शेयर बाजार में आज बन सकती है तेजी की तस्वीर, इन सेक्टर्स और शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर


नई दिल्ली। आज शेयर बाजार में कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू बाजार की दिशा पर रहेगी। बीते कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला है ऐसे में आज भी सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर निवेशकों की खास नजर रहने वाली है। बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक शेयर बाजारों का रुख विदेशी निवेशकों की गतिविधियां कच्चे तेल की कीमतें रुपये की चाल और आर्थिक आंकड़ों की भूमिका अहम रह सकती है। निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे केवल बाजार में तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन और बाजार की मौजूदा स्थिति को समझकर फैसला लें।

आज के कारोबार में बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर चर्चा में रह सकते हैं। इन सेक्टरों में होने वाली खरीदारी या बिकवाली का सीधा असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दे सकता है। खासतौर पर बड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है। अगर घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों से समर्थन मिलता है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होता है तो बाजार में खरीदारी लौट सकती है। दूसरी ओर कमजोर वैश्विक संकेत और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली बाजार में दबाव बढ़ा सकती है।

निवेशकों की नजर आज विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के रुख पर भी रहेगी। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है जबकि भारी बिकवाली से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी आईटी और निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को प्रभावित कर सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था और कुछ प्रमुख कंपनियों पर पड़ सकता है इसलिए कमोडिटी बाजार के संकेत भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों के लिए आज सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर भी अहम रहेंगे। अगर निफ्टी अपने महत्वपूर्ण स्तरों के ऊपर मजबूती बनाए रखता है तो खरीदारी का भरोसा बढ़ सकता है जबकि अहम सपोर्ट स्तर टूटने पर बिकवाली का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। सेंसेक्स में भी इसी तरह ऊपरी और निचले स्तरों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। ऐसे माहौल में छोटे निवेशकों को बाजार में अचानक आने वाली तेजी या गिरावट के आधार पर भावनात्मक फैसला लेने से बचना चाहिए।

शेयर बाजार में हमेशा जोखिम बना रहता है और किसी भी शेयर की पिछली तेजी इस बात की गारंटी नहीं होती कि आगे भी उसमें वैसा ही प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इसलिए निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स कमाई कारोबार की स्थिति कर्ज और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश का निर्णय लेना चाहिए। आज के कारोबार में बाजार की शुरुआत भले ही सकारात्मक या नकारात्मक संकेतों के साथ हो लेकिन पूरे दिन वैश्विक संकेतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों के कारण तस्वीर बदल सकती है। ऐसे में सतर्क रणनीति अपनाना और जोखिम के अनुसार निवेश करना ही बेहतर विकल्प माना जा सकता है।