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  • ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत पर सीएम का संदेश

    ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत पर सीएम का संदेश


    खंडवा। ओंकारेश्वर में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव पर आयोजित भव्य एकात्म पर्व का शुभारंभ आज वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच किया गया। खंडवा जिले के पवित्र ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में पांच दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के सान्निध्य में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और संतों तथा विद्वानों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश एक अद्भुत धरती है जहां हर युग में दिव्य सानिध्य की अनुभूति होती रही है। उन्होंने कहा कि वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन से लेकर श्रीकृष्ण के शिक्षा ग्रहण तक इस भूमि का इतिहास दिव्यता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर का एकात्म धाम जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की महान परंपरा का जीवंत प्रतीक है और यह स्थान अद्वैत वेदांत की शाश्वत शिक्षाओं को विश्व पटल पर स्थापित करने की क्षमता रखता है।

    कार्यक्रम के दौरान अद्वैत लोक और अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने यज्ञ में आहुतियां देकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। यह आयोजन आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वैशाख शुक्ल पंचमी के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े सहित कई संत और विद्वान उपस्थित रहे जिन्होंने अद्वैत दर्शन और आधुनिक युवा पीढ़ी के संबंधों पर विचार साझा किए।

    आयोजन के अंतर्गत द्वैत लोक संग्रहालय के निर्माण की भी योजना है जो दूसरे चरण में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने बड़ी राशि की स्वीकृति प्रदान की है। इस मंच पर अद्वैत वेदांत की प्रासंगिकता पर विशेष विमर्श भी शुरू हुआ जिसमें संतों ने आत्मा ब्रह्म और भगवान की एकता पर प्रकाश डाला। शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि यह तीनों तत्व वास्तव में एक ही सत्य के विभिन्न रूप हैं और इन्हीं के समागम से भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।

    पांच दिवसीय एकात्म पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विभिन्न धार्मिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है बल्कि यह अद्वैत दर्शन को आधुनिक समाज से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी माना जा रहा है। यहां आने वाले लोग भारतीय संस्कृति की गहराई और उसकी एकात्म दृष्टि का अनुभव कर रहे हैं।

    इस आयोजन के माध्यम से सरकार और संत परंपरा मिलकर भारतीय दर्शन की गहराई को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ओंकारेश्वर में बढ़ती श्रद्धालुओं की उपस्थिति से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है और पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। यहां आने वाले युवा और विद्यार्थी अद्वैत वेदांत के मूल सिद्धांतों को समझकर जीवन में संतुलन और सकारात्मकता की प्रेरणा ले रहे हैं। यह आयोजन आने वाले समय में मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है।
    इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है।

    महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।

    संभाग स्तर पर भी बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अन्य जिलों में भी फेरबदल

    इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।

    इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

  • गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान

    गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जन देव जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। इस पावन अवसर पर उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग सेवा समर्पण और सहिष्णुता का संदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता को जो मार्ग दिखाया वह केवल एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें हर परिस्थिति में धैर्य और करुणा बनाए रखनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है तब गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा और समर्पण के माध्यम से ही सच्ची मानवता की स्थापना की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करें।

    डॉ यादव ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग और बलिदान की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे मानव समाज को दिशा देने का कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें गुरु अर्जन देव जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और परोपकार की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और यही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है।

    इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके उपदेशों को याद कर रहे हैं। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सेवा और भक्ति का संदेश आत्मसात कर रहे हैं। इस प्रकार गुरु अर्जन देव जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता सेवा और भाईचारे के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है, जो समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।

  • एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी

    एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब अपर मुख्य सचिव की तर्ज पर डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी रेंज में तैनात आईजी के साथसाथ पूरे संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस क्रम में वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र कुमार जैन को उज्जैन और पंकज कुमार श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    यूसीसी से पहले मॉनिटरिंग मजबूत करने की तैयारी
    यह व्यवस्था मोहन यादव सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता UCC लागू करने की तैयारी के बीच लागू की गई है। गृह विभाग ने संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में UCC को लेकर निर्देश मिलने के बाद विभाग ने सभी संभागों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी है, ताकि सुपरविजन और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा सके।

    संभागवार आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी
    प्रदेश के विभिन्न संभागों के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और रीवा संभाग में पहले से तैनाती थी, जबकि सात अन्य संभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं।

    भोपाल – वरुण कपूर (डीजी जेल)
    इंदौर – आदर्श कटियार (स्पेशल डीजी प्रशासन)
    उज्जैन – उपेंद्र कुमार जैन (डीजी ईओडब्ल्यू)
    ग्वालियर – प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी होमगार्ड)
    जबलपुर – पंकज कुमार श्रीवास्तव (स्पेशल डीजी सीआईडी)
    रीवा – अनिल कुमार (स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा)
    चंबल – जी अखेतो सेमा (स्पेशल डीजी जेल)
    नर्मदापुरम – रवि कुमार गुप्ता (स्पेशल डीजी रेल)
    सागर – अनंत कुमार सिंह (स्पेशल डीजी पुलिस हाउसिंग)
    शहडोल – राजाबाबू सिंह (एडीजी ट्रेनिंग)

