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि उन्होंने किसी महिला या संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास देखा था या नहीं।

    नवजात की नाभि पर मिली डिलीवरी स्ट्रिप जांच में महत्वपूर्ण सुराग मानी जा रही है। इसके जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डिलीवरी किस स्थान पर हुई और क्या संबंधित महिला ने किसी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार या प्रसव कराया था। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।

    कोलारस पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नवजात की पहचान करना है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ जन्म और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान

    डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान


    शिवपुरी। शिवपुरी में डोल ग्यारस और आगामी गणेश विसर्जन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। सोमवार शाम पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने अलग अलग स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखा तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

    एसपी ने हॉस्पिटल चौराहा कोर्ट रोड सब्जी मंडी माधव चौक गुरुद्वारा चौराहा राजेश्वरी रोड और पोलो ग्राउंड क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में लोगों की आवाजाही और वाहनों की स्थिति का जायजा लिया। माधव चौक पर दुकानों के सामने बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को देखकर एसपी ने यातायात प्रभारी रणवीर यादव को पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित रखा जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

    पैदल भ्रमण के दौरान एसपी ने दुकानदारों और आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त करने के साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बाजारों और अन्य संवेदनशील तथा भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को भी कहा गया है। त्योहारों के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    शिवपुरी में गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े स्तर पर होता है। गणेश प्रतिमाओं और झांकियों के साथ डीजे और बैंड के जरिए जुलूस अलग अलग मार्गों से निकलते हैं। कस्टम गेट पर आयोजकों की ओर से बड़ा मंच भी लगाया जाता है जहां विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। कार्यक्रम देर रात तक चलने के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने डोल ग्यारस और गणेश विसर्जन के तय रूट तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त बल तैनात करने की तैयारी की है। पुलिस की ओर से जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की नजर रहेगी।

    एसपी ने लोगों से अपील की है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर ही करें। उन्होंने लोगों से विसर्जन के दौरान पानी में उतरने से बचने की अपील भी की है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील की है।

    इस दौरान सीएसपी सचिन कुमार धुर्वे यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक रणवीर यादव कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे रक्षित निरीक्षक गायत्री इटोरिया और सूबेदार प्रियंका घोष सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

  • जिस नक्शे पर निगम ने दी थी बिल्डिंग परमिशन उसी के खिलाफ अब कार्रवाई बावड़ियाकलां के 22 मकान अवैध घोषित

    जिस नक्शे पर निगम ने दी थी बिल्डिंग परमिशन उसी के खिलाफ अब कार्रवाई बावड़ियाकलां के 22 मकान अवैध घोषित


    भोपाल। भोपाल के बावड़ियाकलां स्थित शुभालय बिहार में 22 मकानों को लेकर नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित की जमीन पर टीएंडसीपी से स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाए गए इन निर्माणों को नगर निगम ने अवैध घोषित करते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं। निगम ने 17 मकान मालिकों को 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं जबकि पांच अधूरे मकानों का निर्माण तत्काल रोकने को कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद अब इन मकानों में रहने वाले और निर्माण करा रहे लोगों के सामने अपने निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

    इस मामले की खास बात यह है कि जिन मकानों को अब नगर निगम अवैध निर्माण बता रहा है उनमें से बिल्डिंग परमिशन पहले नगर निगम की ही बिल्डिंग परमिशन शाखा की ओर से जारी की गई थी। ऐसे में निगम की मौजूदा कार्रवाई और पहले जारी की गई अनुमतियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह पूरा मामला हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका के बाद आगे बढ़ा है। उपायुक्त सहकारिता ने 13 फरवरी 2026 को नगर निगम को पत्र भेजकर संबंधित निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था।

    इसके बाद नगर निगम ने पहले 17 मकानों को नोटिस जारी किए और अब बाकी पांच अधूरे मकानों को भी कार्रवाई के दायरे में ले लिया है। इस तरह शुभालय बिहार में कुल 22 निर्माणों को लेकर निगम ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। 17 मकानों के मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया है ताकि वे कथित अवैध हिस्से को स्वयं हटा सकें। वहीं जिन पांच मकानों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है वहां आगे किसी भी तरह का निर्माण करने पर रोक लगा दी गई है।

