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  • रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी एमपी में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी एमपी में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसके असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। शहडोल के बाणसागर डैम के गेट खोलने पड़े। सिंगरौली में तेज बारिश हुई, जबकि मंडला और चित्रकूट (सतना) में पहले से आई बाढ़ के बाद हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

    हालांकि नदियों का जलस्तर अब कुछ कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से हुई तबाही के निशान अभी भी साफ दिखाई दे रहे हैं। कई इलाकों में देर रात तक बारिश होती रही। बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

    आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    CM मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे, बाढ़ प्रभावितों से मिले

    रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही। गोरगी बांध फूटने से कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। घरों और सड़कों पर मिट्टी, कचरा और कीचड़ जमा हो गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजह माना।

    बाणसागर डैम के 6 गेट खोले

    शहडोल का बाणसागर डैम भी लबालब हो चुका है। यहां पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। पिछले साल की तुलना में इस बार डैम का जलस्तर 13 सेंटीमीटर अधिक है।

    रविवार दोपहर 12 बजे डैम के 6 गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।

    अगले 3 दिन अति भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    प्रदेश के ज्यादातर बांधों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के बांधों की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी आ चुका है। कुछ बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी बेहतर नहीं है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.2 इंच बारिश, सामान्य से 3.2 इंच कम

    IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 30.4 इंच (772.3 मिमी) की तुलना में यह करीब 3.2 इंच कम है। प्रदेश में ओवरऑल बारिश 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। अगस्त की विदाई के साथ मध्य प्रदेश में एक बार फिर बाढ़ के हालात बन गए हैं। शनिवार को छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाके जलमग्न हो गए। चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने से हालात बिगड़ गए। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही और तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल बह गया। सतना में रेलवे ट्रैक और थाने तक पानी में डूब गए, जबकि पन्ना के कई गांव टापू में तब्दील हो गए। मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    बांध फूटने के बाद चित्रकूट में बिगड़े हालात

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के कारण बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। इसके चलते शनिवार को कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई और नदी-नाले उफान पर आ गए।

    चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। सतना-चित्रकूट मार्ग तीन स्थानों से बंद हो गया। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंचाई तक उफान पर रही। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल बह गया। कई मोहल्लों में नाव चलाकर लोगों को बाहर निकाला गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए, जबकि घाट किनारे की करीब 400 दुकानें पानी में डूब गईं।

    बाढ़ का पानी नयागांव राजमहल के अंदर तक पहुंच गया। कई लोग घरों और होटलों में फंसे रहे। SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।

    सतना में रेलवे ट्रैक और थाने में घुसा पानी

    सतना के मझगवां में बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। इसके कारण आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन कई घंटे तक खड़ी रही। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप में पानी भर गया।

    कोठी में एक मकान गिरने से चार भैंस मलबे में दब गईं। इनमें दो की मौत हो गई। वहीं, पन्ना में बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया और वे टापू जैसे नजर आए।

    शनिवार को बानसुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा गया।


    आज इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    रविवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    प्रदेश में अब तक 27 इंच बारिश

    IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 694.5 मिमी यानी करीब 27 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 762.3 मिमी यानी 30 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब भी 2.7 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश अब भी सामान्य से 19% तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 4 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी, एडीजी इंटेलिजेंस बने अंशुमन यादव, आदेश जारी

    MP के 4 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी, एडीजी इंटेलिजेंस बने अंशुमन यादव, आदेश जारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य शासन के गृह विभाग ने आज, शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के चार अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार गृह विभाग की सचिव शिल्पा गुप्ता द्वारा जारी किया गया है।

    मध्य प्रदेश आईपीएस तबादला सूची
    चंचल शेखर (IPS 1995): अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वि.स.बल) तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SISF) पुलिस मुख्यालय, भोपाल से संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. के पद पर नियुक्त किया गया है।

    अंशुमन यादव (IPS 1998): संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. को कार्यमुक्त कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता बनाया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, साइबर, पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।


    अनिल कुमार (IPS 1993): विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय भोपाल को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ विशेष पुलिस महानिदेशक, अजाक (AJAK), पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    डी. श्रीनिवास वर्मा (IPS 1997): अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ, पुलिस मुख्यालय, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) को अस्थाई रूप से उनके वर्तमान कार्य के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वि.स.बल एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,एस.आई.एस.एफ. पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

