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  • आप सैलरी बताइए, सरकार देगी', एमपी की नई हेल्थ पॉलिसी से ग्रामीण अस्पतालों की बदलेगी तस्वीर

    आप सैलरी बताइए, सरकार देगी', एमपी की नई हेल्थ पॉलिसी से ग्रामीण अस्पतालों की बदलेगी तस्वीर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा और अनोखा कदम उठाया है। लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत ‘यू कोट, वी पे’ नीति लागू करने की तैयारी की गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को गांवों और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए आकर्षित करना है, ताकि गरीब और आदिवासी मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ न लगानी पड़े।

    नई नीति के तहत सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे बातचीत करेगी और उनसे पूछेगी कि ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए वे कितना वेतन चाहते हैं। डॉक्टर अपनी अपेक्षित सैलरी बताएंगे और आपसी सहमति के आधार पर उनका मानदेय तय किया जाएगा। यही वजह है कि इस योजना को ‘यू कोट, वी पे’ यानी ‘आप मांगिए, हम देंगे’ नाम दिया गया है। सरकार का मानना है कि तय वेतन की वजह से जो विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से बचते हैं, वे इस व्यवस्था के बाद वहां सेवाएं देने के लिए तैयार होंगे।

    सरकार ने केवल आकर्षक वेतन तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा है। दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाले डॉक्टरों को विशेष दुर्गम क्षेत्र भत्ता, बेहतर आवास और भविष्य में पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) में प्रवेश के दौरान अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों को पीजी एडमिशन में प्राथमिकता और बोनस अंक दिए जाएंगे, जिससे उनका करियर भी तेजी से आगे बढ़ सके।

    मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों को सिजेरियन ऑपरेशन और जच्चा-बच्चा की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा। इससे ग्रामीण अस्पतालों में प्रसव के दौरान होने वाली जटिल परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।

    ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) और अन्य फील्ड स्टाफ को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण, स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करने और किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा। इससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।

    डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार सामान्य चिकित्सकों को मल्टी-स्किलिंग प्रशिक्षण भी दे रही है। इस प्रशिक्षण के जरिए एक डॉक्टर प्रसूति सेवाएं, बच्चों का प्राथमिक उपचार और बेसिक एनेस्थीसिया जैसी कई जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम होगा। इससे विशेषज्ञों की कमी के बावजूद मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होगा।

    लोकसभा में रतलाम-झाबुआ-अलीराजपुर की सांसद अनिता नागरसिंह चौहान द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश में 14 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है, जिनमें छह आदिवासी बहुल जिलों में स्थापित किए जाएंगे। इन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण पर होने वाले खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘यू कोट, वी पे’ नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है तो मध्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो सकती है। इससे गरीब और आदिवासी परिवारों को अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिलेगा, स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ेगा और ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

  • कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी

    कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। जूडो में सागर जिले की किसान परिवार की बेटी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू वल्लुरी ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश सरकार ने 25-25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और खेल नीति के तहत सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है और यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

    महिलाओं की 57 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की असेल्या टोपराक से हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद रजत पदक जीतकर उन्होंने मध्य प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यामिनी एक सामान्य किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

    यामिनी के कोच दीपक रजक ने बताया कि उन्होंने पहली बार यामिनी की प्रतिभा को पुराने सदर स्कूल के मैदान में खेलते हुए पहचाना था। उन्होंने परिवार को समझाया कि बेटी में असाधारण क्षमता है और उसे नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए। शुरुआत में आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण परिवार थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन बाद में उन्होंने यामिनी का पूरा साथ दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यामिनी ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई और अब कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

    यामिनी के चाचा श्रीनाथ मौर्य ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन आज उनकी उपलब्धि पूरे परिवार के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को खेल और शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे देश के लिए बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती हैं। यामिनी की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है।

    वहीं पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम दूर रह गए। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय के पिता भोपाल में पदस्थ हैं और इसी कारण वह लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजय ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी भी की।

