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  • जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम

    जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम


    सीहोर । सीहोर जिले में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जमोनिया रोड स्थित ऋषभ वाटिका के सामने दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों सवारों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शेरपुर निवासी 30 वर्षीय अकबर खान पुत्र बसारत खान और जमोनिया निवासी 20 वर्षीय रितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण भिलाला के रूप में हुई है। दोनों युवक अपनी अपनी मोटरसाइकिल से विपरीत दिशा से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज गति में थे। अचानक आमने सामने आने के बाद दोनों चालक बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके और भीषण टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मंडी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी या फिर किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो युवाओं की जिंदगी खत्म कर दी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह देते हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

  • महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

    महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर


    देवास । महाकाल की नगरी उज्जैन से दर्शन कर लौट रही एक श्रद्धालु की यात्रा देवास में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। रविवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से महिला के परिवार और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।

    मृतका की पहचान खरगोन जिले के बहगांव पुनर्वास गांव निवासी गहना केवट के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गहना केवट अपनी कुछ महिला साथियों के साथ कार से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने गई थीं। बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा अर्चना के बाद सभी श्रद्धालु वापस अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में देवास के सिंगावदा क्षेत्र के पास स्थित एक रेस्टोरेंट पर भोजन करने के लिए वाहन रोका गया था।

    बताया गया कि भोजन के दौरान गहना केवट सड़क पार कर रही थीं। इसी बीच तेज गति से आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों और उनके साथियों ने बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि घटनास्थल से कार की नंबर प्लेट बरामद हुई है जिससे वाहन के इंदौर जिले में पंजीकृत होने की जानकारी मिली है।

    मृतका के परिजन रविंद्र ने बताया कि गहना केवट धार्मिक यात्रा पर गई थीं और परिवार को उनकी सकुशल वापसी का इंतजार था लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उन्होंने दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • मेरी पत्नी को बुलाओ कहकर पानी की टंकी पर चढ़ा युवक पुलिस और प्रशासन की समझाइश से बची बड़ी अनहोनी

    मेरी पत्नी को बुलाओ कहकर पानी की टंकी पर चढ़ा युवक पुलिस और प्रशासन की समझाइश से बची बड़ी अनहोनी


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के विजयपुर में शनिवार को एक पारिवारिक विवाद उस समय सार्वजनिक तमाशे में बदल गया जब एक युवक अपनी पत्नी के मायके चले जाने से नाराज होकर करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए।

    घटना विजयपुर नगर के बस स्टैंड क्षेत्र की बताई जा रही है। टंकी पर चढ़े युवक की पहचान धीरज खटीक के रूप में हुई है। ऊंचाई पर बैठे युवक को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और लगातार युवक से बातचीत कर उसे शांत करने की कोशिश करती रही।

    करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान युवक बार बार अपनी पत्नी को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा। वह मीडिया से बात कराने की भी जिद करता रहा ताकि अपनी बात सार्वजनिक रूप से रख सके। पुलिस अधिकारियों प्रशासनिक अमले और स्थानीय लोगों ने धैर्य के साथ उससे बातचीत जारी रखी। काफी समझाइश और भरोसा दिलाने के बाद आखिरकार युवक सुरक्षित नीचे उतर आया जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

    नीचे आने के बाद युवक ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी लगभग पंद्रह दिन पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी। उसका कहना था कि उसने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और मानसिक तनाव के चलते उसने विरोध दर्ज कराने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने जैसा कदम उठाया। युवक का कहना था कि वह चाहता था उसकी बात सुनी जाए और उसकी पत्नी को वापस बुलाया जाए।

    हालांकि पुलिस का पक्ष इससे अलग है। विजयपुर थाना प्रभारी के अनुसार युवक की पत्नी पहले ही उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी थी। पुलिस ने बताया कि पत्नी की शिकायत के आधार पर पहले शांति भंग की कार्रवाई भी की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवक ने पत्नी पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने संयम और सतर्कता के साथ स्थिति को संभाला जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। अधिकारियों ने युवक को उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। फिलहाल पुलिस पति पत्नी के बीच विवाद की वास्तविक वजह जानने में जुटी है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि पारिवारिक विवाद यदि समय रहते बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से नहीं सुलझाए जाएं तो वे सार्वजनिक घटनाओं का रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक आवेश में खतरनाक कदम उठाने के बजाय संवाद और कानून का सहारा लेना ही सबसे सुरक्षित और उचित रास्ता है।

  • देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें

    देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें


    देवास । देवास जिले के हाटपिपल्या में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने तहसील कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया।

