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  • रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज गुरुवार (23 जुलाई) से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हो रहा है। इंग्लैंड दौरा खत्म होने के सिर्फ तीन दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रही है। वहीं जिम्बाब्वे ने भी हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घरेलू सीरीज समाप्त की है।

    करीब दो साल पहले भारत ने जिम्बाब्वे का दौरा किया था। तब टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवा टीम को पहले मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन इसके बाद लगातार चार मैच जीतकर भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस बार भी टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों के साथ नए प्रयोग करने उतरेगी।

    कप्तानी और टीम पर दबाव
    श्रेयस अय्यर की परीक्षा: इस सीरीज का सबसे बड़ा दबाव कप्तान श्रेयस अय्यर पर रहेगा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर उनकी कप्तानी में भारत लगातार सात टी20 मुकाबले नहीं जीत पाया है। श्रेयस अय्यर पहले सात टी20 मैचों में जीत हासिल न करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे फुल मेंबर कप्तान बने हैं।

    जिम्बाब्वे का प्रदर्शन: सिकंदर रजा की कप्तानी वाली टीम इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हरा चुकी है। हालांकि हालिया फॉर्म उनकी चिंता बढ़ाती है, क्योंकि टीम अपने पिछले छह टी20 मुकाबलों में से पांच हार चुकी है।

    हेड-टू-हेड आंकड़े
    दोनों टीमों के बीच अब तक 14 टी20 मुकाबले हुए हैं, जिनमें:

    भारत की जीत: 11 मैच

    जिम्बाब्वे की जीत: 03 मैच

    हरारे की पिच और मौसम
    पिच का हाल: हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में कोई भी टीम 250 रन नहीं बना सकी थी। जिम्बाब्वे की सर्दियों में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को नमी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

    मौसम: मौसम साफ रहने का अनुमान है। तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    वैभव सूर्यवंशी पर फिर होंगी निगाहें
    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर भारतीय टीम के सबसे चर्चित खिलाड़ी होंगे। इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन हरारे उनके लिए खास मैदान है। इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

    रिंकू की वापसी और 3 खिलाड़ियों का हो सकता है डेब्यू
    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं तेज गेंदबाज अशोक शर्मा, मयंक यादव, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह और तेज गेंदबाज यश ठाकुर पहली बार भारत के लिए टी20 खेलने की दौड़ में हैं।

    डेब्यू की संभावना: संभावना है कि अशोक शर्मा, हर्ष दुबे और यश ठाकुर को पहले मैच में डेब्यू का मौका मिले।

    विशेष आंकड़ा: भारत के लिए जिम्बाब्वे में अब तक 22 खिलाड़ियों ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया है। यह भारत के बाहर किसी एक देश में सबसे ज्यादा डेब्यू का दूसरा आंकड़ा है।

    अभिषेक शर्मा की चुनौती: अभिषेक शर्मा 2026 में टी20 क्रिकेट में 9 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं, जो एक कैलेंडर वर्ष में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है।

    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
    भारत की संभावित XI:

    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे/रवि बिश्नोई, अशोक शर्मा/मयंक यादव, यश ठाकुर, प्रिंस यादव।

    जिम्बाब्वे की संभावित XI:

    ब्रायन बेनेट, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर)/तफादज़वा त्सिगा, डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, मिल्टन शुम्बा, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुज़रबानी।

    दोनों टीमों का टी20 स्क्वाड
    भारतीय टीम का स्क्वाड:

    अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, रवि बिश्नोई।

    जिम्बाब्वे टीम का स्क्वाड:

    ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, वेस्ली मधेवेरे, मिल्टन शुम्बा, रिचर्ड नगारवा, तनाका चिवांगा, ब्लेसिंग मुजरबानी, बेन करन, तफादजवा त्सिगा, न्यूमैन न्यामहुरी।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।

  • टी20 में 'पंजा' खोलने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने चहल, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी

