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  • भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी


    भोपाल। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार पर चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

    प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने गुरुजियों की तर्ज पर नीति लागू करने, सीधी भर्ती में बोनस अंक देने और वार्षिक अनुबंध के जरिए भविष्य सुरक्षित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अतिथि शिक्षकों को न्याय दिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

    सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप

    संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामचंद्र नागर और प्रदेश अध्यक्ष के.सी. पवार ने कहा कि सरकार वार्षिक अनुबंध लागू करने के अपने वादे से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल के बाद कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो करीब सवा लाख अतिथि शिक्षकों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर से प्रभावित अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाए।

    ई-अटेंडेंस और भुगतान में समस्याएं उठाईं

    प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे मानदेय कट जाता है। साथ ही कुछ मामलों में सितंबर महीने का भुगतान भी अभी तक लंबित है।

    भर्ती प्रक्रिया में अनुभव को लेकर उठे सवाल
    बी.एम. खान ने भर्ती प्रक्रिया में मौजूद विसंगतियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में स्कोर कार्ड में केवल 5 साल का अनुभव जोड़ा जा रहा है, जबकि इसे बढ़ाकर हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100 अंक) किया जाना चाहिए। इसके अलावा 2008 और 2011 की पात्रता परीक्षाओं के अंक भी शामिल करने की मांग की गई। प्रांत अध्यक्ष तूफान शर्मा ने कहा कि अतिथि शिक्षक सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं, इसलिए उनके अनुभव के आधार पर उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

    मुख्य मांगें इस प्रकार हैं
    नियमितीकरण के लिए विशेष विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर कम से कम 30% पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं।
    शिक्षक भर्ती में 50% पद अतिथि शिक्षकों के लिए तय हों, हर वर्ष 4 बोनस अंक (अधिकतम 20) दिए जाएं और पात्रता अंकों में 10% की छूट दी जाए।
    स्कोर कार्ड में हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100) जोड़े जाएं और 50 दिन कार्य पूर्ण होने पर अनुभव अंक मिले, साथ ही 2011 संविदा परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएं।
    12 महीने का वार्षिक अनुबंध लागू किया जाए और कार्यमुक्त होने पर समायोजन सुनिश्चित किया जाए।
    बीमा, पीएफ, स्वास्थ्य सुविधाएं और 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश प्रदान किए जाएं।
    ई-अटेंडेंस प्रणाली में सुधार कर काटे गए मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए।
    तकनीकी समस्या होने पर ऑफलाइन उपस्थिति को मान्यता दी जाए।
    पुराने आश्वासनों को लागू करने की मांग तेज
    प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर पहले कई घोषणाएं की गई थीं और इस मुद्दे को राजनीतिक समर्थन भी मिला था। लेकिन अब उन वादों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का सितम जारी, खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 46 डिग्री पहुंचा पारा

    एमपी में भीषण गर्मी का सितम जारी, खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 46 डिग्री पहुंचा पारा


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। पर्यटन नगरी खजुराहो में सोमवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 4 जिलों में लू और 12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 मई तक तेज गर्मी के बीच बारिश की भी संभावना बनी हुई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 28 अप्रैल से लू के असर में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई गई है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में मंगलवार को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री के पार तापमान
    सोमवार को खजुराहो (46.0°C) और नौगांव (45.5°C) के अलावा श्योपुर और दतिया सहित कुल 13 शहरों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4°C, इंदौर में 42.0°C, उज्जैन में 42.4°C और जबलपुर में 42.7°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। खजुराहो में जहां 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, वहीं अब सर्वकालिक रिकॉर्ड पर भी खतरा मंडरा रहा है। 29 अप्रैल 1993 को यहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यदि गर्मी का यही सिलसिला जारी रहा, तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

    गर्मी से बचाव के लिए सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के व सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

  • मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा

    मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने की गर्मी इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। रविवार को आंधी और हल्की बारिश के बीच भी तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, मानो आसमान से आग बरस रही हो। पर्यटन स्थल खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इंदौर में 6 साल और भोपाल-जबलपुर में 3 साल के भीतर की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।

    सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में गर्म रात (वॉर्म नाइट) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना रहेगा। दूसरी ओर, श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।

    रविवार को प्रदेश में पहली बार इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा। खजुराहो के अलावा नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.5 डिग्री तक पहुंचा। ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    रिकॉर्ड की बात करें तो इंदौर में 43 डिग्री तापमान के साथ अप्रैल की गर्मी ने 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2019 में यहां 43.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। भोपाल में यह बीते 10 वर्षों का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा, जबकि 3 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई। जबलपुर में भी 3 साल के बाद सबसे ज्यादा तापमान 43.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी देखने को मिला। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। साथ ही, अगले तीन दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला मिजाज जारी रह सकता है।

  • गेहूं खरीदी में नया रिकॉर्ड संभव एमपी सरकार ने केंद्र से बढ़ाया कोटा मांग

    गेहूं खरीदी में नया रिकॉर्ड संभव एमपी सरकार ने केंद्र से बढ़ाया कोटा मांग


    भोपाल । भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार से निर्धारित लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में इस बार गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा हुआ है और मौजूदा लक्ष्य से अधिक खरीदी होने की पूरी संभावना है। ऐसे में किसानों को पूरा लाभ दिलाने के लिए केंद्र से कोटा बढ़ाने को लेकर लगातार संवाद किया जा रहा है।

    रबी विपणन वर्ष 2026 27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। लेकिन प्रदेश में बंपर पैदावार और किसानों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए यह लक्ष्य कम पड़ता नजर आ रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि यदि लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया तो कई किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल पाएगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और खरीदी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है। पहले छोटे किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है इसके बाद मध्यम और अंत में बड़े किसानों की बारी आएगी ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। करीब 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख अधिक है। अब तक 2 लाख 21 हजार 455 किसानों से 95 लाख 17 हजार 550 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 75 लाख 57 हजार 580 क्विंटल गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है जिससे भंडारण व्यवस्था पर दबाव कम हुआ है।

    सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को तेजी से भुगतान भी किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 6 हजार 55 किसानों को 1091 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। यह पहल किसानों के विश्वास को मजबूत करने और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर भी इस प्रक्रिया पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थितियों के कारण शुरुआती दौर में बारदानों की उपलब्धता चुनौती बनी रही लेकिन सरकार ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर स्थिति को संभाल लिया। जूट के नए बारदानों के साथ साथ पीपी बैग और पुनः उपयोग योग्य बारदानों का उपयोग किया गया जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।

    वर्तमान में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। यह दर किसानों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में मददगार साबित हो रही है।

    प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि यह भी दर्शाता है कि बेहतर उत्पादन के साथ नीति स्तर पर त्वरित निर्णय कितने जरूरी होते हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार राज्य की इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और क्या वास्तव में गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया जाता है

  • मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार

    मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:00 बजे भोपाल से कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे और वहां से रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी की बैठक लेंगे और स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे सायं 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरूगन के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। वे यहां जनसभा को संबोधित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायं 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए वापस रवाना होंगे।

  • सीएम ने विजेता टीम को दिया 1 लाख का इनाम, क्षीर सागर मैदान बनेगा स्टेडियम

    सीएम ने विजेता टीम को दिया 1 लाख का इनाम, क्षीर सागर मैदान बनेगा स्टेडियम


    नई दिल्ली। उज्जैन में रविवार देर रात क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर नजर आया, जब डॉ. मोहन यादव अचानक क्षीर सागर मैदान में चल रहे फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुंच गए। रात करीब 12 बजे मुख्यमंत्री के मैदान में पहुंचते ही माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों को देखकर उन्होंने कहा कि यह नजारा उज्जैन के खेल प्रेमियों के जुनून को साफ दर्शाता है। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि मैच के दौरान भाषण देना ठीक नहीं लगता, क्योंकि लोग यहां सिर्फ खेल का आनंद लेने आते हैं।

