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  • एमपी में बारिश से नदियां उफान पर, तीन डैम के गेट खुले, आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बारिश से नदियां उफान पर, तीन डैम के गेट खुले, आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून का असर अब पूर्वी हिस्से से आगे बढ़कर पश्चिमी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और नर्मदा समेत प्रदेश की कई नदियां उफान पर हैं। बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले जा चुके हैं। प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीजन में अब तक बारिश का आंकड़ा 30 इंच से ज्यादा पहुंच गया है।

    रविवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। शनिवार को सीधी के कैमूर पहाड़ स्थित मूड़ा घाटी में लैंडस्लाइड के बाद सीधी-उत्तर प्रदेश मार्ग बंद हो गया। बारिश के कारण सड़क पर बड़े पत्थर और पेड़ गिर गए। सड़क के नीचे 100 फीट से ज्यादा गहरी खाई होने के कारण इस हिस्से में दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।

    छतरपुर में स्कूल बंद, उमरिया में महिला बही

    लगातार मूसलाधार बारिश के चलते छतरपुर में सभी स्कूल बंद रहे। लवकुशनगर में एक कच्चा मकान बारिश के बीच ढह गया। उमरिया में बाढ़ के पानी में एक महिला के बहने की घटना सामने आई है। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद है।

    भोपाल में पहले भदभदा डैम के गेट खोले गए और अब कलियासोत डैम से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इसके बाद कलियासोत नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    इन 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र भोपाल (IMD) ने रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    6 सितंबर को भी सक्रिय रहेगा सिस्टम

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 6 सितंबर को भी मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। हालांकि इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना नहीं है। इसके बाद 7, 8 और 9 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

    23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से अधिक बारिश दर्ज हुई है।

    पूर्वी हिस्से में सुधरा बारिश का आंकड़ा

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 1% कम बताया गया है। वहीं बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 1% से 22% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह में स्थिति में काफी सुधार आया है। बीते सात दिनों से पूर्वी हिस्से के कई जिलों में लगातार बारिश और बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसका असर सीजन के आंकड़ों पर भी पड़ा है और पहली बार पूर्वी हिस्सा बारिश के मामले में बेहतर स्थिति में आया है। यहां बारिश का आंकड़ा अब सामान्य से 3% ज्यादा हो गया है।

    पश्चिमी हिस्से में 53% तक कम बारिश

    इसके उलट पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य के मुकाबले 2% से 53% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में बारिश का दौर जारी, आज 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP में बारिश का दौर जारी, आज 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर उत्तर की ओर बढ़ गया है। पूर्वी हिस्से में लंबे समय तक सक्रिय रहे मानसूनी सिस्टम का असर अब ग्वालियर-चंबल के साथ सागर और उज्जैन संभाग में ज्यादा दिखाई देगा। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी के लिए ऑरेंज अलर्ट है। लगातार बारिश और कई इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 7 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

    शनिवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    7 जिलों में बच्चों की छुट्टी

    बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए 5 सितंबर को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड, ग्वालियर और रायसेन में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुरैना में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। श्योपुर और गुना में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों का अवकाश रहेगा, जबकि भिंड और ग्वालियर में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं नहीं लगेंगी। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। रायसेन में सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की गई है।

    6 सितंबर तक सिस्टम का असर

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश कराने वाला सिस्टम 6 सितंबर को भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। हालांकि, इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना कम है।

    MP में 762.7 मिमी पानी बरसा

    मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 762.7 मिमी यानी करीब 30 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 816 मिमी यानी 32.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में कुल बारिश अभी भी सामान्य से 7% कम है।

    बारिश के आंकड़ों में क्षेत्रीय अंतर भी साफ नजर आ रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में अब सामान्य से 3% ज्यादा पानी गिर चुका है, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश का आंकड़ा औसत से 15% कम है।

    बाढ़ से सुधरे पूर्वी हिस्से के आंकड़े

    पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 23% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह की लगातार बारिश ने इस अंतर को काफी कम किया है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में इसी दौरान बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इसका असर बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा और सीजन में पहली बार यह क्षेत्र सामान्य बारिश से आगे निकल गया।