    टी20 में 'पंजा' खोलने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने चहल, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चतुर लेग स्पिनरों में शामिल युजवेंद्र चहल का सफर संघर्ष, जुनून और मेहनत की मिसाल है। आज बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाने वाले चहल कभी शतरंज की बिसात पर देश का नाम रोशन करने का सपना देखते थे। आर्थिक परिस्थितियों ने उन्हें खेल बदलने पर मजबूर किया, लेकिन क्रिकेट में उन्होंने ऐसी पहचान बनाई कि उनका नाम भारतीय टीम के सफल स्पिनरों में शामिल हो गया।

    23 जुलाई 1990 को हरियाणा के जींद जिले में जन्मे युजवेंद्र चहल बचपन से ही शतरंज के प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे। उन्होंने अंडर-12 राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप अपने नाम की और जूनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    हालांकि शतरंज में आगे बढ़ने के लिए लगातार आर्थिक सहयोग की जरूरत थी। संसाधनों की कमी के कारण उन्हें इस खेल को छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआती दिनों में चहल खेतों में अभ्यास करते थे। उनकी इच्छा तेज गेंदबाज बनने की थी, लेकिन पिता की सलाह पर उन्होंने लेग स्पिन गेंदबाजी अपनाई और यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

    घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर चहल को वर्ष 2016 में भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने 11 जून 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और इसके बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।

    चहल ने 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए टी20 मुकाबले में इतिहास रच दिया। उन्होंने चार ओवर में केवल 25 रन देकर छह विकेट झटके और टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। उनका यह प्रदर्शन आज भी भारतीय टी20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शनों में गिना जाता है।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में चहल ने भारत के लिए 72 वनडे मैचों में 121 विकेट और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 96 विकेट हासिल किए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी सटीक लाइन-लेंथ, विविधता और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद स्पिनरों में शामिल करती है।

    शतरंज की बिसात से क्रिकेट के मैदान तक का युजवेंद्र चहल का सफर यह साबित करता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है।

  • 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि

    'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने जयडेन लेनोक्स, दिग्गज स्पिनरों को पछाड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के युवा स्पिनर जयडेन लेनोक्स ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया। हालांकि सीरीज का अंतिम मुकाबला न्यूजीलैंड हार गया, लेकिन टीम ने 3-2 से सीरीज अपने नाम की। इस सफलता में लेनोक्स की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पूरी सीरीज में 14 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार अपने नाम किया।

    लेनोक्स की फिरकी के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पूरी श्रृंखला में संघर्ष करते नजर आए। पांच मुकाबलों में 14 विकेट लेने के साथ उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह अब एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों की सूची में पूर्व दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले, शेन वॉर्न और शाहिद अफरीदी से आगे निकल गए हैं। इन तीनों महान स्पिनरों ने अपने-अपने करियर में किसी एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 13-13 विकेट लिए थे, जबकि लेनोक्स ने 14 विकेट लेकर यह आंकड़ा पार कर दिया।

    इस प्रदर्शन के साथ लेनोक्स ने श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय की भी बराबरी कर ली है। धनंजय ने वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 14 विकेट हासिल किए थे। अब दोनों संयुक्त रूप से इस सूची में बराबरी पर हैं।

    एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भारत के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा के नाम दर्ज है, जिन्होंने एक श्रृंखला में 18 विकेट झटके थे। इस सूची में दूसरे स्थान पर भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव हैं, जिन्होंने एक वनडे सीरीज में 17 विकेट लेने का कारनामा किया था।

    सीरीज के पांचवें और अंतिम मुकाबले में भी लेनोक्स ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 9 ओवर में केवल 35 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए और न्यूजीलैंड को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि वेस्टइंडीज ने शिमरॉन हेटमायर की नाबाद 69 रन और शेरफेन रदरफोर्ड की 61 रन की बेहतरीन पारियों की बदौलत 269 रन का लक्ष्य 47.3 ओवर में हासिल कर लिया।

    लेनोक्स के लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि न्यूजीलैंड को सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक भरोसेमंद स्पिनर मिल गया है। उनकी नियंत्रण भरी गेंदबाजी और विकेट निकालने की क्षमता भविष्य में टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है।