    विजेता टीम को 1 लाख का इनाम, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

    मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबले के बाद विजेता टीम को 1 लाख रुपए और उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इस घोषणा से खिलाड़ियों और आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। साथ ही उन्होंने जिले के अन्य खेल स्थलों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम करने की बात कही।

    क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए क्षीर सागर मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना मजबूत होने से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और वे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकेंगे। यह घोषणा उज्जैन के खेल जगत के लिए एक बड़ा तोहफा मानी जा रही है।

    21 साल पुरानी परंपरा, फिरोजिया ट्रॉफी का खास महत्व

    फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसका फाइनल मुकाबला रविवार को खेला गया। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसे उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में आयोजित किया जाता है। इस लंबे समय से चली आ रही परंपरा ने स्थानीय स्तर पर कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने का काम किया है।

  • एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा

    एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है जहां मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है इस फैसले के तहत उन छात्रों को बड़ा अवसर मिला है जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं

    बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी इस परीक्षा में न केवल फेल हुए विद्यार्थी बल्कि वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे जो अपने प्राप्त अंकों को बेहतर करना चाहते हैं यानी श्रेणी सुधार के इच्छुक छात्र भी इस मौके का लाभ उठा सकते हैं

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 22 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा

    परीक्षा कार्यक्रम की बात करें तो 10वीं कक्षा की द्वितीय परीक्षा 7 मई से शुरू होकर 19 मई 2026 तक चलेगी वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 5 लाख विद्यार्थी इस द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जो इसे एक बड़ा आयोजन बनाता है

    बोर्ड का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे अब उन्हें बिना एक साल गंवाए अपनी स्थिति सुधारने का अवसर मिल रहा है इससे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष भी सुरक्षित रहेगा और उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव भी कम होगा

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की द्वितीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए सकारात्मक पहल है क्योंकि इससे उन्हें एक और मौका मिलता है अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का साथ ही यह व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाती है कुल मिलाकर मध्यप्रदेश बोर्ड की यह पहल हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है जो अपने परिणाम को सुधारना चाहते हैं या आगे की पढ़ाई में बिना रुकावट के बढ़ना चाहते हैं

  • नर्मदापुरम में प्रतिभाओं का सम्मान 52 टॉपर्स को मिला मंच विधायक बोले यही जीवन के टर्निंग पॉइंट

    नर्मदापुरम में प्रतिभाओं का सम्मान 52 टॉपर्स को मिला मंच विधायक बोले यही जीवन के टर्निंग पॉइंट


    नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह प्रेरणा और उत्साह का केंद्र बन गया। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 52 विद्यार्थियों को जिला पंचायत सभागार में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में विधायक डॉ सीताशरन शर्मा मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधा पटेल, जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे और सीईओ हिमांशु जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा अस्त्र है, जो व्यक्ति को हर चुनौती से लड़ने की क्षमता देता है। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा जीवन का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जहां से भविष्य की नींव मजबूत होती है। इसके बाद 12वीं, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

    विधायक डॉ सीताशरन शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा जीवन के दो बड़े टर्निंग पॉइंट होते हैं। 10वीं के बाद विषयों का चयन और 12वीं के बाद करियर का निर्णय व्यक्ति के पूरे भविष्य को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके परिवारों में गर्व और खुशी का माहौल है।

    इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में खास बात यह रही कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

    पथरौटा के सरकारी स्कूल की छात्रा रितिका कुरुचि ने 12वीं होम साइंस में टॉप कर एक मिसाल पेश की। माता-पिता के साये के बिना दादा-दादी और चाचा-चाची के सहयोग से पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। वहीं तारारोड़ा गांव की आंशिक सराठे ने आर्ट्स संकाय में 93.2 प्रतिशत अंक लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। उनके पिता सैलून चलाते हैं, जिससे यह सफलता और भी प्रेरणादायक बन जाती है।