    मामले के याचिकाकर्ता विवेक दीक्षित के अनुसार यह विवाद केवल 22 मकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे जमीन और प्लॉट की बिक्री से जुड़ा बड़ा मामला है। उनका आरोप है कि संस्था के 44 संस्थापक सदस्यों की करीब पांच एकड़ जमीन पर भू माफिया ने 48 प्लॉट अवैध तरीके से बेच दिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक इन प्लॉटों को खरीदने वाले लोग संस्था के सदस्य नहीं थे और उन्होंने संस्था को राशि भी नहीं दी। दूसरी ओर संस्था के संस्थापक सदस्यों को उनकी जमीन का हिस्सा नहीं मिल पाया।

    मामले में सहकारिता विभाग की जांच भी हुई है। विभाग की फरवरी 2026 की जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम करीब 50 रजिस्ट्रियां की गईं। जांच में इनमें से 32 रजिस्ट्रियों को अवैध बताया गया। इसके अलावा 38 रजिस्ट्रियों से संबंधित करीब 18 करोड़ 74 लाख रुपए की राशि संस्था के खाते में जमा नहीं होने की बात भी सामने आई।

    ऑपरेटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेज और हैंडराइटिंग में हेरफेर के जरिए वास्तविक सदस्यों के अधिकार प्रभावित किए जाने का उल्लेख किया गया है। ये रजिस्ट्रियां तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल से जुड़ी बताई गई हैं। सहकारिता विभाग ने इन रजिस्ट्रियों को शून्य कराने के लिए सिविल कोर्ट में मामला भी दायर किया है। अब नगर निगम की ताजा कार्रवाई के बाद बावड़ियाकलां के इन 22 मकानों का मामला एक बार फिर चर्चा में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

  • आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस

    आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस


    भोपाल। भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस मामले में शहर के करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इससे पहले 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई कैंसिल हो गई थी। अब मंगलवार को दोपहर में होने वाली सुनवाई पर नगर निगम के साथ रहवासी और प्रभावित कारोबारी पक्षों की भी नजर है। मामले को लेकर नगर निगम और रहवासियों ने अपनी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    दरअसल 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने रहवासी इलाकों में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई शुरू की थी। निगम की सूची में करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं। इसके बाद करीब 15 दिनों तक संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की प्रक्रिया चली। इस दौरान 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद निगम ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए तीन दिनों में 190 प्रतिष्ठानों को बंद भी किया था।

    निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारी संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कारोबारियों ने नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 22 दिनों से इस मामले में सीलिंग या बंद करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि आगे नगर निगम को किस तरह की कार्रवाई करनी होगी और प्रभावित प्रतिष्ठानों को लेकर क्या व्यवस्था लागू होगी।

    मामले में रहवासियों की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि निगम की ओर से प्रस्तुत की गई कार्रवाई की जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। उनके मुताबिक कुछ ऐसे प्रतिष्ठान भी हैं जिन्हें सील किए जाने का दावा किया गया था लेकिन बाद में वे दोबारा खुल गए। रहवासी पक्ष ने इस संबंध में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की तैयारी की है।

    सोमवार को नगर निगम के अधिकारी दिनभर सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई और नोटिस से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित किया। दूसरी ओर रहवासी पक्ष भी अपने दस्तावेज तैयार करता रहा। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने से संबंधित फोटो और वीडियो भी अदालत के सामने रखे जा सकते हैं।

    इस पूरे मामले का असर भोपाल के हजारों कारोबारियों और रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि अदालत की सुनवाई के बाद कार्रवाई को लेकर क्या दिशा तय होती है जबकि रहवासी पक्ष यह चाहता है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संबंध में नियमों का पालन सुनिश्चित हो। अब मंगलवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के रुख से आगे की कार्रवाई की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।

  • भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

    भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था


    भोपाल। भोपाल में आज ढोल ग्यारस के अवसर पर आस्था और उत्साह का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। राजधानी में भोपाल के राजा और विभिन्न समाजों के दूल्हे राजा गणेशजी की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। दोपहर 1 बजे पीपल चौक स्थित पीपल जामा मस्जिद के पास से शुरू होने वाला यह चल समारोह पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए शाम करीब 7:30 बजे खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रहेगी जबकि उनके पीछे अलग अलग समाजों के ढोल और डोल शामिल होंगे। इससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा।

    जुलूस पीपल चौक से रवाना होकर सुभाष चौक लखेरापुरा सोमवारा और पिरगेट होते हुए जनकपुरी पहुंचेगा। इसके बाद लोहा बाजार अशोक चौक इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद कोतवाली रोड बुधवारा और काली मंदिर होते हुए चल समारोह खटलापुरा की ओर बढ़ेगा। आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। जुलूस जिस मार्ग से आगे बढ़ेगा उस हिस्से में जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।

    ढोल ग्यारस के जुलूस का असर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक अलग अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। खासतौर पर पीरगेट से बुधवारा और तलैया की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। जुलूस तलैया काली मंदिर पहुंचने के दौरान यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव किया जाएगा।

    पीरगेट पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ बीसीएलएल सिटी बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल टॉकीज से इमामबाड़ा की ओर भी मध्यम और भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। ऐसे वाहन रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपना सकेंगे। इमामबाड़ा चौकी पर नादरा बस स्टैंड से घोड़ा नक्कास की ओर सभी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा।

    जनकपुरी तिराहे पर आजाद मार्केट तिराहे से जुमेराती गेट तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। चौक बाजार से लोहा बाजार होते हुए जुमेराती गेट जाने वाला रास्ता भी प्रभावित रहेगा। वहीं सुल्तानिया रोड पर मोती मस्जिद से बुधवारा और बुधवारा से मोती मस्जिद की ओर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालक मोती मस्जिद से रेतघाट गिन्नौरी और बुधवारा से गिन्नौरी रेतघाट होकर आगे जा सकेंगे।

    खटलापुरा मंदिर के आसपास भी यातायात में बदलाव रहेगा। पुराने मछली घर तिराहे और पीएचक्यू तिराहे से खटलापुरा की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा। यहां से गुजरने वाले वाहन पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे से गांधी पार्क मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    तलैया काली मंदिर के पास दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भारत टॉकीज से लिली टॉकीज होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे तक मार्ग बंद रहेगा। न्यू मार्केट और एमपी नगर की ओर जाने वाले वाहन भारत टॉकीज से पुल बोगदा प्रभात चौराहा और सुभाष नगर आरओबी होकर जा सकेंगे। रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए पुलिस कंट्रोल रूम से जेल मुख्यालय कोर्ट चौराहा मैदा मिल और सुभाष नगर आरओबी का मार्ग निर्धारित किया गया है। ऐसे में आज पुराने शहर की ओर जाने वाले लोगों को जुलूस के समय से पहले अपना मार्ग तय कर लेना सुविधाजनक रहेगा।

  • भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त

    भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त


    भोपाल। भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। तड़के आबकारी विभाग की टीम भारी अमले के साथ गांव से दूर जंगल में पहुंची जहां अवैध रूप से हाथ भट्टी लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी समेत बड़ी संख्या में सामान और 30 से ज्यादा खाली तथा भरे हुए ड्रम जब्त किए। कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। सुबह के समय अचानक पहुंची आबकारी टीम को देखकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

    यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।

    कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।

    तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।

    बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

    तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।

  • बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप

    बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप


    उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से श्रद्धालु महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दिल्ली से आई महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मियों ने उनकी 13 साल की बेटी के सामने उनके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि विवाद के दौरान उनके बाल खींचे गए और मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करने पर फोन भी छीन लिया गया। महिला ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। मामले में पुलिस ने लिखित आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