  • एमपी के पूर्वी हिस्से में 4 दिन रहेगा बारिश का दौर, 7 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी के पूर्वी हिस्से में 4 दिन रहेगा बारिश का दौर, 7 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल पूर्वी हिस्से तक सीमित रहने के आसार हैं। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल में रिमझिम बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश के आसार कम हैं।

    जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के ऊपर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। हालांकि इन सिस्टम का प्रभाव पूरे मध्य प्रदेश में नहीं है। इसी कारण सभी जिलों में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।

    सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश

    प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह इस अवधि की सामान्य बारिश 750.9 मिमी यानी 29.5 इंच से 2.6 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम रही है।

    37 जिलों में 1 से 49% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी और निवाड़ी में 1% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 4% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    18 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 26.5 इंच बरसा पानी, 37 जिले अब भी बारिश में पिछड़े

    MP के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 26.5 इंच बरसा पानी, 37 जिले अब भी बारिश में पिछड़े


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का दौर जारी है। शुक्रवार को जबलपुर और सागर संभाग के 7 जिलों—टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी शामिल हैं।

    28 से 30 अगस्त तक गरज-चमक के आसार

    IMD भोपाल के अनुसार, 28 से 30 अगस्त तक प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ चुनिंदा जिलों में ही तेज बारिश होगी। 29 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट, जबकि 31 अगस्त को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, सिस्टम के कमजोर होने से प्रदेश में तेज बारिश का दौर कुछ समय के लिए थम सकता है और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।

    अब तक 26.5 इंच बारिश, कोटे की 71%

    मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 674.6 मिमी यानी 26.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 742.3 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 2.7 इंच यानी करीब 9% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।

    37 जिलों में कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 1 से 49% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4 से 50% तक कम पानी गिरा है।

    18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अब तक अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर

    MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 17 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    इन 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली और मैहर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    निवाड़ी में नाले में बही 8 साल की बच्ची

    इससे पहले निवाड़ी, भोपाल, ग्वालियर, छतरपुर और मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। निवाड़ी में बकरियों के लिए चारा लेने खेत की ओर जा रही 8 साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई।

    छतरपुर के जयशंकर धाम में बारिश का शानदार नजारा देखने को मिला। इसे बुंदेलखंड का केदारनाथ भी कहा जाता है। वहीं भोपाल में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। सीहोर में भी जोरदार बारिश के दौरान काले घने बादलों से दिन में अंधेरा छा गया।

    27-28 अगस्त को बारिश, 29 से ब्रेक

    मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी प्रदेश में दो दिन बारिश के बाद ब्रेक के आसार हैं। सितंबर की शुरुआत में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    तीन सिस्टम करा रहे बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले दो दिन तक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

    39 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में 3% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें

    Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने छात्र आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप का दावा किया है। पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए एक विचार तेजी से फैलाया जाता है और उसके बाद Gen Z के युवा उससे जुड़ जाते हैं। उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम को देश के भीतर पर्दे के पीछे से कुछ बाहरी तत्वों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें देश को बांटने और युवाओं के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

    इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान गजेंद्र सिंह पटेल से देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पहले छात्र आंदोलन सकारात्मक सोच और रचनात्मक मुद्दों के साथ आगे बढ़ते थे। राजनीतिक नेताओं के प्रति भी भाषा और व्यवहार में एक तरह का सम्मान दिखाई देता था लेकिन अब छात्र आंदोलनों का स्वरूप और तरीका बदलता नजर आ रहा है। पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मर्यादा के दायरे में रखते हुए सरकार के सामने रखें।

    पटेल का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके ही संसदीय क्षेत्र के बड़वानी जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के करीब 200 छात्रों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 25 किलोमीटर तक मार्च किया। छात्रों की शिकायत थी कि शिक्षकों ने उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और अभद्र व्यवहार किया। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान खींचा है।

    इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि स्कूल में किसी शिक्षक से छोटी मोटी गलती हो सकती है लेकिन बच्चों को इस तरह सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन बच्चों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा। पटेल ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल से सक्रिय कुछ संगठनों ने सरकारी स्कूल के छात्रों को गुमराह किया और उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाने का काम किया है।