    उत्कृष्ट विद्यालय की शेख जोया ने आर्ट्स में दूसरा स्थान हासिल किया, जिनके पिता बाइक मैकेनिक हैं। गणित में अवनी गोहिया और रशिका राय, विज्ञान में आदित्य लोवंशी और नमामि बसेड़िया, कृषि में कनक चौरे और कॉमर्स में निखिल सोनी तथा शिफा शाह ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 10वीं कक्षा में नैना यादव, सोनम परिहार और प्रिंसी साहू टॉपर रहीं।

    जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण प्रजापति के अनुसार, जिले का 10वीं का परिणाम 78 प्रतिशत और 12वीं का 81 प्रतिशत रहा, जिससे नर्मदापुरम को प्रदेश में 16वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं बल्कि उन संघर्षों और सफलताओं की कहानी भी है, जो यह बताती हैं कि मेहनत और संकल्प से किसी भी परिस्थिति को पार किया जा सकता है।

  • LPG किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतरे लोग मंत्री का काफिला घिरा

    LPG किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतरे लोग मंत्री का काफिला घिरा


    सीधी । सीधी जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आ गया जब महिलाओं ने सड़क पर सिलेंडर रखकर मंत्री राधा सिंह के काफिले का रास्ता रोक दिया। यह पूरा घटनाक्रम उस वक्त हुआ जब पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह “नारी शक्ति वंदन रैली” में शामिल होने सीधी पहुंची थीं।

    जानकारी के अनुसार, मंत्री का काफिला पूजा पार्क से सम्राट चौक, सराफा बाजार और गांधी चौक होते हुए पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़ रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी उनके साथ चल रही थीं और “नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति” के नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन इसी बीच पढ़ैनिया गैस एजेंसी के पास कुछ महिलाओं ने सड़क पर सिलेंडर रखकर विरोध शुरू कर दिया और मंत्री के काफिले को रोक दिया।

    प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप था कि क्षेत्र में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ महिलाओं ने कहा कि इंडेन कनेक्शन होने के बावजूद सप्लाई नियमित नहीं है, जबकि प्रताप गैस एजेंसी से भी समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

    वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर मंत्री राधा सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में कहीं कोई किल्लत नहीं है और कुछ लोग जानबूझकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में महिला आरक्षण लागू होने जा रहा है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बधाई दी।

    घटना के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रही, हालांकि कुछ ही मिनटों में मौके पर रखे गए सिलेंडर हट गए और प्रदर्शनकारी वहां से हट गए। बताया जा रहा है कि मंत्री अपने काफिले से बाहर नहीं उतरीं और स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। इस घटना ने एक बार फिर गैस आपूर्ति व्यवस्था और जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की परेशानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट

    मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले में दिनदहाड़े उस समय सनसनी फैल गई जब हथियारबंद बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में घुसकर बड़ी डकैती को अंजाम दिया। जिला मुख्यालय वैढ़न स्थित इस बैंक में 4 से 5 नकाबपोश बदमाश फिल्मी अंदाज में दाखिल हुए और अचानक बंदूक की नोक पर बैंक कर्मचारियों तथा वहां मौजूद ग्राहकों को बंधक बना लिया।

    घटना के दौरान बदमाशों ने बेहद तेजी से पूरे बैंक परिसर को नियंत्रण में ले लिया और कुछ ही मिनटों में कैश काउंटर से लाखों रुपये समेट लिए। पूरी वारदात इतनी सुनियोजित और तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लूट को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और बैंक परिसर को घेर लिया गया। पुलिस ने जांच के लिए बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है।

    फिलहाल पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस आसपास के इलाकों और संभावित भागने के रास्तों पर लगातार जांच कर रही है। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।