  • श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    नई दिल्ली । इंग्लैंड दौरे की समाप्ति के उपरांत भारतीय क्रिकेट टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अपनी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू हो रही इस श्रृंखला के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में युवा और ऊर्जावान खिलाड़ियों से सुसज्जित टीम की घोषणा की है। इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए चार नए चेहरे—विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह, स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, तथा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और यश ठाकुर हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं एवं इंडियन प्रीमियर लीग में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय टीम का टिकट हासिल करने वाले इन खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में स्थान बनाकर नीली जर्सी पहनने की होड़ लगी हुई है।

    टीम प्रबंधन के सामने पहले मुकाबले की अंतिम एकादश के चयन को लेकर सुखद धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है। पंजाब किंग्स के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके प्रभसिमरन सिंह शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक बल्लेबाज और बैकअप विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने टी20 प्रारूप में 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाए हैं। दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से टीम संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चुके हर्ष टी20 प्रारूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहे हैं।

    गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए राजस्थान के 145-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा और डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले विदर्भ के यश ठाकुर कड़े दावेदार हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले अशोक शर्मा अपनी तीखी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए 110 विकेट चटका चुके यश ठाकुर अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो नए खिलाड़ियों को पदार्पण का अवसर दे सकता है।

    तीन मैचों की इस टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई तथा अंतिम मैच 26 जुलाई को हरारे में ही आयोजित किया जाएगा। आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का ध्यान इस श्रृंखला के माध्यम से बेंच स्ट्रेंथ को परखने पर केंद्रित है। युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का यह स्वर्णिम अवसर होगा। मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतिक योजना में इन नए चेहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 23 जुलाई को हरारे के मैदान पर कौन सा युवा खिलाड़ी भारत के लिए अपनी पहली टी20 कैप हासिल करने में सफल रहता है।

  • घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी 2026-27 घरेलू क्रिकेट सत्र के औपचारिक शुभारंभ से पूर्व खेल परिस्थितियों और नियमों में कई युगांतकारी परिवर्तनों की घोषणा की है। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब द्वारा वैश्विक क्रिकेट नियमों में किए गए संशोधनों के अनुपालन में बोर्ड ने घरेलू प्रतियोगिताओं को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से नए प्रावधान लागू किए हैं। इन संशोधनों के तहत अनुशासनहीनता और अनुचित खेल भावना पर लगाम कसने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए दिशानिर्देशों का सर्वाधिक प्रभाव गेंदबाजों, खेल के संचालन, अंतिम ओवरों के निष्पादन तथा विकेटकीपरों की तकनीकी भूमिका पर पड़ेगा। बोर्ड ने इन अद्यतन नियमावलियों की विस्तृत जानकारी सभी राज्य क्रिकेट संघों, मैच रेफरी और अंपायरों को औपचारिक रूप से प्रेषित कर दी है।

    नए नियमों के अंतर्गत सबसे कठोर प्रावधान अनुचित गेंदबाजी प्रथाओं को रोकने के संदर्भ में किया गया है। यदि कोई भी गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो-बॉल फेंकता हुआ या बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाते हुए खतरनाक बीमर डालता हुआ पाया जाता है, तो अंपायर उसे केवल वर्तमान पारी से ही नहीं, बल्कि पूरे मैच से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर देंगे। पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में गेंदबाज को केवल उस विशिष्ट पारी में गेंदबाजी करने से रोका जाता था और वह मैच में क्षेत्ररक्षण के साथ-साथ अगली पारी में गेंदबाजी के लिए पात्र रहता था। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से खेल में दुर्भावनापूर्ण व्यवहार पर पूर्ण विराम लगेगा और मैदान पर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