    महिला के मुताबिक घटना 16 सितंबर की है। वह अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। यहां उन्होंने कमरे की उपलब्धता के बारे में कर्मचारियों से जानकारी मांगी। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने कमरा खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने यह जानना चाहा कि यदि कोई कमरा चेक आउट होने के बाद खाली होता है या बुकिंग रद्द होती है तो क्या उन्हें कमरा मिल सकता है। महिला के अनुसार उन्हें इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

    इसके बाद प्रेरणा धर्मशाला परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरे होटल की तलाश करने लगीं। उनका आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। जब उन्होंने वहां बैठने से रोकने की वजह पूछी तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला का कहना है कि उन्होंने घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करने की कोशिश की जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

    प्रेरणा के अनुसार इसी दौरान एक गार्ड ने उन्हें धक्का दिया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बाल खींचे गए और उनके साथ हाथापाई की गई। घटना उनकी बेटी के सामने हुई जिससे बच्ची भी घबरा गई। महिला ने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि उन्हें ट्रेन पकड़नी थी इसलिए वह मंदिर समिति के सामने तत्काल लिखित शिकायत नहीं कर सकीं। बाद में उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन देने की बात कही। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार महिला श्रद्धालु की ओर से आवेदन मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है लेकिन समिति को अभी तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

    महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का यह पहला मामला नहीं है। जून 2026 में गणेश मंडपम में लाइन से जुड़े विवाद के दौरान श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई हुई थी। अगस्त में महाकाल लोक में महिला श्रद्धालुओं और महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद भी सामने आया था। उस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी।

    लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी बड़ी चुनौती है। हाल ही में श्रावण और भादौ के 40 दिनों में महाकाल मंदिर में 1.88 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में दर्शन व्यवस्था के साथ सुरक्षा कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

    पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर इलाके में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला धार्मिक प्रतिमा से जुड़ा है। पिछोर क्षेत्र के फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात अज्ञात लोगों द्वारा राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार सुबह जैसे ही स्थानीय लोगों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो यह खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और प्रतिमा के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल दिखाई दिया है।

    बताया जा रहा है कि फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा रखी। रात में प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद सुबह जब लोगों ने इसे देखा तो आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा के सामने पूजा की और दर्शन किए। अचानक सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा नजर आने से यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह है कि प्रतिमा किसने स्थापित की है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रतिमा स्थापित करने से पहले संबंधित प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल इस संबंध में स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।

    पिछोर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों सहित अन्य लोगों की प्रतिमाएं लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं और कई जगह चक्काजाम जैसी स्थिति तक सामने आई है। पुलिस ने पूर्व के कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद इस तरह रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की घटनाएं पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं।

    फुटेरा में राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद फिलहाल स्थानीय लोगों में धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। राधा-कृष्ण की प्रतिमा सामने आने के बाद आसपास के लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर प्रतिमा की स्थापना से जुड़े तथ्य अभी स्पष्ट होना बाकी हैं।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रतिमा की स्थापना के बाद उसके आसपास धार्मिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जानना जरूरी होगा कि प्रतिमा कब किसने और किन परिस्थितियों में स्थापित की। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित स्थान पर प्रतिमा लगाने के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

    फुटेरा में सुबह अचानक राधा-कृष्ण की प्रतिमा मिलने से जहां श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया वहीं रातोंरात प्रतिमा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं। अब पूरे मामले की तस्वीर प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में सिंध नदी में डूबे 15 वर्षीय किशोर का शव करीब 24 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिया गया। रविवार दोपहर दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया दिनेश अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव की चपेट में आ गया था। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया। घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन रविवार को उसका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जिसके बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर किशोर का शव मिला।

    ग्राम डबिया निवासी दिनेश पुत्र स्वर्गीय प्रकाश आदिवासी रविवार दोपहर करीब एक बजे अपने दोस्तों के साथ सिंध नदी में नहाने गया था। उसके तीन साथी भी कुछ दूरी पर नदी में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। दिनेश तेज बहाव की चपेट में आ गया और संभल नहीं सका। साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन कुछ ही देर में वह पानी में दिखाई देना बंद हो गया।