    हालांकि अंतिम प्रयास में मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 184 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। उनका कुल स्कोर 331 किलोग्राम पहुंच गया और वे स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। अजय बाबू महज एक किलोग्राम के अंतर से गोल्ड से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन पूरे प्रतियोगिता के दौरान बेहद शानदार रहा।

    दूसरी ओर महिलाओं की 10000 मीटर रेस वॉक में भारत की रवीना गायकवाड़ का अभियान निराशाजनक रहा। रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन पर उन्हें तीन रेड कार्ड मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया और उनका सफर वहीं समाप्त हो गया।

    मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यामिनी और अजय बाबू की सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने की प्रेरणा देती रहेगी।

  • MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय

    MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले दो दिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 4 और 5 अगस्त से एक बार फिर कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से मौसम बदला हुआ है। हालांकि अगले 48 घंटों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, राजस्थान के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया और प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ का असर बना हुआ है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित अधिकांश जिलों में रविवार और सोमवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश हो सकती है। शनिवार को भी खरगोन, रतलाम, भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    4 और 5 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने 4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

    43 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
    प्रदेश के 43 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, हरदा, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    अब तक भोपाल, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा, खरगोन, सीहोर, शहडोल और उमरिया समेत 12 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम से प्रदेश में बारिश का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    भोपाल । कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जूडो में सागर की यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के दो खिलाड़ियों का कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा जूडो में शानदार संघर्ष और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल किया, वहीं अजय बाबू ने वेट लिफ्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

    मंत्री सारंग ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें बड़े मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास देगी। मंत्री सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश और भारत के खिलाड़ी इसी प्रकार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक पदक जीतेंगे।

    वीडियो कॉल पर जूडो खिलाड़ी यामिनी को दी बधाई

    कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ी यामिनी मौर्य से मंत्री सारंग ने वीडियो कॉल पर उन्हें शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि यामिनी मौर्य की यह सफलता मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने का विश्वास व्यक्त किया।

    खेल नीति के तहत मिलेगा सम्मान और प्रोत्साहन

    मंत्री विश्वास सारंग ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार की खेल नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले यामिनी मौर्य और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही खेल नीति के प्रावधानों के अनुरूप दोनों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

    खिलाड़ियों के लिए हरसंभव सहयोग दे रही सरकार
    मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन करते रहें।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।

  • MP में जुलाई का बारिश कोटा पूरा, फिर भी 13% कम, अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना नहीं

    MP में जुलाई का बारिश कोटा पूरा, फिर भी 13% कम, अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में जुलाई माह के दौरान बारिश ने अपना सामान्य लक्ष्य पूरा कर लिया, लेकिन जून में कमजोर मानसून का असर अब भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 55 में से 42 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहे हैं। इसके चलते अगले चार दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अगस्त में मानसून फिर सक्रिय होने पर वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    पिछले 48 घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ क्षेत्र, विशेषकर इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज से अति भारी बारिश हुई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार और रतलाम सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।

    खंडवा में तेज बारिश और हवाओं से कपास व मक्का की फसलें खेतों में गिर गईं। वहीं बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में नाले का पानी 10 से 15 घरों में घुस गया, जिससे करीब दो फीट तक जलभराव हो गया। कई स्थानों पर मक्का की फसल भी प्रभावित हुई।

    खरगोन जिले में आबना और सुक्ता नदी के उफान के कारण एक टापू पर फंसे चार लोगों को SDRF ने करीब साढ़े दस घंटे के अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 7.6 इंच बारिश खरगोन के गोगावां में दर्ज की गई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ रही हैं। इसी वजह से भारी बारिश का दौर थमने की संभावना है। हालांकि, यदि कोई नया मौसम सिस्टम सक्रिय होता है तो कुछ क्षेत्रों में फिर से तेज बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) बारिश सामान्य मानी जाती है। यानी प्रदेश में फिलहाल 13 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    प्रदेश के 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का कार्य सरकार और सामाजिक दोनों स्तर पर हो रहा है। बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से प्रदेश आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बहनें स्व-सहायता समूहों को नई ताकत दे रही हैं। कृषि, पशुपालन, बैंक, उद्यम सखियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बहनों की सार्थक भूमिका से प्रत्येक परिवार में समृद्धि आ रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत स्थान बहनों के लिए आरक्षित है। सरकारी सेवाओं में बहनों के लिए 35 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्यसभा में बहनों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृ्त्व में मध्य प्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जब लगातार तीन बार पड़ौसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनें के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है। सहयोग और सहभागिता से समृद्ध होकर बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारी बहनें 10 हजार रुपये प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमी बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें चार कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य बहनें कर रही हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट प्रमाण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पल्टन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया।

