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  • बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग

    बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग


    बड़वानी । बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मोहिपुरा में बुधवार दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि करीब दो मिनट तक धरती में कंपन होता रहा, जिससे ग्रामीणों में घबराहट फैल गई और लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।

    गांव के निवासी लोकेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वे दोपहर में अपने घर पर सो रहे थे, तभी अचानक तेज झटका महसूस हुआ। समय देखा तो 12:48 बजे थे। इसके बाद वे तुरंत बाहर आए और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तब पता चला कि यह भूकंप के झटके थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव गांव में पहली बार हुआ है।

    भूकंप के दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों में रखे बर्तन, फर्नीचर और पंखों को हिलते हुए देखा। इंदिरा सागर पावर स्टेशन की भूकंप वेधशाला और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर भी इसी समय भूकंप दर्ज किया गया है।

    जिला मुख्यालय पर संचालित भूकंप केंद्र की सिस्मोमीटर मशीन में भी इस हलचल को 3.4 रिक्टर स्केल पर रिकॉर्ड किया गया। केंद्र के ऑपरेटर हुकुम कुमार के अनुसार, एमईक्यू माइक्रोअर्थक्विक मशीन 24 घंटे सक्रिय रहती है और नर्मदा नगर पुनासा, खंडवा स्थित सेंटर से प्रतिदिन सुबह रिपोर्ट जारी की जाती है।

    उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर अंजड़ क्षेत्र में दर्ज इस भूकंपीय हलचल की तीव्रता 3.4 रही, जिसे एमईक्यू मशीन ने रिकॉर्ड किया। यह मशीन लगभग 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में जमीन की हलचल को मापने में सक्षम है।

  • आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

    आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत


    सतना । सतना जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया जहां अरहर के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक वृद्ध किसान की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोटा गांव की है जहां मंगलवार दोपहर अचानक खेत में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार बकोटा गांव निवासी 80 वर्षीय मुरलिया यादव अपने खेत में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग तेजी से फैल रही थी और आसपास की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रही थी। ऐसे में मुरलिया यादव ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    ग्रामीणों ने घटना को देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और मुरलिया यादव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें गंभीर रूप से जलने से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत में आग अचानक लगी हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खेतों में आग लगने की स्थिति में बिना सुरक्षा के उसे बुझाने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना चाहिए और खुद जोखिम उठाने से बचना चाहिए।

    मुरलिया यादव का यह बलिदान गांव के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने परिवार और समुदाय के लिए समर्पित किसान थे। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्रशासन और पुलिस अब इस घटना की जांच कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत

    रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने निकली टीम पर माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया इस हमले में एक वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है

    जानकारी के मुताबिक यह घटना दिमनी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 552 के पास की है जहां चंबल नदी के ऐसाह घाट से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं इसी सूचना के आधार पर अंबाह रेंज की वन विभाग की टीम तड़के सुबह गश्त पर निकली थी

    गश्ती के दौरान रथोल का पुरा और रानपुर के बीच वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की लेकिन चालक ने रुकने के बजाय बेरहमी से वाहन उन पर चढ़ा दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया

    घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत घायल वनकर्मी को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे जिससे माहौल गमगीन हो गया

    बताया जा रहा है कि हरिकेश गुर्जर हाल ही में दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर अंबाह रेंज में पदस्थ हुए थे उनकी इस तरह की मौत ने एक बार फिर अवैध खनन के बढ़ते खतरे और उसमें शामिल माफियाओं के हौसलों को उजागर कर दिया है

    मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी पहचान भी कर ली गई है सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर खत्म होता जा रहा है

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध खनन का नेटवर्क कितना खतरनाक हो चुका है जब कानून की रक्षा करने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए

  • मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी

    मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 10 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए पंजीकृत किसान आज यानी मंगलवार से अपने उपार्जन स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    स्लॉट बुकिंग और तैयारी
    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि इस बार प्रदेश में 19,04,644 किसानों ने पंजीकरण कराया है। उपार्जन के लिए 3,627 केंद्र बनाए गए हैं। समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा, इसके अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस बार अनुमानित 78 लाख टन गेहूं का उपार्जन होगा। इसके लिए 3,12,000 गठान बारदान तैयार हैं और स्टॉक उपलब्ध है।

    खाद्य मंत्री का भरोसा
    गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पंजीकृत किसानों से पूरी उपज खरीदी जाएगी। कुछ स्थानों पर नौ अप्रैल से भी खरीदी शुरू हो सकती है। जूट कमिश्नर से ढाई करोड़ बोरे आवंटित किए जा चुके हैं, साथ ही प्लास्टिक और एक बार उपयोग वाले जूट के बोरे भी टेंडर कर दिए गए हैं।

    कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    कांग्रेस पार्टी नौ अप्रैल को जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेगी। इसके अलावा 15 अप्रैल को भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री के आवास के बाहर उपवास कार्यक्रम भी रखा गया है। वहीं, मोहन यादव ने किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि पहले छोटे, फिर मध्यम और अंत में बड़े किसानों से उपज खरीदी जाएगी। सभी बारदाने की आपूर्ति पर्याप्त है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित निगरानी के लिए राज्य स्तरीय और कृषि उपज मंडियों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। किसानों के लिए बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन और पार्किंग की पूरी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं।

  • उज्जैन के डोंगला से उठी ब्रह्मांड की नई दृष्टि महाकाल सम्मेलन में विज्ञान और परंपरा का संगम

    उज्जैन के डोंगला से उठी ब्रह्मांड की नई दृष्टि महाकाल सम्मेलन में विज्ञान और परंपरा का संगम

    उज्जैन । उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित डोंगला गांव में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम के दूसरे दिन विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सहभागिता की और खगोल विज्ञान तथा अंतरिक्ष अनुसंधान पर आयोजित सत्र में शामिल होकर वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां केवल तकनीकी सफलता नहीं हैं बल्कि यह देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक हैं जो विश्व पटल पर भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती हैं।

    मुख्यमंत्री के डोंगला पहुंचने पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान आयोजित गतिविधियों ने इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ज्ञान और नवाचार के उत्सव में बदल दिया। दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए आरसी प्लेन कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें उन्हें एयरोमॉडलिंग और उड़ान तकनीक की बारीकियों से परिचित कराया गया। इसके साथ ही ग्रहों और डीप स्काई ऑब्जर्वेशन कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से देखने का अवसर दिया।

    कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जिसमें आमजन और विद्यार्थियों को काल गणना अंतरिक्ष विज्ञान और ब्रह्मांड से जुड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है। इस प्रदर्शनी में शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ सीएसआईआर इसरो टीआईएफआर एमपीसीएसटी आईआईटी इंदौर डीआरडीओ और ब्रह्मोस एयरोस्पेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अपनी उपलब्धियों और शोध कार्यों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके अलावा कालगणना और प्राचीन भारतीय विज्ञान से संबंधित पुस्तकों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी भी लोगों को आकर्षित कर रही है।

    तीन दिवसीय इस सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य उच्च स्तरीय पैनल चर्चा तकनीकी सत्र ओपन सेशन टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागियों को डोंगला स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला का भ्रमण भी कराया जा रहा है जहां वे खगोलीय उपकरणों और अनुसंधान प्रक्रियाओं को समझ रहे हैं। साथ ही यूएवी ड्रोन आरसी और सैटेलाइट निर्माण से जुड़ी कार्यशालाएं युवाओं के बीच विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम बन रही हैं।

    कर्क रेखा पर स्थित डोंगला गांव खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2013 में यहां आधुनिक खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई थी जो आज वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यह सम्मेलन न केवल भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है बल्कि इसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उज्जैन और डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की पहल भी इस आयोजन के माध्यम से मजबूत होती दिखाई दे रही है।

    गौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव डोंगला पहुंचे थे जहां शून्य छाया जैसी दुर्लभ खगोलीय घटना का अवलोकन किया गया था। उनके नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इस बार के सम्मेलन में भी देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। यह आयोजन न केवल विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को उजागर कर रहा है बल्कि युवाओं को नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित करने का सशक्त मंच भी प्रदान कर रहा है।

  • दतिया सीट खाली, 3 साल की सजा के बाद कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त

    दतिया सीट खाली, 3 साल की सजा के बाद कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त


    भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22-दतिया को रिक्त घोषित कर दिया।

    यह कार्रवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा 2 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले के बाद हुई, जिसमें राजेंद्र भारती को एफडी फर्जीवाड़े के मामले में तीन साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया था।

    संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर 2 अप्रैल 2026 से उनकी सदस्यता निरस्त मानी गई और सीट खाली घोषित कर दी गई।

    क्या है मामला
    राजेंद्र भारती पर जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रहते हुए एफडी दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप था। जांच में सामने आया कि अवधि और ब्याज दर में बदलाव कर अवैध लाभ लिया गया। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जमानत भी दे दी है, जिससे उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना पड़ा।

    राजनीतिक विवाद तेज
    इस फैसले के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई भाजपा के दबाव में की गई है और नियमों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा है कि वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक को अपील का समय दिए जाने के बावजूद सदस्यता खत्म करना गलत है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ वकीलों की टीम इस मामले को लेकर कानूनी तैयारी कर रही है।

