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  • शादी से मना करना पड़ा भारी: दतिया से इंदौर पहुंचा प्रेमी, बैंककर्मी युवती की हत्या कर आग लगाकर हादसा दिखाने की साजिश

    शादी से मना करना पड़ा भारी: दतिया से इंदौर पहुंचा प्रेमी, बैंककर्मी युवती की हत्या कर आग लगाकर हादसा दिखाने की साजिश


    इंदौर । इंदौर में बैंककर्मी युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पांच साल पुराने प्रेम संबंध का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हुआ जब शादी से इनकार करने पर प्रेमी ने अपनी ही प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

    मामला इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र के तपेश्वरी बाग का है जहां 26 वर्षीय पलक केशव किराए के कमरे में रहती थीं और एक निजी बैंक में कार्यरत थीं। शनिवार रात उनके कमरे से जला हुआ शव बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में घटना को हादसा मानने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि युवती की मौत आग से नहीं बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

    जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया। इससे पता चला कि घटना से एक दिन पहले दतिया निवासी मयंक शाक्य पलक से मिलने उसके कमरे पर आया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को दतिया से हिरासत में लिया और पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

    पुलिस के अनुसार मयंक और पलक पिछले करीब पांच वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध था और मयंक शादी करना चाहता था लेकिन पलक इसके लिए तैयार नहीं थीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले गई। गुस्से में आरोपी ने पलक का गला घोंट दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    हत्या के बाद आरोपी ने अपराध को छिपाने की पूरी कोशिश की। उसने कमरे में पेट्रोल छिड़ककर शव को आग लगा दी ताकि मामला दुर्घटना या आग लगने की घटना जैसा दिखाई दे। इतना ही नहीं उसने किचन का गैस बर्नर भी खुला छोड़ दिया जिससे पुलिस को भ्रमित किया जा सके। हालांकि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

    जब दो दिन तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और आसपास के लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा। कमरे के भीतर जला हुआ शव मिलने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए और जांच के बाद हत्या की पुष्टि हुई।

    फिलहाल आरोपी को इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या विवाद के दौरान अचानक वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती हिंसा और अस्वीकार किए जाने की मानसिकता से उपजने वाले गंभीर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • MP में फिर IAS अफसरों के तबादले, 3 जिलों को मिले नए कलेक्टर

    MP में फिर IAS अफसरों के तबादले, 3 जिलों को मिले नए कलेक्टर


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 8 अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत तीन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां और अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। इस फेरबदल का सबसे ज्यादा असर छतरपुर, बालाघाट और रतलाम जिलों में देखने को मिला है।

    नई नियुक्तियों के तहत पार्थ जायसवाल (2015 बैच) को छतरपुर कलेक्टर पद से हटाकर शहडोल का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, मृणाल मीणा (2015 बैच) को बालाघाट से स्थानांतरित कर छतरपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। कुमार सत्यम (2017 बैच), जो अब तक ग्वालियर में अपर कलेक्टर थे, उन्हें बालाघाट जिले की कमान सौंपी गई है।

    रतलाम कलेक्टर को मिली नई जिम्मेदारी
    मिशा सिंह (2016 बैच) को रतलाम कलेक्टर पद से हटाकर भोपाल में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले जारी तबादला सूची में उनकी जगह अजय काटेसरिया को रतलाम कलेक्टर नियुक्त किया जा चुका है।

    अदिति गर्ग को स्किल डेवलपमेंट की जिम्मेदारी
    अदिति गर्ग (2015 बैच) को मंदसौर कलेक्टर पद से भोपाल बुलाकर मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की परियोजना संचालक और मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

    अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां
    तबादला आदेश के अनुसार दिनेश जैन (2011 बैच) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। वहीं, गिरीश शर्मा (2011 बैच) को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अंकित अस्थाना (2014 बैच) को कर्मचारी चयन मंडल, मध्य प्रदेश का संचालक नियुक्त किया गया है।

