दिवाली से पहले शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 900 अंक चढ़ा, निफ्टी ने भी दिखाई मजबूती


नई दिल्ली ।
दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 2 नवंबर को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी-ईरान वार्ता में संभावित सफलता की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी पर दिखाई दिया। दोनों बेंचमार्क में एक प्रतिशत से अधिक तक की बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई का सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 74,459.53 अंक पर बंद हुआ था। सोमवार को इसने 75,178.24 अंक पर कारोबार शुरू किया। इस तरह शुरुआती कारोबार में सूचकांक 718.71 अंक यानी 0.96 प्रतिशत ऊपर रहा। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 23,053.10 के मुकाबले 169.20 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की बढ़त लेकर 23,222.30 अंक पर खुला।

कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार की तेजी और मजबूत हुई। सेंसेक्स ने दिन के दौरान 906.53 अंक यानी 1.21 प्रतिशत की छलांग लगाकर 75,366.06 का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 248.15 अंक यानी 1.07 प्रतिशत बढ़कर 23,301.25 के स्तर तक पहुंच गया। व्यापक बाजार में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.63 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो ऊर्जा से जुड़े शेयरों में सबसे अधिक मजबूती रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स दो प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। ऑटो सेक्टर में 0.77 प्रतिशत और आईटी सेक्टर में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, सभी क्षेत्रों में तेजी नहीं रही। रियल्टी शेयरों में 0.74 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स में 0.06 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

बाजार की तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की भी अहम भूमिका रही। पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और कीमत करीब 110 डॉलर के आसपास आ गई। सोमवार को ब्रेंट क्रूड लगभग तीन प्रतिशत टूटकर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई की कीमत भी करीब तीन प्रतिशत गिरकर 100.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार को राहत मिली है।

अमेरिका की 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत रही। यह घटकर 4.93 प्रतिशत पर आ गई। इसके अलावा वैश्विक निवेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत जैसे अन्य बाजारों की ओर निवेशकों का रुख बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पिछले सप्ताह नैस्डैक में 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों ने भी बाजार को समर्थन दिया। बैंकिंग क्षेत्र में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ और अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह को आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही आगामी केंद्रीय बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी एलटीसीजी टैक्स व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर भी बाजार में चर्चा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक इन संभावनाओं को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बना रहे हैं।

तकनीकी संकेतक भी बाजार की मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 53.50 पर पहुंच गया, जबकि इसकी औसत रीडिंग 45.97 रही। वहीं पुट-कॉल रेशियो 1.24 दर्ज किया गया। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 22,900 से 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र है। दूसरी ओर 23,200 से 23,250 के बीच का स्तर निकटतम प्रतिरोध माना जा रहा है। सूचकांक के 50-दिवसीय ईएमए से ऊपर बने रहने पर तेजी को आगे समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है।

हालांकि, वैश्विक बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी दिखाई दी। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुआ था। इनटेल और अमेजन के उम्मीद से कमजोर नतीजों तथा एआई क्षेत्र में भारी निवेश को लेकर चिंताओं के कारण नैस्डैक में 5 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बावजूद घरेलू आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की नरमी के सहारे भारतीय बाजार ने सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ की।