    प्रथम श्रेणी एवं बहु-दिवसीय मैचों के संचालन को लेकर भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत संशोधन किया गया है। अब दिन के अंतिम ओवर के दौरान यदि किसी भी गेंद पर विकेट का पतन होता है, तो खेल को उस समय स्थगित करने के बजाय ओवर की शेष गेंदों का खेल पूरा कराया जाएगा। इसके तहत नए बल्लेबाज को मैदान पर आकर अंतिम गेंदों का सामना करना अनिवार्य होगा, जिससे दिन के निर्धारित ओवरों की शत-प्रतिशत पूर्ति संभव हो सकेगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य समय के अपव्यय को रोकना और खेल की निरंतरा को बनाए रखना है।

    सीमित ओवरों के प्रारूप में कप्तानों और विकेटकीपरों की सहूलियत तथा तकनीकी स्पष्टता के लिए भी विशेष रियायतें दी गई हैं। एकदिवसीय मैचों में अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान कप्तान मैदान के भीतर प्रवेश कर अपने खिलाड़ियों के साथ सामरिक रणनीतियों पर सीधा विचार-विमर्श कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विकेटकीपरों द्वारा दस्तानों की स्थिति को लेकर उत्पन्न होने वाले तकनीकी विवादों को समाप्त करने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि गेंदबाज द्वारा गेंद छोड़ने के सटीक क्षण तक ही दस्ताने स्टंप्स के पीछे होना अनिवार्य है। बोर्ड का यह समग्र प्रयास भारतीय घरेलू क्रिकेट के ढांचे को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज

    अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को वनडे प्रारूप में बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2022 से टीम की कमान संभाल रहे शाहिदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने पूरी इच्छा और सम्मान के साथ लिया है। उनके इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने नए कप्तान के चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है खासकर ऐसे समय में जब टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।

    हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी कार्यकाल अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुवाई में टीम ने न केवल लगातार बेहतर प्रदर्शन किया बल्कि दुनिया की कई बड़ी टीमों को हराकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्होंने एशिया कप वनडे विश्व कप 2023 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    विश्व कप 2023 में शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने अंक तालिका में छठा स्थान हासिल किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।

    शाहिदी ने अपने भावुक संदेश में टीम के खिलाड़ियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि कप्तान बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टीम की हर उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत एकता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ अधिकारियों और क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं था।

    द्विपक्षीय सीरीज में भी शाहिदी का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उनकी कप्तानी में अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन सीरीज जीती जबकि जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। कप्तान के रूप में उन्होंने 27 वनडे मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई और अपनी शांत नेतृत्व शैली से खिलाड़ियों का भरोसा जीता।

    बतौर बल्लेबाज भी शाहिदी का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने कप्तानी के दौरान लगातार जिम्मेदारी निभाई और मध्यमक्रम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनका एकमात्र शतक भारत के खिलाफ आया जब उन्होंने 131 गेंदों में शानदार 102 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनकी संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल ने अफगानिस्तान को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    अब अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम का पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। ऐसे में नया कप्तान चुनना बोर्ड के लिए बेहद महत्वपूर्ण फैसला होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिदी का इस्तीफा टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत टीम भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।

  • केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार

    केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार


    नई दिल्ली । बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को दो विकेट से हराकर सीरीज का समापन जीत के साथ किया। हालांकि इस हार के बावजूद न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम करने में सफलता हासिल की। मुकाबले में कैरेबियाई बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 269 रन के लक्ष्य को 47.3 ओवर में आठ विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को अकीम ऑगस्टे और जस्टिन ग्रीव्स ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 57 रन जोड़कर मजबूत आधार तैयार किया। ग्रीव्स ने 22 रन बनाए जबकि ऑगस्टे ने आक्रामक अंदाज में 34 रन की पारी खेली। इसके बाद कीसी कार्टि और कप्तान शाई होप ने अच्छी शुरुआत तो की लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। एक समय वेस्टइंडीज का स्कोर 123 रन पर चार विकेट था और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी।

