टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।