    आईएएस अधिकारियों को भी सौंपी जिम्मेदारी

    प्रशासनिक स्तर पर भी संभागवार आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
    उज्जैन – डॉ. राजेश राजौरा
    ग्वालियर – अशोक बर्णवाल
    चंबल – मनु श्रीवास्तव
    जबलपुर – संजय दुबे
    नर्मदापुरम – नीरज मंडलोई
    इंदौर – अनुपम राजन
    भोपाल – संजय कुमार शुक्ल
    रीवा – रश्मि अरुण शमी
    सागर – दीपाली रस्तोगी
    शहडोल – शिवशेखर शुक्ला

  • एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार से प्रदेश के चार संभागों में खरीदी शुरू हो गई, लेकिन देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। सरकार जहां इस देरी के पीछे इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है।

    प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। भोपाल और श्योपुर में भी विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली।

    जीतू पटवारी के आरोप

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी एक “रणनीतिक घोटाला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी टाली गई और किसानों को नुकसान पहुंचाया गया।

    पटवारी ने कहा कि करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है और लगभग 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन के दाम अब तक लागू नहीं किए गए हैं।

    व्यवस्थाओं की कमी से किसान परेशान

    रायसेन जिले में कई खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी रहीं। बम्होरी केंद्र पर न तो पर्याप्त बारदाना पहुंचा और न ही किसानों के लिए छाया की व्यवस्था थी। स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ा। वहीं, सागर में मंडी बंद होने पर जीतू पटवारी ने कलेक्टर को फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि तेज गर्मी में किसान कई दिनों से परेशान हैं।

    श्योपुर और भोपाल में भी प्रदर्शन

    श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधायक बाबू जंडेल भी शामिल रहे। वहीं भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

    सरकार का पलटवार
    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक दाना भी गेहूं नहीं खरीदा गया था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों से खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना है, जबकि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

  • देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

    देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है

    जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया

    जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए

    मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

  • एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका

    एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका


    नई दिल्ली/भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल ने इस वर्ष से परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए पारंपरिक पूरक परीक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब द्वितीय परीक्षा शुरू की जा रही है जिसमें फेल और पास दोनों ही प्रकार के छात्र शामिल हो सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से आयोजित होगी।

    नई व्यवस्था के तहत छात्र केवल अनुत्तीर्ण विषयों के लिए ही नहीं बल्कि अपने अंक सुधारने के उद्देश्य से भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को अपने परिणाम बेहतर करने का अधिक अवसर मिलेगा।

    पहले की व्यवस्था में हाईस्कूल 10वीं में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी 12वीं में एक विषय में फेल छात्र ही पूरक परीक्षा दे सकते थे। लेकिन अब इस नई द्वितीय परीक्षा प्रणाली में सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया गया है।

    नियमों के अनुसार जो छात्र किसी विषय में फेल हैं उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं पास छात्र अपनी इच्छा से किसी भी विषय में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकते हैं। इसे छात्रों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।

    जारी टाइमटेबल के मुताबिक 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगी जबकि 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर कराई जाएंगी।

    बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि द्वितीय परीक्षा के बाद जारी अंकसूची मुख्य परीक्षा के समान ही होगी। छात्र के दोनों परिणामों में से जो बेहतर होगा वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा जिससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग

    बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग


    बड़वानी । बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मोहिपुरा में बुधवार दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि करीब दो मिनट तक धरती में कंपन होता रहा, जिससे ग्रामीणों में घबराहट फैल गई और लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।

    गांव के निवासी लोकेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वे दोपहर में अपने घर पर सो रहे थे, तभी अचानक तेज झटका महसूस हुआ। समय देखा तो 12:48 बजे थे। इसके बाद वे तुरंत बाहर आए और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तब पता चला कि यह भूकंप के झटके थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव गांव में पहली बार हुआ है।

    भूकंप के दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों में रखे बर्तन, फर्नीचर और पंखों को हिलते हुए देखा। इंदिरा सागर पावर स्टेशन की भूकंप वेधशाला और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर भी इसी समय भूकंप दर्ज किया गया है।

    जिला मुख्यालय पर संचालित भूकंप केंद्र की सिस्मोमीटर मशीन में भी इस हलचल को 3.4 रिक्टर स्केल पर रिकॉर्ड किया गया। केंद्र के ऑपरेटर हुकुम कुमार के अनुसार, एमईक्यू माइक्रोअर्थक्विक मशीन 24 घंटे सक्रिय रहती है और नर्मदा नगर पुनासा, खंडवा स्थित सेंटर से प्रतिदिन सुबह रिपोर्ट जारी की जाती है।

    उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर अंजड़ क्षेत्र में दर्ज इस भूकंपीय हलचल की तीव्रता 3.4 रही, जिसे एमईक्यू मशीन ने रिकॉर्ड किया। यह मशीन लगभग 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में जमीन की हलचल को मापने में सक्षम है।