    पश्चिमी MP के 22 जिलों में बारिश की कमी

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति इसके उलट है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    इन 24 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 24 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

  • MP में आज 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्‍यादा असर

    MP में आज 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्‍यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि नर्मदा भी उफान पर है। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। राजधानी भोपाल में भी गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन के कोटे की करीब 78% है।

    पूर्वी हिस्से में तेज बारिश, अगले दो दिन सिस्टम का असर
    गुरुवार को ट्रफ और स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय रहा। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक अगले दो दिनों तक भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मौसम सिस्टम का असर 4 और 5 सितंबर को ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान के ऊपर
    गुरुवार को चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया और यह खतरे के निशान के करीब रहा। SDERF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। लवकुशनगर की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया।

    मैहर में पुल डूबे, मंडला में नर्मदा उफान पर
    मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर पहुंच गया। जबलपुर में बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर करीब 4 फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    सीजन में अब तक 29.2 इंच बारिश
    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 31.8 इंच यानी 808.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम और ओवरऑल 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 1% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17% कम बारिश दर्ज की गई है।

    34 जिलों में 1% से 23% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में इस सीजन में अब तक करीब 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 1% से 23% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसके चलते सीजन में पहली बार आंकड़ों के लिहाज से पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में आया है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 6% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    21 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मोहन यादव

    देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मोहन यादव

    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मप्र के उज्जैन और गुजरात की द्वारिका नगरी सहित देशभर में लगातार धार्मिक पर्यटन आध्यात्मिक पर्यटन का विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमारी सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सपत्नीक गुजरात की देवभूमि द्वारका के पावन द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान श्री द्वारकाधीश के अलौकिक रूप का दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्‍होंने भगवान द्वारकाधीश से सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले देश-प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी सीमा यादव एवं अन्य परिजनों सहित सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन आ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद बनारस में भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का निर्माण हुआ, जिससे बाबा विश्वनाथ की नगरी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।

    जन्माष्टमी से पहले भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन का मिला सौभाग्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान श्री द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ही वे सोमनाथ धाम गये थे। इसके बाद आज द्वारका के प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत् दर्शन-पूजन-अर्चन कर यहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। हम भी अपने देवस्थानों में बेहतर से बेहतर प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं।

    म.प्र. में श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जा रहीं सुगम व्यवस्थाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सहज एवं सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, उनकी सुरक्षा और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए वहां सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।

  • ग्राम रोजगार सहायकों के अनुबंध में बड़ा बदलाव: अब खुद ही सचिव बनकर खुद से नहीं कर सकेंगे एग्रीमेंट, APO संभालेगा जिम्मेदारी

    ग्राम रोजगार सहायकों के अनुबंध में बड़ा बदलाव: अब खुद ही सचिव बनकर खुद से नहीं कर सकेंगे एग्रीमेंट, APO संभालेगा जिम्मेदारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत हजारों ग्राम रोजगार सहायकों के संविदा अनुबंध को लेकर व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। प्रदेश की 23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में काम कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों के एग्रीमेंट की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रशासनिक रूप से व्यवस्थित बनाने के लिए मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने नए निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब ऐसी ग्राम पंचायतों में जहां पंचायत सचिव का पद रिक्त है या सचिव पदस्थ नहीं है अथवा ग्राम रोजगार सहायक को ही सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है वहां ग्राम रोजगार सहायक अपना संविदा अनुबंध स्वयं के साथ नहीं कर सकेगा। ऐसी स्थिति में एग्रीमेंट की जिम्मेदारी जनपद पंचायत स्तर पर पदस्थ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी APO मनरेगा को सौंपी जाएगी।