    एनएसयूआई के अध्यक्ष अरुण माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे। संगठन का कहना है कि पिछले चार वर्षों से विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इसी कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा शासकीय बालक विद्यालय के जर्जर भवन का रहा। एनएसयूआई ने बताया कि स्कूल भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है और वहां पढ़ने वाले छात्र लगातार खतरे के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संगठन ने याद दिलाया कि करीब दो वर्ष पहले भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने नया भवन बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों ने मांग की कि पुराने और जर्जर भवन को हटाकर वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाए तथा सीएम राइज स्कूल की स्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

    एनएसयूआई ने शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलेगी।

    ज्ञापन में महाविद्यालय के एक छात्र के साथ हुई कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

    प्रदर्शन के अंत में एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन छात्रों ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

  • एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में

    एमपी की राजनीति और नौकरशाही में हलचल: सिंधिया के भाषण पर सीएम का ‘मक्खन’ वाला तंज, एसीएस की नाराजगी और विजय शाह के बयान चर्चा में


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में इन दिनों कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक ओर कैबिनेट मंत्री विजय शाह अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में हैं तो दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबोधन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसी बीच रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल और भोपाल के एक होटल से जुड़ा एक चर्चित प्रशासनिक किस्सा भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

    वीबीजी राम जी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता मिली है तथा बेटी बचाओ जैसे अभियानों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बचपन का एक प्रसंग भी सुनाया जिसमें उनकी मां खुले में शौच के लिए जाते समय सावधानी बरतने की सीख देती थीं। उनके इस भाषण की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग अलग तरह से चर्चा हो रही है।

    उधर रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गांव तक सड़क नहीं होने और बारिश से रास्ता खराब होने के कारण एक बीमार महिला को परिजन खाट पर उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हुए। समय पर इलाज नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश में एयर एंबुलेंस जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सड़क और एंबुलेंस सुविधा की कमी को लेकर विपक्ष और स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।

    इधर शिवपुरी में हथियार निर्माण फैक्ट्री के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव और निवेश परियोजना की सराहना की। भाषण के दौरान उनका उत्साह देखकर मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज महाराज की आवाज में वैसा आनंद आया जैसा मां रोटी पर थोड़ा ज्यादा मक्खन लगा दे। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद नेताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल लोग भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

    इसी बीच भोपाल में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा एक चर्चित किस्सा भी सामने आया है। चर्चा है कि एक होटल में सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार किए जाने के कुछ समय बाद संबंधित विभाग की जांच टीम वहां पहुंच गई। हालांकि इस मामले को लेकर किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए इस घटना को केवल चर्चाओं और अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति प्रशासनिक कार्यशैली और जनसुविधाओं को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां नेताओं के बयान और मंचीय संवाद सुर्खियां बटोर रहे हैं वहीं स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आम लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं।

  • नैनीताल घूमने गया था परिवार, तीसरी मंजिल से गिरने से 3 साल के मासूम की मौत, झाबुआ में पसरा मातम

    नैनीताल घूमने गया था परिवार, तीसरी मंजिल से गिरने से 3 साल के मासूम की मौत, झाबुआ में पसरा मातम


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर निवासी सराफा कारोबारी विशाल सोनी के तीन वर्षीय बेटे गौरांश सोनी की नैनीताल में हुए एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गया मासूम होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को पहले नैनीताल और फिर हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार के साथ पूरे राणापुर में शोक की लहर दौड़ गई है।

    परिजनों के अनुसार परिवार एक जुलाई को इंदौर से 22 सदस्यों के साथ नैनीताल घूमने गया था। सभी लोग मल्लीताल क्षेत्र के एक होटल में ठहरे हुए थे। रविवार सुबह गौरांश कमरे में खेल रहा था। इसी दौरान कुछ क्षण के लिए परिजनों का ध्यान उससे हट गया और वह होटल की तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर पड़ा। करीब 20 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उसके सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं।

    हादसे के तुरंत बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और होटल कर्मचारियों ने बिना देर किए बच्चे को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि उसके सिर की हड्डियां टूट गई थीं और गर्दन में भी गंभीर चोट लगी थी।

    बच्चे की हालत लगातार नाजुक बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली भेजने का निर्णय लिया। परिजनों ने बताया कि दिल्ली ले जाते समय रास्ते में गौरांश की धड़कन भी बंद हो गई थी। चिकित्सकों ने उसे दोबारा जीवित करने का प्रयास किया और फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर सिर की चोटों के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