    रोजगार दिलवाना प्राथमिकता

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिये निरन्तर नई पहल कर रही है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर अंचल में संचार क्षेत्र में नई इकाई की स्थापना की जाएगी। इससे 14 हजार नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने गत 17 सितम्बर को धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास किया। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कपास उत्पादक किसान इस पार्क से बड़ी संख्या में लाभान्वित होंगे।

    उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्र में जो पट्टे दिए गए हैं, उनकी नि:शुल्क रजिस्ट्री भी करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई मिशनरी धर्मान्तरण नहीं कर सकेगी। स्थानीय निवासी ज्यादा से ज्यादा गौशाला खोलें, दूध का उत्पादन बढाएं। ऐसे कार्यों के लिए सरकार पूरी सहायता कर रही है।प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे।

    स्व-सहायता समूहों को राशि वितरित

    मुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों के लिए 10.8 करोड़ का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये के 29 विकास कार्यों के भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये के 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों के लोकार्पण की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया और मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने “आजीविका मेला” प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    प्राकृतिक खेती के लिए अनुकूल झाबुआ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदीयां खेतों में कीटनाशकों क छिड़काव कर रही हैं।

    समान नागरिक संहिता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है।

    दुराचार करने वालों को फांसी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग और नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के कारण प्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी अंचल से नक्सलवाद को पूर्णत: समाप्त कर दिया गया है।

  • सुभालय विहार में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर निगम का एक्शन; नियम तोड़कर बनी दो मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त

    सुभालय विहार में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर निगम का एक्शन; नियम तोड़कर बनी दो मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को बावड़ियाकलां स्थित सुभालय विहार में अवैध रूप से निर्मित दो मंजिला भवन पर जेसीबी चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले सुभालय परिसर में स्थित मकान क्रमांक बी 93 पर की गई। जांच में सामने आया कि जिस भूखंड पर निर्माण किया गया उसका मूल क्षेत्रफल 1312 वर्गमीटर था जबकि लगभग 900 वर्गमीटर क्षेत्र में जी प्लस वन भवन का निर्माण कर लिया गया था। सबसे अहम बात यह रही कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा स्वीकृत लेआउट में इस भूखंड को एकल प्लॉट के रूप में स्वीकृति मिली थी लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए इसका अवैध विभाजन कर दिया गया।

    नगर निगम की जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड को अनधिकृत तरीके से छोटे हिस्सों में बांटकर बेचा गया और बाद में स्वीकृत मानकों के विपरीत भवन निर्माण कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का निर्माण पूरी तरह नियमों के खिलाफ था इसलिए नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि शहर में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के इंजीनियर राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

    नगर निगम ने शहरवासियों से भी अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से उसकी वैधता और स्वीकृत लेआउट की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति के निर्माण या अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

    नगर निगम का कहना है कि अवैध निर्माण केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित नहीं करता बल्कि भविष्य में सड़क जल निकासी पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीर असर डालता है। इसी कारण प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

    प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में वैध और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इसलिए जो लोग बिना स्वीकृति के निर्माण कर रहे हैं या अवैध प्लॉटिंग में शामिल हैं उनके खिलाफ आने वाले समय में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

  • शिवपुरी में थार का हाईवोल्टेज ड्रामा, कार-बाइक को टक्कर मारकर भागे, गड्ढे में फंसने पर पकड़े गए

