Tag: Madhya Pradesh

  • मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

    मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी


    भोपाल।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

    आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं।

    कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

    बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया।

    गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी।


    घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं।

    अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी।

    एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।

    ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें।

    प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है
    – भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)
    – इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
    – एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट बना हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। लगातार 12 दिन से होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है।

    इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। मुख्य सचिव शमी ने छुट्टी के दिन होटल संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की।

    दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति बाधित हुई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत में आपूर्ति बंद करने के बाद इसे 20 प्रतिशत तक बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर यह राहत अब तक व्यवसायियों तक नहीं पहुंच सकी है। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने खाद्य आपूर्ति सचिव रश्मि अरुण शमी से बातचीत की। प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के 20 प्रतिशत आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है।

    सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुमित सूरी के अनुसार संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है।

    इधर, भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है, जिसके समाधान को लेकर अपर मुख्य सचिव से चर्चा कर गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है।

    पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है।

  • मप्र के उज्जैन में सिंहस्थ से पहले दो धड़ों में बंटे अखाड़े, अध्यक्ष पद को लेकर विवाद

    मप्र के उज्जैन में सिंहस्थ से पहले दो धड़ों में बंटे अखाड़े, अध्यक्ष पद को लेकर विवाद


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 (महाकुंभ) से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद सामने आया है। इस पद पर दो दावे किए जा रहे हैं। 13 अखाड़े दो गुट में बंटे नजर आ रहे हैं। एक धड़ा निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है, जबकि दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है। एक जैसा नाम होने से असमंसज की स्थिति बनी है।

    दरअसल, उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर जहां एक और सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी पिछले छह महीनों से अध्यक्ष के रूप में उज्जैन आते-जाते रहे हैं। इस दौरान प्रशासन ने उन्हें शिप्रा नदी प्रोजेक्ट सहित मेले की तैयारियों की जानकारी भी दी, लेकिन अब साधु संतों में दो फाड़ दिखाई दे रही है। देश के 13 अखाड़े में से आठ अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है।

    रविवार को उज्जैन में मंगलनाथ मार्ग स्थित निर्वाणी अणि अखाड़ा में संतों का समागम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे। संतों के इस समागम में 13 में से आठ अखाड़ों के साधु संत शामिल हुए। खास बात यह रही कि यहां हरिद्वार से पहली बार आए महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव संत रविंद्र पुरी महाराज स्वागत सम्मान हुआ। ढोल-नगाड़ों के बीच संतों में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में महंत सत्यानंद महाराज (बड़ा उदासीन), महंत मंगलदास जी (नया अखाड़ा), महंत विनीत गिरी (महानिर्वाणी), महंत रामेश्वर दास, भगवान दास और दिग्विजय दास सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत शामिल हुए।

    कार्यक्रम के बाद रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से कहा कि वे खुद वर्तमान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष हैं। उनके साथ में निर्मोही अणि अखाड़े के राजेंद्र दास सचिव हैं। उन्हें लिखित और चयनित दोनों रूपों में 13 में से आठ अखाड़े का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद चार संप्रदाय से मिलकर बनी है। इसमें संन्यासी, उदासीन, वैष्णव और निर्मल शामिल है। इन चारों संप्रदाय के अखाड़े उनके नेतृत्व वाली अखाड़ा परिषद में शामिल हैं। इसीलिए वे खुद अखाड़ा परिषद के चुने गए अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 मे सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को लेकर हमारी समय समय पर अधिकारियों से सूक्ष्म चर्चा होती रहती है। हम लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।


    इन अखाड़ों का समर्थन बताया

    देश के 13 अखाड़े में से 8 अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है। इन अखाड़ों में 1- महानिर्वाणी अखाड़ा, 2- अटल अखाड़ा, 3-निर्मल अखाड़ा, 4- नया उदासी अखाड़ा, 5- बड़ा उदासीन अखाड़ा, 6-निर्वाणी अणि अखाड़ा, 7- दिगंबर अणि अखाड़ा और 8-निर्मोही अणि अखाड़ा शामिल है। इस प्रकार बहुमत के आधार पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ही होंगे।

    इधर निरंजनी अखाड़े से जुड़े रविंद्र पूरी महाराज ने कहा कि कुम्भ आ रहा है, ऐसे कई संत अपने आप को अध्यक्ष बताएंगे। सर्वसम्मति से मुझे अध्यक्ष बनाया गया था। जब मैंने इस्तीफा दिया नहीं तो महानिर्वाणी वाले रविंद्र पूरी कैसे अध्यक्ष बन सकते है।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे यहां परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में अस्प प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे और यहां से हेलीकाप्टर द्वारा अपरान्ह 1.40 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जिले के परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के लिए रवाना होंगे।

    मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे शक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे शक्तेशगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और 5:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से विमान द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