    दरअसल सामान्य परिस्थितियों में ग्राम रोजगार सहायक का संविदा अनुबंध पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के बीच किया जाता है। लेकिन प्रदेश की कई ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव के पद रिक्त हैं। कुछ स्थानों पर सचिव उपलब्ध नहीं हैं जबकि कई पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायक को ही पंचायत सचिव का प्रभार सौंप दिया गया है। ऐसी स्थिति में एक प्रशासनिक और कानूनी विसंगति सामने आ रही थी क्योंकि जिस कर्मचारी को सचिव का प्रभार मिला हुआ था उसी को ग्राम रोजगार सहायक के रूप में अपना संविदा अनुबंध भी करना पड़ रहा था। यानी एक तरह से कर्मचारी खुद ही एक पद की जिम्मेदारी निभाते हुए स्वयं के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर रहा था।

    इस तरह की शिकायतें और प्रशासनिक विसंगतियां परिषद के संज्ञान में आने के बाद अब व्यवस्था को बदलने का निर्णय लिया गया है। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा स्वयं के साथ संविदा अनुबंध करना प्रशासनिक और विधिक दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। इसी कारण अब ऐसी परिस्थितियों के लिए अलग व्यवस्था तय की गई है ताकि अनुबंध की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

    परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 1 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिलों के कलेक्टरों जिला कार्यक्रम समन्वयकों और संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नए प्रावधान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। सचिव उपलब्ध होने की स्थिति में ग्राम रोजगार सहायक का अनुबंध पहले की तरह पंचायत सचिव के साथ ही किया जाएगा। लेकिन जहां सचिव का पद रिक्त है या पंचायत में सचिव पदस्थ नहीं है अथवा ग्राम रोजगार सहायक ही सचिव का प्रभार संभाल रहा है वहां संविदा अनुबंध जनपद पंचायत के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी APO मनरेगा द्वारा किया जाएगा।

    यदि किसी जनपद पंचायत में APO का पद भी रिक्त है तो वहां प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। नई व्यवस्था से सचिव विहीन पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों के नए संविदा अनुबंध और उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुचारु होने की उम्मीद है। साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि खुद के साथ एग्रीमेंट करने जैसी विवादित स्थिति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। परिषद के इस फैसले को पंचायत स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और संविदा प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • MP में बारिश का रेड अलर्ट, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    MP में बारिश का रेड अलर्ट, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से गुरुवार को प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    छतरपुर में बारिश, नदी-नालों के उफान और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगी, जबकि शिक्षक स्कूल पहुंचकर शैक्षणिक और विभागीय काम पूरे करेंगे।

    डबरा में कच्चे मकान की छत गिरी, मां-बेटे की मौत
    बारिश के बीच बुधवार रात डबरा के जंगीपुरा में बड़ा हादसा हो गया। दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। हादसे में सीमा (33) और उनके दो साल के बेटे आदित्य उर्फ गुन्नू की मौत हो गई। सीमा के पति जागेंद्र (38) और उनकी दो बेटियां वैशाली (5) व रागनी (8) गंभीर रूप से घायल हुई हैं। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग के अनुसार सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और छतरपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    4 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा सिस्टम का असर
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 सितंबर को बारिश का सिस्टम आगे बढ़ेगा। इसका ज्यादा असर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर में तेज बारिश के आसार नहीं हैं। 5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम का असर देखने को मिलेगा।

    प्रदेश में अब तक 28.1 इंच बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी यानी 28.1 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 799.9 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 3.4 इंच कम पानी गिरा है और ओवरऑल बारिश 11% कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 4% और पश्चिमी हिस्से में 17% कम हुई है।

    40 जिलों में 2% से 51% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 17% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में 2% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 53% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    प्रदेश के 16 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।

  • माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं

    माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं


    नई दिल्ली। शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले नरवर सतनवाड़ा मार्ग पर मंगलवार रात एक जंगली जानवर को देखकर बाइक सवार घबरा गया और सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना टपकेश्वर मंदिर और एरावन गांव के बीच रात करीब आठ बजे हुई। बाइक सवार का कहना है कि अचानक सड़क पर टाइगर जैसा जानवर दिखाई देने से वह घबरा गया और बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे के बाद राहगीरों ने घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