    शिवपुरी में थार का हाईवोल्टेज ड्रामा, कार-बाइक को टक्कर मारकर भागे, गड्ढे में फंसने पर पकड़े गए


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में गुरुवार शाम तेज रफ्तार थार सवारों ने शहर की सड़कों पर जमकर हंगामा मचाया। आरोप है कि नशे की हालत में वाहन चला रहे दो युवकों ने पहले एक कार को टक्कर मारी और विरोध होने पर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो भागते समय उन्होंने एक बाइक को भी टक्कर मार दी, जिससे दो युवक घायल हो गए। करीब आधे घंटे तक चले पीछा के बाद फिजिकल थाना पुलिस ने थार को घेरकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    घटना शाम करीब साढ़े सात बजे माधव चौक पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाल रंग की थार ने गौतम शर्मा की कार को टक्कर मार दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो वाहन में सवार युवकों ने धमकाते हुए मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई कि थार सवार तेज रफ्तार में शहर से निकल रहे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस के जरिए अलर्ट जारी किया और शहर के विभिन्न स्थानों पर थार को रोकने का प्रयास किया। हालांकि चालक लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। थार ग्वालियर नाका, सोनचिरैया होटल, भूत पुलिया, टूरिस्ट विलेज और करबला क्षेत्र से तेज रफ्तार में गुजरती रही। इस दौरान वाहन का एक टायर फटने के बावजूद चालक ने रफ्तार कम नहीं की।

    भागने के दौरान करबला क्षेत्र में थार ने सामने से आ रही एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बड़ी नोहरी निवासी वीरेंद्र शर्मा और नवाब साहब रोड निवासी गौरव शर्मा घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह परिवार के साथ बांकड़े मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार थार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

    लगातार पीछा कर रही पुलिस ने आखिरकार थार को घेर लिया। भागने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर एक गड्ढे में फंस गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने थार को भी जब्त कर लिया।

    पुलिस के मुताबिक थार चला रहे चालक की पहचान सिरसौद निवासी 30 वर्षीय बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। वाहन मालिक चंद्रपाल चौहान भी कार में मौजूद था। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हादसे में हुए नुकसान सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

  • शिवपुरी में लेब्राडोर की संदिग्ध मौत, शव लेकर थाने पहुंची महिला ने FIR की मांग की

    शिवपुरी में लेब्राडोर की संदिग्ध मौत, शव लेकर थाने पहुंची महिला ने FIR की मांग की


    शिवपुरी मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक पालतू लेब्राडोर कुत्ते की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शांति नगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके आठ माह के पालतू लेब्राडोर को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। घटना के विरोध में महिला शुक्रवार को कुत्ते का शव लेकर फिजिकल थाना पहुंची और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    महिला प्रीति परिहार के मुताबिक गुरुवार शाम उनका पालतू लेब्राडोर खाना खाने के बाद घर से बाहर निकल गया था। कुछ देर बाद वह पास स्थित एक आरओ प्लांट संचालक के घर की ओर चला गया। देर रात तक कुत्ता वापस नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान आसपास के लोगों से जानकारी मिली कि कुत्ते के साथ मारपीट की गई है।

    प्रीति परिहार का आरोप है कि आरओ प्लांट संचालक, उसके बेटे और ड्राइवर ने मिलकर लाठियों से उनके पालतू कुत्ते की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। उनका यह भी आरोप है कि घटना के बाद कुत्ते के शव को दूर फेंक दिया गया ताकि मामला सामने न आए।

    महिला का कहना है कि जब वह घटना की जानकारी लेने आरोपियों के घर पहुंचीं तो उनके साथ गाली-गलौज की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और मारपीट करने की कोशिश भी की गई। शुक्रवार सुबह कुत्ते का शव मिलने के बाद वह उसे लेकर सीधे फिजिकल थाना पहुंचीं और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    अपनी शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित आरओ प्लांट में रात के समय संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां संचालित होती हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    फिजिकल थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।