    ऐसे समय में शेरफेन रदरफोर्ड और शिमरॉन हेटमायर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन की अहम साझेदारी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। रदरफोर्ड ने 64 गेंदों पर 61 रन बनाए जिसमें दो चौके और पांच शानदार छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर हेटमायर ने बेहद परिपक्व और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 64 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और चार लंबे छक्के शामिल रहे। अंत तक क्रीज पर डटे रहकर उन्होंने टीम को यादगार जीत दिलाई।

    न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी और जेडन लेनोक्स ने तीन तीन विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा लेकिन अंतिम क्षणों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने कोई गलती नहीं की।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद विल यंग और निक केली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। विल यंग ने 56 रन जबकि निक केली ने 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। मध्यक्रम में टॉम लाथम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 69 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 268 रन बनाए।

    वेस्टइंडीज की ओर से 19 वर्षीय युवा गेंदबाज विटेल लॉव्स ने प्रभावित किया और दो विकेट अपने नाम किए। अनुभवी तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने भी दो सफलताएं हासिल कर न्यूजीलैंड की रन गति पर अंकुश लगाया।

    भले ही अंतिम मुकाबले में जीत वेस्टइंडीज के हिस्से आई लेकिन पूरी सीरीज में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड ने 3-2 से ट्रॉफी अपने नाम की। अंतिम मैच ने दोनों टीमों के संघर्ष और रोमांचक क्रिकेट का शानदार उदाहरण पेश किया।

  • IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी

    IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले मेजबान टीम ने अपने 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। टीम चयन में कई अहम बदलाव किए गए हैं जिनका उद्देश्य भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ संतुलित और प्रतिस्पर्धी संयोजन तैयार करना है। सबसे बड़ी चर्चा विकेटकीपर बल्लेबाज तफादजवा त्सिगा को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की है। टेस्ट क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके त्सिगा अब सफेद गेंद के प्रारूप में भी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

    जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने इस बार युवा खिलाड़ियों और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। ऑलराउंडर वेस्ली मधेवेरे और तेज गेंदबाज न्यूमैन न्यामहुरी की भी टीम में वापसी हुई है। मधेवेरे लगभग एक वर्ष बाद टी20 टीम में लौटे हैं और उनके पास 79 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों का अनुभव है। वहीं न्यामहुरी चोट से उबरने के बाद फिर से टीम का हिस्सा बने हैं जिससे गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    इन खिलाड़ियों की वापसी के साथ क्लाइव मडेंडे टिनोटेंडा मापोसा और ताशिंगा मुसेकिवा को इस बार टीम से बाहर रखा गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अनुभव और संतुलन दोनों की जरूरत होगी।

    टीम की कप्तानी एक बार फिर अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में रहेगी। हाल के महीनों में उनकी कप्तानी में जिम्बाब्वे ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के खिलाफ टीम ने टेस्ट और वनडे सीरीज अपने नाम की थी हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद टीम का आत्मविश्वास मजबूत माना जा रहा है।

    भारत की बात करें तो टीम हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। ऐसे में यह दौरा भारतीय टीम के लिए लय हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे भी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

    दोनों टीमों के बीच पिछली टी20 भिड़ंत 2026 टी20 विश्व कप के सुपर 8 चरण में हुई थी जिसमें भारत ने 72 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस बार जिम्बाब्वे अपनी घरेलू परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हरारे की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है जिससे मुकाबले और भी रोमांचक होने की संभावना है।

    तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पहला मैच 23 जुलाई दूसरा 25 जुलाई और अंतिम मुकाबला 26 जुलाई को होगा। दोनों टीमों के पास युवा खिलाड़ियों को परखने और आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का यह अहम अवसर होगा।

    भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे टी20 टीम
    सिकंदर रजा कप्तान ब्रायन बेनेट रयान बर्ल तनाका चिवांगा बेन करन ब्रैड इवांस वेस्ली मधेवेरे तदीवानाशे मारुमानी वेलिंगटन मसाकाद्जा ब्लेसिंग मुजारबानी डियोन मायर्स रिचर्ड नगारवा न्यूमैन न्यामहुरी मिल्टन शुम्बा और तफादजवा त्सिगा।