    गौरांश परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर सामने आते ही झाबुआ जिले के राणापुर कस्बे में शोक की लहर फैल गई। रिश्तेदारों और परिचितों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दिल्ली में आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजन रविवार शाम एंबुलेंस से गौरांश के पार्थिव शरीर को लेकर राणापुर के लिए रवाना हो गए।

  • बोरवेल चलाते समय किसान की करंट लगने से मौत, सिंचाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

    बोरवेल चलाते समय किसान की करंट लगने से मौत, सिंचाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के मणिखेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत में सिंचाई करने पहुंचे एक किसान की बोरवेल की विद्युत व्यवस्था में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। रोज की तरह खेती का काम करने निकले किसान को यह अंदाजा भी नहीं था कि खेत में लगाया गया बोरवेल उसकी जिंदगी की आखिरी मंजिल बन जाएगा। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया जबकि गांव में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मणिखेड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय माथुर जाटव पुत्र भरोसा जाटव शुक्रवार सुबह अपने खेत में सिंचाई करने के लिए पहुंचे थे। खेत में लगी बोरवेल से पानी निकालकर फसल की सिंचाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक बोरवेल की विद्युत व्यवस्था में करंट दौड़ गया और माथुर जाटव उसकी चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। खेत में मौजूद लोगों को जब घटना का पता चला तो तुरंत परिजनों और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी गई।

    घटना की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर किसान को तत्काल शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। किसान की असमय मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

    माथुर जाटव खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और सरल स्वभाव के किसान थे तथा रोज की तरह खेत में सिंचाई करने गए थे लेकिन विद्युत करंट ने उनकी जान ले ली। गांव के लोगों का कहना है कि खेतों में लगे बोरवेल और बिजली कनेक्शनों की नियमित जांच नहीं होने से इस तरह के हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। उनका कहना है कि समय रहते विद्युत उपकरणों की जांच और रखरखाव किया जाए तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में किसान की मौत का कारण करंट लगना माना गया है लेकिन पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विद्युत व्यवस्था में करंट किस वजह से आया और कहीं किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही तो इस हादसे का कारण नहीं बनी।

    इस हादसे ने एक बार फिर खेतों में उपयोग होने वाली विद्युत व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को सिंचाई के दौरान बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए और समय समय पर वायरिंग मोटर तथा बोरवेल कनेक्शन की जांच करानी चाहिए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

  • रंजिश बनी हत्या की वजह, रेहटी पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

    रंजिश बनी हत्या की वजह, रेहटी पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार


    सीहोर। जिले के रेहटी थाना पुलिस ने युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपियों को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

    पुलिस के अनुसार 2 जुलाई को महागांवजदीद निवासी रमाबाई ने रेहटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि संदीप, विनीत और उनके दो साथियों ने उनके भाई सुनील यदुवंशी के साथ डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप यदुवंशी और विनीत यदुवंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका सुनील यदुवंशी से लंबे समय से विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी।

    आरोपियों के अनुसार 1 जुलाई की रात संदीप अपने चचेरे भाई विनीत यदुवंशी तथा दोस्तों मोहित धनवारे और प्रदीप यदुवंशी के साथ कार से महागांवजदीद जा रहा था। विनीत को उसके घर छोड़ने के दौरान संदीप के घर के सामने सड़क पर एक स्कूटी खड़ी थी। रास्ता साफ कराने के लिए विनीत ने कार का हॉर्न बजाया।

    हॉर्न की आवाज सुनकर सुनील यदुवंशी घर से बाहर आया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर संदीप, विनीत, मोहित धनवारे और प्रदीप कार से उतर गए और अपने पास मौजूद डंडों से सुनील पर हमला कर दिया। हमले में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया।

    सुनील को बचाने के लिए उसकी बहन रमाबाई और जीजा सबर सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि संदीप ने डंडे से सबर सिंह के सिर पर वार किया। गांव के पूनम यदुवंशी ने भी बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट कर उसे वहां से भगा दिया।

    वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी नीले रंग की कार से मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत

    एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत


    देवास । देवास जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक्स रे विभाग में अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। इसी दौरान एक्स रे विभाग के फर्श पर एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से वहां मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। कुछ ही देर में सांप पास रखी एक अलमारी के भीतर घुस गया जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों को दी गई। गार्ड मौके पर पहुंचे और सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर एक्स रे विभाग में मरीजों और अन्य लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

    इसके बाद गार्डों ने अलमारी में छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया और उसे एक थैले में रखकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया गया। बाद में उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    समय रहते सांप को पकड़ लिए जाने से किसी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अस्पताल की सेवाएं जल्द ही सामान्य रूप से शुरू कर दी गईं। घटना के बाद कुछ समय तक मरीजों में डर का माहौल जरूर रहा लेकिन रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।