पाकिस्तान में गैंगरेप मामले ने बढ़ाई शहबाज सरकार की मुश्किलें, विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफे की मांग हुई तेज

नई दिल्ली । पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप के मामले ने वहां की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार के करीबी रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और इशाक डार से इस्तीफे की मांग भी सामने आने लगी है।

मामले के अनुसार, नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं के साथ लाहौर में कथित तौर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में मुहम्मद रज़ा डार का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह इस मामले का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों विदेशी महिलाओं की मुलाकात रज़ा डार से पिछले वर्ष सिंगापुर में हुई थी। बाद में कथित तौर पर एक कारोबारी परियोजना के सिलसिले में संपर्क बढ़ा और महिलाओं के पाकिस्तान आने की व्यवस्था की गई।

मामले के राजनीतिक पहलू ने तब और तूल पकड़ लिया जब विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पारिवारिक संबंधों के कारण कार्रवाई में देरी हुई। विपक्ष का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी मुद्दे को लेकर इशाक डार के पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्षी नेता फैसल वावडा ने सार्वजनिक रूप से इशाक डार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब उनके करीबी रिश्तेदार पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तब उन्हें सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर बने रहने पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई और मामले में उच्च स्तर पर प्रभाव डालने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

घटना ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज कर दी है। विदेशी नागरिकों से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दबाव बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी, वहीं यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति और सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।