    बीजेपी नेता ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि युवा समझदार हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके आंदोलन का इस्तेमाल कोई बाहरी ताकत अपने हित के लिए न करे। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और शिकायतों के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सबसे बेहतर है।

    बातचीत के दौरान पटेल ने इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि देश इथेनॉल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ईंधन क्षेत्र को भी फायदा होगा। चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को उन्होंने कुछ समय की समस्या बताते हुए विपक्ष पर लोगों को गलत जानकारी के जरिए गुमराह करने का आरोप लगाया। छात्र आंदोलनों से लेकर आर्थिक मुद्दों तक पटेल के बयानों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

  • MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 68% है। हालांकि प्रदेश में अब भी सामान्य से 11% कम बारिश हुई है। 40 जिलों में बारिश औसत से कम है, जबकि 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसून अब उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय होगा। अगले दो दिन भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    बुधवार को भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    अब तक 3.1 इंच कम बारिश

    IMD के मुताबिक प्रदेश में अब तक 648.7 मिमी यानी 25.5 इंच बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 727.9 मिमी यानी 28.6 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में 3.1 इंच कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 7% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश हुई है। इनमें पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिले शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी बनी हुई है। इसके चलते अगले तीन दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार

    MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    30 जिलों में भी बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल में तेज बारिश, विदिशा के बाजार में भरा पानी
    सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते यातायात प्रभावित हुआ। वहीं विदिशा के बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच, भोपाल के कोलार में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश हुई।

    लो प्रेशर और ट्रफ से बदला मौसम
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ सक्रिय हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 51% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 49% तक कम पानी गिरा है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • 4 दिन से पानी तक नहीं पिया, तबीयत बिगड़ने पर भी पीछे नहीं हटे नरेंद्र; भोपाल में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग पर धरना

    4 दिन से पानी तक नहीं पिया, तबीयत बिगड़ने पर भी पीछे नहीं हटे नरेंद्र; भोपाल में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग पर धरना


    नई दिल्ली। भोपाल में वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। नीलम पार्क में 21 अगस्त से जारी अनिश्चितकालीन धरने के बीच ब्यावरा निवासी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत पिछले चार दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे हैं। सोमवार रात करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर आने और कमजोरी की शिकायत हुई, जिसके बाद धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। आंदोलनकारियों के मुताबिक पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन नरेंद्र ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

    नरेंद्र राजपूत का कहना है कि जब तक सरकार शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं करती, तब तक वह धरना स्थल से नहीं हटेंगे। उन्होंने मांग की है कि यदि प्रशासन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है तो धरना स्थल पर ही डॉक्टरों की टीम भेजकर स्वास्थ्य जांच कराई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार चार दिन तक भोजन और पानी नहीं लेने के कारण नरेंद्र की हालत कमजोर हो रही है और ऐसे में प्रशासन को तत्काल स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।

    शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी लंबे समय से वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त पद शामिल नहीं किए गए। इसके चलते पात्रता और चयन परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद कई अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए हैं। आंदोलनकारी अब सरकार से पदों की संख्या बढ़ाने के साथ बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं।

    अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के 3 हजार अतिरिक्त पद बढ़ाए जाएं, जबकि वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद किए जाएं। उनका कहना है कि रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। इसी मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी भोपाल में जुटे हैं और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

    इस आंदोलन में महिला अभ्यर्थियों की भी बड़ी भागीदारी है। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ नीलम पार्क में धरने पर बैठी हैं। इंदौर की दीप्ति सिंह ठाकुर अपनी 5 और 8 साल की बेटियों के साथ आंदोलन में शामिल हैं। वहीं सरोज कुशवाहा अपने छोटे बेटे माधव के साथ धरना स्थल पर मौजूद हैं। महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि बच्चों के साथ पार्क में रहना बेहद मुश्किल हो रहा है। मच्छरों की समस्या, पानी और वॉशरूम की परेशानी के अलावा छोटे तालाब के पास होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इसके बावजूद वे अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रही हैं।

    पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदेशभर से अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। डीपीआई के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद अभ्यर्थियों ने रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच भी कई चरणों में भोपाल में प्रदर्शन और धरने किए जा चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ।

    अब नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर पदवृद्धि पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि वे किसी आश्वासन के बजाय लिखित आदेश चाहते हैं, ताकि बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग शुरू हो सके और शिक्षक भर्ती में चयन से वंचित योग्य अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सके।