    वहीं, राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत हुई है और इसका किसी राजनीतिक मकसद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो साल से अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।

    आगे क्या होगा
    अदालत ने राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है। यदि इस दौरान उन्हें उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। नियमों के अनुसार, सीट खाली होने के छह महीने के भीतर चुनाव कराना आवश्यक होता है। विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त होने की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी है, अब आगे की प्रक्रिया आयोग तय करेगा।

  • मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है।

    कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।

  • हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण


    भोपाल । आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर जारी है।

    प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
    भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान मंदिर, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सभी स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

    सोने-चांदी से हुआ भव्य शृंगार

    ग्वालियर में रोकड़िया महाराज को करीब 1 लाख रुपए कीमत की चांदी की पोशाक पहनाई गई। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से आकर्षक शृंगार किया गया। धानमंडी स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में बालाजी को 60 ग्राम केसर और सोने के वर्क से सजाया गया।

    छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    छतरपुर में 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 7 वर्षों का समय लगा, जो अब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    शुभ योग में मनाया जा रहा प्राकट्य दिवस

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आई है, जो अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने में जुटे हैं।

    गरगज हनुमान मंदिर की विशेष मान्यता
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित 400-500 वर्ष पुराने गरगज हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मान्यता है कि यहां लगातार पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सुबह से यहां भजन-कीर्तन और दर्शन का सिलसिला जारी है।

    इंदौर में केसरिया महल थीम की सजावट

    इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार केसरिया महल थीम पर भव्य सजावट की गई है। मंदिर को फूलों और केसरिया पर्दों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    आगर मालवा में कन्या भोज और विशेष सजावट
    आगर मालवा के गोपाल मंदिर स्थित वीर हनुमान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां गन्नों से पंडाल सजाया गया और बच्चियों द्वारा रंगोली बनाई गई। 511 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

    अनूपपुर में रामायण पाठ और भंडारे
    अनूपपुर जिले में सुबह से रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। कोतमा, जैतहरी, अमरकंटक और बिजुरी सहित कई क्षेत्रों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई और शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    सीहोर और भोपाल में उमड़े श्रद्धालु

    सीहोर के हनुमान फाटक मंदिर, मठ मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। भोपाल के खटलापुरा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।

    छिंदवाड़ा की 101 फीट प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    छिंदवाड़ा के सिमरिया में स्थित 101 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

  • युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना

    युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना


    भोपाल । उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप सभापति राज्यसभा सिंह मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत@2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये।

    उप सभापति राज्यसभा सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि युवा देश का इतिहास, दिशा और भविष्य बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से ही पूरा होगा। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की यही गति जारी रही तो वर्ष@2047 के पहले भी भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत@2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए।

    कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया।

    सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से श्रीमती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए।

    कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

  • मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान

    मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने सोमवार को एक बयान में कहा कि देश में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और देश व प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। इससे पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है और किसी प्रकार की रुकावट की स्थिति नहीं है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन लेने का भी आग्रह किया, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडरों का निरंतर वितरण किया जा रहा है। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम और आवंटन प्रतिशत के आधार पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सतत रूप से की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं तथा जिला स्तर तक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के पास उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल (एमएस/एचएसडी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर भी पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कंपनियों के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति की जा रही है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2,933 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए तथा 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त 391 पेट्रोल पंपों की जांच की गई, जिसमें एक प्रकरण दर्ज कर एफआईआर कराई गई है। प्रदेश के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं द्वारा घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन से संबंधित मांग एवं शिकायतों के पंजीयन और उनके निराकरण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के जिन शहरों में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां पाइपलाइन के आसपास के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्य जिलों में पाइपलाइन विस्तार के बाद पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सीजीडी संस्थाओं को विभिन्न अनुमतियां प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इन संस्थाओं द्वारा संबंधित शहरों के लिए दूरभाष नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर उपभोक्ता संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इनमें अवंतिका गैस लिमिटेड द्वारा पीथमपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि गैल गैस लिमिटेड द्वारा देवास, रायसेन, शाजापुर और सीहोर के लिए संपर्क सुविधा दी गई है।

    इसी प्रकार नवेरिया गैस लिमिटेड द्वारा धार, थिंक गैस द्वारा भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी, आईओसीएल द्वारा गुना, मऊगंज, रीवा, अशोकनगर और मुरैना, बीपीसीएल द्वारा मैहर, सतना, शहडोल, सीधी और सिंगरौली तथा गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा उज्जैन, देवास, इंदौर, रतलाम और झाबुआ क्षेत्रों के लिए दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ता अपनी मांग या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल और डीजल की खरीद करें तथा अनावश्यक संग्रह से बचें। ऑयल कंपनियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।