    घायल बाइक सवार की पहचान नरवर तहसील के चकरमपुर गांव निवासी विकास कुशवाहा के रूप में हुई है। बताया गया कि विकास नरवर से मणिखेड़ा डैम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क पर एक जंगली जानवर दिखाई दिया। अंधेरा होने के कारण उन्होंने उसे टाइगर समझ लिया। जानवर को देखकर अचानक घबराने के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें चोट आई जिसके बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने मदद की और अस्पताल पहुंचाया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। भाजपा नेता बशर अली ने सतनवाड़ा रेंज के रेंजर माधव सिंह सिकरवार को मामले की सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर बाइक सवार के सामने कौन सा जंगली जानवर आया था। इसके लिए मौके पर मिले पगमार्क की भी जांच की गई।

    वन विभाग की जांच में सामने आया कि घटनास्थल पर पगमार्क जरूर मिले हैं लेकिन वे टाइगर के नहीं हैं। रेंजर माधव सिंह सिकरवार के मुताबिक मौके पर मिले निशान बाघ के पगमार्क नहीं हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कोई दूसरा जंगली जानवर सड़क पार कर रहा था। उसी को देखकर बाइक सवार घबरा गया होगा। माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने भी फिलहाल इस स्थान पर टाइगर की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग की टीम आगे भी इलाके का निरीक्षण करेगी।

    हालांकि इस पूरे इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। वन विभाग के अनुसार नरवर सतनवाड़ा मार्ग के आसपास तेंदुए की आवाजाही रहती है। कई बार राहगीरों को सड़क के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी भी सामने आती रही है। हालांकि अब तक तेंदुए द्वारा किसी राहगीर पर हमला किए जाने की सूचना नहीं मिली है। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि बाइक सवार के सामने तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर आया हो।

    माधव टाइगर रिजर्व से जुड़े इस इलाके में पहले भी वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चिंता सामने आती रही है। सिंध नदी किनारे 25 अप्रैल को 50 वर्षीय सरवन आदिवासी का शव टुकड़ों में मिलने के बाद इलाके में दहशत बढ़ गई थी। उस समय मादा टाइगर MT-6 की लोकेशन भी आसपास मिली थी और उसकी कॉलर आईडी सक्रिय पाई गई थी। एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है। ऐसे में रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद

    जबलपुर समेत MP के 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में इसका असर दिखाई दे रहा है। भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। सतना में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल पानी में डूब गए। हालात को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियां बंद रहेंगी।

    आज 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे में सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर बना वजह

    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से ट्रफ गुजर रही है, जबकि ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।

    कल से भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में बढ़ेगा असर

    2 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।

    3 सितंबर: सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में इसका असर रहेगा।

    4 सितंबर: पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा प्रभाव रहेगा। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी।

    5 सितंबर: इन संभागों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के अधिकांश डैमों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई डैम 70% तक भर चुके हैं और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी स्थिति बेहतर नहीं है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.8 इंच बारिश, सामान्य से 11% कम

    IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) के मुकाबले यह करीब 3.1 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 11% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 5% और पश्चिमी हिस्से में 16% बारिश कम हुई है।

    40 जिलों में 2 से 55% तक कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

    1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें


    भोपाल । भोपाल में आयोजित लैपटॉप वितरण कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साथ 1 लाख 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप सौंपे जबकि 1 लाख 21 हजार 804 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने बल्कि जीवन की हर चुनौती से सीखते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए और असफलता आने पर निराश होकर रुकने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नॉलेज और स्किल्स को मजबूत करना भी आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।

    लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।

  • एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सतना, रीवा, पन्ना समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश को देखते हुए मैहर में मंगलवार को भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी।

    4 सितंबर तक कई संभागों में बारिश

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के कारण 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 4 सितंबर को सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    आज 17 जिलों में अलर्ट

    मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मैहर में आज भी स्कूल बंद

    मैहर में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात आदेश जारी किया।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर डैमों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी पहुंच चुका है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। इससे कलियासोत डैम का जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.7 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 782.6 मिमी यानी 30.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी 3.1 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 10% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 15% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में 2 से 57% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 4% से 53% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।