    किशोर को डूबता देखकर एक ग्रामीण ने भी उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई लेकिन तेज बहाव के कारण वह दिनेश तक नहीं पहुंच सका। हादसे की सूचना रविवार शाम करीब 5:45 बजे सुरवाया थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और नदी के आसपास तलाश शुरू कराई गई। स्थानीय लोगों की मदद से भी किशोर को खोजने का प्रयास किया गया लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।

    बताया गया कि ऊपरी हिस्से में हुई बारिश के कारण सिंध नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा था। इसका असर मड़ीखेड़ा स्थित अटल सागर बांध पर भी पड़ा। पानी बढ़ने के बाद बांध के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके चलते सिंध नदी का बहाव और तेज हो गया। इसी बढ़े हुए जलस्तर के दौरान दिनेश नदी में नहा रहा था और तेज धारा में फंस गया।

    सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिर से तलाश अभियान शुरू किया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की। करीब 24 घंटे तक चले प्रयास के बाद घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर दिनेश का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस किशोर के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में परिजन नदी किनारे तलाश अभियान का इंतजार कर रहे थे वहां उसकी मौत की खबर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।

    रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ प्रभारी अफाक के साथ मुकेश युवंजय देवेंद्र रवि बिलवार भैय्या साहब और कप्तान सेन सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। टीम ने काफी देर तक नदी में तलाश जारी रखी और आखिरकार किशोर का शव बरामद करने में सफलता मिली।

    घटना के बाद पुलिस ने शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। सिंध नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच हुआ यह हादसा परिवार के लिए बेहद दुखद है। इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक

    शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के खनियाधाना में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। पनिहारा तिराहा पर ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतार रहे 26 वर्षीय मजदूर की 11 KV बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि युवक ट्रक के ऊपर चढ़कर सीमेंट उतार रहा था तभी ट्रक के थोड़ा आगे बढ़ने के दौरान उसका हाथ ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही युवक ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    मृतक की पहचान वार्ड नंबर 6 राजबाड़ा मोहल्ला निवासी हेमंत रजक के रूप में हुई है। हेमंत पुत्र गोपाल रजक मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सोमवार को वह पनिहारा तिराहा पर कम्मा साहू के यहां खड़े ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतारने के काम में लगा था। ट्रक का नंबर RJ09GD8725 बताया गया है। इसी दौरान ट्रक को कुछ आगे बढ़ाया गया और ऊपर मौजूद हेमंत 11 KV की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।

    करंट की चपेट में आते ही हेमंत बुरी तरह झुलस गया और संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय उसके साथ कमल रजक फूल सिंह रजक और अवधेश रजक भी काम कर रहे थे। उन्होंने घटना को देखते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही हेमंत के बड़े भाई नीरज रजक और पिता गोपाल रजक मौके पर पहुंचे। परिवार के लोग बिना देर किए उसे सरकारी अस्पताल खनियाधाना लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद हेमंत को मृत घोषित कर दिया।

    युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस समय हेमंत रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकला था उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद परिवार को उसकी मौत की खबर मिलेगी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी शोक का माहौल बन गया। घटना ने एक बार फिर काम के दौरान बिजली लाइनों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर जहां ऊंचे वाहनों पर चढ़कर सामान उतारा या लादा जाता है वहां ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

    हादसे के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए खनियाधाना के पीएम हाउस में रखवाया गया। मृतक के भाई नीरज रजक की मौखिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बिजली लाइन और ट्रक की स्थिति समेत हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

    इस हादसे ने परिवार के सामने बड़ा दुख खड़ा कर दिया है। हेमंत की मौत से उसके परिजनों का सहारा छिन गया। वहीं घटना के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि ऐसे स्थानों पर जहां ट्रक और दूसरे ऊंचे वाहन खड़े होते हैं वहां बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।