  • आसमान से आफत मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि से खेत तबाह किसान मुआवजे की राह तकते

    आसमान से आफत मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि से खेत तबाह किसान मुआवजे की राह तकते

    मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदलते हुए किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है बीती रात कई जिलों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है खासतौर पर डबरा और रायसेन जिलों में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है जहां किसानों को अपनी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है

    डबरा और भितरवार अंचल में अचानक तेज हवा गरज और बेर के आकार के ओलों के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं सहित रबी सीजन की फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है किसानों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत तक फसलें बर्बाद हो चुकी हैं तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण फसलें जमीन पर गिर गई हैं जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा

    गांवों में किसानों की चिंता साफ तौर पर देखी जा सकती है सेकरा जागीर सहित कई क्षेत्रों के किसान अपनी फसलों का नुकसान देख मायूस हैं किसान दीपक आकाश अमर सिंह बृजमोहन सुघर सिंह और लक्ष्मण सिंह जैसे कई कृषक बताते हैं कि अब तक कोई सरकारी अमला सर्वे के लिए नहीं पहुंचा है ऐसे में वे सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं यह प्राकृतिक आपदा उनके लिए आर्थिक संकट का कारण बनती जा रही है

    इधर रायसेन जिले के सुल्तानगंज तहसील क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया नई गढ़िया गोपई उमरहारी और गुलवाड़ा जैसे गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है यहां चने और बेर के आकार के ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं और चना फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है

    जिस समय किसान फसल की कटाई की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान मौसम के इस बदलाव ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया तेज ठंडी हवाएं और काले बादलों ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया और खेतों में खड़ी तैयार फसलें अब बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं

    बारिश का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा बल्कि स्थानीय बाजारों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला सुल्तानगंज और बेगमगंज क्षेत्रों में चांद रात को लेकर सजी दुकानों पर भी बारिश ने खलल डाल दिया जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा

    बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों और व्यापारियों दोनों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे इस संकट से उबर सकें

  • उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान

    उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान


    उज्जैन । मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेट्रीचंड का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर टॉवर चौक पर भव्य आयोजन किया गया जहां से आकर्षक चल समारोह निकाला गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर समारोह को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया और समाजजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान झूलेलाल जैसे महान संत और गुरुजन सदैव समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उनका आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख समृद्धि और शांति बनाए रखता है। उन्होंने प्रार्थना की कि किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए और यह नववर्ष सभी के लिए नई ऊर्जा आशा और खुशियां लेकर आए।

    उन्होंने समाज में आपसी प्रेम भाईचारे और एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि सुख दुख में एक दूसरे का साथ देना ही समाज को मजबूत बनाता है। विकास के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शहर प्रदेश और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।

    इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड और टीवी जगत की कई जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी। प्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा अभिनेता आफताब शिवदासानी और लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘गोली’ का किरदार निभाने वाले कुश शाह भी विशेष रूप से शामिल हुए।

    इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया विधायक सतीश मालवीय भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।चेट्रीचंड का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि समाज में एकता प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी देता नजर आया। रंग बिरंगे झांकियों भजन कीर्तन और उत्साह से भरे इस चल समारोह ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

  • बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप

    बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार दोपहर एक खौफनाक हादसा सामने आया जब एक बाइक अचानक आग का गोला बन गई। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बाइक जलकर राख हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।

    जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

    गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी

    बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी


    बड़वानी । मध्य प्रदेश के बड़वानी में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। एक अज्ञात ईमेल के जरिए मिली इस धमकी ने पुलिस और प्रशासन को तुरंत अलर्ट कर दिया। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

    धमकी की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना देर किए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया और वकीलों के चैंबर के साथ साथ आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। गौरतलब है कि यह कोर्ट परिसर स्थानीय थाने से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरगोन से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक, एडीएम और एडिशनल एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है।

    बम स्क्वॉड और स्वाट टीमों द्वारा कोर्ट परिसर के अंदर चप्पे चप्पे की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरी सावधानी के साथ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

    गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी अदालतों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सतना और मैहर में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या फिर यह महज किसी शरारती तत्व की हरकत है।

    फिलहाल पुलिस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। तब तक पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • मध्यप्रदेश के अरबों के महाडिफॉल्टर: टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर लिस्ट में इंदौर, खरगोन, धार की कंपनियां शामिल

    मध्यप्रदेश के अरबों के महाडिफॉल्टर: टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर लिस्ट में इंदौर, खरगोन, धार की कंपनियां शामिल