    स्वरोचिष सोमवंशी को मिला अतिरिक्त प्रभार
    राज्य सरकार ने स्वरोचिष सोमवंशी (2012 बैच) को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी पूर्व पदस्थापन आदेशों में संशोधन करते हुए यह नई तबादला सूची तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय एक अन्य चक्रवाती सिस्टम के कारण मजबूत मौसमीय परिस्थितियां बनी हुई हैं। यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक बारिश करा रहा है। आने वाले दिनों में इसके कमजोर होकर पहले अवदाब और फिर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    बुधवार को भोपाल, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    मंगलवार को भी कई जिलों में बरसे बादल
    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि मुरैना समेत कई जिलों में तेज वर्षा रिकॉर्ड की गई। रात के समय भी कई इलाकों में मौसम सक्रिय बना रहा।

    अब तक 17% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 13.6 इंच (345.9 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 16.5 इंच (418.4 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में इस कमी के घटने की उम्मीद है।

    1 अगस्त तक रहेगा असर
    मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इस रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) होगा। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

    अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश के लिए भारत सरकार ने रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे व्यापार-व्यवसाय की सुगमता और रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं। देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ ही मध्य प्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपये था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

    प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है। भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं। मध्य प्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।

    ध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ीं

    पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में रेल मार्गों का विकास, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार रेल यात्रा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्य प्रदेश को रेलवे की अनेक सुविधाएं मिली हैं। खजुराहो से वाराणसी वंदेभारत एक्सप्रेस, रीवा-पुणे, डॉ. अंबेडकर नगर-गोंडा के लिए नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसी अवधि में बीना-इटारसी और कटनी-बीना की तीसरी लाइन, कटनी अपग्रेड सेपरेटर, इटारसी के अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर के साथ ही कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रेल रूट का दोहरीकरण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फ्लाई ओवर का शुभारंभ किया है, जिसमें मदन महल स्टेशन पर बना केबिल स्टे ब्रिज शामिल है। प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एफओबी उपलब्ध कराए रहे हैं। भोपाल स्टेशन के पास बने निशातपुरा स्टेशन पर दो नई ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे निशानपुरा स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

  • कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति

    कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को गति देने के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। बैठक में खेल गतिविधियों, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई।

    प्रमुख निर्णयों में अक्टूबर 2026 में भोपाल में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी’ के भव्य आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य की खेल अवसंरचना और पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी। कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए रिहन्द एवं मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजनाओं और किसानों को समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को मंजूरी मिली। प्रदेश को तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने के उद्देश्य से आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और आईटी पार्कों के विकास के लिए 857 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इन निर्णय में आई टी पार्क की स्थापना के वर्ष 2031 तक संचालन की निरंतरता की स्वीकृति महत्वपूर्ण है ,इसके तहत करीब 8000 युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के लिए 198 करोड़ रुपये, कर्मचारी कल्याण एवं पेंशन योजनाओं के लिए 982 करोड़ रुपये और ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा के निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और नारायणगढ़ में 9 नए न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल में आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने माह अक्टूबर 2026 में महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल के बरखेड़ा नाथू में स्थित अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में आयोजन के लिए संभावित व्यय राशि 18 करोड़ 74 लाख रूपये के व्यय की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।

    हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का मुख्य उद्‌द्देश्य एशियाई महिला हॉकी टीमों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों (भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, एवं थाईलैण्ड) के लगभग 200 खिलाडी व सपोर्ट स्टॉफ के सम्मिलित होने की संभावना है।

    यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग ‌द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जायेगी। अनुबंध अनुसार हॉकी इण्डिया को खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘पेजेंटिंग पार्टनर’ राईटस के लिए 11 करोड़ रूपये दिये जाएंगे। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभाग दवारा 7 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा। इस प्रकार आयोजन पर लगभग 18 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय होना संभावित है।

    भोपाल के बरखेड़ा नाथू में अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स को नवीन एवं आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए तैयार किया गया है। एशिया स्तर की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन से वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश में निर्मित खेल अधोसरंचना का प्रचार प्रसार होगा। इससे प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों के मनोबल में वृ‌द्धि होगी और एशिया के प्रमुख देशों से सम्मिलित हुई टीमों के खिलाड़ियों के भोपाल आगमन से प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 111 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना को सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर (रिहन्द नदी पर स्थित) से संचित जल का उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों में 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए जल प्रदान करना है।

    मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदसौर जिले की 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना सहित विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने आईसर में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रूपये सहित विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 857 करोड़ 21 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    आई टी पार्क स्थापना की निरंतरता को मंजूरी: 8000 को मिलेगा रोजगार

    प्रदेश में आईटी पार्क की स्थापना’ संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत प्रदेश में इन्दौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में आई.टी. पार्को की स्थापना की गयी है। आई.टी. पार्क एवं आई.टी. टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश एवं औ‌द्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। परिणामस्वरुप प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक लगभग 22000 युवाओ को रोजगार प्राप्त हो चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के अंतर्गत संपादित एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आई.टी. एवं ई.एस.डी.एम. क्षेत्र का विस्तार होगा जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। डिजिटल एवं तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी तथा मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते तकनीकी एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।

    मंत्रि-परिषद ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की स्थापना के लिए कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रूपये में से 17 करोड़ 90 लाख रूपये को आगामी तीन वर्षों तक प्रदाय किए जाने की स्वीकृति दी है। यह एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन प्रौ‌द्योगिकी, UAV डिजाइन एवं निर्माण, स्वायत्त प्रणालियों तथा उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान एवं नवाचार को बढावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त केंद्र में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप विकास एवं परीक्षण जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य में ड्रोन प्रौ‌द्योगिकी का एक समग्र एवं आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकेगा।

    ‘नई तकनीक के लिए एम.पी.एस.ई.डी.सी. एवं अन्य संस्थाओं को सहायता’ योजना के लिए 110 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य शासन एवं उसके विभिन्न विभागों को नवीनतम सूचना प्रौ‌द्योगिकी एवं डिजिटल समाधान उपलब्ध कराकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना एवं नागरिकों को त्वरित, सरल और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करना है। इसमें AI/ML आधारित बिजनेस इंटेलिजेंस, व्हाट्‌सऐप चैटवॉट, ड्रोन सेवाएं, एसएमएस गेटवे, MP CODE, ई-साइन, राज्य ई-मेल नीति, लो-कोड/नो-कोड प्लेटफॉर्म और सिक्योरिटी ऑडिट लैब जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं।

    ‘मध्यप्रदेश स्टेट स्पाटियल डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (एम.पी. एस एस डी आई)’ योजना के लिए 40 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। योजना के उद्देश्य राज्य में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक का उपयोग कर एकीकृत स्थानिक डाटा (Spatial Data) का निर्माण, संधारण एवं अद्‌यतन करते हुए विभिन्न विभागों, एजेसियों तथा योजनाओं को अद्‌यतन, विश्वसनीय एवं सुगम जीआइएस आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इससे आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति, भूमि प्रबंधन, शहरी विकास एवं सड़क मरम्मत जैसे क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग और निर्णय क्षमता में वृद्धि हुई है।

    इसी तरह ‘क्लाउड सेवाओं का प्रदाय व प्रबंधन’ के लिए 26 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य डिजिटल मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने और शासन की सभी सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन (डिटिटल ट्रांसफार्मेशन) को गति देना है। इस योजना के अंतर्गत, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) ‌द्वारा तैयार क्लाउड अंगीकरण रूपरेखा (Cloud Adoption Framework) के आधार पर सभी शासकीय एवं अर्ध-शासकीय विभागों को सुरक्षित, लचीली, स्केलेवल एवं किफायती क्लाउड सेवाएं प्रदान की जा रही है। इसके माध्यम से शासन को अपने आईटी संसाधनों के निर्माण और रखरखाव पर भारी पूंजीगत निवेश की आवश्यकता नहीं होती है। आवश्यकतानुसार कम्प्यूटिंग संसाधन, स्टोरेज, नेटवर्किंग तथा सॉफ्टवेयर सेवाएँ क्लाउड प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकते है।

    ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय की स्थापना की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। सृजन संबंधी कार्यवाही के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। उल्लेखनीय है कि सभी बड़े राजस्व संभागों (सागर, शहडोल, नर्मदापुरम को छोडकर) में विद्युत निरीक्षकालय के वृत्त कार्यालय स्थापित है। वर्तमान में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा और राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य भोपाल मुख्यालय से संपादित होते हैं। ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय प्रारंभ करने से विशेषत: मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औ‌द्योगिक क्षेत्र को लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त भविष्य में मुरैना में 600 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जाना है जिसके लिए भी ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय स्थापित किया जाना आवश्यक है।

    नारायणगढ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक नवीन पद सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इससे वहां नियमित रूप से न्यायालय का संचालन हो सकेगा जिससे स्थानीय अधिवक्ताओं और लोगों की मांग के साथ प्रकरणों का निराकरण किया जा सकेगा और आम जन को सुलभ व त्वरित न्याय मिल सकेगा।

    प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से संबंधित योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति राशि से अकादमी के स्थापना एवं कार्यालयीन व्यय, मिशन कर्मयोगी, विभागीय परिसंपतियों का संधारण एवं प्रशासन अकादमी परिसर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भौतिक सुविधाओं का निर्माण संबंधित कार्य किए जायेंगे।

    संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 198 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    संकल्प -हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना का उद्देश्य जिला स्तर पर एक ऐसी इकाई के रूप में कार्य करना है जो महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता के साथ-साथ पहुंच प्रदान करें। यह योजना पूर्व से सभी 52 जिलों में संचालित है और अब इसे 3 नवगठित जिलों में संचालित किया जायेगा।

    शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना तथा अवैध व्यापार, संकट में फंसी महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से उबार कर एक नई शुरुआत करवाना है। वर्तमान में प्रदेश में 14 शक्ति सदन अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। भारत सरकार द्वारा 5 नये शक्ति सदन स्वीकृत किये गये हैं।

    शहरी/ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को सुविधाजनक व सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए सखी निवास योजना को लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना का नाम महिला विश्रामालय था। सखी निवास में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है। सखी निवास में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर संचालन का भी प्रावधान है। प्रदेश में 3 शासकीय सखी निवास संचालित है।

    कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के लिए 982 करोड़ रूपये की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग के अंतर्गत कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा की योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा की योजनाओं, पेंशन तथा कर्मचारी कल्याण संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, पेंशनर कल्याण कोष, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि पर ब्याज, शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, शासकीय कर्मचारी सह समूह बीमा योजना को संचालित किया जायेगा।

    समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस भुगतान योजना की निरंतरता की स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत 500 करोड़ से अधिक की योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर किसानों को उपार्जन पर बोनस भुगतान के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक में निरंतर संचालन की स्वीकृति दी है।

    मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011 में संशोधन की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन की स्वीकृति दी है। भारत सरकार द्वारा जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 में किए गए संशोधनों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने, Compliance Reduction and Deregulation के अंतर्गत की गई अनुशंसाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क के पुनरीक्षण के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।
  • दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी

    दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी


    नई दिल्ली । इंदौर जिले के देपालपुर क्षेत्र के ग्राम कुनगारा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। जिस घर में एक दिन पहले दो साल की मासूम सृष्टि का जन्मदिन हंसी खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया था वहीं अगले ही दिन उसकी मौत ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। रसोई में खाना बनाते समय मां की साड़ी में अचानक आग लग गई और पास में खेल रही मासूम भी उसकी चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मां का उपचार अभी भी जारी है।

    जानकारी के अनुसार सृष्टि की मां काजल सुबह रसोई में खाना बना रही थीं। उसी दौरान किसी कारण उनकी साड़ी में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में खेल रही दो वर्षीय सृष्टि भी उसकी चपेट में आ गई। काजल मूक बधिर हैं इसलिए वह मदद के लिए आवाज नहीं लगा सकीं। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से खेत पर काम कर रहे परिजन को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी।

    परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और मां बेटी दोनों को गंभीर हालत में इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई। काजल करीब 50 प्रतिशत तक झुलस गई हैं और उनका इलाज जारी है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही काजल की अपनी मां से फोन पर बात हुई थी। उस समय सृष्टि उनकी गोद में बैठी हुई थी। हादसा होने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को ही वीडियो कॉल किया क्योंकि उनका नंबर फोन में आसानी से उपलब्ध था। इसके बाद अन्य परिजनों को सूचना दी गई और सभी लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

    मृत बच्ची के मामा मनीष ने बताया कि सृष्टि अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। उसके पिता किसान हैं और पूरा परिवार बच्ची के दूसरे जन्मदिन की खुशियां मना रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अगले ही दिन ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा। पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह गैस पाइप में लगी आग बताई जा रही है जिसकी लपटें मां की साड़ी तक पहुंच गईं। पुलिस ने मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर केस देपालपुर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर रसोई में सुरक्षा बरतने की आवश्यकता की याद दिलाती है। खाना बनाते समय ढीले कपड़े पहनने से बचना गैस पाइप और चूल्हे की नियमित जांच करना तथा छोटे बच्चों को रसोई से सुरक्षित दूरी पर रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी कई बार ऐसे दर्दनाक हादसों को टाल सकती है। लेकिन इस परिवार के लिए अब यह सीख बहुत देर से आई क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही ने उनकी मासूम बेटी की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।

  • वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं,  रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर

    वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं, रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर


    भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति पर कथित तौर पर बेरहमी से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर लाठियों से लगातार पीटते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित रहम की गुहार लगाता नजर आता है, लेकिन हमलावर उस पर हमला जारी रखते हैं।

    पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार की है और घिरोंगी गांव में हुई। घायल की पहचान 50 वर्षीय करतार सिंह बघेल के रूप में हुई है। बताया गया कि करतार सिंह अपने एक साथी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही जयसिंह गुर्जर और उसके साथियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर सामने आया है कि करतार सिंह बाइक से पूरी तरह उतर भी नहीं पाए थे कि आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला शुरू कर दिया। वीडियो में एक व्यक्ति पीड़ित का पैर पकड़े दिखाई देता है, जबकि अन्य लोग लगातार लाठियों से वार करते हैं। हमले के दौरान एक आरोपी यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि सिर पर नहीं, पीठ पर मारो।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे गांव में वर्चस्व और पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है। आरोप है कि हमलावर गांव में अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे और इसी विवाद के चलते उन्होंने करतार सिंह को निशाना बनाया।

    घटना के बाद किसी स्थानीय व्यक्ति ने हमले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

    मालनपुर थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस की टीमें वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सीएम से मुलाकात क्यों नहीं हो पा रही? किसानों का गुस्सा क्यों भड़का? 5 सवाल-जवाब में समझिए पूरा मामला

    सीएम से मुलाकात क्यों नहीं हो पा रही? किसानों का गुस्सा क्यों भड़का? 5 सवाल-जवाब में समझिए पूरा मामला

    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में है। नर्मदापुरम में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसानों ने प्रदर्शन किया और भोपाल कूच की तैयारी की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। 40 से अधिक किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। किसानों का आरोप है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय तीन बार तय हुआ, लेकिन हर बार अंतिम समय में मुलाकात टाल दी गई। इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ गई। आखिर यह आंदोलन क्यों भड़का और इसकी वजह क्या है? आइए 5 सवाल-जवाब में समझते हैं।

    1. किसान अचानक आंदोलन पर क्यों उतर आए?

    इस आंदोलन के पीछे दो बड़े मुद्दे हैं। पहला मुद्दा मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी का है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार मूंग की खरीद अनुमानित उत्पादन के केवल 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। जबकि इस वर्ष मूंग का समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। किसानों का कहना है कि उनकी अधिकांश उपज खुले बाजार में 6,000 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    दूसरा बड़ा मुद्दा खाद वितरण के लिए लागू किया गया ई-टोकन सिस्टम है। किसानों का आरोप है कि पोर्टल में तकनीकी खामियां हैं। कई बार सर्वर काम नहीं करता और कई किसानों का टोकन दूसरे जिलों के डिपो के नाम पर जारी हो जाता है, जिससे उन्हें खाद लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

    2. मुख्यमंत्री से मुलाकात तीन बार क्यों टली?

    संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि उन्होंने 20 जुलाई को मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मुलाकात कराने की मांग की थी। पहले 23 जुलाई तक मुलाकात कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद 26 जुलाई की तारीख तय हुई, फिर समय बदलता रहा और आखिर में किसानों को बताया गया कि मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए हैं। इससे किसानों में यह संदेश गया कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। हालांकि सरकार की ओर से अब तक मुलाकात टलने की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।

    3. केंद्र और राज्य सरकार का पक्ष क्या है?

    केंद्र सरकार का कहना है कि मध्य प्रदेश को जितना मूंग खरीदने का कोटा मिला है, उसका भी पूरा उपयोग नहीं हो पाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि स्वीकृत कोटे का बहुत कम हिस्सा ही खरीदा गया है। इसलिए फिलहाल कोटा बढ़ाने का औचित्य नहीं बनता। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से किसानों की शिकायतों पर विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

    4. पुलिस कार्रवाई पर किसानों की आपत्ति क्यों है?

    किसानों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से भोपाल जाकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नर्मदापुरम में ही रोक दिया। 40 से ज्यादा नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार बातचीत के बजाय आंदोलन दबाने की कोशिश कर रही है।

    5. अब आगे क्या हो सकता है?

    संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि जब तक हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई नहीं होती और सरकार किसानों से औपचारिक बातचीत नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार और किसान संगठनों के बीच जल्द संवाद नहीं हुआ तो आंदोलन प्रदेश के अन्य जिलों तक भी फैल सकता है।

    किसानों की नाराजगी केवल समर्थन मूल्य या खाद वितरण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह संवादहीनता का मुद्दा भी बन चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच होने वाली बातचीत ही तय करेगी कि यह आंदोलन शांत होगा या और व्यापक रूप लेगा।

  • भोजशाला विवाद: चालीस पीर वाले प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद प्रशासन ने तलाशे दो नए स्थान, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अहम

    भोजशाला विवाद: चालीस पीर वाले प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद प्रशासन ने तलाशे दो नए स्थान, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अहम


    धार । धार स्थित भोजशाला परिसर में जुम्मे की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान तय करने को लेकर प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। मुस्लिम समाज की ओर से पहले प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद अब जिला प्रशासन ने नए विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को अधिकारियों ने डिसलरी रोड क्षेत्र में दो अलग-अलग भूखंडों का निरीक्षण किया, जिन्हें संभावित वैकल्पिक स्थल के रूप में देखा जा रहा है।

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार डिसलरी रोड स्थित सर्वे नंबर 509 और सर्वे नंबर 639 की लगभग एक-एक एकड़ जमीन का निरीक्षण किया गया है। इन स्थानों को इसलिए देखा जा रहा है ताकि भविष्य में जुम्मे की नमाज के लिए एक उपयुक्त और व्यवस्थित वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। दोनों स्थल भोजशाला परिसर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं।

    इससे पहले चालीस पीर के समीप प्रस्तावित स्थान को लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया और अब इस संबंध में दायर याचिका पर 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के बाद ही जुम्मे की नमाज के लिए अंतिम वैकल्पिक स्थान तय किया जाएगा।

    कमाल मौलाना सोसायटी के सदर अब्दुल समद का कहना है कि प्रशासन द्वारा जिन नए स्थानों का निरीक्षण किया गया है, उनकी जानकारी अभी समाज को औपचारिक रूप से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए अदालत के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

    वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि संभावित विकल्पों का निरीक्षण केवल वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारियों के तहत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार डिसलरी रोड स्थित सर्वे नंबर 509 और 639 की जमीन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के पास उपयुक्त विकल्प उपलब्ध रहे।

    अब पूरे मामले में 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है। अदालत के निर्देशों के बाद ही आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया और जुम्मे की नमाज के लिए अंतिम स्थान को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

  • एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा

    एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और मानसून ट्रफ के असर से बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    राजधानी भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। जिन जिलों में हैवी रेन की चेतावनी दी गई है, उनमें सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।