    मध्यप्रदेश । देशभर में इरादतन ऋण न चुकाने वाले की टॉप 10 लिस्ट में मध्य प्रदेश की कई कंपनियों का नाम शामिल है जिन पर अरबों रुपए का बकाया दबा है। संसद में 2014 से 2025 तक के डिफॉल्टर्स की जानकारी दी गई जिसमें एमपी की टॉप 2 कंपनियों पर ही करीब ₹8 349 करोड़ ₹8 34 919 लाख का कर्ज बकाया है।

    इस सूची में शामिल प्रमुख कंपनियों में बीटा नेफ्थोल गिल्ट पैक लिमिटेड एस कुमार्स नेशनवाइड और रूची सोया इंडस्ट्रीज हैं। बीटा नेफ्थोल का रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर में है जबकि मुख्य फैक्ट्री खरगोन जिले के बड़वाह में थी। कंपनी ने बैंक लोन लेकर व्यवसाय में निवेश करने की बजाय फंड डाइवर्ट करने के आरोपों का सामना किया और इसे 2014 से विलफुल डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया। वर्तमान में कंपनी परिसमापन (Liquidation) प्रक्रिया में है और प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    गिल्ट पैक लिमिटेड धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। कंपनी पर जानबूझकर लोन न चुकाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। सेबी ने इसके निदेशकों को पूंजी बाजार में प्रतिबंधित किया और बैंकों ने क्रेडिट सुविधा रोक दी।

    एस कुमार्स नेशनवाइड का मुख्यालय मुंबई में था लेकिन उत्पादन इकाइयां देवास और खंडवा में थीं। भारी कर्ज न चुकाने और फंड हेराफेरी के कारण 2015 में यह टॉप 10 लिस्ट में पांचवें स्थान पर थी। SFIO ने इसके खिलाफ जांच की और बैंकों ने मिलों को कुर्क कर नीलामी की।

    रूची सोया इंडस्ट्रीज का जन्म और मुख्यालय इंदौर में था। 2019 की रिपोर्ट में कंपनी ₹1 62 398 लाख के बकाया के साथ टॉप 10 में थी। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद यह IBC दिवाला संहिता के तहत गई और बैंकों का बकाया पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अधिग्रहित किया गया।

    सबसे बड़ा मामला है जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का जिसे एमपी का सबसे पुराना और बड़ा महाडिफॉल्टर माना जाता है। इसका पंजीकृत कार्यालय इंदौर में है और प्रमोटर विजय चौधरी का मुख्य कार्यक्षेत्र भी इंदौर रहा। यह कंपनी 2014 2015 और 2016 में टॉप 10 विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची में पहले स्थान पर रही। बकाया राशि 2014 में ₹1 89 030 लाख 2018 में ₹1 65 657 लाख और 2022 में ₹2 16 617 लाख थी।

    जूम डेवलपर्स के खिलाफ भारत की प्रमुख जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और विदेशों में फर्जी कंपनियों के जरिए फंड डाइवर्ट करने के आरोप लगाए। सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी में FIR दर्ज की। इंटरपोल ने प्रमोटर विजय चौधरी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। बैंकों ने कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर परिसमापन प्रक्रिया शुरू की है। मध्य प्रदेश की ये कंपनियां न केवल टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं बल्कि अरबों रुपए का बकाया दबाकर देश में वित्तीय सुशासन पर सवाल खड़े कर रही हैं।

  • मध्यप्रदेश में नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित, प्रदेश की खुशहाली की कामना

    मध्यप्रदेश में नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित, प्रदेश की खुशहाली की कामना


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सुबह सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा की बधाई दी तथा प्रदेशवासियों के संकल्पों की सिद्धि हर आंगन में खुशहाली और प्रदेश की उन्नति की कामना की।

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज हिंदू नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 एवं गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर नमन किया और दिनचर्या की शुरुआत की। इस नए वर्ष में हम सभी के संकल्पों की सिद्धि हो हर आंगन में खुशहाली आए और प्रदेश उन्नति के नए सोपान गढ़े यही मंगलकामना है।

    अपने X अकाउंट पर उन्होंने नव संवत्सर पर यह भी लिखा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नव वर्ष की आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं! नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 आपके जीवन में नव चेतना नव ऊर्जा और असीम समृद्धि लाए। इस पुण्यभूमि पर प्रगति परिश्रम व परोपकार की त्रिवेणी सदा बहती रहे और पूरा विश्व इससे अभिसिंचित होता रहे यही कामना है। जयतु भारतम्! सीएम ने चैत्र नवरात्रि की भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि पहले दिन यानी शैलपुत्री मां के दिन उनकी आशीर्वाद से सभी भक्तों के कष्ट दूर हों

    हर घर में सुख-शांति संपन्नता और आनंद का वास हो। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ देवी मां दुर्गा जी की आराधना के महापर्व चैत्र नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं।  इस प्रकार मुख्यमंत्री ने नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए खुशहाली समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की और सामाजिक-सांस्कृतिक आस्था को मजबूती दी।